Wednesday, July 8, 2026
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वीडियो बनाने से नाराज पड़ोसियों का हमला, महिला को जमीन पर पटककर बेरहमी से पीटा, जेवर छीनने और जान से मारने की धमकी

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मधेपुरा। आलमनगर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव में गुरुवार सुबह एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां पड़ोसियों ने एक महिला पर रास्ते में रोककर बेरहमी से हमला कर दिया। आरोप है कि महिला को जमीन पर पटककर मारपीट की गई, उसके जेवर छीन लिए गए और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद से पीड़िता की हालत गंभीर बनी हुई है और परिवार में दहशत का माहौल है।

पीड़िता खुशबू कुमारी, जो सुनील कुमार की पत्नी हैं, गुरुवार 26 फरवरी 2026 को सुबह करीब 8:30 बजे गांव में सामान लेने जा रही थीं। इसी दौरान पड़ोसी सोनू कुमार, उसकी पत्नी रूपा देवी और बहन काजल कुमारी ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि तीनों ने पहले विवाद किया और फिर अचानक खुशबू कुमारी के बाल पकड़कर उन्हें जमीन पर पटक दिया। इसके बाद आरोपियों ने उनके ऊपर बैठकर बेरहमी से मारपीट की, जिससे उनके हाथ, पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं।

पीड़िता के अनुसार, मारपीट के दौरान आरोपियों ने उनके कान से सोने का जेवर और पैर की पायल भी जबरन निकाल ली, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई जा रही है। शोर सुनकर जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तब जाकर आरोपियों ने उन्हें छोड़ा, लेकिन जाते-जाते धमकी दी कि अगर मामले में शिकायत की गई तो गोली मरवाकर हत्या करवा देंगे।

परिजनों का कहना है कि खुशबू कुमारी अपने सोशल मीडिया के लिए वीडियो बनाती हैं, जिससे पड़ोसी नाराज थे और इसी रंजिश में इस वारदात को अंजाम दिया गया। घटना के समय खुशबू कुमारी गांव में अकेली थीं, जबकि उनके पति सुनील कुमार बेंगलुरु में काम करते हैं। घटना की सूचना मिलने पर सुनील कुमार ने फोन पर प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है।

पीड़ित परिवार ने आलमनगर थाना में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपियों की धमकी के कारण पूरा परिवार डरा हुआ है और उन्हें अपनी जान का खतरा महसूस हो रहा है। पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है और ग्रामीणों में भी आक्रोश देखा जा रहा है। लोगों का कहना है कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर प्रशासन को सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

 

बिहार के वैशाली जिले से वैवाहिक जीवन में तनाव और विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है

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मामला पानापुर कयाम, खानपुर पकरी, जिला वैशाली पिन कोड 844115 का है, जहां नवविवाहित दंपत्ति के बीच आपसी अविश्वास और आरोपों ने पारिवारिक विवाद को तूल दे दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दर्शन कुमार, निवासी जिला वैशाली, की शादी लगभग तीन महीने पहले स्वाति कुमारी नामक युवती से हुई थी। स्वाति की उम्र करीब 19 वर्ष बताई जा रही है। विवाह के कुछ ही समय बाद पति-पत्नी के बीच रिश्तों में खटास आनी शुरू हो गई। दर्शन कुमार का आरोप है कि उनकी पत्नी का किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध है और वह उससे लगातार बातचीत करती है। जब उन्हें इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया।

दर्शन कुमार का कहना है कि पत्नी ने अपने मायके पक्ष से यह शिकायत की कि उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और उसके साथ मारपीट तथा धमकी दी जाती है। वहीं दूसरी ओर, दर्शन का आरोप है कि यह सब झूठे आरोप लगाकर उन्हें फंसाने की कोशिश की जा रही है। उनका दावा है कि पत्नी के परिवार वाले उन्हें लगातार धमकी दे रहे हैं और मानसिक रूप से परेशान कर रहे हैं।

मामले में एक और नाम सामने आया है विवेक का, जो दर्शन की मौसी का बेटा बताया जा रहा है और उसी ने यह रिश्ता तय करवाया था। दर्शन का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद विवेक भी इस मामले में पक्ष ले रहा है। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके साले विकास द्वारा उन्हें गन दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई है। इस आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच कई बार बातचीत की कोशिश हुई, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका। अब मामला पुलिस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। यदि हथियार दिखाकर धमकी देने का आरोप सही पाया जाता है, तो यह कानूनन गंभीर अपराध की श्रेणी में आएगा।

फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। नवविवाहित जोड़े के बीच शुरू हुआ यह विवाद अब दो परिवारों के टकराव में बदलता नजर आ रहा है। प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोनों पक्षों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठ रही है।

गौतमबुद्ध नगर के बीटा 2 थाना क्षेत्र में एक महिला द्वारा लगाया गया गंभीर आरोप

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इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। बुलन्दशहर जिले की रहने वाली सोनम ने अपने साथ धोखा, जबरन शारीरिक संबंध, गर्भपात के लिए मजबूर करने, मारपीट और जान से मारने की कोशिश जैसे संगीन आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।

सोनम पुत्री फूलचंद, मूल निवासी ग्राम माकड़ी थाना स्याना जिला बुलन्दशहर, पिछले चार पांच वर्षों से ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 क्षेत्र में किराये पर रहकर नौकरी कर अपनी नौ वर्ष की बेटी के साथ जीवन यापन कर रही थी। सोनम का कहना है कि उसकी पहले शादी हो चुकी थी, लेकिन पति द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद वह अकेले बेटी का पालन पोषण कर रही थी। इसी दौरान उसके पूर्व पति का दोस्त अभय यादव, निवासी चंदौसी जिला सम्भल, उसके संपर्क में आया।

सोनम के अनुसार लगभग तीन वर्ष पहले अभय उसके कमरे पर आना जाना करने लगा। वह उसे दिलासा देता था कि उसकी जिंदगी फिर से पटरी पर आ जाएगी और वह उसकी तथा उसकी बेटी की जिम्मेदारी उठाएगा। धीरे धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। सोनम का आरोप है कि करीब छह माह पहले अभय ने शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और उसके साथ रहने लगा। लोकलाज के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई।

महिला का कहना है कि वह तीन माह की गर्भवती हो गई तो उसने अभय से शादी करने के लिए कहा। इस पर अभय ने उसे जबरन गर्भ गिराने की दवा खिला दी, जिससे उसकी जान पर बन आई। किसी तरह वह बच गई। तीन माह बाद जब उसने फिर शादी का दबाव बनाया तो अभय ने उसके साथ मारपीट की और यह कहकर भाग गया कि उसका पूजा नाम की युवती से प्रेम संबंध है और वही उससे शादी करेगा। उसने यह भी कहा कि उसके घर वाले एक शादीशुदा और एक बेटी की मां से विवाह के खिलाफ हैं।

सोनम का आरोप है कि जब उसने अभय के परिवार से संपर्क किया तो उसकी मां ने उसे जान से मरवाने की धमकी दी। वहीं पूजा नाम की युवती ने भी कथित तौर पर उसे धमकाते हुए कहा कि अगर उसने कोई कानूनी कार्रवाई की तो उसे खत्म कर दिया जाएगा और कोई केस भी नहीं बचेगा।

पीड़िता का कहना है कि उसने पूरे मामले की शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद उसे बीटा 2 थाने बुलाया गया। वहां एसआई मनोज कुमार शर्मा ने अभय और उसके परिजनों को बुलाकर समझौता कराने की बात कही। सोनम का आरोप है कि थाने में पहले से अभय, उसके परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे। जब उसने वकील बुलाने की बात कही तो एसआई ने वकील की जरूरत न होने की बात कही, जबकि दूसरी तरफ अभय पक्ष अपने साथ वकील लेकर आया था।

महिला का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने रिश्वत लेकर जबरन समझौता कराया और शादी कराकर उसे अभय के साथ भेज दिया। वह दावा करती है कि यह पूरी साजिश पहले से रची गई थी ताकि उसे प्रताड़ित कर घर से भगाया जा सके।

सोनम के अनुसार 16 दिसंबर 2025 को अभय को उसकी मां ने घर से भगा दिया और घर से निकलते ही अभय ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद उसने कोई संपर्क नहीं किया। महिला का आरोप है कि इसके बाद अभय की मां और अन्य परिजनों ने एक राय होकर उसके कमरे में घुसकर उसके गले की चुन्नी पकड़कर गला घोंटने की कोशिश की। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और हाथ पैर पकड़ लिए गए ताकि उसे जान से मारा जा सके। उसकी नौ वर्षीय बेटी चिरागी के साथ भी मारपीट की गई।

सोनम का कहना है कि वह किसी तरह अपनी और बेटी की जान बचाकर 4 फरवरी 2026 को वहां से निकलकर अपने घर पहुंची। उसका आरोप है कि आरोपियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन उसने समझदारी से खुद को सुरक्षित कर लिया।

पीड़िता ने अभय यादव, उसकी मां और पूजा के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शिमला के SP के सामने डटे रहने वाले दिल्ली पुलिस के ACP राहुल विक्रम कौन हैं? हाईवे पर हाई वोल्टेज ड्रामे के बावजूद नहीं मानी हार

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हिमाचल प्रदेश में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के दौरान कल देर रात हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। इस पूरे प्रकरण में जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया वो है दिल्ली पुलिस के अधिकारी राहुल विक्रम का।दो राज्यों की पुलिस के बीच सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा आपने अभी तक केवल फिल्मों में देखा होगा लेकिन ऐसा हिमाचल प्रदेश में देखने को मिला है। AI समिट के दौरान हंगामा करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने पहुंची दिल्ली पुलिस को हिमाचल प्रदेश की पुलिस के भारी विरोध का सामना करना पड़ा है। दोनों पुलिस के बीच देर रात हाईवे पर कई घंटों तक नोकझोंक हुई। हिमाचल की पुलिस ने दिल्ली पुलिस के जवानों को हिरासत में लिया।
चर्चा में हैं राहुल विक्रम
इस पूरे प्रकरण में जो नाम सबसे ज्यादा चर्चा में आया वो है दिल्ली पुलिस के अधिकारी राहुल विक्रम का। राहुल विक्रम दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल में बतौर एसीपी तैनात हैं। वह 2018 बैच के दानिप्स अधिकारी हैं, उत्तर प्रदेश के उन्नाव के रहने वाले हैं। राहुल विक्रम स्पेशल सेल में लंबे समय से तैनात हैं और काउंटर टेररिज्म यूनिट में तैनात है। उनके नेतृत्व में कई आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने किया है जिसमें झारखंड का अल कायदा मॉड्यूल शामिल है।

कई गैंगस्टर्स को भारत लाने में निभाई सक्रिय भूमिका-
राहुल विक्रम की टीम ने विदेश में बैठे कई गैंगस्टर्स को भारत लाने में सफलता पाई है। सचिन थापन जो सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का मास्टरमाइंड था, उसे विदेश से भारत लाने में अहम भूमिका निभाई थी।
काला राणा, जो हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का सबसे खास था, उसे थाईलैंड से भारत लाने की कार्रवाई में भी उनकी टीम शामिल थी। इसके अलावा पंजाब के कई चर्चित गैंगस्टरों की गिरफ्तारी में भी उनकी टीम सहयोगी रही है।
7 लाख के इनामी गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसकी साथी अनुराधा को पकड़ने में भी वह शामिल थे।
आरोपियों को लेकर दिल्ली आ रही पुलिस
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में फिलहाल ताजा अपडेट ये है कि दिल्ली पुलिस अब इन आरोपियों को लेकर दिल्ली ला रही है। थोड़ी देर पहले तीनों का अंबाला में मेडिकल कराया गया है। दिल्ली पुलिस दोपहर 3 बजे तक तीनों आरोपियों को दिल्ली की अदालत में पेश कर सकती है।खाकी Vs खाकी: क्यों इतनी जंग छिड़ी?
इसके पहले दिल्ली पुलिस जब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद शिमला के रोहड़ू से लेकर निकली तो भारी बवाल हुआ। हिमाचल की पुलिस ने सोलन में दिल्ली पुलिस की टीम को रोक दिया। तीनों को गैर कानूनी तरीके से गिरफ्तार करने का आरोप लगाया। इसके बाद दिल्ली पुलिस फिर शिमला पहुंची। रात डेढ़ बजे जज के सामने पेश किया गया और रात 2 बजे जज ने तीनों कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया। उसके बाद दिल्ली पुलिस तीनों आरोपियों को लेकर दिल्ली रवाना हो पाई।

दिल्ली पुलिस टीम को गुमराह करती रही हिमाचल पुलिस
कल रात को जो ड्रामा हुआ उसको लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक तीनों की देर रात जज के सामने पेशी को लेकर हिमाचल पुलिस जान बूझकर दिल्ली पुलिस टीम को गुमराह करती रही। हिमाचल पुलिस कहती रही कि उन्हें जल्द जज के सामने पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस को अंदर नहीं जाने दिया गया जब दिल्ली पुलिस को इसका एहसास हुआ तो उन्होंने अंदर जाकर चेक किया तो जज वहां पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद काफी देर बाद जज कोर्ट में पहुंचे तो हिमाचल पुलिस को फटकार लगाई गई।

घर में घुसकर लाठी-बंदूक से हमला, महिला से लूटपाट का आरोप; कार्रवाई न होने पर दहशत में परिवार

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गया। बिहार के गया जिले के माखोरखाप गांव (थाना – गुरारू थाना) से मारपीट, लूटपाट और दबंगई का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वार्ड नंबर 06 की एक महिला पीड़िता के अनुसार, घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस की ओर से ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिवार भय और असुरक्षा के साए में जी रहा है।

पीड़िता का आरोप है कि विन्दिया देवी, अर्जुन कुमार, पंकज पासवान उर्फ लालू, ललती देवी, पशुराम पासवान, वसंत पासवान और कृष्ण पासवान समेत अन्य लोगों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट की।

ज्ञानचंद पासवान का कहना है कि घटना के बाद से आरोपित लगातार घर पर चढ़कर लाठी और बंदूक के साथ धमकी दे रहे हैं। परिवार के सदस्यों का घर से निकलना मुश्किल हो गया है। उन्होंने बताया कि घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं है, जिससे महिलाएं और बच्चे खुद को और अधिक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस समय पर नहीं पहुंची और थाना स्तर पर भी सुनवाई नहीं हुई।

पीड़ित पक्ष ने पंकज पासवान, अमित पासवान, अरुण पासवान, चंदन पासवान, रविरंजन पासवान, रवि कुमार, निखिल कुमार, नरेश पासवान, सुरेंद्र पासवान उर्फ नंदू, रामाशीष पासवान, राहुल कुमार, सदेंद्र उर्फ राजू पासवान, नौलेश पासवान, पशुराम पासवान, सूरज कुमार, प्रवीण कुमार, इंदु पासवान, गोरा पासवान, गणेश कुमार और मुन्ना कुमार सहित कई लोगों के नाम लिखित शिकायत में दर्ज कराए हैं।

ज्ञानचंद पासवान ने बताया कि उन्होंने गया पुलिस कार्यालय तथा जिला पदाधिकारी, गया जिला को भी आवेदन दिया है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता से आरोपियों का मनोबल बढ़ा हुआ है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पीड़ित परिवार लंबे समय से उत्पीड़न झेल रहा है और प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। वहीं, इस मामले में पुलिस की आधिकारिक प्रतिक्रिया मिलना बाकी है।

धर्मेंद्र की मौत के बाद बच्चों में अनबन? हेमा मालिनी ने सनी-बॉबी संग रिश्ते पर की बात, बोलीं- उनके लिए बच्चें कुछ भी करेंगे

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धर्मेंद्र की मौत के बाद हेमा मालिनी देओल परिवार को लेकर बाद की। उन्होंने सनी देओल और बॉबी संग अपने रिश्ते को लेकर भी चर्चा की और बताया कि मौत के बाद परिवार में कैसा माहौल है।हिंदी सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र को हाल ही में लंदन में आयोजित 79वें बाफ्टा पुरस्कारों में मरणोपरांत विशेष श्रद्धांजलि दी गई। नवंबर 2025 में उनके निधन के बाद, इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच के इन मेमोरियम खंड में सम्मानित होने वाले वे इस साल के एकमात्र भारतीय अभिनेता रहे। वैल किल्मर और ब्रिगिट बार्डोट जैसे वैश्विक दिग्गजों के साथ उनका नाम शामिल होना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है। इस सम्मान पर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए उनकी पत्नी और दिग्गज अभिनेत्री हेमा मालिनी ने कहा कि वे इस सम्मान के पूरी तरह हकदार थे और उनके वैश्विक प्रशंसकों के लिए यह एक भावुक कर देने वाला पल है।
बाफ्टा सम्मान और धर्मेंद्र की विरासत
हेमा मालिनी ने बाफ्टा द्वारा दी गई इस श्रद्धांजलि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि धर्मेंद्र केवल एक अभिनेता नहीं, बल्कि एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व थे। उन्होंने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ से बातचीत में साझा किया कि यह पूरे देश के लिए बहुत बड़ा सम्मान है कि किसी अंतरराष्ट्रीय समारोह ने उनकी कला को सराहा। हेमा ने भावुक होते हुए कहा कि भले ही वे आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन विश्व भर में फैले उनके चाहने वालों के दिलों में वे हमेशा जीवित रहेंगे। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि धरम जी के बिना जीवन की कल्पना करना कठिन है और उनकी यादें अक्सर उनकी आंखों में आंसू ले आती हैं, लेकिन उन्हें इस दुख से उबरकर मजबूत बने रहना होगा।

पारिवारिक एकजुटता और स्नेह
धर्मेंद्र के दोनों परिवारों (प्रकाश कौर और हेमा मालिनी के बच्चों) के बीच चल रही तनाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए हेमा जी ने स्पष्ट किया कि परिवार में कोई नकारात्मकता नहीं है। उन्होंने कहा कि चाहे सनी-बॉबी हों या ईशा-अहाना, सभी बच्चे धरम जी को बेहद प्यार करते थे और आपस में भी उनके बीच गहरा लगाव है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘पापा’ (धर्मेंद्र) के लिए सभी बच्चे एक समान थे और वे सब मिलकर उनकी विरासत को संभाल रहे हैं। हेमा मालिनी के अनुसार, परिवार के भीतर चल रही मनमुटाव की खबरें केवल अफवाहें हैं और असल में सभी के बीच आपसी प्रेम और सम्मान बना हुआ है।

कला के प्रति जुनून और भविष्य की योजनाएं
हेमा मालिनी ने बताया कि धर्मेंद्र को उनका नृत्य देखना बेहद पसंद था और वे हमेशा उन्हें फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। धरम जी का मानना था कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए कला से जुड़े रहना अनिवार्य है, इसलिए वे अक्सर हेमा जी को डांस न छोड़ने की सलाह देते थे। फिल्मों में वापसी के सवाल पर हेमा जी ने कहा कि यदि उन्हें कोई गरिमापूर्ण और प्रभावशाली भूमिका मिलती है, तो वे जरूर पर्दे पर नजर आएंगी, हालांकि फिलहाल उन्हें अपनी पसंद के रोल नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने गर्व से साझा किया कि धर्मेंद्र को इस बात की बहुत सराहना रहती थी कि उनका परिवार भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहा है।

584 रन पर सिमटी जम्मू-कश्मीर की पारी, कर्नाटक की बल्लेबाजी जारी

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कर्नाटक वर्सेस जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी फाइनल हुबली में खेला जा रहा है। दूसरे दिन स्टंप्स तक जम्मू-कश्मीर का स्कोर 500 के पार पहुंच गया। आज उनकी नजरें इस स्कोर को 600 के पार ले जाने पर होगी। कर्नाटक बनाम जम्मू-कश्मीर रणजी ट्रॉफी के जारी सीजन का फाइनल केएससीए हुबली क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी जम्मू-कश्मीर की टीम ने कर्नाटक के गेंदबाजों के धागे खोल दिए। जम्मू-कश्मीर की टीम ने दो दिन से अधिक बल्लेबाजी की और आखिरकार 584 रनों पर ऑलआउट हो गई है। टीम के लिए शुभम पुंडीर ने शतक जड़ा, उन्होंने 121 रनों की शानदार पारी खेली। वहीं उनके अलावा 5 बल्लेबाजों ने अर्धशतक जड़े। कर्नाटक के लिए सबसे सफल गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा रहे, उन्होंने 5 विकेट हॉल अपने नाम किया।दूसरे दिन का खेल खराब रोशनी के कारण पहले खत्म कर दिया गया। दिन का खेल अंत होने के समय जम्मू-कश्मीर का स्कोर पहली पारी में 156 ओवर में छह विकेट पर 527 था। शुभम सिंह पुंडीर (121) के शतक, कप्तान पारस डोगरा (70) और अब्दुल समद (61), कन्हैया वधावन (70) और साहिल लूथरा (नाबाद 57) की अर्धशतकीय पारियों की बदौलत जम्मू-कश्मीर ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। कर्नाटक की टीम की तरफ से गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए।

टैरिफ के बाद ट्रंप की ‘थर्ड कंट्री’ डिपोर्टेशन पॉलिसी भी हुई गैरकानूनी, कोर्ट ने फैसले को दिया रद्द करने का आदेश

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट से झटके पे झटका लग रहा है। ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराये जाने के बाद अब संघीय अदालत ने उनकी डिपोर्टेशन पॉलिसी को भी गैरकानूनी करार दे दिया है।वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कोर्ट से एक और बड़ा झटका लगा है। ट्रंप के टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद अब अदालत ने उनकी ‘थर्ड कंट्री’ डिपोर्टेशन पॉलिसी को भी गैरकानूनी ठहरा दिया है। कोर्ट ने ट्रंप की डिपोर्टेशन पॉलिसी को अवैध ठहराते हुए इसे रद्द करने का आदेश जारी किया है। एक फेडरल जज ने बुधवार को यह फैसला सुनाया।
सुप्रीम कोर्ट कोर्ट करेगा आखिरी फैसला
फेडरल जज द्वारा फैसला देने के बाद ट्रंप प्रशासन में खलबली मच गई है। अब सुप्रीम कोर्ट इसमें आखिरी फैसला करेगा, क्यों यह मामला पहले से ही देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच चुका है। मैसाचुसेट्स के यूएस डिस्ट्रिक्ट जज ब्रायन ई. मर्फी ने अपना फैसला 15 दिनों के लिए स्थगित करने पर सहमति जताई, ताकि सरकार को अपील करने का समय मिल सके। मर्फी ने नोट किया कि पिछले साल यूएस सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन के पक्ष में फैसला दिया था, जिससे मर्फी के पिछले फैसले पर रोक लग गई और कई प्रवासियों को युद्धग्रस्त दक्षिण सूडान भेजने वाली उड़ान पूरी होने की अनुमति मिल गई, जहां उनका कोई संबंध नहीं था।

जज मर्फी ने की ये टिप्पणी
फैसला सुनाने वाले जज मर्फी ने कहा कि होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (डीएचएस) की नीति को चुनौती देने वाले प्रवासियों को उन्हें थर्ड कंट्री में भेजे जाने से पहले “अर्थपूर्ण नोटिस” और आपत्ति जताने का अवसर मिलना चाहिए। नीति “वैध चुनौतियों को समाप्त कर देती है, क्योंकि निर्वासन चुनौतियां उठाने से पहले ही लागू कर दिया जाता है। जज ने कहा-ये हमारे कानून हैं, और संयुक्त राज्य अमेरिका में जन्म लेने की अविश्वसनीय किस्मत के लिए गहन कृतज्ञता के साथ यह अदालत इन कानूनों और हमारे राष्ट्र के मूल सिद्धांत की पुष्टि करती है: कि इस देश में किसी भी ‘व्यक्ति’ को ‘कानून की उचित प्रक्रिया’ के बिना जीवन, स्वतंत्रता या संपत्ति से वंचित नहीं किया जा सकता।

ट्रंप की नीतियों से निर्वासन की गति हो गई है तेज
मर्फी ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन बार-बार उनके आदेशों का उल्लंघन कर चुका है या करने की कोशिश की है। उन्होंने नोट किया कि पिछले मार्च में रक्षा विभाग ने कम से कम छह क्लास सदस्यों को बिना अस्थायी रोक आदेश के तहत आवश्यक प्रक्रिया प्रदान किए अल सल्वाडोर और मैक्सिको भेज दिया । सच्चाई यह है कि किसी भी व्यक्तिगत क्लास सदस्य के दावे की योग्यता कोई नहीं जानता क्योंकि (प्रशासन के अधिकारी) मूल तथ्य छिपा रहे हैं।

डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा नामित मर्फी ने कहा कि डीएचएस की थर्ड कंट्री निर्वासन नीति उन प्रवासियों को निशाना बनाती है, जिन्हें उनके मूल देश में वापस भेजने से सुरक्षा दी गई थी, जहां उन्हें यातना या अन्य उत्पीड़न का डर था। इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट अधिकारियों ने कहा कि मई में दक्षिण सूडान भेजे गए आठ पुरुषों को अमेरिका में अपराधों के लिए दोषी ठहराया गया था और उनके पास अंतिम निर्वासन आदेश थे।

NCERT की किताब में न्यायपालिका विरोधी कंटेंट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CJI बोले- यह एक साजिश हो सकती है

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सुप्रीम कोर्ट में NCERT की 8वीं की किताब में जोड़े गए अध्ययन में न्यायपालिका को भ्रष्टाचार बताए जाने से संबंधित मामले में सुनवाई हुई। सीजेआई ने कहा कि ये बड़ा कैलकुलेटेड मूव है, जिसमें भारतीय न्यायपालिका को भ्रष्ट बताया गया।सुप्रीम कोर्ट में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) की 8वीं की किताब में जोड़े गए अध्ययन में न्यायपालिका को भ्रष्टाचार बताए जाने से संबंधित मामले में लिए गए स्वतः संज्ञान पर सुनवाई हुई। सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि वह इस मामले में बिना शर्त माफी मांगते हैं। NCERT की तरफ से एसजी तुषार मेहता पेश हुए। 11 मार्च को अगली सुनवाई होगी।

सीजेआई (CJI) ने कहा कि हमने इस पर मीडिया में खबरें देखी हैं। सुप्रीम कोर्ट को सेकेट्री जनरल इस पर जांच करेंगे कि ये कैसे छपी। यह एक साज़िश भी हो सकती है।
एसजी ने कहा कि पुस्तक बाजार में छपकर गई थी, वो वापस ले ली गई है।
सीजेआई ने कहा कि ये बड़ा कैलकुलेटेड मूव है जिसमें भारतीय न्यायपालिका को भ्रष्ट बताया गया। पूरा शिक्षक समाज इसे ट्रोल कर रहा है।
जस्टिस बागची ने कहा कि डिजिटल युग में एक किताब की हज़ारों प्रतियां बन गई होंगी। यह कैसे किया गया, यह जानना जरूरी है।
SG तुषार मेहता ने कहा कि NCERT ने बिना शर्त माफी मांग ली है।
तुषार मेहता ने कहा जो चेप्टर था उसे किसी भी तरह से जस्टिफाई नहीं ठहराया जा सकता है।
SG मेहता ने कहा कि स्वतः संज्ञान केस में, हम बिना शर्त माफी मांगते हैं।
CJI ने कहा कि मीडिया में हमारे दोस्तों ने यह नोटिस भेजा है। इसमें माफी का एक शब्द भी नहीं है।
सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने कहा- यह जानबूझकर किया गया है।
क्या ये कॉपी मार्केट में हैं? – CJI
CJI ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यह पता लगाना हमारी इंस्टीट्यूशनल ड्यूटी है कि यह किताब में पब्लिश हुआ था या नहीं। रजिस्ट्रार जनरल को भेजे गए कम्युनिकेशन में अथॉरिटी बचाव कर रही थी। यह एक गहरी साजिश थी।
SG तुषार मेहता ने कहा- जिन दो लोगों ने दो चैप्टर तैयार किए हैं, वे कभी भी UGC या किसी मिनिस्ट्री के साथ काम नहीं करेंगे।
CJI ने पूछा कि क्या ये कॉपी मार्केट में हैं?
SG मेहता ने बताया कि 32 किताबें मार्केट में गईं और उन्हें वापस ले लिया गया है। पूरी किताब को फिर से देखा जाएगा।
CJI ने कहा कि यह एक सोचा-समझा कदम है। पूरी टीचिंग कम्युनिटी को बताया जाएगा कि इंडियन ज्यूडिशियरी करप्ट है और केस पेंडिंग हैं… फिर स्टूडेंट्स और फिर पेरेंट्स। यह एक गहरी साज़िश है!
कपिल सिब्बल ने कहा कि पॉलिटिशियन और लीडर्स का क्या? यह किताब pdf फॉर्मेट में है।
CJI ने कहा- व्यवस्था के 3 अंग- विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी हैं।
वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन सर्कुलेशन हार्ड कॉपी से कहीं ज़्यादा है।
हम और गहरी जांच चाहते हैं- CJI
CJI ने कहा- हम और गहरी जांच चाहते हैं। हमें पता लगाना है कि कौन जिम्मेदार है और हम देखेंगे कि कौन-कौन हैं। उसकी सजा मिलनी चाहिए। हम केस बंद नहीं करेंगे।
SG तुषार मेहता ने कहा- हम इंस्टीट्यूशन के साथ खड़े हैं… कोई भी बचकर नहीं निकलेगा।
CJI ने कहा कि हमारे संविधान बनाने वाले बहुत जागरूक थे और उन्होंने इस बात का ध्यान रखा कि संवैधानिक जिम्मेदारियां तय हों… लेजिस्लेचर, ज्यूडिशियरी और एग्जीक्यूटिव ऑटोनॉमी के साथ काम कर सकें और हमारे देश के डेमोक्रेटिक ताने-बाने को बचा सकें। संवैधानिक रूप से बताई गई सीमाओं को मानते हुए हम चौंक गए जब एक बड़े अखबार ने ग्रेड (II) के लिए सोशल साइंस की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी इंडिया एंड बियॉन्ड’ के रिलीज़ के बारे में एक आर्टिकल छापा, जिसका पहला एडिशन फरवरी 2026 में NCERT ने पब्लिश किया गया था।
CJI ने कहा कि इस चैप्टर में ज्यूडिशियरी के खिलाफ मिली सैकड़ों शिकायतों का खास तौर पर ज़िक्र है, जिससे लगता है कि कोई एक्शन नहीं लिया गया और एक पुराने CJI के भाषण के कुछ शब्द लिए गए हैं, जिससे लगता है कि ज्यूडिशियरी ने खुद ट्रांसपेरेंसी की कमी और इंस्टीट्यूशनल करप्शन को माना है। आर्टिकल में आगे कहा गया है कि लोग ज्यूडिशियरी में अलग-अलग लेवल के करप्शन का अनुभव करते हैं।
CJI ने कहा कि किताब में जो कुछ भी लिखा गया है वो बहुत ही लापरवाही से लिखा गया है, उस पर अपनी राय देने के बजाय, UGC डायरेक्टर ने कंटेंट का बचाव करते हुए जवाब दिया है।
माफी स्वीकार करने से SC का इंकार
सुप्रीम कोर्ट ने माफी स्वीकार करने से इंकार किया। सुप्रीम कोर्ट ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। कोर्ट ने कहा- माफी स्वीकार की जाए या नहीं, ये हम आगे चलकर तय करेंगे। अभी नहीं कह सकते हैं कि माफी genuine है या नहीं।
सुप्रीम कोर्ट ने NCERT को केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर यह पक्का करने का निर्देश दिया है कि किताब की सभी कॉपी, हार्ड कॉपी या सॉफ्ट कॉपी, चाहे वे रिटेल दुकानों या स्कूलों में रखी हों, पब्लिक एक्सेस से हटा दी जाएं।
सभी फिजिकल और डिजिटल प्लेटफॉर्म से तुरंत हटा दी जाए।
कोर्ट ने कम्प्लायंस रिपोर्ट फाइल करने का आदेश दिया।
किताब के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन पर बैन
कोर्ट ने कहा कि NCERT के डायरेक्टर की यह ज़िम्मेदारी होगी कि वे ऐसे स्कूलों के कैंपस में भेजी गई सभी किताबों को तुरंत ज़ब्त करें और एक कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करें।
कोर्ट ने सभी राज्यों के शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को निर्देश दिया है कि वे कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और 2 हफ़्ते के अंदर कम्प्लायंस रिपोर्ट जमा करें।
CJI ने कहा कि किताब के प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन पर भी पूरी तरह बैन रहेगा। इस किताब को फिजिकली या डिजिटली डिस्ट्रीब्यूट करने की कोई भी कोशिश इस सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवमानना मानी जाएगी।

पेड़ से लटके मिले रेप के आरोपी और पीड़िता के शव, लड़की ने गले में पहना था मंगलसूत्र

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गुड़ा रोड के पास एक खेत में एक पेड़ से दुष्कर्म आरोपी युवक और नाबालिग पीड़िता के शव लटके मिले हैं। युवक पर POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज था और हाल ही में जमानत पर बाहर आया था। पुलिस दोनों की मौत के कारणों की जांच कर रही है।शिवपुरी: मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र में बुधवार को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुड़ा रोड के पास एक खेत में नीम के पेड़ से 19 साल के जितेंद्र धाकड़ और 17 साल की एक लड़की के शव फंदे से लटके मिले। राहगीरों ने यह देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के मुताबिक, मृतक जितेंद्र धाकड़ पर POCSO एक्ट के तहत दुष्कर्म का मामला दर्ज था और जो लड़की उसके साथ लटकी पाई गई वही पीड़िता थी। अक्टूबर 2025 में बदरवास थाने में नाबालिग लड़की के अपहरण का केस दर्ज हुआ था।
4 फरवरी को अपने-अपने घरों से लापता हो गए थे दोनों
पुलिस ने बताया कि 8 नवंबर को आरोपी को गिरफ्तार करके लड़की को बरामद कर लिया गया था। उसके बाद जितेंद्र को जेल भेजा गया था। 11 फरवरी 2026 को जितेंद्र को जमानत मिली और वह बाहर आ गया। जमानत मिलने के कुछ दिनों बाद 24 फरवरी को दोनों अपने-अपने घरों से लापता हो गए थे। पुलिस को शक है कि दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। मौके पर लड़की के गले में मंगलसूत्र मिला है, जिसे लेकर भी काफी चर्चा हो रही है। कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर ने बताया, ‘राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शव पेड़ से लटके मिले। अभी तक कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।’

मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए पुलिस कर रही जांच
दोनों की मौत को लेकर जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ने कहा, ‘यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि मौत आत्महत्या से हुई है या किसी और वजह से। इस बारे में मामला दर्ज कर लिया गया है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिवार वालों के बयानों के आधार पर आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’ उन्होंने बताया कि पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और दोनों के परिजनों से पूछताछ जारी है। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। पूरे केस की सच्चाई सामने के लिए पुलिस गहराई से जांच कर रही है।