पीड़ित महिला उषा पत्नी अर्जुन सिंह ने खण्ड विकास अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का आरोप है कि उसका मकान कच्चा होने के बावजूद गलत सर्वे के कारण उसे योजना से वंचित कर दिया गया।
उषा ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखती हैं और उनके पास रहने के लिए केवल कच्चा मकान है। बरसात के मौसम में घर की हालत बेहद खराब हो जाती है और परिवार को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत उन्होंने आवेदन किया था और प्रारंभिक सूची में उनका नाम भी शामिल कर लिया गया था।
पीड़ित महिला के अनुसार बाद में हुए सर्वे में यह कहकर उनका नाम सूची से हटा दिया गया कि उनके पास पक्का मकान है, जबकि हकीकत में उनका घर कच्चा है और रहने लायक भी नहीं है। महिला का कहना है कि गलत सर्वे के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
उषा ने खण्ड विकास अधिकारी कदौरा से मांग की है कि उनके घर की मौके पर दोबारा निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि वह पात्र पाई जाएं तो उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित पक्के मकान में रह सकें।
महिला ने कहा कि गरीब होने के कारण उनके पास पक्का मकान बनाने का कोई साधन नहीं है। ऐसे में सरकार की योजना ही उनके लिए एकमात्र सहारा है। उन्होंने प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताते हुए जल्द कार्रवाई की मांग की है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जांच कराता है और पात्र महिला को योजना का लाभ दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है। ग्रामीणों का भी कहना है कि यदि सही तरीके से जांच हो जाए तो कई जरूरतमंद लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है।


