कटिहार। बिहार के कटिहार जिले के कदवा थाना क्षेत्र से एक महिला द्वारा वैवाहिक संबंध और कथित परित्याग का मामला सामने आया है। पीड़िता रानी ने आरोप लगाया है कि करीब पांच वर्ष तक संबंध रखने और दिल्ली में शादी करने के बाद अब गुरुदेव दास उन्हें अपने साथ रखने से इनकार कर रहे हैं। महिला का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम ने उनका वैवाहिक जीवन, सामाजिक सम्मान और भविष्य तीनों को संकट में डाल दिया है। अब वह प्रशासन से न्याय और अपने वैवाहिक अधिकार दिलाने की मांग कर रही हैं।
रानी के अनुसार, उनकी पहले भी शादी हुई थी, जिससे उनके दो बेटे हैं। उनका आरोप है कि इसी दौरान उनकी पहचान चांदपुर गड़रिया निवासी गुरुदेव दास से हुई और दोनों के बीच करीब पांच वर्षों तक संबंध रहे। महिला का कहना है कि जब उनके पहले पति को इस संबंध की जानकारी हुई तो उन्होंने उन्हें छोड़ दिया और दोनों बच्चे भी पहले पति के पास ही रह गए। इसके बाद गुरुदेव दास ने उनसे शादी कर जीवनभर साथ निभाने का भरोसा दिया।
पीड़िता का आरोप है कि गुरुदेव दास पहले उन्हें अपने घर लेकर गए, लेकिन परिवार के विरोध के कारण वहां विवाद होने लगा। इसके बाद वह उन्हें दिल्ली ले गए, जहां दोनों ने शादी की। महिला का दावा है कि इस शादी को लगभग चार से छह महीने हो चुके हैं और शादी के बाद कुछ समय तक दोनों पति-पत्नी की तरह साथ भी रहे।
रानी का कहना है कि बाद में गुरुदेव दास के परिवार ने इस रिश्ते का विरोध शुरू कर दिया। उनका आरोप है कि गुरुदेव दास के पिता उपेंद्र दास समेत परिवार के अन्य लोगों ने उन पर दबाव बनाया, जिसके बाद गुरुदेव दास उन्हें छोड़कर चले गए। महिला का कहना है कि उन्होंने कटिहार पुलिस से भी शिकायत की थी। उनके अनुसार, पुलिस ने गुरुदेव दास को बुलाकर समझाने का प्रयास किया और कुछ दिनों का समय भी दिया, लेकिन इस दौरान वह परिवार के साथ कहीं चले गए। इसके बाद वह अपनी मां के घर लौटने को मजबूर हो गईं।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि अब गुरुदेव दास उनसे बातचीत के दौरान कहते हैं, “तुम मर जाओ, हमें कोई मतलब नहीं।” महिला का कहना है कि इस कथित व्यवहार से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हैं। उनका दावा है कि पूरे गांव और आसपास के क्षेत्र में उनके और गुरुदेव दास के रिश्ते तथा साथ रहने की जानकारी है, इसलिए अब समाज में भी उन्हें कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
रानी का कहना है कि उन्होंने गुरुदेव दास के भरोसे अपना पहले का परिवार खो दिया और अब वह भी उन्हें अपनाने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने, अपने वैवाहिक अधिकार दिलाने तथा उन्हें सुरक्षा और न्याय उपलब्ध कराने की मांग की है।
फिलहाल, इस मामले में गुरुदेव दास, उनके परिवार तथा संबंधित पुलिस अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। समाचार में प्रकाशित आरोप पूरी तरह पीड़िता के दावों पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच, उपलब्ध दस्तावेजों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी
