Wednesday, July 8, 2026
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बीएसएनएल कर्मचारी ने मानवाधिकार आयोग से लगाई गुहार: मेडिकल अवकाश फर्जी बताने, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकी के आरोप

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श्योपुर/मुरैना।
भारत सरकार के उपक्रम भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के एक कर्मचारी ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है। श्योपुर में पदस्थ एटीटी रामस्वरूप पुत्र प्यारे लाल ने आरोप लगाया है कि उनके विधिवत स्वीकृत मेडिकल अवकाश को फर्जी साबित करने का प्रयास किया गया, अवकाश निरस्त करने के लिए अर्जित अवकाश (EL) देने का दबाव बनाया जा रहा है तथा जातिसूचक शब्दों से अपमानित कर जान से मारने की धमकी दी गई।

मेडिकल अवकाश पर उठे सवाल, EL देने का दबाव
प्रार्थी के अनुसार वह 25 मई 2023 से 10 दिसंबर 2023 तक अस्वस्थता के कारण मेडिकल अवकाश पर रहे। 11 दिसंबर 2023 को उन्होंने समस्त मेडिकल दस्तावेज प्रस्तुत कर ड्यूटी जॉइन कर ली। आरोप है कि एसडी (ओपीएन) मुरैना द्वारा जिला अस्पताल भिंड के डॉक्टरों से जारी प्रमाणपत्र को मेडिकल बोर्ड से दोबारा सत्यापित कराने के बावजूद अवकाश को ‘डाइजोन’ कर दिया गया।
कर्मचारी का कहना है कि अब उच्च अधिकारी उनसे मेडिकल अवधि समायोजन के लिए अर्जित अवकाश (EL) देने का दबाव बना रहे हैं, जबकि उन्होंने पूर्व में नियमानुसार हाफ पे लीव (HPL) प्रस्तुत की थी। उनका कहना है कि रिटायरमेंट निकट होने के कारण यदि EL समाप्त हो जाती है तो सेवानिवृत्ति पर मिलने वाली राशि से वे वंचित हो जाएंगे।

जातिसूचक टिप्पणी और धमकी का आरोप
रामस्वरूप ने आरोप लगाया है कि संबंधित अधिकारी ने कथित तौर पर कहा, “हम तुम्हारा मेडिकल पास नहीं करेंगे… तुम कहीं भी शिकायत कर लो… तुमको कौन पूछता है, तुम नीच जाति के हो।” कर्मचारी ने इसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन बताते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तथा अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग को शिकायत भेजी है।

जर्जर एक्सचेंज में ड्यूटी, ‘मरोगे या जियोगे, वहीं रहोगे’
प्रार्थी का स्थानांतरण बड़ौदा (श्योपुर) एक्सचेंज में किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक्सचेंज भवन क्षतिग्रस्त है, लाइट व्यवस्था नहीं है और वर्षों से साफ-सफाई नहीं हुई। अंधेरे में सांप-बिच्छू का खतरा बना रहता है।
उन्होंने दावा किया कि डीजीएम और अन्य अधिकारियों द्वारा फोन पर धमकी दी गई कि “तुम वहाँ मरो या जिओ, वहीं रहोगे।” कर्मचारी ने आशंका जताई है कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

भिंड प्रकरण में गवाही देने पर तबादले का आरोप
रामस्वरूप ने एक अन्य मामले में भी विभागीय अधिकारियों पर साजिश का आरोप लगाया है। उनके अनुसार भिंड में कार्यरत एक लेबर कर्मचारी के वेतन भुगतान में गड़बड़ी हुई, शिकायत करने पर उसके साथ अभद्रता की गई। इस मामले में वे गवाह थे। आरोप है कि सच्चाई बताने पर उनका तबादला श्योपुर कर दिया गया और विभागीय जांच में उनके वास्तविक बयान दर्ज नहीं किए गए।

आरटीआई आवेदन भी भेजा
मामले में जानकारी प्राप्त करने के लिए उन्होंने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन भी किया, जिसे केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा संबंधित बीएसएनएल कार्यालय को अग्रेषित किया गया है।

उच्च स्तर पर शिकायतें प्रेषित
कर्मचारी ने अपनी शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, बीएसएनएल मुख्यालय नई दिल्ली, सीजीएम भोपाल तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होंगे।

फिलहाल विभागीय अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है। यदि प्रतिक्रिया मिलती है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।r44

जिला मुजफ्फरपुर के थाना रामपुरहरि क्षेत्र अंतर्गत गोरीगामा से एक पारिवारिक विवाद का मामला सामने आया है,

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जहां एक महिला ने अपने पति पर दूसरी महिला के साथ रहने, मारपीट करने और भरण-पोषण से मुंह मोड़ने का आरोप लगाया है। पीड़िता खुशबू कुमारी ने बताया कि उनकी शादी करीब चार वर्ष पहले दिलीप पासवान से हुई थी और दोनों का एक तीन वर्षीय बच्चा भी है।

खुशबू कुमारी के अनुसार, दिलीप पासवान चार चक्का वाहन चलाने का काम करते हैं, लेकिन पिछले करीब पांच महीनों से वह उनसे अलग रह रहे हैं। उनका आरोप है कि इसी दौरान दिलीप ने गांव की ही रहने वाली चांदनी नाम की महिला के साथ शादी कर ली और उसके साथ रहने लगे। खुशबू का कहना है कि चांदनी उनके रिश्ते में दूर की ननद लगती है, जिसके कारण उन्हें इस घटना से गहरा मानसिक आघात पहुंचा है।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि चांदनी के साथ संबंधों को लेकर कई बार घर में विवाद हुआ, जिसके दौरान दिलीप पासवान ने उनके साथ मारपीट की और गाली-गलौज की। खुशबू का कहना है कि उनके पति ने साफ शब्दों में कह दिया कि वह अब केवल चांदनी के साथ ही रहेंगे। ऐसे में वह अपने छोटे बच्चे के साथ असहाय स्थिति में जीवन गुजारने को मजबूर हैं।

खुशबू कुमारी ने बताया कि उन्होंने थाना और अन्य संबंधित जगहों पर शिकायत भी दर्ज कराई है, लेकिन अब तक उन्हें कोई ठोस कार्रवाई या राहत नहीं मिली है। उनका कहना है कि उनके सामने अब सबसे बड़ी चिंता अपने बच्चे के भरण-पोषण और भविष्य की है।

इस पूरे मामले में पीड़िता ने अपने पति से अपील करते हुए कहा है कि वह जहां भी हों, अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों को समझें और पत्नी व बच्चे की देखभाल करें। गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल है और स्थानीय लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह मामला एक बार फिर समाज में वैवाहिक जिम्मेदारियों, महिलाओं की सुरक्षा और पारिवारिक विवादों के संवेदनशील पहलुओं को उजागर करता है, जहां एक महिला न्याय और सहारे की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रही है।

उचगांव चौकी के सामने दबंगों का तांडव: बेटे को पीटने के बाद मां से लूट, पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप

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उन्नाव जिले के बारासगवर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव मनीखेड़ा की रहने वाली तारादेवी पत्नी कमलेश ने आरोप लगाया है कि उनके बेटे को पहले उचगांव चौराहे पर बेरहमी से पीटा गया और अगले ही दिन जब वह उसे देखने अस्पताल जा रही थीं, तब उचगांव चौकी के सामने उन्हें घेरकर मारपीट और लूटपाट की गई। पीड़ित परिवार का कहना है कि लगातार शिकायत के बावजूद पुलिस कोई सुनवाई नहीं कर रही है।

पीड़िता के अनुसार, 12 फरवरी 2026 की शाम उनका पुत्र विश्वजीत सिंह उचगांव चौराहे पर सामान लेने गया था। आरोप है कि वहीं गांव के अखिलेश और विनेश ने उसे रोककर लाठी-डंडों से जमकर पीटा। हमले में विश्वजीत के सिर और पैर में गंभीर चोटें आईं और पैर में फ्रैक्चर हो गया। घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना के अगले दिन 13 फरवरी की शाम करीब छह बजे तारादेवी अपने बेटे को देखने अस्पताल जा रही थीं। आरोप है कि गांव के बाहर नहर के पास, उचगांव चौकी के सामने ही रज्जन पुत्र विंदा, अखिलेश व विनेश पुत्रगण रज्जन, तथा सतीश और मनीष पुत्रगण नैपाल ने उन्हें घेर लिया। सभी ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और धमकाते हुए उनका पर्स छीन लिया। पर्स में 20 हजार रुपये नकद और सोने की जंजीर रखी थी।

शोर मचाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग निकले। पीड़िता का कहना है कि वह उसी रात थाना बारासगवर पहुंचीं, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। अगले दिन और उसके बाद भी कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं हुई और आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस की उदासीनता से दबंगों के हौसले बुलंद हैं। परिवार ने उच्च अधिकारियों से मांग की है कि समय रहते आरोपियों की गिरफ्तारी कर निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि उन्हें न्याय मिल सके और क्षेत्र में कानून का भय कायम हो।

घटना ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस चौकी के सामने मारपीट और लूट की वारदात के बाद भी कार्रवाई न होना आमजन की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। अब निगाहें प्रशासनिक हस्तक्षेप पर टिकी हैं।

रायपुर से सनसनी: तीन मासूम बच्चों को छोड़ 25 वर्षीय कल्याणी रात्रे रहस्यमय ढंग से लापता

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रायपुर (छत्तीसगढ़)। राजधानी से लगे इलाके चोरभट्ठी में उस समय हड़कंप मच गया जब 25 वर्षीय कल्याणी रात्रे 9 फरवरी की सुबह अचानक घर से लापता हो गईं। सुबह करीब 10:30 बजे वह घर से निकलीं, लेकिन इसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं लग सका है। परिवार की मानें तो कल्याणी रात्रे बिना किसी को बताए घर से निकलीं और फिर वापस नहीं लौटीं।

8 साल की शादी, तीन छोटे-छोटे बच्चे… फिर अचानक गायब

परिजनों के अनुसार कल्याणी की शादी को 8 वर्ष हो चुके हैं। उनके पति कल्याणी रात्रे के साथ उनके तीन छोटे-छोटे बच्चे हैं। परिवार का कहना है कि रोहिणी का घर-परिवार सामान्य चल रहा था और किसी प्रकार के विवाद की जानकारी नहीं है। ऐसे में अचानक उनका इस तरह लापता हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है।

आधार कार्ड में दर्ज पता

परिवार ने उनकी पहचान और विवरण साझा करते हुए बताया कि रोहिणी रात्रे का पता है –
जैतखाम चौक, चोरभट्ठी, रायपुर, छत्तीसगढ़ – 493225।
आधार कार्ड के अनुसार उनका जन्म 01/01/2001 को हुआ है।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल

कल्याणी के अचानक गायब होने से घर में मातम जैसा माहौल है। तीनों बच्चे अपनी मां को पुकार रहे हैं। पति रोहित रात्रे का कहना है कि उन्होंने रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में काफी तलाश की, लेकिन अब तक कोई जानकारी नहीं मिली है।

पुलिस में दी गई सूचना

परिजनों ने स्थानीय थाने में गुमशुदगी की सूचना दे दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि हर संभावित एंगल से मामले की जांच की जा रही है।

अपील

यदि किसी व्यक्ति को कल्याणी रात्रे के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत इस नंबर पर 8827051402 संपर्क करें

बदायूं में जांच पर गहराया विवाद, महिला ने पति-ससुराल पर गंभीर आरोप लगाए; 5 वर्षीय बेटे की वैधता पर भी उठे सवाल

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बदायूं।
जनपद बदायूं के उसावा थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद का मामला अब नए आरोपों के साथ और गंभीर होता जा रहा है। ग्राम पचदेवरा दीवान नगर, पोस्ट उसावा, तहसील दातागंज निवासी सुमन देवी ने अपनी पूर्व शिकायत में पुनः तथ्यों को जोड़ते हुए पति व ससुराल पक्ष पर संगीन आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सुमन देवी का कहना है कि उनके पांच वर्षीय बेटे ध्रुव प्रताप की वैधता पर भी ससुराल पक्ष द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि पति देशराज सिंह कथित रूप से यह कहता है कि वह जमीन में कोई हिस्सा नहीं देगा, जबकि सास देवकी देवी द्वारा यह तक कहा गया कि बच्चा उनका नहीं है। इस आरोप से आहत सुमन देवी का कहना है कि उन्होंने विवाह के बाद अपने पति के अलावा किसी अन्य पुरुष से संबंध तक नहीं रखा और ध्रुव प्रताप उन्हीं का पुत्र है।

पीड़िता के अनुसार बेटे के जन्म के बाद से ही वह अधिकतर समय अपने मायके में रह रही हैं। बीच में करीब चार महीने के लिए ससुराल लौटीं, यह सोचकर कि शायद पति का व्यवहार बदल जाएगा, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि दोबारा मारपीट कर उन्हें घर से निकाल दिया गया।

सुमन देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि उनके पति देशराज सिंह अपनी भाभी शारदा देवी के साथ रहने की बात कहते हैं और उन्हीं के यहां काम करते हैं। उनका कहना है कि पति न तो कोई आर्थिक सहयोग देते हैं और न ही बेटे की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठा रहे हैं। जब बच्चे का स्कूल में एडमिशन कराने की बात की गई तो कथित रूप से पति ने साफ इनकार कर दिया।

इससे पहले सुमन देवी ने संदर्भ संख्या 40014925051832 के तहत शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने जांच अधिकारी पर बिना गवाहों से पूछताछ किए आख्या लगाने का आरोप लगाया था। अब नए आरोपों के साथ मामला और संवेदनशील हो गया है। पीड़िता का कहना है कि यह केवल पति-पत्नी का विवाद नहीं, बल्कि उनके सम्मान, बेटे के भविष्य और वैवाहिक अधिकारों का प्रश्न है।

स्थानीय स्तर पर यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह न केवल पारिवारिक प्रताड़ना, बल्कि एक मासूम बच्चे के अधिकारों से जुड़ा गंभीर मामला भी हो सकता है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर क्या निष्कर्ष सामने लाते हैं।

रोहिणी सेक्टर-27 हादसा: वाहन संख्या DL1L AG 8652 से कुचला गया मोनू, नागेंद्र के वाहन चलाने का आरोप

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-27 में गणतंत्र दिवस की रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि हादसे में शामिल वाहन संख्या DL1L AG 8652 है। कथित तौर पर यह वाहन नागेंद्र नामक व्यक्ति चला रहा था, जिसने 32 वर्षीय युवक मोनू को कुचल दिया और मौके से फरार हो गया।
यह मामला थाना शाहबाद डेयरी क्षेत्र का है। दर्ज एफआईआर संख्या 49/2026 के अनुसार 26 जनवरी 2026 की रात करीब 2 बजे पंच मंदिर के पास तेज रफ्तार वाहन ने मोनू को टक्कर मारी। गंभीर हालत में परिजन उसे पहले बीएसए अस्पताल ले गए, जहां से एलएनजेपी अस्पताल रेफर किया गया।
बीएसए अस्पताल में मोनू (32) पुत्र देवेंद्र, निवासी सी-2/846, पुनर्वास कॉलोनी, सेक्टर-27 रोहिणी के रूप में पहचान हुई। एमएलसी संख्या 775/2026 में डॉक्टरों ने घायल की हालत गंभीर बताते हुए उसे बयान देने में असमर्थ बताया।
पुलिस ने प्रारंभिक जांच के आधार पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 281 और 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अब वाहन संख्या DL1L AG 8652 के आधार पर आरटीओ रिकॉर्ड, सीसीटीवी फुटेज और संभावित रूट की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि वाहन उस समय नागेंद्र ही चला रहा था या नहीं।
हादसा सुनसान समय में होने के कारण आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी ने घटना के समय रोहिणी सेक्टर-27 क्षेत्र में वाहन संख्या DL1L AG 8652 को देखा हो या चालक नागेंद्र के बारे में कोई जानकारी हो, तो तुरंत थाना शाहबाद डेयरी से संपर्क करें।
गणतंत्र दिवस की रात जहां देश जश्न में था, वहीं एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। घायल मोनू की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है।

इंदौर में MBA की छात्रा की हत्या में चैटिंग ऐप-तंत्र मंत्र, रोंगटे खड़े करने वाले खुलासे, जानें कातिल ने क्या क्या बताया

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मध्य प्रदेश के इंदौर में एक एमबीए स्टूडेंट की निर्मम हत्या मामले में कातिल ने जो बताया है वो सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। उसने हत्या से पहले और हत्या के बाद की पूरी घटना पुलिस को बताई है। जानें उसने क्या खुलासे किए हैं? देखें वीडियो-इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में एमबीए छात्रा की हत्या करने वाले उसके ही सहयोगी छात्र पियूष को पुलिस के द्वारा मुंबई से गिरफ्तार कर लिया गया है वही पूछताछ के दौरान आरोपी ने उसके द्वारा पुलिस को जानकारी दी कि उसने हत्याकांड की घटना को अंजाम देने के बाद युवती के साथ रेप की घटना को अंजाम दिया और उसके बाद बॉडी को वहीं पर निर्वस्त्र हालत में छोड़कर मुंबई फरार हो गया था। वहीं फरारी के दौरान उसने पनवेल सहित अन्य जगहों पर फरारी काटी लेकिन इसी दौरान उसने जिस तरह से हत्याकांड की घटना को अंजाम दिया उसको लेकर वहां युवती से माफी मांगना चाहता था।हत्यारे ने क्या क्या किया खुलासा

इंदौर के डीसीपी कृष्णलाल चांदनी ने बताया, कातिल ने यूट्यूब के माध्यम से तंत्र क्रिया कर कर जिस तरह से आत्माओं को बुलाकर बातचीत की जाती है उसके वीडियो देखे और वीडियो में देखने के बाद मुंबई के ही सुनसान इलाके में जाकर उसने यूट्यूब के माध्यम से तंत्र क्रिया की और आत्मा से बात कर माफी मांगने की कोशिश करने लगा। फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस ने आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर लिया है और पूछताछ के दौरान आरोपी पीयूष ने पुलिस को यह भी जानकारी दी की वह युवती से शादी करना चाहता था, लेकिन युवती शादी की बात को टाल देती थी और वह रिश्ता भी तोड़ना चाहती थी।

सामने आया नया एंगल

शादी से मुकरने के बाद उसने युवती को बातचीत करने के लिए रूम पर बुलाया और वहां पर जब दोनों बैठकर बातचीत कर रहे थे इस दौरान युवती के मोबाइल फोन पर एक बैटिंग चैटिंग ऐप देखा। यह देखने के बाद युवक को यह लगा कि युवती किसी और से बातचीत करती है। इसी शक में उसने युवती की गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया और वहां से फरार हो गया। फिलहाल पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और लगातार उससे पूछताछ की जा रही है। फिलहाल पूछताछ के दौरान वह अलग-अलग तरह के बयान पुलिस को दे रहा है इसके चलते प्रारंभिक तौर पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वह गुमराह करने के लिए इस तरह के बयान दे रहा है।

हरदोई में खेत पर कब्जे का आरोप, गन्ने की फसल काटने से रोका, पीड़ित ने राजस्व परिषद लखनऊ से लगाई गुहार

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हरदोई जिले के शाहाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम हुसेपुर में जमीन कब्जे को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। गांव निवासी विपिन कुमार पुत्र गुरु प्रसाद ने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक कृषि भूमि पर दबंगों ने नाजायज कब्जा कर रखा है और उन्हें अपनी ही फसल काटने से रोका जा रहा है। मामले को लेकर पीड़ित ने राजस्व परिषद, लखनऊ के अध्यक्ष को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।

पीड़ित विपिन कुमार के अनुसार ग्राम हुसेपुर स्थित खसरा संख्या 178 की भूमि उनके स्वामित्व एवं कब्जे में है। उक्त खेत में इस समय गन्ने की फसल खड़ी है, जिसकी कटाई का समय आ चुका है। लेकिन गांव के ही वेद प्रकाश पुत्र सोबरन तथा उसके परिवार के सदस्य सुमित, अंजू, गोलू, अनूप और सावित्री पर आरोप है कि उन्होंने जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है और गन्ने की फसल काटने नहीं दे रहे हैं।

विपिन कुमार का कहना है कि विपक्षी पक्ष दबंग प्रवृत्ति के लोग हैं और विपिन जी ने हमें बताया 6 लोग आए खेत पर और वहां बांका लेकर आए जिससे इन्होंने उनके परिवार को इतना मारा कि उनको अपाहिज कर दिया है विरोध करने पर धमकी देते हैं। फसल तैयार होने के बावजूद कटाई न हो पाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। गन्ना किसानों के लिए नकदी फसल माना जाता है और समय पर कटाई न होने से उत्पादन व भुगतान दोनों पर असर पड़ता है। ऐसे में विवाद ने किसान परिवार की चिंता बढ़ा दी है।

पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में स्पष्ट रूप से मांग की है कि खसरा संख्या 178 स्थित ग्राम हुसेपुर, जनपद हरदोई की भूमि पर खड़ी गन्ने की फसल कटवाने हेतु तत्काल आदेश पारित किया जाए, ताकि उन्हें उनके अधिकार से वंचित न किया जा सके।

ग्रामीणों के अनुसार जमीन को लेकर पहले भी दोनों पक्षों में कहासुनी हो चुकी है, लेकिन अब मामला राजस्व परिषद तक पहुंच गया है। यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद और बढ़ सकता है।

अब देखना होगा कि राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाते हैं और पीड़ित किसान को कब तक राहत मिल पाती है। फिलहाल गांव में इस मामले को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है और किसान न्याय की उम्मीद लगाए बैठा है।

19 साल के युवराज ने सेंचुरी ठोक बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पाकिस्तानी बल्लेबाज का कीर्तिमान ध्वस्त

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T20 वर्ल्ड कप में बहुत बड़ा कारनामा हो गया है। कनाडा के सलामी बल्लेबाज युवराज सामरा ने शतक ठोकते हुए नया इतिहास रच दिया है। T20 वर्ल्ड कप 2026 के 31वें मैच में 19 साल के बल्लेबाज ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिससे 12 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया है। चेन्नई में न्यूजीलैंड और कनाडा के बीच खेले जा रहे मुकाबले में ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की टीम ने शानदार आगाज किया। सलामी बल्लेबाज युवराज सामरा और कप्तान दिलप्रीत बाजवा ने तूफानी अंदाज में पारी का आगाज किया और 50 रन सिर्फ 6 ओवर में स्कोरबोर्ड पर लगा दिए। इसके बाद दोनों युवा ओपनर ने मिलकर 13 ओवर में 100 रनों का स्कोर पार कर लिया। इसके बाद 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर वो पल आया, जिसने 19 साल के युवराज सामरा का नाम इतिहास दर्ज करा दिया।
T20 वर्ल्ड कप में बना नया रिकॉर्ड
दरअसल, कनाडा के धाकड़ बल्लेबाज युवराज ने 17वें ओवर का चौके से अंत करते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने महज 58 गेंदों पर अपना शतक जड़ते हुए नया इतिहास रच दिया। T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी 20 साल से कम उम्र के बल्लेबाज ने सैकड़ा जड़ने का कमाल किया है।

युवराज अब T20 वर्ल्ड कप में सेंचुरी ठोकने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त किया। अहमद शहजाद ने 2014 में खेले गए T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ 22 साल 127 दिन की उम्र में शतक जड़ने का कारनामा किया था। अब युवराज सामरा ने महज 19 साल और 141 दिन की उम्र में सेंचुरी जड़ते हुए अहमद शहजाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड चकनाचूर कर दिया है। युवराज सामरा T20 वर्ल्ड कप ही नहीं बल्कि ICC इवेंट्स में भी सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने आयरलैंड के स्टार बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग का कीर्तिमान ध्वस्त करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।
Hindi Newsखेलक्रिकेट19 साल के युवराज ने सेंचुरी ठोक बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पाकिस्तानी बल्लेबाज का कीर्तिमान ध्वस्त
19 साल के युवराज ने सेंचुरी ठोक बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, पाकिस्तानी बल्लेबाज का कीर्तिमान ध्वस्त

T20 वर्ल्ड कप में बहुत बड़ा कारनामा हो गया है। कनाडा के सलामी बल्लेबाज युवराज सामरा ने शतक ठोकते हुए नया इतिहास रच दिया है।
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युवराज सामरा
CAN vs NZ: T20 वर्ल्ड कप 2026 के 31वें मैच में 19 साल के बल्लेबाज ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिससे 12 साल पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त हो गया है। चेन्नई में न्यूजीलैंड और कनाडा के बीच खेले जा रहे मुकाबले में ये नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बना है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए कनाडा की टीम ने शानदार आगाज किया। सलामी बल्लेबाज युवराज सामरा और कप्तान दिलप्रीत बाजवा ने तूफानी अंदाज में पारी का आगाज किया और 50 रन सिर्फ 6 ओवर में स्कोरबोर्ड पर लगा दिए। इसके बाद दोनों युवा ओपनर ने मिलकर 13 ओवर में 100 रनों का स्कोर पार कर लिया। इसके बाद 17वें ओवर की आखिरी गेंद पर वो पल आया, जिसने 19 साल के युवराज सामरा का नाम इतिहास दर्ज करा दिया।

T20 वर्ल्ड कप में बना नया रिकॉर्ड
दरअसल, कनाडा के धाकड़ बल्लेबाज युवराज ने 17वें ओवर का चौके से अंत करते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने महज 58 गेंदों पर अपना शतक जड़ते हुए नया इतिहास रच दिया। T20 वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है, जब किसी 20 साल से कम उम्र के बल्लेबाज ने सैकड़ा जड़ने का कमाल किया है।

युवराज अब T20 वर्ल्ड कप में सेंचुरी ठोकने वाले सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने पाकिस्तान के अहमद शहजाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त किया। अहमद शहजाद ने 2014 में खेले गए T20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ 22 साल 127 दिन की उम्र में शतक जड़ने का कारनामा किया था। अब युवराज सामरा ने महज 19 साल और 141 दिन की उम्र में सेंचुरी जड़ते हुए अहमद शहजाद का वर्ल्ड रिकॉर्ड चकनाचूर कर दिया है। युवराज सामरा T20 वर्ल्ड कप ही नहीं बल्कि ICC इवेंट्स में भी सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने आयरलैंड के स्टार बल्लेबाज पॉल स्टर्लिंग का कीर्तिमान ध्वस्त करते हुए यह बड़ी उपलब्धि हासिल की।

ICC इवेंट्स में सबसे कम उम्र में शतक बनाने वाले खिलाड़ी
19 साल 141 दिन – युवराज समरा बनाम NZ, 2006
20 साल 196 दिन – पॉल स्टर्लिंग बनाम WI, 2011
21 साल 76 दिन – रिकी पोंटिंग बनाम WI, 1996
21 साल 87 दिन – अविष्का फर्नांडो बनाम WI, 2019
21 साल 165 दिन – शहरयार नफीस बनाम ZIM, 2006
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कटहुला गौसपुर में गरीब परिवारों की जमीन हड़पने का आरोप लेखपाल-कानूनगो-तहसीलदार पर मिलीभगत का दावा

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प्रयागराज।
जनपद प्रयागराज के कटहुला गौसपुर गांव हरिहरा से एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी चंद्रशेखर आजाद और उनके परिवार ने आरोप लगाया है कि लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार और थाना स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से उनकी पूरी पारिवारिक जमीन अलग-अलग तरीके से निरस्त कर दी गई। कहीं जमीन को तलब की श्रेणी में डाल दिया गया, कहीं कब्रिस्तान दर्ज कर दिया गया, तो कहीं नाम काटकर दूसरे लोगों के नाम चढ़ा दिए गए।
पीड़ित परिवार का कहना है कि जब तक क्षेत्र चायल तहसील में था, तब तक सभी जमीनों पर उनका नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज था। लेकिन तहसील बदलकर इलाहाबाद (प्रयागराज) किए जाने के बाद अचानक सभी अभिलेखों से उनका नाम हटा दिया गया। बिना किसी नोटिस और सुनवाई के यह कार्रवाई की गई, जिससे पूरा परिवार भूमिहीन हो गया।
परिवार का आरोप है कि आज उनकी हालत यह है कि कोई किराए के मकान में रह रहा है, कोई रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए है। उनके पास न घर बचा है और न खेती योग्य जमीन। पीड़ितों ने सवाल उठाया है कि क्या वे देश के नागरिक नहीं हैं? क्या गरीब होने की यही सजा है? क्या वोट के समय ही सरकार को गरीब याद आते हैं?
पीड़ितों का यह भी कहना है कि यह केवल उनके परिवार का मामला नहीं है, बल्कि कटा हुआ गौसपुर के कई गरीब परिवारों के साथ इसी तरह जमीन के कागजात गायब किए गए हैं। एक बार गांव में राजस्व शिविर लगा था, जहां कागजात दिखाने पर बताया गया था कि जमीन रिकॉर्ड में मौजूद है और कुछ हिस्सा रेलवे में भी दर्ज है। लेकिन बाद में तहसील और कचहरी के चक्कर लगवाकर थका दिया गया।
परिवार का आरोप है कि जब भी “पूरी नकल” या “परिवार रजिस्टर” की मांग की जाती है, तो बताया जाता है कि रिकॉर्ड गायब है। यहां तक कि गांव का परिवार रजिस्टर और खतौनी के पुराने दस्तावेज भी लापता कर दिए गए हैं।
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, दोषी लेखपाल, कानूनगो, तहसीलदार व अन्य अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो और सभी गरीब परिवारों की जमीन उन्हें वापस दिलाई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अब भी न्याय नहीं मिला तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।