हाजीपुर/मुजफ्फरपुर। परिवार की सहमति से तय हुई शादी अंतिम समय पर टूटने का मामला सामने आया है। हाजीपुर क्षेत्र के 21 वर्षीय युवक बिट्टू कुमार, पिता गजेंद्र राय, ने आरोप लगाया है कि मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की क्षेत्र की रहने वाली 19 वर्षीय युवती मनीषा कुमारी, पिता सुरेश राय, के साथ उनका विवाह 8 फरवरी को होना तय हुआ था। लेकिन शादी से ठीक पहले फोन कर लड़की पक्ष की ओर से इनकार कर दिया गया।
परिजनों के अनुसार, दोनों की जान-पहचान करीब एक महीने पहले हुई थी। बातचीत का सिलसिला बढ़ा और यह संबंध आपसी सहमति से विवाह के निर्णय तक पहुंचा। दोनों परिवारों के बीच बातचीत के बाद रिश्ते को औपचारिक रूप दिया गया। तय तारीख के अनुसार 8 फरवरी को शादी संपन्न होनी थी।
युवक पक्ष का कहना है कि शादी की पूरी तैयारी कर ली गई थी। घर में आयोजन की व्यवस्थाएं पूरी हो चुकी थीं। निमंत्रण पत्र छपवाकर रिश्तेदारों और परिचितों को भेज दिए गए थे। परिवार का दावा है कि सामाजिक स्तर पर कार्यक्रम की घोषणा भी कर दी गई थी। ऐसे में अंतिम समय पर रिश्ता टूटने से उन्हें आर्थिक और सामाजिक दोनों प्रकार की क्षति हुई है।
बिट्टू कुमार का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने लड़की पक्ष को भड़काया, जिसके बाद अचानक शादी से इनकार कर दिया गया। उनका कहना है कि जब दोनों परिवारों की सहमति से विवाह तय हुआ था, तो ऐन मौके पर निर्णय बदलना समझ से परे है।
रिश्ता टूटने के बाद युवक गहरे मानसिक तनाव से गुजर रहा है। परिजनों का कहना है कि वह सामाजिक बदनामी और भावनात्मक आघात के कारण काफी परेशान है। परिवार ने इस घटना को लेकर न्याय की मांग की है और आगे की कार्रवाई पर विचार कर रहा है।
वहीं, इस मामले में अब तक किसी थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज होने की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि लिखित आवेदन मिलने पर मामले की जांच की जाएगी।
स्थानीय लोगों का मानना है कि विवाह जैसे संवेदनशील विषय में अंतिम समय पर लिया गया फैसला दोनों परिवारों को गहरे संकट में डाल देता है। सामाजिक प्रतिष्ठा, आर्थिक व्यय और भावनात्मक जुड़ाव — इन सभी पहलुओं पर इसका व्यापक असर पड़ता है। फिलहाल मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।


