Wednesday, March 4, 2026
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HomeNationalजबलपुर में 28 वर्षीय महिला की दहला देने वाली आपबीती—

जबलपुर में 28 वर्षीय महिला की दहला देने वाली आपबीती—

“पति जेठानी के साथ रहता है… मुझे मारता-धमकाता है”
सीता विश्वकर्मा बोलीं—अब भी चाहती हूँ अपना घर बचाना!**

गंगा सागर प्रेमनगर LIC कॉलोनी जबलपुर मध्य प्रदेश
जबलपुर के मदन महल थाना क्षेत्र में रहने वाली 28 वर्षीय सीता विश्वकर्मा की शादी को पाँच साल हो चुके हैं। लेकिन इन पाँच वर्षों में जिस नरक से वह गुज़री हैं, उसकी दास्तान सुनकर किसी का भी दिल कांप उठे।

सीता का आरोप है कि शादी के शुरुआती 15–20 दिन छोड़कर—
पति संदीप शर्मा, ससुरालवाले और जेठानी उर्मिला ने मिलकर उन्हें लगातार प्रताड़ित, पीटा और धमकाया।

सबसे चौंकाने वाला आरोप यह है कि पति अपनी ही जेठानी के साथ रिश्ते में है और उसके साथ ही रहता–सोता है।

“शादी के कुछ दिनों बाद ही मारपीट शुरू… गालियाँ, अपमान, धमकियाँ”—सीता की दर्दभरी दास्तान

सीता बताती हैं—

शादी के बाद शुरुआत में सब ठीक था,

फिर 15–20 दिन बीतते ही पति और ससुराल वालों ने मारपीट शुरू कर दी,

गंदी गालियाँ, अपमानजनक बातें,

कई बार जान से मारने की धमकियाँ,

जेठानी उर्मिला के उकसाने पर प्रताड़ना बढ़ती गई।

सबसे बड़ा सदमा तब लगा जब सीता को शक हुआ कि उनका पति जेठानी के साथ अवैध संबंधों में है।

सीता कहती हैं—

> “मेरी हर बात पर रोक, मारपीट, अपमान… और वहीं, जेठानी के लिए वह कुछ भी करने को तैयार।
वह उसके साथ ही रहता है, सोता है…
मेरे पास सबूत नहीं, इसलिए बोल भी नहीं पाती।”
“डरकर मायके आ गई… FIR कराई… 4 साल तक कोर्ट में लड़ी”

पति और ससुराल से तंग आकर सीता वापस शहडोल स्थित मायके चली गईं।

वह बताती हैं—

मजबूर होकर थाने में FIR दर्ज कराई,

केस चार साल कोर्ट में चला,

लेकिन परिवार के टूटने के डर से वह फिर ससुराल लौट आईं।

6–7 महीने से वह फिर उसी घर में रह रही हैं—
लेकिन हालात पहले से भी ज़्यादा भयानक हो चुके हैं।

“पति अब मेरे साथ नहीं रहता… बात तक नहीं करता”—सीता का टूटता मन

सीता रोते हुए कहती हैं—

> “वह मेरे साथ बात नहीं करता…
मेरे पास नहीं सोता…
जेठानी उर्मिला के कमरे में ही रहता है।
डराती हूँ तो धमकाते हैं…
मैं अकेली हूँ… कुछ नहीं कर पा रही।”

उनका 3.5 साल का बेटा सिद्धार्थ शर्मा रोज पूछता है—

> “पापा मुझसे क्यों नहीं खेलते?”

“मैं तलाक नहीं चाहती… बस अपना घर बचाना चाहती हूँ”—सीता की अंतिम गुहार

सारी प्रताड़ना सहने के बावजूद, सीता की एक ही मांग है—

> “मैं अपना पति वापस चाहती हूँ।
मैं चाहती हूँ कि हम सखी–जीवन व्यतीत करें।
मुझे न्याय चाहिए…
मेरे पति को उसके परिवार के गलत प्रभाव से बाहर निकालिए।”
सीता ने मीडिया के माध्यम से प्रशासन से गुहार लगाई है—
मामले की निष्पक्ष जांच की जाए,

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