नैनीताल से सनसनीखेज मामला | 17 साल से खुले गेट पर अचानक दीवार—परिवार की गैरमौजूदगी में किया गया निर्माण, पीड़ित बोले: “कानून तोड़ा गया, पुलिस कह रही सिविल मामला”
नैनीताल | मुखानी थाना क्षेत्र
उत्तराखंड के नैनीताल जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पिछले 17 वर्षों से लगातार उपयोग में रहे एक गेट को परिवार की अनुपस्थिति का फायदा उठाकर अचानक दीवार खड़ी कर बंद कर दिया गया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि यह कार्रवाई पूरी तरह अवैध है और जब शिकायत लेकर पुलिस के पास गए तो उन्हें “सिविल मैटर” बताकर लौटा दिया गया।
शिकायतकर्ता रविचंद्र (उम्र 62 वर्ष), पिता स्वर्गीय त्रिलोक चंद्र भगत, मुखानी थाना क्षेत्र के गांव हरीपुर नायक, आरसी पुरम के निवासी हैं। रविचंद्र का कहना है कि वर्ष 2008 से वे और उनका पूरा परिवार इसी मकान में रह रहा है। उनके माता-पिता—पिता स्वर्गीय त्रिलोक चंद्र भगत और माता हंसी आयु 87 —स्थायी रूप से वहीं रहते थे, जबकि रविचंद्र नौकरी के सिलसिले में दिल्ली में रहते थे और हर 15–20 दिन में अपने घर आते-जाते रहते थे।
रविचंद्र के अनुसार आरसी पुरम और दयाल विहार की ओर बना यह गेट हमेशा से खुला रहा है और बीते 17 वर्षों में कभी भी किसी पक्ष ने इस पर आपत्ति नहीं जताई। फरवरी 2024 में उनके पिता स्वर्गीय त्रिलोक चंद्र भगत का निधन हो गया, इसके बावजूद भी स्थिति सामान्य बनी रही।
पीड़ित परिवार ने बताया कि 9 दिसंबर 2025 को रविचंद्र अपनी पत्नी और माता हंसी देवी के साथ अल्मोड़ा गए थे।


