ठाणे। निर्माण कार्य का भुगतान मांगना एक ठेकेदार के लिए उस समय मुश्किल बन गया, जब बिल्डर ने कथित रूप से पैसे देने से साफ इनकार करते हुए उसे धमकी दे डाली। इस मामले में ठाणे शहर के डायघर पुलिस थाने में अदखलपात्र रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार ठेकेदार दिलीप रामभाऊ नवगीरे (56), जो नवी मुंबई के तळोजा फेज-1 क्षेत्र के निवासी हैं और पेशे से कॉन्ट्रैक्टर हैं, ने बिल्डर जीवन सिंह और नारायण वाडिया के खिलाफ शिकायत दी है।
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ठेकेदार दिलीप नवगीरे ने शिळफाटा क्षेत्र में निर्माण कार्य करने का ठेका लिया था। दोनों पक्षों के बीच 19 मई 2025 को करीब तीन लाख रुपये में निर्माण कार्य का कोटेशन तय हुआ था। इस समझौते के तहत बाउंड्री बीम की खुदाई, पार्किंग की फुटिंग, कॉलम, मिट्टी भराई, पीसीसी और अन्य आरसीसी निर्माण से जुड़े कई काम शामिल थे। ठेकेदार का कहना है कि उसने तय समय में अधिकांश निर्माण कार्य पूरा कर दिया, लेकिन भुगतान की बारी आने पर बिल्डर और उसके सहयोगी ने पैसे देने से इनकार कर दिया।
शिकायत में बताया गया है कि 7 जून 2025 को दोपहर करीब तीन बजे ठेकेदार दिलीप नवगीरे शिळफाटा स्थित निर्माण स्थल पर अपने बकाया पैसे मांगने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान बिल्डर जीवन सिंह और नारायण वाडिया ने उन्हें कथित तौर पर अपमानित करते हुए कहा कि वे कोई भुगतान नहीं करेंगे और जो करना है कर लें। ठेकेदार का आरोप है कि बातचीत के दौरान उन्हें धमकाया भी गया, जिसके बाद उन्होंने पुलिस का सहारा लिया।
डायघर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 351(2) के तहत अदखलपात्र गुन्हा रजिस्टर क्रमांक 1004/2025 दर्ज किया है। पुलिस उपनिरीक्षक नितीन सुरेश बेलगे द्वारा इस मामले की एंट्री जनरल डायरी में की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों से पूछताछ की जा सकती है।
इस घटना ने निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले ठेकेदारों और मजदूरों के सामने आने वाली आर्थिक असुरक्षा और भुगतान विवादों को एक बार फिर उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में भुगतान को लेकर विवाद अक्सर सामने आते हैं, लेकिन कई मामलों में ठेकेदारों को धमकियों का भी सामना करना पड़ता है।


