किश्तवाड़/अनंतनाला।
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के अनंतनाला और दक्षिण नाला क्षेत्र से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है, जहां आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए लोग संघर्ष कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह ठप हैं और गरीबों की समस्याओं को न तो प्रशासन सुन रहा है और न ही जनप्रतिनिधि।
ग्रामीणों का कहना है कि अनंतनाला क्षेत्र में आज तक पक्की सड़क तक नहीं बन पाई है, जिससे लोगों को रोजमर्रा के कामों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में हालात और भी बदतर हो जाते हैं, जब कीचड़ और फिसलन के कारण आवाजाही लगभग ठप हो जाती है।
स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी पर्याप्त रूप से उपलब्ध नहीं हैं। उनका कहना है कि बड़े और प्रभावशाली लोग शहरों में अपने आलीशान मकान बना चुके हैं, जबकि गरीब आज भी बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने पंचायत प्रतिनिधियों, विशेषकर सरपंच पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे केवल अपने स्वार्थ के लिए काम कर रहे हैं और क्षेत्र के विकास की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
एक स्थानीय निवासी ने बताया कि “हम दक्षिण नाला और अनंतनाला के रहने वाले हैं। यहां सड़क तक नहीं है, सुविधाएं नहीं हैं। हमारी कोई सुनवाई नहीं होती। पत्रकारों से निवेदन है कि हमारी आवाज को आगे बढ़ाएं, ताकि प्रशासन तक हमारी बात पहुंचे।”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उन्होंने मीडिया और प्रशासन से अपील की है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए त्वरित समाधान किया जाए।
फिलहाल, यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्षेत्र के लोगों को राहत कब तक मिल पाती है।