Wednesday, March 18, 2026
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जमीन के लिए दबाव, दहेज केस की धमकी और बार-बार जेल की नौबत: गर्भवती महिला ने लगाई न्याय की गुहार

पटना (बिहार)। राजधानी पटना के भदौरा-लक्ष्मीचक क्षेत्र से एक गंभीर पारिवारिक विवाद सामने आया है, जहां जमीन-जायदाद, दूसरी शादी और दहेज केस के दबाव के बीच एक दंपति का जीवन संकट में घिर गया है। पीड़िता पुष्पा ने आरोप लगाया है कि पहली पत्नी पुनि देवी द्वारा लगातार दबाव और धमकियों के कारण उनका परिवार टूटने की कगार पर पहुंच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुष्पा की शादी वर्ष 2018 में सुभाष पासवान से हुई थी। आरोप है कि सुभाष पहले से ही पुनि देवी से शादीशुदा थे, लेकिन बाद में उन्होंने पुष्पा के साथ रहना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि पुनि देवी ने भी बाद में दूसरी शादी कर ली और अपने नए परिवार के साथ रह रही हैं, जहां उनके बच्चे भी हैं। इसके बावजूद वह लगातार सुभाष और पुष्पा पर जमीन और घर अपने नाम कराने का दबाव बना रही हैं।

पीड़िता का कहना है कि यह पूरा विवाद जमीन के लालच को लेकर है। पुनि देवी कथित रूप से बार-बार यह दबाव बना रही हैं कि जब तक संपत्ति उनके नाम नहीं की जाएगी, तब तक दहेज प्रताड़ना का मामला वापस नहीं लिया जाएगा। इस कारण सुभाष पासवान को कई बार जेल जाना पड़ा है, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से टूट चुका है।

मामले का सबसे संवेदनशील पहलू यह है कि पुष्पा इस समय चार महीने की गर्भवती हैं। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी गर्भावस्था के दौरान पति के जेल जाने और थाने-कचहरी के चक्कर लगाने के कारण उनका गर्भपात हो चुका है। अब एक बार फिर वही स्थिति बन रही है, जिससे वह बेहद डरी और तनाव में हैं।

पीड़िता का आरोप है कि सुभाष पासवान अब तक करीब चार बार जेल जा चुके हैं और इस लगातार चल रहे विवाद के कारण परिवार का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में उनके होने वाले बच्चे का पालन-पोषण कैसे होगा।

फिलहाल, पुष्पा पटना के एक थाने में बैठकर न्याय का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर उन्हें और उनके पति को राहत दिलाई जाए तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि पारिवारिक विवाद, संपत्ति के लालच और कानूनी दबाव किस तरह आम लोगों के जीवन को प्रभावित कर रहे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी जल्दी संज्ञान लेकर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाता है।

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