राजधानी दिल्ली के नजफगढ़ क्षेत्र से मां-बेटे के रिश्ते को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। एक वृद्ध एवं अशिक्षित महिला ने अपने ही बेटे पर संपत्ति के दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर मकान और दुकान अपने नाम कराने, उन्हें बेच देने, मारपीट करने तथा घर से बेदखल करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने थाना नजफगढ़ में शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, पार्वती देवी, पत्नी स्वर्गीय राम प्यारे, निवासी श्याम विहार, नजफगढ़, नई दिल्ली ने बताया कि उनके पति का वर्ष 2016 में निधन हो गया था। उनका कहना है कि वर्ष 1995 में उनके पति ने एक भूखंड खरीदा था, जिस पर परिवार ने मकान बनवाकर वर्षों तक निवास किया।
पीड़िता का आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद उनके बड़े बेटे सुरेश कुमार ने कथित रूप से धोखाधड़ी और दस्तावेजों में हेरफेर कर मकान अपने नाम करा लिया। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उनका दूसरा बेटा सुरेश मौर्य, जो प्रॉपर्टी डीलर का कार्य करता है, ने भी इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई और कथित रूप से अपनी जानकारी एवं प्रभाव का इस्तेमाल कर संपत्ति अपने नाम कराने में सहयोग किया।
शिकायत में कहा गया है कि वर्ष 2018 में पति के नाम की एक दुकान भी कथित रूप से अपने नाम कराकर बेच दी गई। महिला का आरोप है कि बाद में मकान भी अन्य लोगों की मदद से बेच दिया गया, जिससे वह अपनी ही संपत्ति से वंचित हो गईं।
पार्वती देवी का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई। आरोप है कि उन्हें घर से भी बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद से वह दर-दर भटकने और कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने को मजबूर हैं।
महिला का आरोप है कि बाद में उन्हें पता चला कि उनकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज कथित रूप से फर्जी तरीके से बदल दिए गए हैं। उनका कहना है कि इस पूरे प्रकरण में कुछ अन्य लोगों की भी मिलीभगत रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
पीड़िता ने थाना प्रभारी नजफगढ़ को दिए प्रार्थना पत्र में मामले की निष्पक्ष जांच, संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की विधिक जांच, संबंधित आरोपियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने तथा उन्हें न्याय दिलाने की मांग की है।
