मधुबनी।
बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र अंतर्गत हथेड़वा गांव से बुनियादी सुविधाओं की बदहाली को उजागर करने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। गांव निवासी दिनेश पंडित, पिता उचित पंडित, ने आरोप लगाया है कि उनका गांव आज भी मुख्य सड़क और हाईवे से पूरी तरह कटा हुआ है। गांव से हाईवे की दूरी अधिक नहीं है, लेकिन बीच में पक्का रास्ता न होने के कारण लोगों का आना-जाना बेहद मुश्किल हो गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, गांव से आधी दूरी तक किसी तरह कच्चा रास्ता बना हुआ है, लेकिन उसके बाद आगे का रास्ता निजी जमीन में पड़ता है। आरोप है कि संबंधित जमीन कुछ ब्राह्मण परिवारों की है, जो रास्ता देने से इनकार कर रहे हैं। इसी वजह से वर्षों से सड़क निर्माण का काम रुका हुआ है और ग्रामीणों को मजबूरी में खेतों और कच्चे पगडंडियों से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। गांव नीचले इलाके में बसा है, जबकि हाईवे का स्तर काफी ऊंचा है। बारिश होते ही जलभराव हो जाता है और रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते हैं। कई बार तो हालात ऐसे हो जाते हैं कि मरीज, गर्भवती महिलाएं और बच्चे गांव में ही फंस जाते हैं। नदी पर पुल होने के बावजूद सड़क संपर्क न होने से उसका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
दिनेश पंडित का कहना है कि सड़क न होने से बच्चों की पढ़ाई, किसानों की खेती और मजदूरों का रोज़गार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचना चुनौती बन जाता है। कई बार ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर पानी और कीचड़ से भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जो किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। सड़क की फाइलें कागजों में ही घूम रही हैं, जबकि हकीकत में गांव आज भी सड़क विहीन है। लोगों में प्रशासनिक उदासीनता को लेकर गहरा आक्रोश है।
हथेड़वा गांव के लोगों ने अब सीधे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक अपनी आवाज पहुंचाने की अपील की है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही हाईवे से जोड़ने वाला एक पक्का और सुविधाजनक मार्ग नहीं बनाया गया तो उनका जीवन और भी कठिन हो जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि जमीन विवाद का समाधान कर सड़क निर्माण कराया जाए, ताकि गांव को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके।
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