Wednesday, March 11, 2026
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अयोध्या में तहसील स्तर पर लापरवाही और कूटरचना के गंभीर आरोप, प्रशासन पर उठे सवाल

अयोध्या जनपद की रुदौली तहसील से सरकारी तंत्र की लापरवाही और कथित मनमानी का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम पूरे मल्लाह मजरा द्वारिकापुर, पोस्ट शेरपुर, ब्लॉक मवई निवासी रामदेव पुत्र श्री सुखदेव ने वर्तमान लेखपाल क्षितिज श्रीवास्तव और कर्मचारी जनार्दन पर आवश्यक पत्रावली उपलब्ध कराने में बाधा डालने तथा कार्य में घोर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं।
पीड़ित रामदेव के अनुसार उन्होंने अपने प्रकरण से संबंधित दो आख्या विधिवत प्रस्तुत कीं, इसके बावजूद संबंधित कर्मचारी जानबूझकर फाइलें रोके बैठे हैं। बार-बार तहसील और कार्यालय के चक्कर लगाने के बाद भी न तो दस्तावेज दिए जा रहे हैं और न ही कोई स्पष्ट जवाब मिल रहा है, जिससे उन्हें मानसिक, आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
शिकायतकर्ता का कहना है कि कर्मचारियों की टालमटोल के कारण उनका कार्य लंबे समय से लंबित है। इससे यह संदेह गहराता है कि या तो उच्चाधिकारियों के निर्देशों की अनदेखी की जा रही है या फिर आम नागरिक को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। मामले में शिकायत संदर्भ संख्या 40017725070784 दर्ज कराई जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इसी प्रकरण से जुड़ा एक और मामला ग्राम पंचायत द्वारिकापुर से सामने आया है, जहां अनिल रागदेश पुत्र बुलेदेन ने वृक्षारोपण से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने की मांग की थी। आरोप है कि इस मामले में भी पत्रावली को जानबूझकर लंबित रखा गया और समय पर कार्रवाई नहीं की गई।
मामले में पूर्व स्वर्गवासी लेखपाल राज बहादुर का नाम भी सामने आया है। आरोप है कि उनके द्वारा झूठी आख्या प्रस्तुत की गई, जिसमें यह दर्शाया गया कि कब्जा दिला दिया गया है, जबकि हकीकत में मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। आख्या में कथित रूप से नकली हस्ताक्षर पाए गए हैं और उस पर तहसील की मोहर भी लगी हुई है, जिससे पूरे प्रकरण की गंभीरता और बढ़ जाती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि न तो किसी प्रकार की सूचना दी गई और न ही मौके पर कोई अधिकारी या कर्मचारी पहुंचा।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आम जनता का प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा। पीड़ित पक्ष ने उच्चाधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की है। अब देखना यह है कि तहसील प्रशासन और जिला स्तर के अधिकारी इस गंभीर शिकायत पर कब तक संज्ञान लेते हैं और क्या कदम उठाते हैं।

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