हमीरपुर। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में एक नवविवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका के पिता ने बेटी की ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए प्रताड़ित करने और साजिश के तहत हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय पुलिस पर भी आरोपियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय और सुरक्षा की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के पलेरा थाना क्षेत्र के आलमपुरा गांव निवासी बसन्तलाल विश्वकर्मा की पुत्री साधना का विवाह 2 दिसंबर 2024 को हमीरपुर जिले के गोहाण्ड कस्बा निवासी आनन्द पुत्र देवकीनन्दन के साथ हुआ था। परिजनों का आरोप है कि विवाह के समय उन्होंने अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज दिया था, लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही पति आनन्द, सास उमा, ससुर देवकीनन्दन, देवर रुचित और ननद दीपिका अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर साधना का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने लगे।
इस मामले में मूल रूप से दोषी देवर रूचित और नंद दीपिका इनका मुख्य हाथ है इनको कड़ी से कड़ी सजा दिलानी चाहिए

परिजनों का कहना है कि साधना के साथ कई बार मारपीट भी की गई और लगातार उसे प्रताड़ित किया जाता रहा। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने समझौते का भरोसा देकर उसे वापस अपने घर बुलाया और 27 मई 2026 को साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मृतका के पिता ने 31 मई 2026 को थाना जरिया में मामला दर्ज कराया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 85 और 80(2) के साथ दहेज प्रतिषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत एफआईआर संख्या 0090 दर्ज की। हालांकि पीड़ित परिवार का आरोप है कि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
बसन्तलाल विश्वकर्मा का कहना है कि स्थानीय पुलिस आरोपियों से मिली हुई है, जिसके कारण सभी नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी लगातार मुकदमा वापस लेने का दबाव बना रहे हैं और धमकी दे रहे हैं कि पुलिस उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकती तथा उनका नाम भी केस से हटवा दिया जाएगा।
इन परिस्थितियों से भयभीत पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक हमीरपुर को प्रार्थना पत्र सौंपकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित परिवार को उम्मीद है कि उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें न्याय मिलेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।