Wednesday, July 8, 2026
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अमेरिका में भारतीयों ने ऐसे किया वीजा स्कीम में फ्रॉड, सुविधा दुकानों पर रचा नकली सशस्त्र डकैती का मंचन

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अमेरिका ने 11 भारतीयों को वीजा स्कीम में फ्रॉड करने का दोषी ठहराया है। इसके बाद उन्हें जेल और जुर्माने की कड़ी सजा दी है।न्यूयॉर्क: अमेरिका की संघीय एजेंसी ने 11 भारतीयों पर वीजा स्कीम में बड़े फ्रॉड का आरोप लगाया है। अभियोजकों के अनुसार अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे 11 भारतीय नागरिकों पर वीजा फ्रॉड के लिए अजीबोगरीब ढंग से साजिश रचने का आरोप है। कहा गया है कि वीजा स्कीम में फ्रॉड करने के लिए सुविधा दुकानों पर नकली सशस्त्र डकैती का मंचन किया गया। अधिकारियों ने कहा कि आरोपियों पर स्टोर क्लर्कों को नकली डकैतियों का मंचन करवाने का आरोप है। ताकि वे आव्रजन आवेदनों में खुद को अपराध पीड़ित बताकर ग्रीन कार्ड प्राप्त कर सकें।
इन्हें बनाया गया आरोपी
वीजा स्कीम में फ्रॉड करने वालों में जितेंद्रकुमार पटेल (39), महेशकुमार पटेल (36), संजयकुमार पटेल (45), दीपिकाबेन पटेल (40), रमेशभाई पटेल (52), अमिताभेन पटेल (43), रोनक्कुमार पटेल (28), संगीताबेन पटेल (36), मिंकेश पटेल (42), सोनल पटेल (42) और मितुल पटेल (40) पर वीजा फ्रॉड की साजिश रचने के एक आरोप में चार्ज किया गया है। वे सभी मैसाचुसेट्स, केंटकी और ओहियो जैसे विभिन्न अमेरिकी राज्यों में अवैध रूप से रह रहे थे। न्याय विभाग के बयान के अनुसार, दीपिकाबेन को वेयमाउथ, मैसाचुसेट्स में अवैध रूप से रहने के बाद भारत निर्वासित कर दिया गया था। जितेंद्रकुमार, महेशकुमार, संजयकुमार, अमिताभेन, संगीताबेन और मितुल को मैसाचुसेट्स में गिरफ्तार किया गया और शुक्रवार को बोस्टन में संघीय अदालत में शुरुआती पेशी के बाद रिहा कर दिया गया।
शराब की दुकानों में की नकली डकैती
रमेशभाई, रोनक्कुमार, सोनल और मिंकेश को केंटकी, मिसौरी और ओहियो में गिरफ्तार किया गया और उनकी शुरुआती पेशी हुई। वे बाद की तारीख में बोस्टन की संघीय अदालत में पेश होंगे। चार्ज दस्तावेजों के अनुसार, मार्च 2023 में रमभाई और उनके सह-षड्यंत्रकारियों ने मैसाचुसेट्स और अन्य जगहों पर कम से कम छह सुविधा/शराब की दुकानों और फास्ट फूड रेस्तरां पर नकली सशस्त्र डकैतियां आयोजित कीं और अंजाम दीं। आरोप है कि नकली डकैतियों का उद्देश्य मौजूद क्लर्कों को यू नॉन-इमिग्रेशन स्टेटस (यू वीजा) के आवेदन में खुद को हिंसक अपराध का शिकार बताने की अनुमति देना था। यू वीजा कुछ अपराधों के पीड़ितों के लिए उपलब्ध है जिन्होंने मानसिक या शारीरिक शोषण सहा हो और कानून प्रवर्तन को अपराध की जांच या अभियोजन में सहायक रहे हों। यू वीजा आव्रजन कार्य प्राधिकरण प्रदान करता है और 5-10 वर्षों में ग्रीन कार्ड का रास्ता देता है।

ऐसे होती थी नकली डकैती
अधिकारियों ने कहा कि कथित नकली डकैतियों के दौरान, “डकैत” स्टोर क्लर्कों या मालिकों को दिखावटी बंदूक से धमकाता, रजिस्टर से नकदी लेता और भाग जाता, जबकि यह इंटरैक्शन स्टोर के सर्विलांस वीडियो पर कैद होता। क्लर्क या स्टोर मालिक “डकैत” के भाग जाने के बाद पांच या अधिक मिनट इंतजार करते और फिर पुलिस को “अपराध” की रिपोर्ट करते। आरोप है कि “पीड़ितों” ने प्रत्येक ने रमभाई को स्कीम में भाग लेने के लिए भुगतान किया। बदले में, रमभाई ने स्टोर मालिकों को उनके स्टोरों का उपयोग नकली डकैती के लिए करने के लिए भुगतान किया। रमभाई, “डकैत” और गेटअवे ड्राइवर पहले चार्ज किए गए और दोषी ठहराए गए थे।

मिली ये कड़ी सजा
शुक्रवार को चार्ज किए गए 11 प्रतिवादी आरोपित हैं कि उन्होंने या तो आयोजक के साथ प्रत्येक डकैती सेट अप करने की व्यवस्था की, या खुद या परिवार के सदस्य को “पीड़ित” के रूप में भाग लेने के लिए भुगतान किया। वीजा फ्रॉड की साजिश का आरोप अधिकतम पांच वर्ष की जेल, तीन वर्ष की पर्यवेक्षित रिहाई और 2,50,000 अमेरिकी डॉलर के जुर्माने का प्रावधान करता है।

मोदी ने शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन किया, आज बंगाल को भी देंगे सौगात

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प्रधानमंत्री मोदी असम और पश्चिम बंगाल को 40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की विकास परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले असम और पश्चिम बंगाल को केंद्र सरकार की तरफ से यह बड़ा तोहफा होगा।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Assam में कई बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने नॉर्थ-ईस्ट इंडिया में सड़क और शिक्षा से जुड़ी परियोजनाओं की आधारशिला रखी। PM मोदी ने शिलांग-सिलचर कॉरिडोर का भूमि पूजन भी किया, जो नॉर्थ-ईस्ट भारत का पहला एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड फोर-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर होगा।
इसकी लागत करीब 22 हजार 860 करोड़ रुपये होगी। यह कॉरिडोर 166 किलोमीटर लंबा होगा और मेघालय-असम के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा। शिलांग-सिलचर कॉरिडोर बनने से गुवाहाटी और सिलचर के बीच सफर का वक्त लगभग 8.5 घंटे से घटकर करीब 5 घंटे का रह जाएगा, जिससे व्यापार और इकोनॉमिक एक्टिविटीज को बढ़ावा मिलेगा।

प्रधानमंत्री मोदी नेशनल हाईवे-306 पर एलिवेटेड कॉरिडोर (फेज-1) का भी शिलान्यास करेंगे, जो कैपिटल पॉइंट को सिलचर के रंगिरखारी पॉइंट को जोडे़गा। इससे सिलचर की बिजी सड़कों पर ट्रैफिक कम होगा। साथ ही, मिजोरम, त्रिपुरा और मणिपुर में आवागमन तेज होगा। इसके अलावा, PM मोदी करीमगंज जिले के पथारकंडी में नए कृषि महाविद्यालय का शिलान्यास करेंगे, जो यहां एग्रीकल्चर और रिसर्च को मजबूत करेगा।

इसके बाद PM मोदी पश्चिम बंगाल के कोलकाता में करीब 18 हजार 680 करोड़ रुपये की तमाम प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इनमें 420 किलोमीटर से ज्यादा लंबाई वाले नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट्स, खड़गपुर-मोरग्राम इकोनॉमिक कॉरिडोर, दुबराजपुर बाईपास और कई पुलों का निर्माण शामिल है। पढ़ें PM मोदी के असम और पश्चिम बंगाल दौरे से जुड़ा एक-एक अपडेट।

बिहार के मुजफ्फरपुर से एक 55 वर्षीय व्यक्ति के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है।

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बिहार के मुजफ्फरपुर से एक 55 वर्षीय व्यक्ति के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद परिवार में हड़कंप मच गया है और परिजन पिछले कई दिनों से उनकी तलाश में भटक रहे हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। परिजन लगातार प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं और आशंका जता रहे हैं कि उनके साथ कोई अनहोनी भी हो सकती है।

जानकारी के अनुसार महेश्वर राय यादव उम्र लगभग 55 वर्ष निवासी ग्राम तुलसीनगर वार्ड नंबर 14 टोला तुलसीनगर जिला शिवहर बिहार 8 मार्च को अपने घर से निकले थे। परिवार के लोगों के मुताबिक वह किसी काम से मुजफ्फरपुर की ओर गए थे, लेकिन उसके बाद से वह वापस घर नहीं लौटे। समय बीतने के साथ जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिजनों की चिंता और बढ़ गई।

परिवार के लोगों ने बताया कि शुरू में उन्हें लगा कि शायद वह किसी परिचित के यहां रुक गए होंगे या किसी काम में व्यस्त होंगे, लेकिन जब देर रात तक भी उनका कोई संपर्क नहीं हो पाया तो परिवार घबरा गया। उनका मोबाइल फोन भी लगातार बंद या नेटवर्क से बाहर बताया जा रहा है।

महेश्वर राय यादव के लापता होने की खबर मिलते ही परिवार और रिश्तेदारों ने अपने स्तर पर उनकी तलाश शुरू कर दी। आसपास के गांवों, रिश्तेदारों के घरों और जान पहचान के लोगों से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। कई जगह खोजबीन करने के बाद भी जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिवार पूरी तरह परेशान हो गया।

लापता व्यक्ति की बेटी ने बताया कि उनके पिता 8 मार्च को घर से निकले थे और उसके बाद से उनका कोई अता पता नहीं है। परिवार के लोग पिछले कई दिनों से लगातार उनकी तलाश कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली है। बेटी ने कहा कि उन्हें अपने पिता की बहुत चिंता हो रही है और उन्हें डर है कि कहीं उनके साथ कोई अनहोनी न हो गई हो।

परिजनों का कहना है कि महेश्वर राय यादव के अचानक इस तरह गायब हो जाने से पूरे परिवार की चिंता बढ़ गई है। घर के सभी सदस्य बेहद परेशान हैं और हर दिन उनके सुरक्षित लौटने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

परिवार ने प्रशासन और आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी महेश्वर राय यादव के बारे में किसी प्रकार की जानकारी मिले तो तुरंत सूचना दें, ताकि उन्हें सुरक्षित वापस घर लाया जा सके। परिजनों का कहना है कि इस कठिन समय में उन्हें समाज और प्रशासन दोनों की मदद की जरूरत है।

महेश्वर राय यादव का पता सीओ मंगल राय के नाम से ग्राम तुलसीनगर वार्ड नंबर 14 टोला तुलसीनगर जिला शिवहर बिहार पिन कोड 843128 बताया गया है। फिलहाल परिवार और स्थानीय लोग लगातार उनकी तलाश में जुटे हुए हैं।

इस घटना के बाद पूरे इलाके में भी चर्चा का माहौल है और लोग इस मामले को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं। वहीं परिजन प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द खोजबीन तेज की जाए ताकि लापता व्यक्ति का जल्द पता लगाया जा सके और परिवार को राहत मिल सके।

दिल्ली के पास गुरुग्राम से 14 वर्षीय किशोर रहस्यमय तरीके से लापता, कबाड़ी का काम करने वाले माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

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दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरुग्राम जिले के बजघेड़ा सेक्टर-114 इलाके से एक 14 वर्षीय किशोर के रहस्यमय तरीके से लापता होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है और आसपास के इलाके में भी चिंता का माहौल बना हुआ है। लापता किशोर की पहचान लव कुश कुमार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के नालंदा जिले के चंडी थाना क्षेत्र के नरसंदा प्रखंड स्थित मोसिमपुर गांव का रहने वाला बताया जा रहा है।

परिजनों के अनुसार लव कुश कुमार पिता बिंदु केवट फिलहाल अपने माता-पिता के साथ दिल्ली के पास गुरुग्राम के बजघेड़ा सेक्टर-114 स्थित चिंटल कॉरपोरेट पार्क के पास पन्नी मार्केट इलाके में रह रहा था। उसके माता-पिता यहां कबाड़ी का काम करते हैं और इसी इलाके में मजदूरी कर परिवार का गुजारा करते हैं। बताया जा रहा है कि 11 तारीख की शाम करीब 7:30 बजे लव कुश कुमार घर के दरवाजे के पास मौजूद था, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक वह वहां से गायब हो गया।

जब काफी देर तक बच्चा घर नहीं लौटा तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास के इलाके में उसकी तलाश शुरू की। परिवार और स्थानीय लोगों ने कई जगह खोजबीन की, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे का कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है और माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है।

परिजनों का कहना है कि जिस जगह से बच्चा लापता हुआ है, वहां सामने एक बिल्डिंग में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। परिवार ने वहां रहने वाले लोगों से कैमरों की फुटेज चेक करवाने का अनुरोध किया, लेकिन आरोप है कि वहां के लोगों ने सहयोग करने से इनकार कर दिया और कहा कि कैमरे उनके लिए नहीं लगाए गए हैं। इस कारण घटना से जुड़ी कोई ठोस जानकारी अब तक सामने नहीं आ सकी है।

घटना के बाद परिजनों ने स्थानीय पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के इलाकों में पूछताछ के साथ-साथ संभावित स्थानों पर तलाश अभियान भी चलाया जा रहा है। हालांकि घटना के तीन दिन बीत जाने के बाद भी बच्चे के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है।

परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी लापता किशोर लव कुश कुमार के बारे में कोई जानकारी मिले तो तुरंत मोबाइल नंबर 9306493501 या 9060298593/ 7305778907 पर संपर्क कर सूचना दें। परिवार को उम्मीद है कि लोगों के सहयोग से उनके बेटे का जल्द पता चल सकेगा।

 

जमीन विवाद, कुल्हड़ कारोबार और धमकी के आरोपों से मामला गरमाया, सभी नामों का उल्लेख

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औरैया। ग्राम क्षेत्र में चल रहे जमीन विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। शालिनी देवी, पति कुलदीप कुमार, जो कुल्हड़ बनाने का काम करते हैं, उनके अनुसार उनके कार्यस्थल से संबंधित भूमि पर विवाद चल रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि 25 फरवरी को प्रशासनिक टीम पहुंची और जेसीबी चलवाई गई, जिससे उनका रखा हुआ सामान और तैयार कुल्हड़ सामग्री नष्ट हो गई। उनका आरोप है कि लगभग 6 ट्रॉली मिट्टी और करीब 20 से 25 हजार तैयार कुल्हड़ टूट गए, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

इस मामले में शंभू दयाल प्रजापति, रामदास प्रजापति और उपेंद्र राय प्रजापति के नाम सामने आ रहे हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गांव के प्रधानमंत्री देवी राम अवस्थी (जो वकील बताए जा रहे हैं) और अवनीश शुक्ला (जो सरकारी शिक्षक बताए जा रहे हैं) पर भी दबाव बनाने और विवाद में भूमिका निभाने के आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा पंकज नामक व्यक्ति पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है। ⚖️🚨

शालिनी देवी और कुलदीप कुमार का कहना है कि वे वर्षों से कुल्हड़ निर्माण का कार्य कर रहे हैं और यदि राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार जमीन उनकी नहीं निकलती है तो वे स्वयं स्थान खाली कर देंगे। लेकिन उनका आरोप है कि पहले सामान हटाने का मौका दिए बिना कार्रवाई की गई और अब धमकियां दी जा रही हैं, जिससे उनका परिवार भयभीत है।

पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपों की सत्यता स्पष्ट की जाए तथा यदि धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही हुए नुकसान की भरपाई और सुरक्षा प्रदान करने की भी मांग की गई है।

फिलहाल मामला जमीन विवाद, व्यवसायिक नुकसान और धमकी के आरोपों के चलते चर्चा में है। प्रशासनिक जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध पर आया RSS का पहला बयान, कहा- ‘ये जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए’

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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध पर संघ की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। हरियाणा के समालखा में आयोजित अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में RSS ने कहा कि इस जंग को जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए।हरियाणा के समालखा में आज से 3 दिन तक चलने वाली संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक शुरू हुई। संघ की गतिविधियों के संबंध में समालखा में आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने कहा कि इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक का इस वर्ष महत्व ज्यादा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि संघ शताब्दी वर्ष मना रहा है। इस अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में 1400 से ज्यादा प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के शुरू होने के बाद दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई, जिनमें कांग्रेस नेता पुर्व गृह मंत्री शिवराज पाटिल, महाराष्ट्र के पुर्व मुख्यमंत्री अजित पवार को भी श्रद्धांजलि दी गई। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान पहली बार संघ ने मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान और इजरायल के बीच जारी जंग पर बयान दिया है।
मिडिल ईस्ट में जंग पर संघ का बयान
अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के संबंध में बोलते हुए संघ के सह सरकार्यवाह मुकुंद ने कहा- “भारत सरकार को क्या करना चाहिए, ये भारत सरकार तय करती है। देश के प्रधानमंत्री, देश के विदेश मंत्री बाहर के सभी देशों से प्रमुखों से बातचीत कर रहे हैं। यह क्राइसिस जल्द से जल्द खत्म होना चाहिए, समझौता होना चाहिए। कल भी देश के प्रधानमंत्री ने ईरान के प्रमुख से बातचीत की है। वहां पर रहने वाले सभी हिंदू संगठनों से संघ का संपर्क जारी है।”

संगठनात्मक बदलाव और UGC पर बयान
सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने बताया है कि “संघ में संगठनात्मक बदलाव का चिंतन चल रहा है, जो होगा बताया जाएगा। संघ भौगोलिक रचना के संबंध में सोच रहा है, इस बार भी ऐसा संघ कर रहा है। संगठनात्मक आवश्यकता देखते हुए हम लोग बदलाव करते हैं और इस बार भी हम कर रहे हैं।” यूजीसी के संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए CR मुकुंद ने कहा कि “संघ का जन्म हुआ, हिंदू समाज के संगठन के लिए, हिंदू समाज में जो भी भेदभाव है उसको दूर करने के लिए। जो भी कुछ असंतुलन हुआ है, कोर्ट ने संज्ञान लिया है, सरकार भी प्रयास करेगी।”

हर गांव में संपर्क करने का प्रयास जारी
बैठक में जानकारी दी गई है कि “संघ की शाखओं के आंकड़े में काफी ज्यादा वृद्धि हुई है। कुल शाखाओं कि वृद्धि 5000 हुई है। संघ हर घर, हर गांव में संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। अब तक संघ 10 करोड़ परिवार तक पहुंच चुका है। 300000 से ज्यादा गांव तक पहुंच चुका है। संघ गृह संपर्क के दौरान केरल राज्य में कम्युनिस्ट विचारधारा के साथ-साथ मुस्लिम, क्रिश्चियन सभी घरों में जा रहा है। 55000 के आसपास मुस्लिम घरों में, 54000 क्रिश्चियन घरों में संघ के स्वयंसेवक गये, हर जगह उनका स्वागत हुआ।”

‘बांग्लादेश हिंदुओं का संरक्षण करे’
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह CR मुकुंद ने कहा कि “संघ ने अब तक 36 हजार हिंदू सम्मेलन किए हैं और अभी और भी हिंदू सम्मेलन अपेक्षित है। 3 से 4 महीने ओर हिंदू सम्मेलन लिए जाएंगे। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तुति सहज हो रही है, इसका संघ ने स्वागत किया है। मणिपुर की स्थिति सुधर रही है इसका भी संघ स्वागत करता है। बांग्लादेश सरकार से संघ आग्रह कर रहा है कि हिंदुओं का संरक्षण करे।”

ब्यूरोक्रेसी की महाभारत, अर्जुन और भीष्म के वैचारिक युद्ध की कहानी है ‘एस्पिरेंट्स 3’, क्या उम्मीदों पर खरी उतरी नवीन कस्तूरिया की सीरीज?

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एस्पिरेंट्स’ सीजन 3 यूपीएससी के बाद की प्रशासनिक चुनौतियों और टूटते रिश्तों की कहानी है, जहां नवीन कस्तूरिया और जतिन गोस्वामी का अभिनय प्रभावित करता है, वहीं धीमी रफ्ता और संदीप भैया का सीमित स्क्रीन टाइम खलता है। जानें पूरा रिव्यू।टीवीएफ की चर्चित सीरीज ‘एस्पिरेंट्स’ ने हमेशा से एक खास तरह की सादगी और वास्तविकता को पर्दे पर उतारा है। ओल्ड राजेंद्र नगर की तंग गलियों से लेकर यूपीएससी क्रैक करने के बाद की जटिल सच्चाइयों तक इस शो ने यह बखूबी समझा है कि असली कहानी सिर्फ परीक्षा पास करने के बारे में नहीं है, बल्कि उस प्रक्रिया में आपके व्यक्तित्व में आने वाले बदलावों के बारे में है। ढाई साल के लंबे इंतजार के बाद आया तीसरा सीजन उसी भावनात्मक गहराई को आगे बढ़ाता है, हालांकि इस बार संघर्ष किताबों से हटकर पावर, पॉलिटिक्स और पुराने रिश्तों के बीच उलझ गया है।
सत्ता की कुर्सी और अतीत का साया
सीजन 3 की शुरुआत एक रहस्यमयी हमले के साथ होती है, जहाँ दो नकाबपोश मोटरसाइकिल सवार किसी पर हमला करते हैं। इस हमले का शिकार कौन है, यह राज सीजन के अंत तक बना रहता है। इस बीच, हमारे मुख्य पात्र अभिलाष (नवीन कस्तूरिया) की जिंदगी में काफी उथल-पुथल है। रामपुर के जिला मजिस्ट्रेट के रूप में तैनात अभिलाष के लिए अब राहें आसान नहीं रहीं। भ्रष्टाचार के आरोप और संदीप भैया (सनी हिंदुजा) द्वारा शुरू की गई जांच ने उसके करियर पर संकट के बादल मंडरा दिए हैं। शो इस बात को बड़ी संजीदगी से दिखाता है कि जब आप सत्ता के ऊंचे पदों पर होते हैं तो आपकी एक छोटी सी चूक या अतीत का कोई फैसला कैसे आपके भविष्य को अनिश्चित बना सकता है।महाभारत के पात्र और वैचारिक टकराव
इस सीजन में एक नया और दिलचस्प मोड़ तब आता है जब अभिलाष का सामना पवन कुमार (जतिन गोस्वामी) से होता है। संबल के डीएम पवन और अभिलाष का अतीत काफी कड़वा रहा है। दोनों के बीच की तल्खी पहले ही सीन से साफ झलकती है। एक प्रभावशाली संवाद में पवन खुद को ‘इस महाभारत का अर्जुन’ कहता है, जिसके जवाब में अभिलाष बड़ी शांति से खुद को ‘भीष्म पितामह’ बताता है। यह तुलना पूरी सीरीज के दौरान उनके बीच के वैचारिक और रणनीतिक युद्ध को परिभाषित करती है। पवन का किरदार भाषाई हाशिए पर खड़े उस छात्र का प्रतिनिधित्व करता है जो हिंदी मीडियम से होने के कारण अंग्रेजी माध्यम के छात्रों (जैसे अभिलाष) से खुद को कमतर और वंचित महसूस करता रहा है।
त्रिकोणीय दोस्ती में बढ़ती दूरियां
‘एस्पिरेंट्स’ की सबसे बड़ी ताकत हमेशा से अभिलाष, गुरी और एसके की दोस्ती रही है। लेकिन इस सीजन में यह ‘ट्राइपॉड’ काफी डगमगाता हुआ नजर आता है। एसके (अभिलाष थपलियाल), जो कभी अभिलाष का सबसे मजबूत स्तंभ था, अब उससे दूर हो चुका है। रिश्तों में आए इस बदलाव को निर्देशक दीपेश सुमित्रा जगदीश ने बहुत ही सूक्ष्मता से फिल्माया है। शो यह सवाल उठाता है कि क्या पद और प्रतिष्ठा पुरानी दोस्ती को निगल जाती है? क्या एक अधिकारी बनने के बाद वह इंसान कहीं खो जाता है जो कभी अपने दोस्तों के लिए जान छिड़कता था? गुरी और धैर्य के साथ अभिलाष के रिश्ते भी इस सीजन में नई चुनौतियों और भावनात्मक उतार-चढ़ाव से गुजरते हैं।

वर्ग भेद और भाषाई दीवारों का चित्रण
लेखक दीपेश सुमित्रा जगदीश, अनुराग गोस्वामी और अनुराग रमेश शुक्ला ने ब्यूरोक्रेसी के भीतर मौजूद क्लास डिवाइड और भाषा की बाधा को बड़ी सूक्ष्मता से उभारा है। पवन कुमार का किरदार यह दिखाता है कि कैसे सिस्टम के भीतर भी एक अदृश्य विभाजन है। हिंदी माध्यम के छात्रों का संघर्ष केवल किताबों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि अधिकारी बनने के बाद भी उन्हें अपनी जगह बनाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अभिलाष ने कभी जानबूझकर पवन का बुरा नहीं किया, लेकिन पवन के मन में जमी हुई हीन भावना और नाराजगी प्रशासनिक कार्यों के दौरान बार-बार सामने आती है, जो कहानी में तनाव पैदा करने का काम करती है।
अभिनय और तकनीकी पक्ष
नवीन कस्तूरिया ने एक बार फिर अभिलाष के रूप में एक सधा हुआ प्रदर्शन किया है। उनके चेहरे पर दिखने वाली दुविधा और एक अधिकारी की गंभीरता उनके अभिनय को विश्वसनीय बनाती है। शिवांकित सिंह परिहार (गुरी) की सादगी और सनी हिंदुजा (संदीप भैया) की गंभीरता कहानी में वजन बढ़ाती है। नए शामिल हुए जतिन गोस्वामी ने पवन के रूप में एक नियंत्रित और प्रभावशाली प्रदर्शन किया है, जो अंत तक अपनी छाप छोड़ता है।
तकनीकी तौर पर टीवीएफ ने अपनी वास्तविकता बनाए रखी है। म्यूजिक हमेशा से इस शो की जान रहा है। जहाँ पिछले सीजन में ‘धागा’ और ‘बैरगी’ जैसे गीतों ने दिल जीता था, वहीं इस बार ‘लमहा लमहा’ और ‘ज़िंदगी से बड़ी सजा ही नहीं’ जैसे गाने दृश्यों के प्रभाव को दोगुना कर देते हैं। प्रोडक्शन डिजाइन और बैकग्राउंड स्कोर कहानी की संवेदनशीलता को बनाए रखने में मदद करते हैं।
कुछ खामियां
‘एस्पिरेंट्स’ सीजन 3 की सबसे बड़ी खूबी इसका परिपक्व लेखन और किरदारों का भावनात्मक विकास है, जो सत्ता में आने के बाद की जटिलताओं को बखूबी दर्शाता है। नवीन कस्तूरिया और जतिन गोस्वामी का अभिनय प्रभावशाली है, वहीं ‘लम्हा लम्हा’ जैसे गाने कहानी की संवेदनशीलता को बढ़ाते हैं। हालांकि इसकी मुख्य खामी इसकी धीमी गति और कुछ दृश्यों का अनुमानित होना है, जिससे पहले सीजन जैसा रोमांच कम महसूस होता है। साथ ही संदीप भैया और एसके जैसे चहेते किरदारों को इस बार उतना स्क्रीन टाइम नहीं मिला, जिसकी प्रशंसकों को उम्मीद थी। कुल मिलाकर यह सीरीज प्रशासनिक जिम्मेदारी और व्यक्तिगत नैतिकता के बीच के द्वंद्व को बारीकी से दिखाती है, लेकिन अपनी रफ्तार के कारण कहीं-कहीं फीकी पड़ जाती है।
फाइनल वर्डिक्ट
कुल मिलाकर, ‘एस्पिरेंट्स’ का तीसरा सीजन महत्वाकांक्षा के बजाय आत्म-मंथन पर केंद्रित है। यह दिखाता है कि सफलता जीवन को सरल नहीं, बल्कि और अधिक जटिल बना देती है। हालांकि पांच कड़ियों के इस सीजन की रफ्तार कहीं-कहीं धीमी पड़ती है और कुछ मोड़ अनुमानित लगते हैं। ड्रामा थोड़ा कम है और वैचारिक द्वंद्व ज्यादा, जिसके कारण शायद यह सीजन पहले भाग जैसा रोमांच न पैदा कर पाए। फिर भी यदि आप इस सीरीज के पात्रों से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं तो यह सीजन आपको निराश नहीं करेगा। यह सत्ता के गलियारों में छिपे इंसानी चेहरों की एक ईमानदार कोशिश है।

पाकिस्तानी प्लेयर को खरीदकर बुरी फंसी काव्या मारन की सनराइजर्स लीड्स, सस्पेंड हुआ फ्रेंचाइजी का X अकाउंट

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द हंड्रेड ऑक्शन में पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को खरीदने के बाद सनराइजर्स लीड्स फ्रेंचाइजी विवादों के घेरे में आ गई है। भारत में कई फैंस ने इस फैसले की आलोचना की है।द हंड्रेड मेंस के आगामी सीजन के लिए ऑक्शन का आयोजन 12 मार्च को किया गया। इस ऑक्शन में सनराइजर्स फ्रेंचाइजी की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तानी प्लेयर अबरार अहमद को खरीदा। इस ऑक्शन के दौरान SRH की मालकिन काव्या मारन मौजूद थी और उन्होंने ऑक्शन टेबल पर अबरार अहमद के लिए बोली लगाई और अंत में उन्हें 2.3 करोड़ की कीमत देकर खरीदा। द हंड्रेड 2026 के पहले ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने जैसे ही पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदा, तो सोशल मीडिया पर बवाल मच गया है।

सस्पेंड हुए सनराइजर्स लीड्स का X अकाउंट
भारतीय क्रिकेट फैंस जमकर सनराइजर्स फ्रेंचाइजी की सोशल मीडिया पर आलोचना कर रहे हैं। इन सभी आलोचनाओं के बीच सनराइजर्स लीड्स का सोशल मीडिया अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया है। टीम का अकाउंट क्यों सस्पेंड किया गया है इसको लेकर कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। आमतौर पर एक्स उन अकाउंट्स को सस्पेंड करता है जो उनके नियमों का उल्लंघन करते हैं। ऑक्शन के बाद रात के 2 बजे फ्रेंचाइजी का X अकाउंट सस्पेंड कर दिया गया।फैंस सोशल मीडिया पर कर रहे हैं SRH को ट्रोल
अबरार ‘द हंड्रेड’ में भारतीय स्वामित्व वाली किसी भी टीम द्वारा खरीदे गए पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी हैं। SRH फ्रेंचाइजी ने उन्हें 2,55,000 अमेरिकी डॉलर यानी करीब 2.3 करोड़ भारतीय रुपये में खरीदा। एक पाकिस्तानी प्लेयर को खरीदने के लिए सनराइजर्स फ्रेंचाइजी को भारत में क्रिकेट फैंस से ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। फैंस के मुताबिक टीम की मालकिन काव्या मारन का पाकिस्तानी खिलाड़ी को खरीदने का फैसला देश की भावनाओं के खिलाफ है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या फ्रेंचाइजी अब अबरार अहमद को रिलीज करेगी या नहीं।

डेनियल विटोरी ने बताई अबरार को खरीदने की वजह
ऑक्शन से पहले ये रिपोर्ट सामने आई थी कि भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी द हंड्रेड के ऑक्शन में पाकिस्तानी प्लेयर्स को नहीं खरीदेंगी। इस दौरान संभावित ‘शैडो बैन’ की खबरें भी सामने आई थीं। SRH के कोच डेनियल विटोरी ने अबरार अहमद को खरीदने के बाद बताया कि उन्होंने साल की शुरुआत में ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों से अबरार के बारे में राय ली थी। उसी आधार पर उन्हें टीम में शामिल करने का फैसला किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि फ्रेंचाइजी के भीतर पाकिस्तानी खिलाड़ियों को लेने या न लेने को लेकर कोई स्पेशल मीटिंग नहीं हुई थी।

ईरान ने तुर्की में NATO के बेस पर किया हमला, यहां बड़ी संख्या में परमाणु बम होने की आशंका

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मिडिल ईस्ट में जंग के बीच ईरान ने तुर्की में NATO के बेस पर हमला किया है। जानकारी के मुताबिक, इस बेस पर बड़ी संख्या में परमाणु बम होने की आशंका है।मिडिल ईस्ट में अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग बढ़ती जा रही है। ईरान ने अमेरिकी और इजरायली हमलों के जवाब में करीब सभी सभी खाड़ी देशों को निशाना बनाया है और वहां मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल व ड्रोन से स्ट्राइक की है। अब ईरान ने तुर्की में NATO के इंसर्लिक बेस पर हमला कर दिया है। डराने वाली बात ये है कि तुर्की में नाटो के इस बेस पर बड़ी संख्या में परमाणु बम होने की आशंका है। इस हमले ने जंग के और घातक होने का खतरा बढ़ा दिया है।
50 न्यूक्लियर बम होने का अनुमान
ईरान इंतकाम के जुनून में सब कुछ भूल चुका है, वो बस अमेरिका और इजरायल से खामेनेई की मौत का बदला लेना चाहता है। इसके लिए वो लगातार हमले कर रहा है। अब ईरान ने तुर्की में NATO के बेस को निशाना बनाया है। ईरान ने तुर्की में नाटो के इंसिरलिक एयर बेस पर अटैक किया है। हमले के बाद ब्लास्ट और सायरन की आवाजें सुनाई दीं। जानकारी के मुताबिक इस अटैक को इंटरसेप्ट कर लिया गया। NATO के बेस पर अमेरिका के 50 न्यूक्लियर बम होने का अनुमान है। NATO समझौते के तहत अमेरिका ने यहां परमाणु बम स्टोर किए गए हैं जिसको ईरान ने निशाना बनाया है।

अब तक क्या पता लगा?
AFP के मुताबिक, तुर्की के इंसर्लिक एयर बेस पर सायरन सुनाई दिया है। ये बेस दक्षिण तुर्की में अदाना के पास है नाटो का है। इस घटना पर अब तक तुर्की की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। बेस पर लगभग 3:25 बजे सायरन बजा, जो करीब 5 मिनट तक बजता रहा। बेस पर रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है। पूरे शहर में काफी देर तक दमकल गाड़ियों और सुरक्षा बलों के सायरन सुनाई देते रहे। बता दें कि इससे पहले 4 मार्च को ईरान की एक मिसाइल को तुर्की के हवाई क्षेत्र में नाटो रक्षा द्वारा मार गिराया गया था।

जंग और ज्यादा भीषण हुई
अब मिडिल ईस्ट की जंग और ज्यादा भीषण हो गई है। ईरान खाड़ी देशों पर लगातार अटैक कर रहा है। इराक में फ्रांस के बेस पर अटैक किया है। ईरान के खिलाफ इजरायल और अमेरिका भी नॉन स्टॉप हमले कर रहा है। तेहरान पर लगातार एयर स्ट्राइक की जा रही है। लेबनान पर भी इजरायल लगातार बम बरसा रहा है।

डेढ़ साल पहले हुए हादसे के बाद युवक आर्थिक संकट में, दूसरी सर्जरी के लिए मांगी मदद

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रुदौली (फैजाबाद), उत्तर प्रदेश।
डेढ़ साल पहले हुए एक सड़क हादसे के बाद मोहम्मद अरसद नामक युवक गंभीर आर्थिक और शारीरिक परेशानियों से जूझ रहा है। युवक ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से मदद की अपील की है ताकि वह अपना इलाज पूरा करवा सके।
मोहम्मद अरसद ने बताया कि दुर्घटना के बाद डॉक्टरों ने उसकी तीन सर्जरी बताई थीं, जिनमें से पहली सर्जरी लोगों की दुआओं और सहयोग से सफलतापूर्वक हो चुकी है। लेकिन अब दूसरी सर्जरी के लिए उसके पास पैसे नहीं हैं, जिसके कारण इलाज आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
अरशद का कहना है कि वह एक होटल में काम करता है, जहां उसे रोज़ाना करीब 50 रुपये मिलते हैं, जिससे मुश्किल से उसका गुजारा हो पाता है। आर्थिक तंगी के चलते उसने सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर लोगों से मदद मांगनी शुरू की है।
पीड़ित युवक ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उसके परिवार वाले भी उसका साथ नहीं दे रहे हैं, इसलिए अब वह समाज और सोशल मीडिया के लोगों से ही उम्मीद लगाए बैठा है। उसने लोगों से अपनी वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर, लाइक और फॉलो करने की अपील की है ताकि उसके इलाज के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।
पता:
मोहम्मद अरसद
पिता – रहमत अली
चकका का पुरवा, भेलसर
रुदौली, फैजाबाद, उत्तर प्रदेश – 225402
संपर्क:
मोबाइल नंबर – 8423512899
फेसबुक अकाउंट – Mohmmad Arshad