चतरा (झारखंड)।
जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र के फूलांग गांव में पारिवारिक जमीन को लेकर विवाद ने गंभीर रूप ले लिया है। हिस्से की मांग करने पर बहू के साथ मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। वहीं तनाव के बीच पीड़िता के पति द्वारा फूड प्वाइजन की दवा खाने की घटना ने पूरे मामले को और भी संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल उनका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है, जबकि पीड़िता न्याय के लिए प्रशासन और पुलिस के चक्कर काट रही है।
मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता सुमन देवी (उम्र करीब 32 वर्ष) ग्राम फूलांग, थाना मयूरहंड, जिला चतरा की रहने वाली हैं। उनकी शादी वर्ष 2016 में छोटू गुप्ता से हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही ससुराल पक्ष की ओर से दहेज को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया जाने लगा था। सुमन देवी का कहना है कि कई बार उन्हें कुएं में धकेलने और करंट लगाकर मारने की भी कोशिश की गई थी।
सुमन देवी के अनुसार जब भी उन्होंने इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाई, तो उन्हें दबाने की कोशिश की गई। हालात से परेशान होकर वह कुछ समय के लिए अपने पति और बच्चे के साथ बाहर रहने चली गई थीं। हालांकि वह समय-समय पर गांव आती रहीं और परिवार की बहू होने के नाते अपने सभी दायित्व निभाती रहीं।
पीड़िता का आरोप है कि 10 मई 2025 को दोपहर करीब तीन बजे ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना में उनके बड़े भैसुर विकास गुप्ता की पत्नी बुलबुल देवी, दूसरी गोतनी नीलम देवी तथा अन्य परिजनों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। सुमन देवी का कहना है कि सभी ने मिलकर उनके साथ गाली-गलौज की और धमकी दी।
जमीन विवाद को लेकर सुमन देवी ने बताया कि उनके ससुर खीरु साव ने पंचायत के सामने लगभग 8 डी जमीन बेच दी। आरोप है कि इस जमीन की बिक्री से मिली रकम बड़े बेटे विकास गुप्ता और दूसरे बेटे संतु गुप्ता को दे दी गई, जबकि तीसरे बेटे छोटू गुप्ता और उनकी पत्नी सुमन देवी को कोई हिस्सा नहीं दिया गया। यह जमीन फूलांग सिवान क्षेत्र में स्थित बताई जा रही है, जिसका खाता नंबर 16 और प्लॉट नंबर 1201 है।
सुमन देवी का कहना है कि जब उन्होंने इस मामले में सवाल उठाया तो उन्हें मारपीट और बेदखल करने की धमकी दी गई। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि बेची गई जमीन की रजिस्ट्री की जांच कराई जाए और शेष जमीन को बेचने से रोका जाए।
इसी बीच 9 मार्च को एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। सुमन देवी ने मीडिया से रोते हुए बताया कि 8 मार्च को वह अपनी ननद के यहां शादी समारोह में गई थीं और उसी शाम घर लौटी थीं। उस दौरान उन्होंने अपने ससुर, भैसुर और उनके परिवार के कुछ लोगों को आपस में बातचीत करते देखा, जिससे उन्हें संदेह हुआ।
पीड़िता के अनुसार 9 मार्च को दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच उनके पति की तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि उन्होंने ससुर के कमरे से फूड प्वाइजन की दवा निकालकर खा ली थी। सुमन देवी का कहना है कि उन्हें यह समझ नहीं आ रहा कि वह दवा ससुर के कमरे में कैसे आई और किस परिस्थिति में यह घटना हुई।
घटना के बाद सुमन देवी ने अपने पति को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ईटखोरी में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए उन्हें सदर अस्पताल रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उनका इलाज चल रहा है।
सुमन देवी का आरोप है कि इस घटना के बाद भी ससुराल पक्ष का कोई सदस्य अस्पताल में हालचाल लेने तक नहीं आया। वह अकेले ही अपने पति का इलाज करवा रही हैं और आर्थिक व मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं।
पीड़िता ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले के पीछे उनके ससुर खीरु साव, बड़े भैसुर विकास गुप्ता, मंजिले भैसुर संतु गुप्ता और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का हाथ हो सकता है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुमन देवी ने बताया कि वह लगातार अपने साथ हो रहे घटनाक्रम और पूरी जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर भी साझा कर रही हैं, ताकि उनकी आवाज प्रशासन तक पहुंचे और उन्हें न्याय मिल सके।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, जमीन के बंटवारे में बराबर का हिस्सा दिलाया जाए और उन्हें तथा उनके पति को सुरक्षा प्रदान की जाए।
