Home National फर्जी पट्टे से जमीन कब्जाने का आरोप: 100 साल पुराने पुश्तैनी प्लॉट...

फर्जी पट्टे से जमीन कब्जाने का आरोप: 100 साल पुराने पुश्तैनी प्लॉट पर निर्माण को लेकर विवाद, पीड़ित ने एसपी और कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार

0

झालावाड़। राजस्थान के झालावाड़ जिले के असनावर क्षेत्र में जमीन के एक पुराने प्लॉट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पीड़ित चेतन प्रकाश यादव ने आरोप लगाया है कि उसके पुश्तैनी प्लॉट पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। इस मामले में कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए पीड़ित ने जिला पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई है।

जानकारी के अनुसार चेतन प्रकाश यादव, पिता कस्तूर चंद यादव, निवासी असनावर तहसील असनावर, जिला झालावाड़ के रहने वाले हैं। उनका कहना है कि उनके परिवार के पास करीब 100 वर्षों से एक पुश्तैनी प्लॉट है, जो लंबे समय से उनके कब्जे में रहा है। पीड़ित के अनुसार वर्ष 1984 से यह जमीन उनके परिवार के अधिकार क्षेत्र में रही है। लेकिन बाद में इसी जमीन से संबंधित 24×30 फीट की एक रजिस्ट्री दिनांक 5 जनवरी 1991 को की गई, जिसे वे फर्जी बता रहे हैं।

चेतन प्रकाश का आरोप है कि सतीश कुमार गुप्ता, पिता प्रेम बिहारी गुप्ता, निवासी बस स्टैंड के पास गंगा टेंट हाउस के नजदीक, झालावाड़ ने इस जमीन पर फर्जी पट्टा तैयार कर लिया है। उनका कहना है कि सूचना के अधिकार के तहत ग्राम पंचायत असनावर से प्राप्त जानकारी में यह सामने आया कि सतीश कुमार गुप्ता के नाम पर किसी प्रकार का वैध पट्टा रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। इसके बावजूद आरोपी द्वारा उक्त भूखंड पर निर्माण कार्य करवाया जा रहा है।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत असनावर के तत्कालीन सरपंच कृष्ण मोहन शर्मा द्वारा भी कथित रूप से इस मामले में गलत तरीके से पट्टा अलॉट किए जाने की भूमिका सामने आई है। जब पीड़ित ने असनावर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की, तो पुलिस ने आरोपी पक्ष को थाने में बुलाया जरूर, लेकिन आज तक उनके खिलाफ कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया।

चेतन प्रकाश का कहना है कि उन्होंने इस मामले में कई बार 181 हेल्पलाइन पर भी शिकायत की, लेकिन हर बार पुलिस केवल उनके ही दस्तावेजों की जांच करती रही, जबकि आरोपियों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच नहीं की गई। इससे उन्हें लगातार न्याय मिलने में देरी हो रही है और वे मानसिक रूप से काफी परेशान हैं।

पीड़ित ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने 21 जून 2025 और फिर 10 सितंबर 2025 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में भी परिवाद प्रस्तुत किया था, लेकिन अभी तक न तो उचित जांच हुई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। इसके बाद 6 फरवरी 2026 को उन्होंने फिर से जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

उधर ग्राम पंचायत की ओर से भी एक नोटिस जारी कर संबंधित भूखंड पर निर्माण कार्य को तब तक रोकने के निर्देश दिए गए थे, जब तक पंचायत से इसकी स्वीकृति नहीं मिल जाती। इसके बावजूद निर्माण कार्य को लेकर विवाद लगातार बना हुआ है। अब पीड़ित को उम्मीद है कि प्रशासन इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर सच्चाई सामने लाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version