मोहाली में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुए हादसे में हिमाचल के कारोबारी प्रत्युष जैन, उनकी पत्नी हर्षिता और वकील सुरेश ऐरी की जान चली गई। शादी के महज 4 महीने बाद हुए इस वज्रपात से प्रत्युष-हर्षिता के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।
ऊना (हिमाचल प्रदेश): नियति के क्रूर विधान और एक दर्दनाक सड़क हादसे ने हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को पल भर में उजाड़ कर रख दिया। चार महीने पहले जिस घर में ब्याह कर लाई बहू के स्वागत में शहनाइयां गूंजी थीं, आज उसी घर से बेटे और बहू की अर्थियां एक साथ उठीं। इस हृदयविदारक मंजर को देखकर हर आंख छलक उठी और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
ट्रक में जा घुसी क्रेटा कार
मिली जानकारी के अनुसार, पंजाब के मोहाली में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर मंगलवार तड़के हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में नवविवाहित जोड़े (बेटे और बहू) की असमय मृत्यु हो गई। टोल प्लाजा के पास आगे चल रहे कंटेनर के अचानक ब्रेक लगाने पर हिमाचल की क्रेटा कार ट्रक के पिछले हिस्से में जा घुसी।
हिमाचल के कारोबारी के नव-विवाहित बेटे-बहू की मौत
हादसे में हिमाचल प्रदेश के कारोबारी के बेटे, बहू के अलावा एक वकील की भी मौत हो गई। मृतकों की पहचान ऊना जिले के देहलां गांव के वकील सुरेश ऐरी, मैहतपुर निवासी कारोबारी प्रत्युष जैन और उनकी पत्नी हर्षिता जैन के रूप में हुई है।
बहन की शादी से लौट रहे थे प्रत्युष और हर्षिता
बताया जा रहा है कि प्रत्युष अपनी पत्नी हर्षिता और पारिवारिक मित्र सुरेश ऐरी के साथ जींद में बहन की शादी में गए थे और वहां से वापस लौट रहे थे। चार महीने पहले ही प्रत्युष और हर्षिता की शादी हुई थी। शादी के महज 4 महीने बाद हुए इस वज्रपात से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सोमवार को ऊना के भबोर साहिब स्वर्ग धाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।
ऊना में पसरा मातम, हजारों नम आंखों ने दी अंतिम विदाई
इस दुखद घड़ी में शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने और दिवंगत आत्माओं को विदाई देने के लिए भबोर साहिब स्वर्ग धाम में हजारों लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अंतिम यात्रा के दौरान वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं और माहौल पूरी तरह गमगीन था। इस अकल्पनीय दुख के आगे सांत्वना देने आए लोगों के शब्द भी कम पड़ रहे थे। हर कोई इस दिल दहला देने वाली घटना से स्तब्ध था।
वहां मौजूद लोगों ने भगवान से प्रार्थना की कि वह इस गहरे घाव और वज्रपात को सहने के लिए पीड़ित परिवार को साहस व शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें।
