आरा/पटना। तिमारपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली किन्नर सपना इस समय गहरे संकट में हैं। करीब आठ महीने पहले पटना में उनकी मुलाकात पश्चिमी चम्पारण जिले के रहने वाले 19 वर्षीय मिथिलेश चौधरी से हुई थी। सपना पटना में बदायूं का काम करती थीं, जिससे उन्हें अच्छी कमाई हो जाती थी। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रिश्ता इतना आगे बढ़ा कि मिथिलेश सपना को पटना से मोतिहारी ले गया।
वहां दोनों ने किराए पर कमरा लिया और करीब दस दिन साथ रहने के बाद मंदिर में शादी कर ली। सपना की मां की मौजूदगी में भी शादी की सभी रस्में पूरी हुईं। सपना के अनुसार, दोनों करीब आठ महीनों तक पति‑पत्नी की तरह साथ रहे और इस दौरान घर‑गृहस्थी का पूरा खर्च वही उठाती रहीं।
सपना का आरोप है कि मिथिलेश न केवल उनके साथ रहता था बल्कि अपने घर का खर्चा भी उसी से चलवाता रहा। सपना ने कई बार पैसे भेजकर मिथिलेश के परिवार की भी मदद की। लेकिन 12 नवंबर को मिथिलेश अचानक एक लाख रुपये लेकर गायब हो गया। उसने सपना को बताया था कि बहन की शादी है और वह छह महीने के लिए बाहर काम करने जा रहा है, इसके बाद लौट आएगा।
लेकिन पैसे लेकर जाने के बाद मिथिलेश ने सपना का मोबाइल नंबर और व्हाट्सऐप ब्लॉक कर दिया। जब सपना ने रिश्तेदारों के फोन से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन नंबरों को भी ब्लॉक कर दिया गया। काफी प्रयास के बाद जब बात हुई, तो मिथिलेश ने साफ कह दिया कि वह सपना को नहीं रखेगा क्योंकि उसके घरवाले इस विवाह को स्वीकार नहीं कर रहे हैं।
इसके बाद सपना खुद मिथिलेश के गांव पहुँचीं—जहां उसका घर बगाही क्षेत्र, वॉर्ड नं. 3, पश्चिमी चम्पारण (बिहार) में बताया जाता है। गांव में पंचायत भी बैठी। पंचायत ने सपना को रखने का फैसला सुनाया, लेकिन मिथिलेश ने पंचायत में भी साफ इंकार कर दिया। उसका कहना था कि परिवार उसकी शादी मानने को तैयार नहीं है।
उधर सपना की मुश्किलें और बढ़ गईं। उनकी किन्नर टोली (गुरु) ने भी उन्हें यह कहकर बाहर कर दिया कि जब तुमने शादी कर ली है, तो अब अपने पति के घर जाओ। गुरुजनों ने यहां तक कह दिया कि अगर टोली में वापस आना है तो पहले पैसे लाओ, क्योंकि तुम्हारी वजह से टोली की आय प्रभावित हुई है।
सपना अब दोहरी मार झेल रही हैं—ना पति उन्हें अपना रहा है और ना टोली उनका साथ दे रही है।
सपना का कहना है, “अगर मिथिलेश मुझे नहीं रखना चाहता तो मत रखो। लेकिन मेरा एक लाख रुपया लौटा दो। आठ महीने का खर्चा मैंने उठाया है, उसकी भरपाई करो। उसने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी है। अब मैं कहां जाऊं? न टोली वाले अपनाते हैं, न वह आदमी।”
सपना फिलहाल बेहद परेशान हैं और अपना भविष्य अनिश्चितता में देख रही हैं। उनका कहना है कि यह घटना उन्हें जीवन के सबसे कठिन दौर में धकेल चुकी है।