अमरोहा। जिले के डिडौली क्षेत्र के एक दलित परिवार ने मारपीट, जातिसूचक टिप्पणी, जान से मारने की धमकी और पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का दावा है कि दो बार आमरण अनशन करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला और लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
परिवार का आरोप है कि घटना के बाद निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई और कुछ पुलिसकर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। पीड़ित पक्ष ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग समेत विभिन्न संवैधानिक संस्थाओं से हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

परिवार ने आशंका जताई है कि यदि वर्तमान या भविष्य में उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसके लिए संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों और संस्थाओं को उत्तरदायी माना जाए। साथ ही मामले की सीबीआई जांच और सुरक्षा प्रदान किए जाने की मांग भी उठाई गई है।
हालांकि, मामले में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के पक्ष पर आधारित हैं और संबंधित पक्ष का बयान सामने आना शेष है।