नोएडा/समस्तीपुर।
नौ साल पहले हुए विवाह के बाद तीन बच्चों की मां बनी महिला रूबी खातून द्वारा कथित तौर पर दूसरी शादी रचाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पति के रहते हुए ही महिला ने प्रेमी संग कोर्ट मैरिज कर ली। यह जानकारी खुद ससुर ने फोन कर दामाद को दी। घटना के बाद से परिवार में हड़कंप मचा हुआ है।
पीड़ित पति मोहम्मद शमीमजो मूल रूप से बिहार के बेगूसराय जिले के मझोल, कमला दरगाह क्षेत्र से जुड़े हैं और वर्तमान में नोएडा सेक्टर-56 में रहकर सिलाई का काम करते हैं, ने बताया कि उनकी शादी करीब नौ साल पहले रूबी खातून से हुई थी। शादी के बाद उनके तीन बच्चे हुए—दो बेटे और एक बेटी।
दो साल पहले मायके चली गई थी पत्नी
मोहम्मद शमी के अनुसार, करीब दो वर्ष पहले पारिवारिक विवाद के चलते उनकी पत्नी दोनों बेटों को लेकर मायके समस्तीपुर बाजियारपुर, महेश पट्टी चली गई थी। बेटी को उन्होंने अपने पास रखा। तब से दोनों अलग-अलग रह रहे थे। पति का कहना है कि वे लगातार समझौते की कोशिश करते रहे, लेकिन पत्नी वापस आने को तैयार नहीं हुई।
ससुर का फोन और चौंकाने वाली सूचना
सोमवार को मोहम्मद शमी को उनके ससुर मोहम्मद इख्तियार खान का फोन आया। फोन पर बताया गया कि 23 जनवरी को उनकी बेटी ने किसी युवक के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। पति का आरोप है कि यह शादी कथित प्रेमी के साथ की गई और इसमें ससुराल पक्ष की सहमति और भूमिका रही।
नोएडा में रह रही है महिला
सूत्रों के मुताबिक, महिला वर्तमान में नोएडा के जखीरा, नेहरू नगर क्षेत्र में रह रही है। पति का कहना है कि जब वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से खत्म नहीं हुए, तब दूसरी शादी कैसे करवाई जा सकती है?
उनका आरोप है कि ससुराल पक्ष ने मिलकर यह कदम उठाया, जिससे उन्हें मानसिक और सामाजिक आघात पहुंचा है। फरियादी मोहम्मद शमीम के माता-पिता पहले ही खत्म हो चुके हैं। वही दो बेटों की परवरिश की चिंता उनको सता रही है
‘तीन बच्चों का क्या होगा?’
सबसे बड़ा सवाल अब बच्चों के भविष्य को लेकर उठ रहा है। दो बेटे मां के साथ हैं, जबकि बेटी पिता के पास है। परिवार में दरार के कारण तीनों बच्चों का पालन-पोषण अलग-अलग माहौल में हो रहा है। पति का कहना है कि वे प्रशासन से न्याय की मांग करेंगे और कानूनी कार्रवाई पर विचार कर रहे हैं।
कानूनी पहलू
कानूनी जानकारों के अनुसार, यदि पहली शादी विधिवत रूप से समाप्त नहीं हुई है और तलाक नहीं हुआ है, तो दूसरी शादी करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आ सकता है। हालांकि, पूरे मामले की सच्चाई और कानूनी स्थिति की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
प्रशासन से न्याय की गुहार
मोहम्मद शमी का कहना है कि उन्होंने जीवन भर परिवार के लिए मेहनत की, लेकिन अब उनके साथ अन्याय हुआ है। वे चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले की निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाए।
इस घटनाक्रम ने रिश्तों में भरोसे और सामाजिक मूल्यों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और कानून इस मामले में क्या रुख अपनाते हैं।


