उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे इंद्रजीत सिंह की शादी बड़े अरमानों के साथ 12 सितंबर 2019 को गगनदीप कौर निवासी बाजाखाना, जिला फरीदकोट के साथ गुरुद्वारा रामसर साहिब पातशाही छठी, बाजाखाना में पूरी गुरमर्यादा के अनुसार करवाई थी।
बलजीत सिंह का कहना है कि बहू ने आईएल्ट्स की परीक्षा पास की हुई थी और इसी उम्मीद में उन्होंने करीब 25 लाख रुपये खर्च कर अपने बेटे और बहू को कनाडा भेजा। इसके लिए उन्होंने कर्ज लिया और अपनी जमीन तक बेच दी। उनका आरोप है कि कनाडा पहुंचने के बाद बहू गगनदीप कौर ने उनके बेटे से साफ कह दिया कि अब दोनों के रास्ते अलग हैं और उसका मकसद केवल कनाडा आना था। इसके बाद से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।
पीड़ित पिता का कहना है कि जब उन्हें इस बारे में पता चला तो उन्होंने बहू से फोन पर बात की, लेकिन उसने साथ रहने से इनकार कर दिया। जब खर्च किए गए पैसों की बात उठाई गई तो उसने कोई जवाब नहीं दिया और उनका नंबर ब्लॉक कर दिया। उन्होंने बताया कि उनका बेटा अभी तक कनाडा में स्थायी निवासी भी नहीं बन पाया है और मानसिक तनाव में जी रहा है।
बलजीत सिंह ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बहू अपने मामा के बेटे के साथ रह रही है और उसके साथ उसके अवैध संबंध हैं। उन्होंने बताया कि इस मामले में जब उन्होंने बहू के पिता गुरसेवक सिंह से संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने न तो मुलाकात की और न ही फोन उठाया।
पीड़ित का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम से उनका परिवार पूरी तरह टूट चुका है। उन्होंने दावा किया कि आर्थिक तंगी और तनाव के कारण उनका एक बेटा, जिसे वे मकान नहीं दिला सके, मानसिक दबाव में आकर दम तोड़ चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि बहू द्वारा विदेश से भेजे गए पैसों से उसके पिता ने अपनी संपत्ति बढ़ा ली, प्लॉट खरीदे और मेडिकल स्टोर तक खोल लिया, जबकि वे खुद कर्ज और गिरवी रखे सोने के बोझ तले दबे हुए हैं।
बलजीत सिंह का कहना है कि उन्होंने केवल इस भरोसे पर शादी की थी कि बहू आईएल्ट्स पास है और उनके बेटे को विदेश ले जाकर दोनों मेहनत करेंगे और परिवार का सहारा बनेंगे। लेकिन अब वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
