खगड़िया/बेंगलुरु। बिहार के खगड़िया जिले के प्रभुता थाना क्षेत्र निवासी 25 वर्षीय मोहम्मद कयूम के साथ बेंगलुरु में काम के दौरान गंभीर अन्याय का मामला सामने आया है। करीब 13 वर्षों से बेंगलुरु की एक नारियल फैक्ट्री में कार्यरत कयूम ने कभी किसी प्रकार की शिकायत का सामना नहीं किया, लेकिन अब उन्हीं के ठेकेदार मोहम्मद नूर पर वेतन रोकने, पत्नी से छेड़छाड़ और मारपीट जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़ित परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार, मोहम्मद कयूम पिछले दो महीनों से अपने ठेकेदार मोहम्मद नूर के अधीन कार्य कर रहे थे, लेकिन उन्हें लगातार दो माह का भुगतान नहीं दिया गया। आर्थिक तंगी के बीच कयूम अपने परिवार को भी बेंगलुरु ले आए थे, ताकि साथ रहकर जीवन यापन कर सकें। इसी दौरान ठेकेदार पर कयूम की पत्नी के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है।
पीड़ित का आरोप है कि मोहम्मद नूर ने मोबाइल नंबर लेने के बहाने उनकी पत्नी का हाथ पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। जब कयूम ने इस हरकत का विरोध किया और ठेकेदार से इस संबंध में बात की, तो मामला और बिगड़ गया। आरोप है कि मोहम्मद नूर पांच-छह लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और कयूम व उनकी पत्नी के साथ मारपीट की। इस घटना के बाद दोनों दहशत में हैं।
पीड़ित परिवार का कहना है कि वे न्याय की उम्मीद में स्थानीय थाने पहुंचे, लेकिन वहां उनकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। दो महीने की बकाया मजदूरी अब तक नहीं दी गई है, जिससे परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है।
मामले ने प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि अगर एक मजदूर 13 साल तक ईमानदारी से काम करता है, तो क्या उसे अपने ही कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान नहीं मिलना चाहिए? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और पीड़ित परिवार को कब न्याय मिलता है।


