Home National बस्ती में पट्टा जमीन पर कब्जे का संगीन आरोप, पीड़ित बोला—आदेशों के...

बस्ती में पट्टा जमीन पर कब्जे का संगीन आरोप, पीड़ित बोला—आदेशों के बाद भी नहीं मिला न्याय, जान से मारने की धमकी

0

बस्ती। उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के हरैया तहसील क्षेत्र स्थित पूरे हेमराज गांव में आवासीय पट्टा जमीन को लेकर गंभीर विवाद सामने आया है। पीड़ित कमरूज्जमा ने आरोप लगाया है कि वर्ष 1985 में उनके पिता के नाम आवंटित पट्टा भूमि पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है और पिछले कई वर्षों से उन्हें जमीन से बेदखल कर लगातार उत्पीड़न किया जा रहा है। पीड़ित का कहना है कि कई बार उच्च अधिकारियों के आदेश के बावजूद न तो कब्जा दिलाया गया और न ही आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई हुई।

पीड़ित के अनुसार, गाटा संख्या 148क में लगभग 8 बिस्वा जमीन उनके पिता स्व. कासिम के नाम आवासीय पट्टा के रूप में दर्ज है, जिस पर वह वर्षों से झोपड़ी बनाकर जीवन यापन कर रहे थे। लेकिन वर्ष 2008 में गांव के ही कुछ दबंग लोगों—रमेश सिंह, प्रवीण सिंह और उनके परिजनों—ने कथित रूप से उनका आशियाना उजाड़ दिया और जमीन पर कब्जा कर लिया। इसके बाद से पीड़ित परिवार दर-दर भटकने को मजबूर है।

कमरूज्जमा का आरोप है कि उन्होंने थाना से लेकर जिलाधिकारी, उपजिलाधिकारी, चकबंदी अधिकारी, मुख्यमंत्री कार्यालय और यहां तक कि अल्पसंख्यक आयोग व मानवाधिकार आयोग तक शिकायत की, लेकिन न्याय नहीं मिला। उन्होंने बताया कि 8 फरवरी 2024 को चकबंदी आयुक्त द्वारा कब्जा दिलाने का आदेश भी जारी किया गया, वहीं जून और अगस्त 2024 में जिलाधिकारी स्तर से भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए, लेकिन इन आदेशों का जमीन पर कोई असर नहीं दिखा।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उन पर समझौते का दबाव बनाया गया। एक मामले में उपजिलाधिकारी स्तर पर बुलाकर कथित रूप से उनसे जमीन छोड़ने और दूसरी जगह लेने की बात कही गई, जिसे उन्होंने ठुकरा दिया। इसके बाद उन्हें और अधिक परेशान किया जाने लगा। इतना ही नहीं, आरोप है कि लेखपाल द्वारा जांच के नाम पर पक्षपात किया गया और विपक्षी के घर जाकर उनसे मिलकर लौट गए, जबकि पीड़ित दिनभर इंतजार करता रहा।

मामले में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि पहले राजस्व अभिलेखों में पट्टा वैध बताया गया, लेकिन बाद में उसे अवैध करार देने की कोशिश की गई। पीड़ित का कहना है कि खतौनी में उनके नाम पर कट का निशान लगाकर रिकॉर्ड में भी हेरफेर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी विपक्षियों से मिलकर साजिश के तहत उनकी जमीन छीनने का प्रयास कर रहे हैं।

कमरूज्जमा ने यह भी बताया कि उनकी जमीन पर लगे पेड़ों को भी विपक्षियों द्वारा कटवा दिया गया और कई बार उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने इस संबंध में फोन कॉल और घटनाओं के वीडियो भी होने का दावा किया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई।

इस पूरे मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर जहां उच्च स्तर से आदेश जारी हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर उनका पालन नहीं हो रहा है। पीड़ित ने प्रशासन से सुरक्षा और न्याय की मांग करते हुए कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह अपने परिवार के साथ बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

#BastiNews #UPNews #LandDispute #PattaLand #IllegalEncroachment #JusticeDelayed #BreakingNews #GroundReport #VillageIssue #AdminFailure #PoliceNegligence #HumanRights #MinorityRights #ThreatCase #HindiNews #DainikBhaskarStyle #EncroachmentStory #VoiceOfVictim #RuralIndia #NewsUpdate

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version