Tuesday, July 7, 2026
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शाहजहांपुर: भतीजे ने चाचा के मकान पर किया अवैध कब्जा, दे रहा धमकियां

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शाहजहांपुर में रिश्तों को शर्मसार करता मामला सामने आया है, जहां एक भतीजे ने अपने ही चाचा के मकान पर अवैध कब्जा कर लिया और अब उसे खाली करने के बजाय धमकियां दे रहा है। पीड़ित ने न्याय के लिए प्रशासन से गुहार लगाई है, लेकिन अब तक उसे राहत नहीं मिल सकी है।

मामला तहसील सदर क्षेत्र के मोहल्ला व्याजा फिरोज का है, जहां रहने वाले रामनरायन पुत्र नन्हें लाल ने आरोप लगाया है कि उनकी मां ने वर्ष 2019 में विधिवत वसीयत के जरिए मकान उनके नाम कर दिया था। मां के निधन के बाद वह मकान के वैध मालिक बन गए और उसी में रह रहे थे। लेकिन इसी बीच उनके भतीजे लालू उर्फ आशीष ने मौके का फायदा उठाते हुए मकान पर जबरन कब्जा कर लिया।

पीड़ित का कहना है कि आरोपी न सिर्फ मकान खाली करने से इंकार कर रहा है, बल्कि उल्टा उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी भी दे रहा है। रामनरायन ने बताया कि उन्होंने तहसील दिवस में भी शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे उनका परिवार भय और तनाव में जीने को मजबूर है।

रामनरायन ने प्रशासन से अपील की है कि उनके दस्तावेजों और वसीयत के आधार पर उनके मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस पूरे मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर कब तक पीड़ित न्याय के लिए दर-दर भटकते रहेंगे और दबंग खुलेआम कानून की धज्जियां उड़ाते रहेंगे। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।

दीवार बनाने के विवाद में खूनी संघर्ष, कई लोग घायल — जानलेवा हमले का आरोप

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कुशीनगर। नेबुआ नौरंगिया थाना क्षेत्र के सरपतही खुर्द टोला भरपटिया गांव में दीवार निर्माण को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। प्रार्थी रमेश यादव पुत्र गनेश ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि 15 फरवरी 2026 की सुबह करीब 8 बजे उनके पट्टीदार हरदयाल पुत्र गनेश अपने भाई धनवंत पुत्र गनेश के साथ दीवार बना रहे थे।
इसी दौरान रमेश के भाई भगवती ने दीवार सीधी बनाने को कहा, जिस पर आरोप है कि धनवंत ने गुस्से में आकर भगवती का गला पकड़ लिया। तभी हरदयाल और उसके दोनों बेटे अनुज व सालू ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से हमला कर दिया, जिससे भगवती का हाथ-पैर टूट गया।
प्रार्थी रमेश ने बताया कि जब वह बीच-बचाव करने पहुंचे तो अनुज ने उन पर चाकू से हमला कर दिया। वहीं, भगवती को बचाने आई उसकी पत्नी कमलावती, पुत्र कुशाल और चार बेटियां पूजा, गुंजा, अल्पना भी हमले का शिकार हो गईं।
तहरीर के अनुसार, आरोपियों अनुज पुत्र हरदयाल, सालू पुत्र हरदयाल, धनवंत पुत्र गनेश, हरदयाल पुत्र गनेश, लक्ष्मण पुत्र सरदार, संदीप पुत्र सुरेन्द्र, सुरेन्द्र पुत्र कमला, सोनिया पत्नी हरदयाल, मंजू पत्नी धनवंत, गुडिया पुत्री हरदयाल और अंशू पुत्री हरदयाल ने मिलकर लाठी-डंडों, ईंट और लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया। इस हमले में कमलावती और उनकी बेटियों के सिर फट गए, जबकि कुशाल के सिर में गंभीर चोट लगने से वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गया।
घटना के दौरान रमेश की पत्नी उमा देवी और बेटी मीना भी मौके पर पहुंचीं, जिन पर भी अनुज और सालू ने चाकू व फाइटर से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया।
पीड़ित रमेश यादव ने पुलिस से सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

स्नैपचैट से शुरू हुआ प्यार, शादी के वादे के बाद मुकरा युवक: पीड़िता ने लगाया धोखे और शोषण का आरोप

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चित्रकूट/कानपुर देहात। सोशल मीडिया पर शुरू हुई एक प्रेम कहानी अब विवाद और आरोपों में बदल गई है। चित्रकूट के रामनगर की रहने वाली शबनम ने कानपुर देहात के शर्मा मोहल्ले के निवासी अभिषेक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि नवंबर 2023 में स्नैपचैट के जरिए दोनों की दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम संबंध में बदल गई। 15 दिसंबर 2025 तक दोनों के बीच लगातार बातचीत होती रही और मुलाकातों का सिलसिला भी जारी रहा।

शबनम के अनुसार, अभिषेक उससे मिलने के लिए कई बार चित्रकूट आता-जाता था, वहीं वह भी अभिषेक के घर कानपुर देहात तक गई। दोनों के बीच संबंध इतने गहरे हो गए थे कि वे पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे थे। एक बार दोनों को चित्रकूट कोतवाली में भी पकड़ा गया था, जिससे मामले ने उस समय भी तूल पकड़ा था। इसके अलावा शबनम अभिषेक की मौसी के यहां मातानपुर में आयोजित एक पारिवारिक कार्यक्रम (मुंडन) में भी उससे मिलने पहुंची थी।

पीड़िता का आरोप है कि अभिषेक ने उसे शादी का भरोसा दिलाया था और खुद को उसका पति बताकर उसके साथ संबंध बनाए। यहां तक कि 9 दिसंबर 2025 को दोनों ने घर से भागकर कोर्ट मैरिज करने की कोशिश भी की, लेकिन उस समय उम्र कम होने के कारण शादी नहीं हो सकी। इसके बाद अचानक अभिषेक का व्यवहार बदल गया और उसने बातचीत बंद कर दी।

शबनम का कहना है कि अब अभिषेक नई सोशल मीडिया आईडी बनाकर इंस्टाग्राम पर उसे मैसेज करता है और तुरंत डिलीट कर देता है। वहीं, उसे जानकारी मिली है कि अभिषेक अब किसी अन्य लड़की से शादी करने जा रहा है। इससे वह मानसिक रूप से काफी परेशान है और खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।

पीड़िता ने बताया कि उसने अभिषेक को अपना पति मानकर उस पर पूरा भरोसा किया और अपना सब कुछ उसे सौंप दिया। अब जब वह शादी से मुकर रहा है, तो वह न्याय की गुहार लगा रही है। शबनम ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उसे न्याय दिलाया जाए और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

 

ठेकेदार की ठगी से मजदूर बेहाल: 1.65 लाख रुपये बकाया, खाने तक के पैसे नहीं दिए

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रायपुर (छत्तीसगढ़)। राजधानी रायपुर के भनपुरी क्षेत्र से मजदूरों के शोषण और ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। झारखंड के रहने वाले मजदूरों ने आरोप लगाया है कि घर निर्माण के लिए बुलाए गए ठेकेदार ने उनसे काम तो करा लिया, लेकिन मेहनताना देने में आनाकानी कर रहा है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें कई दिनों से न तो भुगतान मिला है और न ही खाने-पीने तक के लिए पैसे दिए गए हैं।


मिली जानकारी के अनुसार, ठेकेदार का नाम रविउल रहमान बताया जा रहा है, जो भिलाई-रायपुर क्षेत्र के एम एन संडक पारा का निवासी है। मजदूरों को रायपुर के भनपुरी स्थित विक्रम नगर (थाना खमतराई, पिन कोड 493221) में स्थानीय मकान निर्माण कार्य के लिए बुलाया गया था। मजदूरों का आरोप है कि काम पूरा होने के बाद भी उन्हें उनका पूरा भुगतान नहीं किया गया।
पीड़ित मजदूरों के अनुसार, कुल काम लगभग 3 लाख 10 हजार रुपये का हुआ, जिसमें से केवल 1 लाख 45 हजार रुपये ही दिए गए हैं, जबकि करीब 1 लाख 65 हजार रुपये अब भी बकाया है। मजदूरों का कहना है कि वे लगातार अपने पैसे की मांग कर रहे हैं, लेकिन ठेकेदार टालमटोल कर रहा है और कोई ठोस जवाब नहीं दे रहा।
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि ठेकेदार ने उन्हें खाने तक के पैसे नहीं दिए, जिससे उनकी स्थिति और भी दयनीय हो गई है। बाहर राज्य से आए इन मजदूरों के सामने अब रोजमर्रा के खर्च चलाना भी मुश्किल हो गया है।
पीड़ितों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और जल्द से जल्द बकाया राशि दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे मजबूर होकर आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
इस मामले ने एक बार फिर निर्माण कार्यों में लगे असंगठित मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है।

सरकारी तालाब पर दबंगों का कब्जा, सीसी रोड के नीचे बनाए मकान, ग्रामीणों में आक्रोश

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बदायूँ जिले के उसहैत थाना क्षेत्र के ग्राम नगासी में सरकारी तालाब पर अवैध कब्जे का मामला सामने आया है, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। आरोप है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने धीरे-धीरे तालाब की जमीन पर कब्जा कर पक्का निर्माण कर लिया है, जबकि प्रशासन अब तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर सका है।

ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम नगासी, मौन्नामपुर के पास स्थित सरकारी तालाब (कोड संख्या 243641) पर कई लोगों ने मिलकर कब्जा कर लिया है। आरोपियों में कल्याण सिंह के पुत्र राजेश सिंह, नेकराम के परिवार के सदस्य, साधु सिंह, कड़ी सिंह सहित अन्य लोगों के नाम सामने आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने पहले तालाब में भैंस का गोबर डालकर उसे पाटा, फिर ऊपर से मिट्टी डालकर जमीन को समतल किया और धीरे-धीरे वहां मकान खड़े कर दिए।

हैरानी की बात यह है कि इन अवैध निर्माणों के ऊपर से सीसी रोड तक बना दी गई है, जिससे यह कब्जा और भी स्थायी रूप ले चुका है। स्थानीय लोगों का कहना है यहां पर रोड पर ही तालाब बना हुआ है और आने-जाने में आसुविधा है यह कब्जा सुनील राठौर के घर के पास वाले हिस्से में ज्यादा तेजी से हुआ है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर इस तरह का अवैध कब्जा खुलेआम किया जा रहा है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। इससे गांव के लोगों में रोष व्याप्त है और वे लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि अभी तक कब्जा नहीं जाता है

गांव वालों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरा तालाब खत्म हो जाएगा, जिससे जल संरक्षण पर भी गंभीर असर पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर अवैध कब्जा हटवाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही है यहां के लोग बहुत ज्यादा परेशान है इस पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए

बुजुर्ग पिता पर अत्याचार: बेटे-बहू की प्रताड़ना और पुलिस की मारपीट से एक कान से सुनाई देना बंद

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फरीदाबाद। हरियाणा के पल्ला थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग पिता ने अपने ही बेटे-बहू और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित सुरेन्द्र प्रसाद (59 वर्ष), जो मूल रूप से दिल्ली के ओखला क्षेत्र के निवासी हैं, ने आरोप लगाया है कि उनके छोटे बेटे प्रमोद कुमार और बहू अनीता कुमारी उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं।

पीड़ित के अनुसार, सुरेंद्र प्रसाद की पत्नी सुमरन जो की 56 साल की है उनके नाम यहां मकान है उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से अजय नगर, स्माइलपुर (फरीदाबाद) में घर बनाया था, लेकिन अब उसी घर में उन्हें रहने नहीं दिया जा रहा। सुरेन्द्र प्रसाद का कहना है कि उनका बेटा और बहू अक्सर गाली-गलौज करते हैं और घर से बाहर निकालने की धमकी देते हैं।

घटना 17 मार्च 2026 की बताई जा रही है, जब बहू अनीता कुमारी ने उनकी पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए मारपीट की। स्थिति बिगड़ने पर 112 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया गया, लेकिन आरोप है कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी ने निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय पीड़ित के साथ ही मारपीट कर दी।

सुरेन्द्र प्रसाद ने आरोप लगाया कि पल्ला थाने में तैनात पुलिसकर्मी प्रकाश चंद ने उन्हें बिना किसी कारण घर से उठाकर पीटा, और पुलिस कर्मी प्रकाश चंद जी को सुरेंद्र जी को पीटने के लिए घूस दी गई थी जबकि उस समय वे अपने कमरे में सो रहे थे और विवाद से उनका कोई सीधा संबंध नहीं था। इस मारपीट के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और अब उन्हें एक कान से सुनाई नहीं दे रहा है।

पीड़ित का कहना है कि पुलिस की यह कार्रवाई पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना और विभागीय अनुशासन के खिलाफ है। उन्होंने अपना मेडिकल परीक्षण कराने के बाद उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है और दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

सुरेन्द्र प्रसाद ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाते हुए कहा है कि उन्हें उनके ही घर में सुरक्षा और सम्मान के साथ रहने का अधिकार दिलाया जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।

इस घटना ने एक बार फिर परिवारिक कलह और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

छेड़छाड़, गाली-गलौज और मारपीट का आरोप: शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं, पीड़िता ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

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कासगंज। जिले के सिद्धपुरा थाना क्षेत्र के नगला मोड़ गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक युवती ने गांव के ही एक व्यक्ति और उसके परिजनों पर गाली-गलौज, अभद्र भाषा का प्रयोग और मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का यह भी कहना है कि थाने में शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई, बल्कि उसे ही धमकाया गया, जिससे वह भय और तनाव में जीने को मजबूर है।

पीड़िता कुसुमा कुमारी, पुत्री अनोखेलाल, निवासी ग्राम नगला मोड़, पोस्ट पिथनपुर ने पुलिस अधीक्षक को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि 4 मार्च 2026 को दोपहर करीब 2 बजे गांव के ही धर्मेंद्र पुत्र रामेश्वर ने उसे निशाना बनाते हुए बेहद आपत्तिजनक और घिनौने शब्दों का प्रयोग किया। जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी और उसके पिता ने मिलकर न केवल गाली-गलौज की, बल्कि उसके साथ और उसके परिवार के साथ मारपीट भी की।

पीड़िता के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उसने उसी दिन थाना सिद्धपुरा में लिखित शिकायत दी, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। आरोप है कि उल्टा उसे ही डराया-धमकाया गया, जिससे उसका मनोबल टूट गया और न्याय की उम्मीद कम होती नजर आ रही है।

कुसुमा कुमारी ने बताया कि वह पढ़ाई के सिलसिले में अधिकतर कासगंज में रहती है, लेकिन जब भी गांव लौटती है, तब उसके साथ इस प्रकार की घटनाएं पहले भी कई बार हो चुकी हैं। लगातार हो रहे उत्पीड़न से वह बेहद परेशान है और भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका जता रही है।

पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके और वह सुरक्षित माहौल में जीवन यापन कर सके।

 

हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर बना खतरा: आम रास्ते पर लगा बिजली का जाल, ग्रामीणों में दहशत, शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं

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मऊ (उत्तर प्रदेश)। जिले के गोकुलपुरा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही अब बड़े हादसे का कारण बन सकती है। गांव के मुख्य आम रास्ते पर लगाए गए हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर ने स्थानीय लोगों की नींद उड़ा दी है। यही रास्ता गांव के लोगों, बच्चों और मवेशियों के आने-जाने का एकमात्र साधन है, लेकिन खुले में लगा यह ट्रांसफॉर्मर अब खतरे की घंटी बन चुका है।

गांव निवासी के अनुसार, जब इस ट्रांसफॉर्मर को लगाया जा रहा था, तभी उन्होंने और अन्य ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि गांव में पर्याप्त खाली जगह होने के बावजूद भी इसे जानबूझकर आम रास्ते पर स्थापित कर दिया गया। अब हालात ऐसे हैं कि छोटे बच्चे उसी रास्ते पर खेलते हैं और मवेशी भी वहीं से गुजरते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले की शिकायत ग्राम सरपंच से लेकर बिजली विभाग तक कई बार की जा चुकी है, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला है। “आज कर देंगे, कल कर देंगे” कहकर मामला टाल दिया जाता है, लेकिन ट्रांसफॉर्मर को शिफ्ट करने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

स्थिति और भी गंभीर इसलिए हो जाती है क्योंकि ट्रांसफॉर्मर के आसपास कोई बाउंड्री या सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। निकासा रोड पर खुले में लगा यह हाई वोल्टेज ट्रांसफॉर्मर बच्चों और जानवरों के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आखिरकार किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार क्यों किया जा रहा है।

गौरतलब है कि वर्तमान में विदेश (अबू धाबी, दुबई) में काम करते हैं, लेकिन उनका परिवार गांव में ही रहता है। परिवार के छोटे-छोटे बच्चे रोज इसी रास्ते से गुजरते हैं, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस ट्रांसफॉर्मर को तुरंत सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए और उचित बाउंड्री बनाकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं। यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लापरवाही कभी भी बड़े हादसे में बदल सकती है।

 

दूध लेने निकली किशोरी लापता: इतने दिन बीत जाने के बाद भी नहीं मिला सुराग, परिवार ने पुलिस पर लगाई सुस्ती का आरोप

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नई दिल्ली। पश्चिम विहार थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है, जिसने परिवार की चिंता बढ़ा दी है। नांगलोई के भीमनगर कैंप नंबर 2 निवासी सतिश कुमार की 16-17 वर्षीय बेटी गौरी 17 मार्च 2026 को घर से दूध लेने जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन उसके बाद से वह वापस नहीं लौटी। परिजनों के मुताबिक, गौरी चार नंबर सब्जी मंडी की ओर गई थी, जिसके बाद उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है।

परिवार का कहना है कि गौरी पहले भी कई बार घर छोड़कर जा चुकी है, लेकिन हर बार उसे ढूंढकर वापस लाया गया था। इस बार मामला ज्यादा गंभीर इसलिए भी हो गया है क्योंकि गौरी की मानसिक स्थिति पूरी तरह ठीक नहीं बताई जा रही है। साथ ही वह अपने साथ आधार कार्ड भी लेकर गई है, जिससे परिजनों की चिंता और बढ़ गई है।

पिता सतिश कुमार ने बताया कि बेटी के लापता होने के बाद से ही परिवार के सदस्य लगातार उसकी तलाश में जुटे हुए हैं। आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजनों का आरोप है कि थाना स्तर पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उनकी चिंता और गहरा गई है।

इस संबंध में सतिश कुमार ने थाना पश्चिम विहार में लिखित प्रार्थना पत्र देकर बेटी की गुमशुदगी की सूचना दी है और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी कहा है कि यदि भविष्य में बेटी के साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो उसके लिए परिवार जिम्मेदार नहीं होगा।

परिवार ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को भी गौरी के बारे में कोई जानकारी मिले, तो तुरंत दिए गए मोबाइल नंबर 8826802816, 8745868633 या नजदीकी थाने में सूचना दें। परिजनों का कहना है कि एक छोटी सी सूचना उनकी बेटी को सुरक्षित वापस ला सकती है।

बदायूं में जमीन विवाद ने पकड़ा तूल, दबंगों पर अवैध कब्जे और निर्माण की कोशिश का आरोप

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बदायूं। जिले के दातागंज तहसील क्षेत्र से जमीन विवाद का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी खरीदी हुई भूमि पर कुछ लोगों द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध निर्माण करने की कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाते हुए निष्पक्ष पैमाइश कराने की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम महिला परगना सलेमपुर निवासी इरशाद खाँ ने वर्ष 2011 में ग्राम कुड़ा कुठिया सुल्तानपुर स्थित गाटा संख्या 22/3 (रकबा 0.468) और गाटा संख्या 23 (रकबा 0.063) की भूमि विधिवत बैनामा कर खरीदी थी। दोनों ही जमीनों का दाखिल-खारिज भी पूरा हो चुका है और तब से वह लगातार इन पर खेती करते आ रहे हैं।

पीड़ित का कहना है कि उक्त जमीन मुख्य मार्ग पर स्थित है और इसके आसपास तीन तरफ बस्ती विकसित हो चुकी है, जिससे जमीन की कीमत और महत्व बढ़ गया है। इसी बीच गांव के ही कुछ लोग—नरेश सिंह, केन्द्र सिंह, उर्वेश सिंह और रघुराज सिंह—अब इस जमीन को अपनी बताकर उस पर जबरन कब्जा करने और अवैध निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं।

इरशाद खाँ का आरोप है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उक्त लोगों ने विवाद खड़ा कर दिया और लगातार दबाव बनाने लगे। उन्होंने बताया कि इस मामले की शिकायत थाना पुलिस, उप जिलाधिकारी दातागंज समेत अन्य अधिकारियों से भी की गई, जिसके चलते कुछ समय के लिए अवैध निर्माण रुका, लेकिन अब फिर से निर्माण कराने की कोशिश की जा रही है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि राजस्व विभाग द्वारा की गई पूर्व पैमाइश को भी आरोपी मानने से इनकार कर रहे हैं और अपनी राजनीतिक पहुंच का हवाला देकर दबाव बना रहे हैं। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी अनहोनी घटना हो सकती है, क्योंकि आरोपी पक्ष लगातार झगड़े पर आमादा है।

इस पूरे मामले को लेकर इरशाद खाँ ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए मांग की है कि उच्चाधिकारियों की उपस्थिति में राजस्व टीम गठित कर दोनों गाटा संख्याओं की दोबारा निष्पक्ष पैमाइश कराई जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और अवैध कब्जे की कोशिश पर रोक लगाई जा सके।

फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले की जांच की बात कही जा रही है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस विवाद को सुलझाने के लिए क्या कदम उठाता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।