बिजनौर जिले के चांदपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद अब हिंसक रूप लेता नजर आ रहा है। पीड़ित सहबीर उर्फ सत्यवीर, निवासी ग्राम शाहपुर मोड़ी, ने आरोप लगाया है कि पत्नी और बच्चों को वापस लाने की कोशिश के बीच उस पर हमला किया गया और उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
जानकारी के अनुसार, सहबीर की शादी वर्ष 2017 में अमरोहा जनपद के ग्राम आदमपुर निवासी कुसुम के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। इस दंपति के दो छोटे बच्चे भी हैं। सहबीर का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी पत्नी अपने मायके पक्ष के प्रभाव में आ गई और लगातार उस पर अलग रहने तथा अपनी जमीन बेचकर पैसा पत्नी के नाम करने का दबाव बनाया जाने लगा।
पीड़ित के अनुसार, 26 दिसंबर 2025 को जब वह घर पर नहीं था, तब उसके ससुर पूरन सिंह और साला कामेंद्र उसकी पत्नी और बच्चों को बिना बताए अपने साथ ले गए। इसके बाद जब उसने 28 दिसंबर को फोन पर बात की, तो उसे गाली-गलौज करते हुए पांच लाख रुपये की मांग की गई और साफ कहा गया कि अगर पैसा नहीं दिया तो उसकी पत्नी को कहीं और शादी करा दी जाएगी।
सहबीर ने बताया कि उसने 1 जनवरी 2026 को थाना चांदपुर में शिकायत दी, लेकिन वहां से उसे जलीलपुर चौकी भेज दिया गया। चौकी में प्रार्थना पत्र जमा होने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
मामला तब और गंभीर हो गया जब 21 मार्च को सहबीर पर हमला करने की कोशिश की गई। पीड़ित के अनुसार, कवींदर नाम का व्यक्ति तीन अन्य लोगों के साथ उसके पीछे पड़ा और उसे डराने-धमकाने लगा। उसने बताया कि आरोपियों ने कहा कि जो करना है कर ले, वे अपना काम करके रहेंगे। इसी दौरान करीब शाम 3 बजकर 43 मिनट पर उसके साथ यह घटना हुई, जिससे वह बुरी तरह भयभीत हो गया है।
पीड़ित का कहना है कि उसे अपनी जान का खतरा है और हमलावर कभी भी उसे नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसकी पत्नी और बच्चों को सुरक्षित उसके पास वापस भेजा जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल पुलिस की ओर से इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल बना हुआ है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में कब तक कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।


