उत्तर प्रदेश। , 210429 के महोबा के पारिवारिक समारोह के दौरान विवाद इतना बढ़ गया कि मामला कथित तौर पर मारपीट, फायरिंग और गर्भवती महिला पर हमले तक पहुंच गया। पीड़ित कमलापत कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद भी उन्हें समय पर पुलिस सहायता नहीं मिली, जिसके कारण उनका पूरा परिवार भय और असुरक्षा के माहौल में जीने को मजबूर है।
पीड़ित कमलापत कुशवाहा के अनुसार, 30 जून को तथा उसके बाद भी उनके परिवार के साथ मारपीट की घटना हुई। उनका आरोप है कि गांव के ही रहने वाले चन्नी राजपूत दुलारा पुत्र अनिल राज, मुन्ना राजपूत के पुत्र प्रदीप राजपूत सुंदर राजपूत पुत्र भूपेद्र राजपूत छिम्ना पुत्र मुकेश ओर प्रेम राजपूत के पुत्र मुन्ना राजपूत सहित अन्य लोगों ने पारिवारिक कार्यक्रम के दौरान विवाद खड़ा किया और देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया।
पीड़ित का आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपियों ने न केवल मारपीट की, बल्कि फायरिंग भी की। सबसे गंभीर आरोप यह है कि उनके परिवार की आठ माह की गर्भवती बहू के साथ भी मारपीट की गई और उसकी कमर पर डंडे से हमला किया गया। घटना के बाद परिवार में दहशत का माहौल है तथा गर्भवती महिला की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बनी हुई है।
कमलापत कुशवाहा का कहना है कि घटना के दौरान और उसके बाद उन्होंने कई बार पुलिस को फोन कर मदद मांगी, लेकिन समय पर पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। उनका आरोप है कि थाने में भी अब तक उनकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनका परिवार न्याय के लिए लगातार भटक रहा है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी और अप्रिय घटना घट सकती है। परिवार ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और आरोपियों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई की भी मांग की है।
फिलहाल इस मामले में लगाए गए आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। पुलिस जांच और आधिकारिक कार्रवाई के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
