सिद्धार्थनगर।
जनपद सिद्धार्थनगर के थाना भवानीगंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम परसपुर/बरसपुर में सरकारी भूमि और चक रोड पर अवैध कब्जे का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। गांव के मुख्य रास्ते और नाली पर दबंगों द्वारा कब्जा किए जाने से ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि चार साल बीत जाने के बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग आंख मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की सरकारी जमीन, चक रोड और नाली पर नाजिमुल हसन पुत्र करमूल निवासी सिद्धार्थनगर द्वारा अवैध कब्जा किया गया है। यही नहीं, कब्जे के कारण नाली का पानी सड़क पर फैल रहा है, जिससे कीचड़, गंदगी और दुर्गंध से लोगों का जीवन नारकीय बन चुका है। बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को रोजाना भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि जब भी कोई व्यक्ति इस अवैध कब्जे का विरोध करता है, तो उसे धमकाया जाता है। शिकायतकर्ताओं का यह भी कहना है कि दबंग खुलेआम कहते हैं कि “पैसा दोगे तभी काम होगा”, जिससे गांव में दहशत का माहौल है। कई बार लेखपाल, तहसील और अन्य कार्यालयों में लिखित शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्राम प्रधान नसीरुल हसन को भी इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि न तो नाली बनवाई गई और न ही रास्ता खुलवाया गया। प्रशासनिक उदासीनता के कारण दबंगों के हौसले बुलंद होते जा रहे हैं और सरकारी जमीन पर कब्जा स्थायी रूप लेने लगा है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि चक रोड और सरकारी भूमि पर कब्जे के चलते एंबुलेंस, ट्रैक्टर और अन्य जरूरी वाहनों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। बरसात के मौसम में हालात और बदतर हो जाते हैं, जिससे बीमारी फैलने का खतरा भी बना रहता है।
अब सवाल यह उठता है कि जब सरकारी जमीन पर खुलेआम कब्जा हो रहा है, लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं, नोटिस जारी होने की बात कही जा रही है, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही? क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार कर रहा है? गांव के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कब्जा नहीं हटाया गया, तो वे मजबूरन आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।


