पटना।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता श्यामदन चौधरी ने पार्टी नेतृत्व और गठबंधन की राजनीति पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए खुला पत्र जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी में परिवारवाद, टिकट वितरण में मनमानी और कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी हो रही है।
श्यामदन चौधरी, जो स्वयं को झोपड़ी में रहने वाला जमीनी कार्यकर्ता बताते हैं, ने कहा कि उन्होंने वर्षों तक बिहार में पार्टी का झंडा उठाया, जेल गए, लाठियां खाईं, तिहाड़ जेल तक का सफर किया, लेकिन आज मंत्री पद और बड़े राजनीतिक अवसर परिवारवाद के आधार पर बांटे जा रहे हैं।
मंत्री पद पर सवाल
चौधरी ने आरोप लगाया कि एक प्रभावशाली सांसद के पुत्र दीपक कुशवाहा को न केवल विशेष राजनीतिक संरक्षण दिया गया, बल्कि मंत्री पद देकर संविधान और कानून की मर्यादा का उल्लंघन किया गया। उनका कहना है कि यह फैसला पार्टी के सिद्धांतों के खिलाफ है।
नीतीश कुमार के शासनकाल पर टिप्पणी
उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 15 वर्षों के शासनकाल का जिक्र करते हुए कहा कि बिहार ने जंगलराज, बम-गोली और अराजकता का दौर देखा है। इसके बावजूद पुराने और ईमानदार नेताओं को दरकिनार कर नए चेहरों को आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे पार्टी को चुनावों में नुकसान उठाना पड़ा।
जहानाबाद सीट का उदाहरण
श्यामदन चौधरी ने जहानाबाद संसदीय क्षेत्र का उदाहरण देते हुए कहा कि सही उम्मीदवार को टिकट न दिए जाने के कारण गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा। उन्होंने इसे गलत रणनीति और जमीनी फीडबैक की अनदेखी बताया।
“कांग्रेस परिवारवादी पार्टी” का आरोप
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वह पूरी तरह परिवारवाद पर आधारित पार्टी है और राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने का सपना देशहित में नहीं है। चौधरी ने साफ कहा कि वे नरेंद्र मोदी को ही प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
शपथ और संकल्प
श्यामदन चौधरी ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्रियों के नाम शपथ-पत्र का हवाला देते हुए कहा कि यदि उन्हें अवसर दिया गया, तो वे ईमानदारी, कर्तव्यनिष्ठा और गरीब-गुरबों के हक़ के लिए विधान मंडल में आवाज़ उठाएंगे।
उन्होंने दावा किया कि वे आज़ादी की लड़ाई के शहीदों और संविधान के मूल्यों को मानने वाले कार्यकर्ता हैं और बिहार में रामराज्य जैसी सुशासन व्यवस्था के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
“झोपड़ी से विधानसभा तक” का दावा
पटना जिले के फुलवारीशरीफ प्रखंड, परसा बाजार, वार्ड संख्या 12 के निवासी श्यामदन चौधरी ने कहा कि वे बिना किसी सिंबल, बिना संसाधन के भी जनता के बीच रहकर संघर्ष करेंगे और बिहार में बदलाव लाएंगे।


