दिल्ली-NCR के इलाकों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है। दिल्ली-NCR से लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक मूसलाधार बारिश के चलते जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं।
देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने आज यानी 9 जुलाई को देश के कई राज्यों में अत्यधिक भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है। दिल्ली-NCR से लेकर महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक, मूसलाधार बारिश के चलते जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो गई हैं।
महाराष्ट्र में मॉनसून के कारण नदियां उफान पर हैं और कई जगहों पर इमारतें ढहने व अचानक बाढ़ की खबरें हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से अब तक राज्य में बारिश और तूफान से जुड़े हादसों में 62 लोगों की जान जा चुकी है और लगभग 200 मवेशियों की मौत हुई है।
दिल्ली-NCR के लिए रेड अलर्ट
देश की राजधानी दिल्ली और इसके आस-पास के इलाकों में पिछले 24 घंटों से रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिल्ली-NCR में आज 9 जुलाई को रेड अलर्ट और कुछ इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया है। दिल्ली में आज सुबह 2:30 से 5:30 बजे के बीच सिर्फ 3 घंटों में 34.9 mm बारिश दर्ज की गई।
अन्य राज्यों में मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद, प्रयागराज, कानपुर और अयोध्या समेत कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है।
बिहार के पटना, वैशाली, भागलपुर और सिवान सहित कई जिलों में भारी बारिश के साथ 65 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
राजस्थान में अगले दो-तीन दिन मॉनसून सक्रिय रहेगा, लेकिन 11 जुलाई से बारिश की गतिविधियों में कमी आने के आसार हैं। 10 जुलाई को केवल भरतपुर संभाग में भारी बारिश हो सकती है।
उत्तराखंड के नैनीताल, देहरादून और पौड़ी समेत कई इलाकों में आज भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सलाह दी है और राहत-बचाव दल अलर्ट पर हैं।
तमिलनाडु के पश्चिमी घाट से जुड़े जिलों में अगले 48 घंटों तक मौसम अस्थिर रहेगा।
दक्षिणी गुजरात से केरल तक बने एक लो-प्रेशर ट्रफ के कारण यहां गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
असम में बाढ़ का खतरा
वहीं, असम के कई हिस्सों में अगले 3-4 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश और बिजली गिरने का अनुमान है। धुबरी, कोकराझार और लखीमपुर समेत कई जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने को कहा गया है।


