Tuesday, February 24, 2026
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तरियानी में रास्ते के विवाद ने लिया खूनी रूप, पिता-पुत्र पर हमला, घर पर पथराव; कांड 15/2026 में नामजद 11 आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे

शिवहर।
जिले के तरियानी थाना क्षेत्र के मरहला गांव में रास्ते और जमीन को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आपराधिक मामले का रूप ले चुका है। मरहला निवासी रंजीत कुमार उर्फ रजीत कुमार ने आरोप लगाया है कि 15 जनवरी 2026 की शाम उनके परिवार पर सुनियोजित हमला किया गया। घटना में उनके पिता पर धारदार हथियार से हमला हुआ, जबकि उन्हें खुद लोहे की रॉड से सिर पर मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। इसके बावजूद तरियानी थाना कांड संख्या 15/2026 में नामजद 11 आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी नहीं होने से पीड़ित परिवार दहशत में है।

पीड़ित के अनुसार गांव में झज्जी छोड़कर घर बनाने को लेकर विवाद चल रहा था। आरोप है कि विपक्षी पक्ष रास्ते पर निर्माण कर रहा था। जब रंजीत के पिता समझाने गए तो उन पर हमला कर दिया गया। रंजीत का दावा है कि उनके पिता को काट दिया गया, जिसका फोटो और वीडियो भी उपलब्ध है। पिता को बचाने पहुंचे रंजीत कुमार पर लोहे की रॉड से वार किया गया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और कई टांके लगाने पड़े।

परिजनों के मुताबिक, चाची के बेटे लखींद्र सहनी को भी ईंट से मारकर घायल किया गया। आरोप है कि जब परिवार के लोग इलाज के लिए अस्पताल गए, उसी दौरान शाम करीब 6:30 बजे घर पर मौजूद महिलाओं और बच्चों पर पथराव किया गया। इससे पूरे गांव में अफरातफरी मच गई और परिवार भय के साये में जीने को मजबूर हो गया।

रंजीत कुमार ने 20 जनवरी 2026 को तरियानी थाने में बीएनएस-2023 की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई। एफआईआर में अफसर कुमार, फेकू सहनी, जितेंद्र सहनी, मुन्ना सहनी, संजीव सहनी, जगन्नाथ सहनी, पिकी देवी, तेतरी देवी, गीता देवी और मुकेश सहनी सहित 11 लोगों को नामजद किया गया है। आरोप है कि इनमें से कुछ लोग खुलेआम हथियार लेकर घूमते हैं और परिवार को जान से मारने तथा झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दे रहे हैं।

पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने थाना से लेकर पुलिस अधीक्षक तक कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रंजीत कुमार का आरोप है कि अनुसंधानकर्ता से मिलने पर उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया, जबकि आरोपियों को खुलेआम घूमते देखा जा सकता है। परिवार का दावा है कि विपक्षी पक्ष आर्थिक प्रभाव के बल पर मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है।

रंजीत कुमार ने पुलिस अधीक्षक, शिवहर से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और नामजद आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी बड़ी अनहोनी से पहले परिवार को सुरक्षा मिल सके। फिलहाल प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने जिले में कानून-व्यवस्था और जांच प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

 

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