Wednesday, March 4, 2026
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आगरा: पति की मौत के बाद तीन बच्चों को छोड़कर महिला ने की दूसरी शादी, परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने किया उपहास, परिवार मानसिक तनाव में

आगरा, बरहन। थाना बरहन क्षेत्र के मुखवार गाँव में एक परिवार अपनी पीड़ा लेकर थाने पहुँचा, लेकिन न्याय पाने के बजाय उन्हें तानों और उपहास का सामना करना पड़ा। गाँव मुखवार निवासी भगवान देवी एवं उनका पुत्र भागीरथ ने पुलिस में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके बड़े बेटे चंद्रपाल की मृत्यु 15 सितंबर 2024 को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। परिजनों का कहना है कि चंद्रपाल को किसी ने धक्का दिया था, जिसकी वजह से उसकी जान गई।

चंद्रपाल की पत्नी प्रीति और उनके तीन बच्चे—प्रमोद (14 वर्ष), शिवम (10 वर्ष) और मोनिका (8 वर्ष)—मृत्यु के बाद ससुराल में ही रह रहे थे। कुछ महीनों बाद प्रीति के मायके वाले उसे “निभाने” के बहाने अपने घर ले गए। परिवार का आरोप है कि प्रीति अपने साथ सोने और चाँदी के जेवरात भी ले गई और एक बच्चे शिवम को भी साथ ले गई, जबकि दो बच्चे प्रमोद और मोनिका ससुराल में ही छोड़ गई।

परिजनों ने बताया कि वे कई बार—करीब 8 से 10 बार—प्रीति को लेने मायके गए, लेकिन हर बार विदा देने से मना कर दिया गया। दिवाली पर जब वे फिर गए, तो प्रीति के पिता ने कहा कि “उसे छोटे देवर यशपाल के साथ बैठा दो”, जिस पर परिवार ने हामी भी भर दी। लेकिन उसके बाद न कोई फोन आया, न कोई संपर्क किया गया। बाद में परिवार को फेसबुक के माध्यम से पता चला कि प्रीति ने किसी दूसरे व्यक्ति से शादी कर ली है।

पुलिस पर उपेक्षा और ताने मारने का आरोप

परिवार का आरोप है कि जब वे इस पूरे मामले की शिकायत लेकर थाना बरहन पहुँचे, तो वहाँ मौजूद पुलिसकर्मियों ने गंभीरता से कार्रवाई करने के बजाय उल्टे उन्हीं का मज़ाक उड़ाया।

परिजनों के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने ताना मारते हुए कहा—
“तुम्हारा भाई उसे खरीदकर लाया था क्या?”
और
“भाभी भाग गई, बच्चों की मां भाग गई—इसमें हम क्या करें?”

परिवार का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियों ने उन्हें गहरे अपमान और मानसिक पीड़ा में डाल दिया है।

बच्चों की मानसिक स्थिति बिगड़ रही

परिवार ने बताया कि प्रीति के बिना छोड़े गए बच्चे प्रमोद (14) और मोनिका (8) मानसिक रूप से बेहद अस्थिर हो गए हैं। वे अक्सर मां को याद करके रोते हैं, उन्हें बुरे सपने आते हैं और पढ़ाई-लिखाई पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। परिवार का कहना है कि बच्चों की इस हालत के लिए प्रीति की गैर-जिम्मेदाराना हरकत और पुलिस की उदासीनता जिम्मेदार है।

परिजन पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, बच्चों की सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

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