देवरिया। जिले के भाटपाररानी तहसील क्षेत्र में एक दलित परिवार की पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जे और रास्ता बंद करने का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने गांव के ही कुछ लोगों पर दबंगई के बल पर जमीन हड़पने और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ितों ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का दावा किया गया है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम डेमुसा निवासी सुधन प्रसाद ने बताया कि उनके पिता को आराजी नंबर 114 में आवासीय पट्टा मिला था, जिस पर परिवार वर्षों से काबिज है। आरोप है कि गांव के ही कुछ लोग—सुदर्शन, जवाहीर, जगदीश और अन्य—दबंगई के बल पर उनकी जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट पर उतारू हो गए।
वहीं, इसी गांव की निवासी किशनावती देवी ने भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके ही पट्टीदारों द्वारा उनके घर तक जाने का रास्ता बंद किया जा रहा है, जिससे उन्हें और उनके बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी न सिर्फ रास्ता रोक रहे हैं बल्कि लगातार जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह एक गरीब महिला हैं और आधे हिस्से की जमीन पर रहती हैं, ऐसे में रास्ता बंद होने से उनका जीवन संकट में पड़ गया है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर पुलिस बल की मौजूदगी में जमीन की पैमाइश कराई जाए और उन्हें उनका वैध कब्जा दिलाया जाए। साथ ही, रास्ता खुलवाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।
ग्रामीणों के बीच यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो विवाद बढ़ सकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार को कब तक न्याय दिला पाता है और दबंगों पर क्या कार्रवाई होती है।
