Thursday, July 2, 2026
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पद्म पुरस्कार के बाद अलका याग्निक ने बयां किया दर्द, सेहत पर दिया बड़ा अपडेट, बोलीं- मुश्किल दौर से गुजर रही हूं

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पद्म भूषण मिलने के बाद अलका याग्निक ने एक भावुक पोस्ट में अपनी सेहत को लेकर लोगों की चिंताओं पर बात की। सिंगर ने बताया कि सेहत से जुड़ी दिक्कतों के कारण वह दो साल तक लोगों के सामने नहीं आईं।
हिंदी सिनेमा की मशहूर प्लेबैक सिंगर अलका याग्निक, जिन्हें ‘सुरों की मलिका’ के नाम से भी जाना-जाता है। उन्होंने चार दशकों से भी अधिक समय तक बॉलीवुड की प्लेबैक सिंगिंग की दुनिया में अपना दबदबा कायम रखा। उन्हें भारतीय संगीत में उनके अहम योगदान के लिए मंगलवार, 23 जून 2026 को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद्म भूषण से सम्मानित किया। समारोह में उनकी मौजूदगी ने उनकी सेहत को लेकर फैंस की चिंता बढ़ा दी है, जिस पर सिंगर ने एक इमोशनल पोस्ट शेयर कर अपनी हेल्थ अपडेट दी है।

पद्म भूषण मिलने के बाद अलका याग्निक का इमोशनल पोस्ट
सोशल मीडिया पर अलका याग्निक ने एक इमोशनल नोट शेयर किया, जिसमें उन्होंने अपना दर्द बयां किया। साथ ही इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए आभार जताया और अपनी हालिया सेहत की मुश्किलों और ठीक होने के सफर के बारे में भी खुलकर बताया। उन्होंने लिखा:

‘पिछले दो सालों से मैं लाइमलाइट, लोगों के सामने आने और अपने सफर के बारे में ज्यादा कुछ शेयर करने से दूर रही हूं। आप में से कई लोग जानते थे कि मैं सेहत से जुड़ी कई मुश्किलों से गुजर रही हूं और इस पूरे समय में आपके प्यार, दुआओं, मैसेज और अटूट समर्थन ने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। आज, जब मैं देश के सबसे बड़े नागरिक सम्मानों में से एक – प्रतिष्ठित पद्म भूषण को लेने के लिए बाहर निकली तो मेरा दिल आभार से भरा हुआ था।’
अलका याग्निक ने पद्म भूषण मिलने पर जताई खुशी
इसके अलावा, सिंगर अलका याग्निक ने इस सम्मान को बहुत विनम्र करने वाला बताया और कहा कि भले ही उनका नाम अवॉर्ड पर हो, लेकिन यह हर उस सुनने वाले का है, जिसने उनकी आवाज को अपनी जिंदगी में अपनाया, उनके गानों को पीढ़ियों तक पहुंचाया, सुख और मुश्किल वक्त दोनों में उनके साथ खड़े रहे। उन्होंने कहा कि यह पल खास तौर पर मायने रखता है, क्योंकि यह न सिर्फ उनके काम की पहचान दिखाता है, बल्कि प्यार, उम्मीद और हिम्मत से मिलने वाली ताकत की याद भी दिलाता है। उन्होंने इसी इमोशनल नोट में आग लिखा:

‘मैं धीरे-धीरे अपना रास्ता वापस पा रही हूं और मैं आज यहां होना चाहती थी। न सिर्फ अपने लिए, बल्कि आप में से हर एक के लिए जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं। मैं इस सम्मान के लिए राष्ट्रपति मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्रालय और भारत सरकार का भी दिल से शुक्रिया अदा करती हूं।’

गंभीर बीमारी से जूझ रहीं अलका याग्निक
2024 में अल्का ने फैंस को यह बताकर चौंका दिया था कि वह ‘सेंसरी नर्व हियरिंग लॉस’ जैसी एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रही हैं, जो एक वायरल संक्रमण के कारण हुआ था। इस वजह से उन्हें लाइमलाइट से दूर होना पड़ा। अल्का की आवाज आखिरी बार इम्तियाज अली की फिल्म ‘अमर सिंह चमकीला’ में सुनाई दी थी।

भारत ने UNSC की बैठक में पाकिस्तान को लताड़ा, कश्मीर का जिक्र किया तो दिखाया आईना

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संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनैनी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठक का राजनीतिकरण करने के लिए पाकिस्तान की आलोचना की।
न्यूयॉर्क: भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कश्मीर का जिक्र करने पर पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की ‘एरिया-फॉर्मूला’ की बैठक में पाकिस्तान ने कश्मीर का जिक्र किया तो संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पर्वतनेनी हरीश ने करारा जवाब दिया। हरीश ने कहा कि पाकिस्तान ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठक का राजनीतिकरण कर रहा है और वह अनावश्यक टिप्पणी कर रहा है।

भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

बैठक में पर्वथनेनी ने चर्चा के दौरान पाकिस्तान के प्रतिनिधि और सह-अध्यक्ष की टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “मैं पाकिस्तान के प्रतिनिधि द्वारा की गई अनावश्यक टिप्पणियों का भी ज़िक्र करना चाहता हूं। यह हैरानी की बात है कि एक सह-अध्यक्ष, जिससे अपने आचरण में संतुलित और निष्पक्ष रहने की उम्मीद की जाती है, उसने इस मंच का राजनीतिकरण करने का फ़ैसला किया। समय की कमी को देखते हुए मैं बस इतना ही ज़ोर देकर कहना चाहता हूं कि जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश पूरी तरह से भारत का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा हैं और हमेशा रहेंगे।

हरीश का यह बयान संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत आसिम इफ़्तिखार अहमद द्वारा बैठक में जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने के बाद आईं। यह बैठक संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान और चीन के स्थायी मिशनों द्वारा आयोजित की गई थी। पाकिस्तान अभी UN सुरक्षा परिषद (UNSC) के गैर-स्थायी सदस्य के तौर पर 2025 और 2026 के लिए चुने गए दो साल के कार्यकाल में सेवा दे रहा है।

क्या होती है ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठकें

बता दें कि ‘एरिया-फॉर्मूला’ बैठकें अनौपचारिक और गोपनीय होती हैं, जिनमें सुरक्षा परिषद के सदस्य और आमंत्रित प्रतिभागी लचीले माहौल में अपने विचार साझा कर सकते हैं। चर्चा के मुख्य विषय पर विस्तार से बात करते हुए, हरीश ने कहा कि UN सुरक्षा परिषद की ज़िम्मेदारी अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना है और UN चार्टर में चैप्टर VI और VII के तहत विवादों को सुलझाने के लिए अलग-अलग तरीके बताए गए हैं। उन्होंने बताया कि ये दोनों चैप्टर स्वभाव में अलग हैं और इनका इस्तेमाल अलग-अलग स्थितियों में होता है।

हरीश ने कहा कि चैप्टर VII के उपायों का मकसद शांति के लिए खतरा, शांति भंग होने और आक्रामकता जैसी स्थितियों में अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा बनाए रखना या उसे बहाल करना है और अगर इन्हें लागू नहीं किया गया तो गंभीर नतीजे हो सकते हैं। राजदूत ने कहा कि चैप्टर VI “बुनियादी तौर पर अलग” है और इसमें कई तरह के विकल्प दिए गए हैं ताकि ऐसी स्थितियों से निपटा जा सके जिनके जारी रहने से अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

वैभव सूर्यवंशी इतिहास रचने के बावजूद नहीं तोड़ पाएंगे पाकिस्तानी खिलाड़ी का रिकॉर्ड, 30 साल से कायम है कीर्तिमान

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IND vs IRE: आयरलैंड दौरे पर वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी का बेसब्री से इंतजार हो रहा है। वैभव पहली बार टीम इंडिया की जर्सी में खेलते नजर आएंगे।
वैभव सूर्यवंशी इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं। आयरलैंड दौरे पर मैदान में उतरते ही वैभव 15 साल की उम्र में भारत की ओर से इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन जाएंगे। फिलहाल ये रिकॉर्ड महान सचिन तेंदुलकर के नाम है। सचिन तेंदुलकर ने 18 दिसंबर 1989 को पाकिस्तान की धरती पर 16 साल 238 दिन की उम्र में डेब्यू करते हुए इतिहास रचा था। अब वैभव सचिन के इस 37 साल पुराने रिकॉर्ड को तोड़ने जा रहे हैं। भारत के आयरलैंड दौरे का 26 जून से आगाज होगा। इस दौरे पर 2 T20I मुकाबले खेले जाएंगे। अगर वैभव को पहले ही मैच में मौका मिलता है, तो वह महज 15 साल और 91 दिन की उम्र में डेब्यू करते हुए नया भारतीय रिकॉर्ड बना देंगे।
हसन रजा का रिकॉर्ड 30 साल से बरकरार
वैभव भले ही सचिन का रिकॉर्ड तोड़ देंगे, लेकिन फुल मेंबर नेशन में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने का कीर्तिमान नहीं तोड़ पाएंगे। आपको जानकर हैरानी होगी कि ये रिकॉर्ड एक पाकिस्तानी क्रिकेटर के नाम है। दिलचस्प बात ये है कि 36 साल से ये रिकॉर्ड कायम है। ये खिलाड़ी हैं हसन रजा, जिन्होंने 14 अक्टूबर 1996 को जिम्बाब्वे के खिलाफ टेस्ट मैच में 14 साल 277 दिन की उम्र में पाकिस्तान के लिए डेब्यू किया था। वैसे तो एसोसिएट नेशन के कई प्लेयर्स ने हसन रजा से कम उम्र में इंटरनेशनल डेब्यू किया है, लेकिन फुल मेंबर नेशन के खिलाड़ियों में हसन रजा इकलौते ऐसे प्लेयर हैं, जिन्होंने 15 साल से कम उम्र में इंटरनेशनल मैच खेला है।

इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले खिलाड़ी (फुल मेंबर नेशन)
हसन रजा (पाकिस्तान) – 14 साल 277 दिन
मोहम्मद शरीफ (बांग्लादेश) – 15 साल 116 दिन
मुश्ताक मोहम्मद (पाकिस्तान) – 15 साल 124 दिन
वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया था। वैभव ने 16 मैचों में 776 रन जड़ते हुए ऑरेंज कैप अपने नाम की थी। श्रीलंका में खेली गई ट्राई सीरीज के फाइनल में भी युवा स्टार बल्लेबाज के बल्ले से महज 29 गेंदों पर 94 रन की पारी आई थी, जिसमें 10 चौके और 8 छक्के शामिल रहे। इस पारी के दौरान उन्होंने महज 11 गेंदों पर लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक जड़ने का रिकॉर्ड अपने नाम किया।

रिटायरमेंट से 6 दिन पहले रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया इंजीनियर, 5 लाख कैश बरामद; आलीशान घर की छत पर स्विमिंग पूल

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ओडिशा विजिलेंस के अधिकारियों ने एक ऑपरेशन में रायगढ़ के RWD-I के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रसन्ना कुमार पटनायक को एक कॉन्ट्रैक्टर से 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया।
ओडिशा में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई के तहत विजिलेंस विभाग ने रायगड़ा के ग्रामीण विकास विभाग के एक्जीक्यूटिव इंजीनियर प्रसन्न कुमार पटनायक को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी अधिकारी 30 जून 2026 को रिटायर होने वाले थे, लेकिन रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले ही विजिलेंस के जाल में फंस गए।
जानकारी के मुताबिक, एक ठेकेदार ने विभाग के इस अधिकारी के खिलाफ शिकायत की थी। ठेकेदार का आरोप था कि उसने विभाग के लिए कई काम पूरे किए थे, जिनके करीब 50 लाख रुपये के बिल लंबित थे। साथ ही उसे नए टेंडर में भाग लेने के लिए कार्य वर्क एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट की जरूरत थी।

प्रसन्न कुमार ने ढाई लाख मांगी थी रिश्वत

आरोप है कि प्रसन्न कुमार पटनायक ने बिलों के भुगतान को मंजूरी देने और अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने के बदले 2.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, जिसके बाद बातचीत के दौरान रिश्वत की रकम घटाकर 2 लाख रुपये कर दी गई।

विजिलेंस विभाग ने योजनाबद्ध तरीके से किया गिरफ्तार

रिश्वत की मांग से परेशान ठेकेदार ने इसकी जानकारी विजिलेंस विभाग को दी। शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस अधिकारियों ने योजना बनाकर जाल बिछाया। इसके तहत आरोपी इंजीनियर को ठेकेदार से 2 लाख रुपये लेते समय रंगे हाथों पकड़ लिया गया। कार्रवाई के दौरान विजिलेंस टीम ने आरोपी के कब्जे से पूरी 2 लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली। गिरफ्तारी के बाद अधिकारियों ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी शुरू की।

जांच के दौरान भुवनेश्वर के नंदन विहार स्थित बसुंधरा कॉलोनी में आरोपी का आलीशान घर देखकर विजिलेंस अधिकारी भी हैरान रह गए। शहर के प्रमुख इलाके में बने इस भव्य मकान की सबसे खास बात इसकी छत पर बना स्विमिंग पूल बताया जा रहा है। यह संपत्ति जांच के दायरे में है और इसकी विस्तृत पड़ताल की जा रही है।

रिश्वत के 5.39 लाख रुपये नकद जब्त

विजिलेंस टीम ने भुवनेश्वर स्थित घर के अलावा नयागढ़ में उनके पैतृक निवास, रायगढ़ा स्थित सरकारी आवास और कार्यालय कक्ष में भी तलाशी ली। तलाशी के दौरान रायगड़ा स्थित सरकारी क्वार्टर से 3.39 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। रिश्वत की रकम को जोड़कर अब तक कुल 5.39 लाख रुपये नकद जब्त किए जा चुके हैं। इस मामले में कोरापुट विजिलेंस थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस विभाग द्वारा मामले की जांच जारी है और आरोपी की चल-अचल संपत्तियों के साथ-साथ आय के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।
रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर विजिलेंस जांच के अगले खुलासों पर टिकी हुई है।

पामेला सेरेना कौन हैं? ‘देसी ब्लिंग’ स्टार बनेंगी ‘लॉक अप 2’ की नई कैदी, लगाएगी ग्लैमर का तड़का

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पामेला सेरेना, राम कपूर और शिवांगी जोशी के साथ रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ में शामिल होने वाली नई हस्तियों में से एक हैं। उनकी एंट्री से दर्शक काफी एक्साइटेड लग रहे हैं, क्योंकि इससे पहले उन्हें करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश के साथ ‘देसी ब्लिंग’ में देखा गया था। इस शो के बाद उन्हें सोशल मीडिया पर खूब प्यार मिला।
भारतीय माता-पिता के घर यूके में जन्मीं पामेला 2012 से यूएई में रह रही हैं और अक्सर दुबई को उस जगह के तौर पर बताती हैं, जिसने उनकी पहचान और करियर को आकार दिया। उन्होंने यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन से साइकोलॉजी की पढ़ाई की और उसके बाद लंदन स्कूल ऑफ फिल्म प्रोडक्शन से ट्रेनिंग ली।
इसके बाद पामेला ने पेजेंट्री की दुनिया में अपनी पहचान बनाई, जहां उन्होंने ‘मिसेज यूएई वर्ल्ड 2022’ और ‘मिसेज यूनिवर्स दुबई 2021’ का खिताब जीता। पेजेंट्री कंपटीशन के अलावा, वह ग्लोबल लेवल पर सोशल वर्क भी करती हैं। पामेला संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़ी पहलों के तहत शांति के लिए एंबेसडर के तौर पर काम करती हैं और सामाजिक कार्यों के समर्थन के लिए अपनी पब्लिक प्रोफाइल का इस्तेमाल करती हैं।
‘देसी ब्लिंग’ में पामेला ने रियल एस्टेट सेक्टर में अपनी भागीदारी के बारे में भी बताया था। वह लंदन में एक प्रॉपर्टी बिजनेस संभालती हैं। पामेला सेरेना को नेटफ्लिक्स रियलिटी शो ‘देसी ब्लिंग’ से भारत में भी अच्छी-खासी पहचान मिली, जिसमें दुबई में रहने वाले करोड़पतियों की जिंदगी दिखाई गई थी। इस शो में पामेला, करण कुंद्रा और तेजस्वी प्रकाश जैसी हस्तियों के साथ नजर आईं और उनकी लविश लाइफस्टाइल को दिखाया गया।
पामेला ने ‘देसी ब्लिंग’ का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें करण कुंद्रा मजाक में उनकी तुलना कोमोलिका से करते दिखाई दिए। इतना ही नहीं हाल ही में ‘लॉक अप 2’ के लॉन्च इवेंट में पामेला ने खुद को ‘दुबई की कोमोलिका’ कहा, जिस पर एकता कपूर ने जवाब दिया और कहा,’मैं आपको बता दूं, कोमोलिका मेरी बनाई हुई है।’
‘देसी ब्लिंग’ स्टार पामेला सेरेना अब ‘लॉक अप 2’ में नजर आने वाली है, जहां वह सिर्फ वाद-विवाद नहीं करेंगी, बल्कि अपने ग्लैमर का तड़का भी लगाएगी। पामेला सेरेना एक खतरनाक इंटेंस रियलिटी फॉर्मेट शो में एंट्री करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। फैंस उन्हें इस रियलिटी शो में देखने के लिए बेताब हैं।
फराह खान और रितेश देशमुख के ‘लॉक अप 2’ में इस बार 14 जानी-मानी हस्तियां एंट्री करेंगी, जिसमें पामेला सेरेना का नाम शामिल है। हालांकि, अभी तक सिर्फ 3 कंटेस्टेंट्स को लोगों से मिलवाया गया है। पामेला के अलावा, राम कपूर और शिवांगी जोशी को भी ‘लॉक अप: सच या सजा’ के नए कैदियों के तौर पर दिखाया गया।

आसमान में Falcon 10X की पहली उड़ान, देखें इस बिजनेस प्लेन की खूबसूरत तस्वीरें

फ्रांस की प्रमुख विमान निर्माता कंपनी दसॉ एविएशन के अत्याधुनिक बिजनेस जेट Falcon 10X ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है। करीब 2.5 घंटे तक चली इस परीक्षण उड़ान में विमान के प्रदर्शन, नियंत्रण प्रणाली और विभिन्न तकनीकी सुविधाओं की जांच की गई। कंपनी का कहना है कि यह विमान लंबी दूरी की यात्रा, आधुनिक तकनीक और शानदार आराम के मामले में बिजनेस जेट बाजार में नया मानक स्थापित करेगा।
फ्रांस के सेंट-क्लाउड स्थित दसॉ एविएशन ने शुक्रवार को घोषणा की कि उसके नए फाल्कन 10X विमान ने सफलतापूर्वक अपना पहला उड़ान परीक्षण पूरा कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ विमान के आधिकारिक फ्लाइट टेस्ट अभियान की शुरुआत भी हो गई है। कंपनी के अनुसार यह सफलता विमान विकास कार्यक्रम की तकनीकी परिपक्वता और उसकी तैयारियों को दर्शाती है। विमान अब आगे के कई महत्वपूर्ण परीक्षणों से गुजरेगा।
Falcon 10X की सबसे बड़ी विशेषता इसकी लंबी उड़ान क्षमता है। यह विमान एक बार में अधिकतम 19 यात्रियों को लेकर लगभग 7,500 नॉटिकल मील यानी करीब 13,890 किलोमीटर तक बिना रुके उड़ान भर सकता है। इसकी अधिकतम परिचालन गति मैक 0.925 और अधिकतम प्रमाणित उड़ान ऊंचाई 51,000 फीट है। इसके अलावा यह 6,000 फीट से कम रनवे से टेकऑफ और 2,500 फीट से कम दूरी में लैंडिंग कर सकता है।
यह विमान दो शक्तिशाली Rolls-Royce Pearl 10X इंजनों से लैस है, जिनकी थ्रस्ट क्षमता 18,000 पाउंड से अधिक है। इसमें अगली पीढ़ी का NeXus Flight Deck और मल्टी-टच डिस्प्ले सिस्टम लगाया गया है। विमान का विंगस्पैन 110 फीट 4 इंच, लंबाई 109 फीट 7 इंच और ऊंचाई 27 फीट 7 इंच है। इसके विशाल केबिन की ऊंचाई 80 इंच, चौड़ाई 109 इंच और लंबाई लगभग 54 फीट है। विमान का अधिकतम टेकऑफ वजन 1,15,000 पाउंड है।
कंपनी के टेस्ट पायलट सेबेस्टियन डुपोंट डी डिनेशिन और सह-पायलट फैब्रिस डूग्नाक ने बॉरदो-मेरिग्नाक हवाई अड्डे के रनवे-23 से सुबह 11 बजकर 10 मिनट पर विमान को उड़ान भरवाई। परीक्षण उड़ान करीब दो घंटे 30 मिनट तक चली। विमान ने विभिन्न चरणों में अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन किया और दोपहर 1 बजकर 40 मिनट पर सुरक्षित रूप से उसी हवाई अड्डे पर उतर गया।
उड़ान के शुरुआती चरण में पायलटों ने 15,000 फीट की ऊंचाई पर विमान की हैंडलिंग क्षमता और प्रमुख सिस्टमों का परीक्षण किया। इसके बाद लैंडिंग गियर और अन्य चलायमान हिस्सों को समेटकर विमान को और ऊंचाई पर ले जाया गया। परीक्षण के दौरान विमान की स्थिरता, नियंत्रण क्षमता और विभिन्न तकनीकी प्रणालियों की कार्यक्षमता का भी बारीकी से मूल्यांकन किया गया।
परीक्षण के अगले चरण में Falcon 10X को 40,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंचाया गया। यहां विमान ने मैक 0.82 की गति हासिल की, जो लगभग 1,000 किलोमीटर प्रति घंटा के बराबर मानी जाती है। इस दौरान विमान के एयरोडायनामिक प्रदर्शन, इंजन की क्षमता और उच्च ऊंचाई पर उड़ान संबंधी विभिन्न पहलुओं की जांच की गई। कंपनी ने बताया कि सभी परिणाम उम्मीद के अनुरूप रहे।
दसॉ एविएशन के चेयरमैन और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एरिक ट्रैपियर ने कहा कि Falcon 10X की पहली उड़ान कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह सफलता इंजीनियरों, उत्पादन टीमों, उड़ान विशेषज्ञों और दुनिया भर में मौजूद साझेदारों की मेहनत का परिणाम है। उनके अनुसार अब कंपनी Falcon 10X के विकास के अगले चरण में प्रवेश कर रही है।
टेस्ट पायलट सेबेस्टियन डुपोंट डी डिनेशिन ने कहा कि यह उड़ान वर्षों की मेहनत का नतीजा है। उन्होंने बताया कि हजारों कर्मचारियों और सहयोगी संस्थाओं ने इस परियोजना को सफल बनाने में योगदान दिया है। उनके अनुसार विमान ने पूरी उड़ान के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और सभी निर्धारित परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे हुए। उन्होंने इसे उड़ाने का अनुभव बेहद संतोषजनक बताया।
कंपनी ने जानकारी दी कि पहला परीक्षण विमान जल्द ही दो अन्य परीक्षण विमानों का साथ पाएगा। दूसरा विमान लगभग तैयार है और निकट भविष्य में उड़ान परीक्षणों में शामिल होगा। तीसरे विमान में पूर्ण केबिन इंटीरियर लगाया जा रहा है। इसका उपयोग मुख्य रूप से सिस्टम परीक्षण, केबिन सुविधाओं की कार्यक्षमता और विश्वसनीयता की जांच के लिए किया जाएगा।
दसॉ एविएशन का दावा है कि वर्ष 2026 में वह दुनिया की एकमात्र विमान निर्माता कंपनी है जिसके पास पूरी तरह नया विकसित विमान उड़ान परीक्षण चरण में पहुंच चुका है। कंपनी का मानना है कि Falcon 10X अत्याधुनिक तकनीक, लंबी दूरी की क्षमता और बेहतर यात्री अनुभव के कारण वैश्विक बिजनेस जेट बाजार में विशेष स्थान हासिल करेगा।

अमेरिका से हथियारों की निर्भरता खत्म कर सकता है इजरायल, नेतन्याहू के बयान से मची खलबली; बोले- ‘बदलाव जरूरी’

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इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि इजरायल को हथियार बनाने की अपनी क्षमता विकसित करके अमेरिकी सैन्य निर्भरता से आजादी हासिल करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ चल रहे संघर्ष के लिए यह बदलाव जरूरी है। वेस्ट बैंक के गुश एत्जियन में रिजर्व कॉम्बैट अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही। नेतन्याहू ने आगे कहा, “मैं उस समर्थन की बहुत सराहना करता हूं जो हमें मिला है और जो मैंने पिछले कुछ वर्षों में अपने अमेरिकी दोस्तों से हासिल किया है। लेकिन आज मैं कहता हूं, हमें अपने खुद के स्वतंत्र हथियार-उत्पादन सिस्टम की ज़रूरत है। हमें अपने हथियार खुद बनाने होंगे।”

अमेरिकी सैन्य मदद खत्म करने की नीति
वहीं सुरक्षा हालातों पर बात करते हुए नेतन्याहू ने आगे कहा, “हम अब ईरान और उसके प्रॉक्सी (प्रतिनिधियों) का सामना कर रहे हैं। हमने उन पर जोरदार प्रहार किया है। यह अभी खत्म नहीं हुआ है, लेकिन यह हमारी ताकत पर निर्भर करता है। 30 साल बाद हम कहां होंगे, यह हमारी ताकत पर निर्भर करता है। इसीलिए हम अभी और ज़्यादा ताकत बना रहे हैं।” नेतन्याहू ने इजरायल के लिए “स्वतंत्र हथियार क्षमता” रखने की अपनी महत्वाकांक्षा का जिक्र किया। हालांकि नेतन्याहू ने आने वाले दशक में अमेरिकी सैन्य मदद को धीरे-धीरे खत्म करने की नीति अपनाई है, लेकिन ये टिप्पणियां तनावपूर्ण माहौल में आई हैं।

US-ईरान समझौते को खारिज कर रहा इजरायल
यरूशलेम को अपनी ऑपरेशनल आजादी पर संभावित अमेरिकी पाबंदियों को लेकर चिंता बढ़ रही है, खासकर इसलिए क्योंकि वाशिंगटन तेहरान के साथ एक ऐसे समझौते की कोशिश कर रहा है जिसे इजरायल काफी हद तक खारिज करता है। नेतन्याहू ने कहा, “हमें निर्भरता से खुद को मुक्त करने, लगातार अपनी ताकत बढ़ाने, ज़्यादा से ज़्यादा टेक्नोलॉजी को शामिल करने और आप जैसे कमांडरों की और पीढ़ियों को तैयार करने की ज़रूरत है, क्योंकि आखिरकार यही हमारी स्थिति तय करेगा।”

ट्रंप के बयान के बाद नेतन्याहू का रिएक्शन
यह बयान पिछले हफ़्ते एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की टिप्पणियों के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि पिछले कुछ महीनों में, “इजरायल की सुरक्षा करने वाले दो-तिहाई रक्षा हथियार” अमेरिका द्वारा सप्लाई और फाइनेंस किए गए थे। ‘द टाइम्स ऑफ इजराइल’ के अनुसार, अमेरिकी और इजरायली प्रतिनिधियों ने हाल ही में 10 साल के नए सुरक्षा सहयोग ढांचे पर बातचीत शुरू की है, जिसका मकसद मौजूदा व्यवस्था को मदद से बदलकर पूरी तरह से आपसी साझेदारी में “धीरे-धीरे बदलना” है।

स्कूल होंगे अपग्रेड, किसान कल्याण पर फोकस, जानें सीएम डॉ.मोहन ने कैबिनेट में क्या-क्या फैसले लिए?

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 22 जून को मंत्रालय में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई। कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना और कल्याणी विवाह सहायता योजना को 1 अप्रैल 2026 से 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 1,740 करोड़ 57 लाख रुपयेकी स्वीकृति दी। मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना प्रदेश में 1 अप्रैल 2006 से प्रभावशील है। योजना का क्रियान्वयन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है।

मुख्यमंत्री कन्या विवाह सहायता योजना अंतर्गत गरीब जरूरतमंद, निराश्रित और निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या-विधवा-परित्यक्ता के सामूहिक विवाह में आर्थिक सहायता के रूप में राशि 55 हजार रुपये प्रति कन्या के मान से दी जाती है। योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 1 लाख 72 हजार 905 हितग्राहियों को 989 करोड़ 80 लाख 62 हजार रुपये से अधिक सहायता राशि प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह, योजना महिला सशक्तिकरण की एक अहम योजना है, जिसके अंतर्गत गरीब और जरूरतमंद अभिभावकों की कन्याओं का सामूहिक विवाह सम्पन्न होता है। इस योजना से विवाह की वैधानिक आयु सुनिश्चित हो जाती है। यह योजना महिलाओं के सामाजिक उत्थान के लिए महत्वपूर्ण है।

स्कूलों के उन्नयन का फैसला
कैबिनेट ने विद्यार्थियों की शैक्षणिक पहुंच एवं गुणवत्ता में वृद्धि के लिए शासकीय माध्यमिक शाला का हाई स्कूल एवं हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी में उन्नयन की योजना पर सैद्धांतिक स्वीकृति दी। स्वीकृति अनुसार वर्ष 2026-27 में 75 माध्यमिक शालाओं का हाई स्कूल तथा 100 हाई स्कूल का हायर सेकेण्डरी स्कूल में उन्नयन किया जाएगा। आगामी 2 वर्षों 2027-28 एवं 2028-29 में भी इसी प्रकार प्रतिवर्ष 75 माध्यमिक एवं 100 हाईस्कूलों के उन्नयन पर सैद्धांतिक सहमति दी गई। साथ ही विद्यालयों के उन्नयन के लिए अनुमानित व्यय राशि 635 करोड़ 24 लाख रुपये के प्रस्ताव पर सहमति दी गई। विकसित मध्यप्रदेश@2047 के तहत वर्ष 2029 तक 100 प्रतिशत सकल नामांकन दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। मापदण्डों के आधार पर जिला स्तर से मेपिंग अनुसार 315 हाई स्कूल एवं 214 हायर सेकेण्डरी स्कूल खोले जाने की आवश्यकता है। सांदीपनि विद्यालयों के कैचमेंट एरिया में विद्यालयों का उन्नयन नहीं किया जाएगा। सांदीपनि विद्यालय के कैचमेंट एरिया में आने वाले विद्यालयों के समस्त विद्यार्थियों का प्रवेश सांदीपनि विद्यालय में होने पर विद्यालय को अन्य आवश्यकता वाले स्थानों पर युक्तियुक्तकरण किया जाएगा। उन्नत विद्यालय अपने वर्तमान भवन या अन्य शासकीय भवन में संचालित होंगे। आवश्यकता एवं बजट उपलब्धता के अनुसार अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएंगे। वास्तविक रूप से आवश्यक विद्यालयों की संख्या का आंकलन गति शक्ति पोर्टल, जनसंख्या एवं यू-डाइस के आंकड़ों के आधार पर की जायेगी। राज्य में हाई स्कूल का सकल नामांकन दर (जीईआर) 75 प्रतिशत तथा हायर सेकेण्डरी स्तर पर 55 प्रतिशत है। कक्षा 8 से 9 में कक्षांतरण दर 77 प्रतिशत और कक्षा 10 से 11 में 68 प्रतिशत है। विद्यालयों की दूरी अधिक होने होने के कारण विद्यार्थियों का प्रवेश कम होता है या वे नियमित रूप से उपस्थित नहीं रह पाते जिससे ड्रॉप आउट दर बढ़ती है इसलिए विद्यार्थियों की पहुँच में विद्यालय उपलब्ध कराकर उच्च नामांकन एवं निरंतरता सुनिश्चित करना इस निर्णय का मूल लक्ष्य है।

किसानों के हित में अहम फैसला
कैबिनेट ने वर्ष 2026-27 के लिए शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना अंतर्गत किसानों के हित में शर्तों की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार खरीफ एवं रबी सीजन के लिए पृथक-पृथक देय तिथि (ड्यू डेट) नहीं रखते हुए उसके स्थान पर वार्षिक एकल ऋण सीमा रखी जाएगी। इसमें नगद एवं वस्तु ऋण की उप-सीमा निर्धारित रहे। योजनान्तर्गत देय तिथि (डयू डेट) कृषकों को स्वीकृत वार्षिक एकल लिमिट से प्रथम ऋण आहरण से 12 माह निर्धारित की जाएगी और अल्पावधि फसल ऋण लेने वाले किसानों को 1.25 प्रतिशत (सामान्य) ब्याज अनुदान तथा निर्धारित ड्यू डेट तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों को 4 प्रतिशत प्रोत्साहन स्वरूप (अतिरिक्त ब्याज अनुदान) राज्य शासन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों से संबद्ध बहुउददेशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि फसल ऋण दिए जाने की योजना वर्ष 2012-13 से निरन्तर लागू है। योजनान्तर्गत खरीफ एवं रबी सीजन की निर्धारित तिथि (ड्यू डेट) तक ऋण की अदायगी करने वाले किसानों से 3 लाख रुपये तक के अल्पावधि फसल ऋण पर कोई ब्याज नहीं लिया जाता है। योजना में राज्य शासन द्वारा प्रत्येक वर्ष बेस रेट के साथ-साथ डयू डेट आदि का निर्धारण किया जाता है और निर्धारित बेसरेट में से भारत सरकार से प्राप्त होने वाली ब्याज सहायता को कम करते हुए शेष राशि राज्य शासन द्वारा ब्याज अनुदान के रूप में उपलब्ध कराई जाती है जिससे कृषकों को प्रदेश में शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पावधि ऋण उपलब्ध होता है।

शुजालपुर में विधि महाविद्यालय शुरू करने को मंजूरी
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में सत्र 2026-27 में शुजालपुर (शाजापुर) में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किए जाने की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार शैक्षणिक वर्ग के 9 पद और अशैक्षणिक वर्ग के 8 पद, इस प्रकार कुल 17 पदों के सृजन और व्यय राशि 2 करोड़ 39 लाख 92 हजार रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। साथ ही आवश्यक कार्यवाही करने के लिए उच्च शिक्षा विभाग को अधिकृत किया गया है। जवाहरलाल नेहरू स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, शुजालपुर में विधि पाठ्यक्रम (एल एल बी तीन वर्षीय) एक संकाय के रूप में संचालित है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया के 2008 के ‘लीगल एजुकेशन रूल्स’ के अनुसार मान्यता के लिए विधि पाठ्यक्रमों को संकाय के स्थान पर पृथक शासकीय विधि महाविद्यालय में संचालित किया जाना आवश्यक है। इसी आधार पर शुजालपुर में नवीन शासकीय विधि महाविद्यालय प्रारंभ किया जा रहा है।

PDS के अंतर्गत 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति
कैबिनेट ने खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग में लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं एवं परियोजनाओं के परीक्षण तथा प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया अन्तर्गत 500 करोड़ रुपये से अधिक की संबंधित योजना लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत परिवहन, कमीशन व्यय की प्रतिपूर्ति का 16 वें केन्द्रीय वित्त आयोग की अवधि 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक के लिए निरंतर संचालन के लिए 3 हजार 580 करोड़ 7 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। कैबिनेट ने प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) एवं धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान अंतर्गत विद्युतीकरण कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा दिए गए केन्द्रांश पर देय एसजीएसटी की राशि राज्य शासन द्वारा वितरण कंपनियों को अंश पूंजी के रूप में उपलब्ध करवाये जाने का निर्णय लिया है।

तैयारी के दौरान मिलीं 8 असफलताएं, पर नहीं मानी हार; पहले ही प्रयास में FSO बनीं किसान की बेटी राधाचंद्रवंशीतैयारी के दौरान मिलीं 8 असफलताएं, पर नहीं मानी हार; पहले ही प्रयास में FSO बनीं किसान की बेटी राधाचंद्रवंशी

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मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी-2025 परीक्षा का फाइनल रिजल्ट 22 जून की शाम को जारी कर दिया है। इस परीक्षा में कचनारिया गांव की एक आम किसान की बेटी राधा चंद्रवंशी ने पूरे प्रदेश में 50वीं रैंक हासिल कर शानदार सफलता पाई है। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ, राधा के पूरे परिवार और गांव में खुशियों की लहर दौड़ गई। घर पर मिठाइयां बांटी गईं और उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। राधा की इस उपलब्धि ने न सिर्फ उनके परिवार का बल्कि पूरे क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।

संघर्षों से भरा रहा सफर
राधा चंद्रवंशी की यह सफलता वर्षों के कड़े संघर्ष और अटूट धैर्य का परिणाम है। राधा बताती हैं कि उन्होंने पीएससी परीक्षा की तैयारी वर्ष-2019 से शुरू कर दी थी। इस दौरान उन्होंने करीब पांच बार राज्य सेवा परीक्षा दी, लेकिन उन्हें दो बार प्री परीक्षा में असफलता का सामना करना पड़ा। वहीं तीन बार वे प्री में सफल भी हुईं तो मुख्य परीक्षा (मेंस) में असफल रहीं। लगातार मिल रही इन असफलताओं के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। पिछले दो साल से वे घर से ही इस परीक्षा की तैयारी कर रही थीं।

पहले ही प्रयास में पास की एफएसओ परीक्षा
इसी बीच करीब 17 साल के लंबे अंतराल के बाद वर्ष 2025 में खाद्य सुरक्षा अधिकारी की भर्ती आई तो राधा ने इसकी तैयारी शुरू की। राधा ने हिंदी माध्यम से पढ़ाई करते हुए अपने पहले ही प्रयास में एफएसओ परीक्षा की प्री, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू में सफल होकर अधिकारी बनने का गौरव प्राप्त किया। राधा बताती हैं कि चूंकि यह भर्ती 17 साल बाद आई थी, इसलिए आम तौर पर इसकी तैयारी कोई नहीं करता है। उन्होंने महज छह महीने के भीतर एफएसओ का पूरा सिलेबस पूरा किया। इसमें काफी मेहनत लगी, लेकिन आखिर में वो सफल हो गईं।

परिवार में उच्च शिक्षा हासिल करने वाली पहली सदस्य
राधा की पारिवारिक पृष्ठभूमि बेहद साधारण है। उनके पिता कालूराम एक किसान हैं और परिवार में उनके दो छोटे भाई हैं। उनके घर में पहले कोई भी उच्च शिक्षित नहीं था, लेकिन शिक्षा के प्रति परिवार की सकारात्मक सोच ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की ताकत दी। तमाम आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच उन्हें परिवार का पूरा सहयोग मिला। राधा ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही सरकारी स्कूल से प्राप्त की और इसके बाद कन्या शाला ब्यावरा से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की उच्च शिक्षा के लिए वे इंदौर गईं, जहां उन्होंने बायोलॉजी, जूलॉजी और बॉटनी विषयों के साथ स्नातक की पढ़ाई की। आज राधा न केवल अपने पूरे परिवार में एकमात्र उच्च शिक्षित सदस्य हैं, बल्कि वे अब अधिकारी भी बन चुकी हैं। इस बड़ी सफलता के बाद अब राधा चंद्रवंशी देश की सबसे प्रतिष्ठित यूपीएससी परीक्षा पास करने का सपना संजो रही हैं।

विपरीत परिस्थितियों में भी रखें कंसिस्टेंसी
अपनी सफलता पर बात करते हुए कचनारिया की राधा चंद्रवंशी ने कहा कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से करे तो सफलता अवश्य मिलती है। हमें तैयारी के दौरान कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन इनसे घबराने की बजाए, कंसिस्टेंसी के साथ पढ़ते रहे, सिलेबस के अनुसार पढ़े और रिवीजन करे तो जरूर सफलता मिलती है।

चेतन से प्यार और केतन से सगाई, सिया ने मंगेतर की कैसे हत्या की, CCTV से साजिश यूं हुआ खुलासा

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पुणे के लोहगढ़ किले में बिल्डर केतन अग्रवाल की हत्या मामले में पुलिस ने इसकी पूरी जानकारी दी है। जून की गर्मी में चेतन ने हूडी वाला जैकेट पहन रखा था, सीसीटीवी ने सिया और उसके प्रेमी की कैसे पोल खोल दी? जानें…पुणे के ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान हुई एक दुखद घटना जिसे शुरू में एक हादसा माना जा रहा था, वह हत्या की जांच में बदल गई। ऐसा तब हुआ जब पुलिस का ध्यान एक अजीब बात पर गया जून के महीने में, जब तापमान 33 डिग्री था, तब एक आदमी ने हूडी पहनी हुई थी और तेज तेज कदमों से चलता जा रहा था। उसका चेहरा भी साफ साफ नहीं दिख रहा था। किले के टिकट काउंटर के पास लगे CCTV कैमरे में वह हूडी पहने आदमी कैद हो गया। बाद में उसकी पहचान चेतन चौधरी के तौर पर हुई, जो सिया का प्रेमी था और उसके साथ मिलकर केतन की मंगेतर सिया ने उसे मौत दे दी।
सीसीटीवी ने कैसे खोल दी हत्या की पोल

किले के टिकट काउंटर के पास लगे सीसीटीवी के फुटेज में चेतन 18 जून को पुणे के 26 साल के बिजनेसमैन केतन अग्रवाल और उनकी 20 साल की मंगेतर सिया गोयल का पीछा करते हुए दिखाई दिया। इसके कुछ ही घंटों बाद केतन की मौत हो गई। सीसीटीवी में दिखाई दिए उस आदमी की संदिग्ध हरकतें, अपना चेहरा छिपाना और उसके अजीब कपड़े देखकर पुलिस को केतन की मौत के मामले की फिर से जांच करने का ख्याल आया, जिसे शुरू में गलती से हुई मौत का मामला माना गया था।

जब पुलिस ने इस मौत की घटना की जांच की, तो पता चला कि केतन की मौत वाले दिन चेतन अपना फ़ोन अपनी दुकान में ही छोड़ गया था और उसका इंटरनेट भी बंद कर दिया था, जिससे पुलिस का शक और गहरा गया। इन तमाम तरह के सबूत की वजह से पुलिस उस मामले की तह तक पहुंच पाई, जिसमें सिया और केतन की शुरू होने वाली शादीशुदा जिंदगी खत्म हो गई।

सिया और चेतन ने केतन को दी मौत की सजा
आरोप है कि सिया और उसके प्रेमी चेतन ने केतन को खाई में धकेल दिया था। सिया और चेतन दोनों पुलिस की हिरासत में हैं और पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान उन्होंने अपना जुर्म कबूल भी कर लिया है। मामले की जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसी बातें पता चलीं जिनसे मौत की जगह हत्या का शक गहरा गया और जांच आगे बढ़ी। किले के टिकट काउंटर पर लगे CCTV कैमरों की जांच की गई, जिसमें केतन और सिया एक साथ दिखाए दिए। फुटेज को ध्यान से देखने पर पुलिस को सिया और केतन के पीछे एक और शख्स दिखाई दिया।

जून की गर्मी और चेतन की हुडी ने बढ़ाया शक

पुलिस ने बताया, सीसीटीवी में दिख रहे उस आदमी ने शॉर्ट्स और हुडी पहनी हुई थी। हुडी का अगला हिस्सा इतना नीचे खींचा हुआ था कि उसका चेहरा दिखाई नहीं दे रहा था। साथ ही, उस आदमी ने हुडी के ऊपर हेडसेट भी पहना हुआ था। पुसिस ने जब घटना के समय मौसम की स्थिति की जांच की तो पता चला कि 18 जून को उस समय का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस था; जिससे हैरानी हुई कि इतनी गर्मी में कोई हुडी क्यों पहनेगा। ऐसे मौसम में किसी व्यक्ति का अपना चेहरा ढके हुए होना मौत नहीं हत्या के लिए एक अहम सुराग बन गया।

चेतन और सिया के कॉल डिटेल्स में क्या मिला
सिया के कॉल रिकॉर्ड से पता चला कि चेतन के साथ उसकी बहुत ज़्यादा बातचीत होती थी। दोनों के बीच लंबे समय तक हज़ारों कॉल हुए थे, जिनमें कई बातचीत घंटों तक चली थीं। तकनीकी जांच से दोनों के बीच करीबी संबंध का पता चला और एक सोची-समझी साज़िश की जानकारी मिली। इसके बाद जब पुलिस ने उनकी तस्वीरें और सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल की जांच की तो संदेह हुआ कि सिया चेतन से प्यार करती थी और केतन के साथ शादी नहीं करना चाहती थी।

पूछताछ के दौरान चेतन से पूछा गया कि उसने और सिया ने भागने के बारे में क्यों नहीं सोचा और केतन को खत्म करने का रास्ता ही क्यों चुना। तो चेतन ने बताया कि सिया केतन से सगाई तोड़ने और चेतन के साथ भागने के पक्ष में नहीं थी, क्योंकि उसे लगता था कि ऐसा करने से उसके परिवार की बदनामी होगी।

जानें इस पूरी घटना से जुड़ी खास बातें

18 जून को सिया का ग्रुप लोहगढ़ किले पहुंचा, चेतन उनके ग्रुप का हिस्सा नहीं था। उसने अपना फोन भी स्विच ऑफ कर दुकान पर छोड़ दिया था।

पुलिस ने उन सभी लोगों से पूछताछ की जिन्होंने घटना के दिन चेतन के नंबर पर कॉल किया था। कॉल करने वालों ने पुष्टि की कि चेतन ने खुद उन कॉल्स का जवाब नहीं दिया; बल्कि उसकी दुकान के कर्मचारियों ने जवाब दिया।

जब सिया का ग्रुप किले में एक ऐसी जगह पर पहुंचा जहां खाई बहुत गहरी थी, तो चेतन पीछे से उनके साथ आ मिला। केतन लगभग 400 फ़ीट नीचे गिर गया और खाई की तलहटी में उसकी मौत हो गई।