गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से प्रेम प्रसंग और पारिवारिक विवाद से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौरी चौरा थाना क्षेत्र के जातूरधन गांव निवासी युवक निखिल राबर ने आरोप लगाया है कि उसने अपनी प्रेमिका अंशु खेरवार के साथ मंदिर में शादी की थी, लेकिन लड़की के परिवार ने उसे नाबालिग बताकर जेल भिजवा दिया। अब जेल से बाहर आने के बाद युवक ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार निखिल राबर, पिता नंदू, गोरखपुर जिले के चौरी चौरा थाना क्षेत्र के जातूरधन गांव का रहने वाला है। उसका कहना है कि उसका प्रेम संबंध लक्ष्मणपुर निवासी अंशु खेरवार, पिता मिथिलेश खेरवार से था। दोनों एक-दूसरे से शादी करना चाहते थे। निखिल के मुताबिक अंशु ने पहले अपने पिता से शादी की बात की थी, लेकिन अंशु के पिता ने इस रिश्ते से साफ इनकार कर दिया।
निखिल का आरोप है कि उसने भी अंशु के पिता मिथिलेश खेरवार से बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने यह कहते हुए रिश्ता ठुकरा दिया कि निखिल एक मिडिल क्लास परिवार से है। इसके बाद अंशु ने निखिल पर दबाव बनाया कि अगर परिवार नहीं मान रहा है तो दोनों भागकर शादी कर लें।
युवक का कहना है कि 9 अगस्त 2025 को दोनों घर से निकल गए और लखनऊ के कृष्ण मंदिर में शादी कर ली। शादी के बाद दोनों करीब एक महीने तक पति-पत्नी की तरह साथ भी रहे। इसी दौरान परिवार वालों को इसकी जानकारी मिली और दोनों को थाने बुलाया गया। निखिल का कहना है कि उस समय अंशु ने भी पुलिस के सामने उसके पक्ष में बयान दिया था कि वह अपनी मर्जी से उसके साथ आई है।
हालांकि, बाद में अंशु के पिता मिथिलेश खेरवार ने उसे नाबालिग बताते हुए मामला दर्ज करा दिया, जिसके बाद 3 सितंबर को निखिल को जेल भेज दिया गया। निखिल का कहना है कि लड़की को तीन महीने नाबालिग बताकर उसके खिलाफ मामला बना दिया गया, जिससे उसका पहले दिया गया बयान भी कमजोर पड़ गया। वह करीब पांच महीने तक जेल में रहा और 10 फरवरी को जमानत पर बाहर आया।
युवक का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद 27 फरवरी 2026 को जब वह घर लौटा तो अंशु ने खुद इंस्टाग्राम के जरिए उससे संपर्क किया। निखिल के मुताबिक अंशु ने कॉल कर बताया कि उसके परिवार वाले उसकी शादी किसी दूसरे लड़के से जबरन कराने की तैयारी कर रहे हैं, जबकि वह ऐसा नहीं चाहती और निखिल के साथ ही रहना चाहती है।
निखिल का कहना है कि वह एक साधारण मिडिल क्लास परिवार से है और अब बेहद परेशान है। उसने प्रशासन से गुहार लगाई है कि यदि अंशु बालिग है और अपनी मर्जी से उसके साथ रहना चाहती है तो दोनों को पति-पत्नी की तरह साथ रहने की अनुमति दी जाए और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
युवक का कहना है कि वह और अंशु दोनों एक-दूसरे के साथ जीवन बिताना चाहते हैं, लेकिन पारिवारिक दबाव और कानूनी विवाद के कारण उनका जीवन संकट में पड़ गया है। अब दोनों को उम्मीद है कि प्रशासन उनके मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाएगा।
