इलाके में चर्चा का विषय बन गया है। बुलन्दशहर जिले की रहने वाली सोनम ने अपने साथ धोखा, जबरन शारीरिक संबंध, गर्भपात के लिए मजबूर करने, मारपीट और जान से मारने की कोशिश जैसे संगीन आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है।
सोनम पुत्री फूलचंद, मूल निवासी ग्राम माकड़ी थाना स्याना जिला बुलन्दशहर, पिछले चार पांच वर्षों से ग्रेटर नोएडा के बीटा 2 क्षेत्र में किराये पर रहकर नौकरी कर अपनी नौ वर्ष की बेटी के साथ जीवन यापन कर रही थी। सोनम का कहना है कि उसकी पहले शादी हो चुकी थी, लेकिन पति द्वारा छोड़ दिए जाने के बाद वह अकेले बेटी का पालन पोषण कर रही थी। इसी दौरान उसके पूर्व पति का दोस्त अभय यादव, निवासी चंदौसी जिला सम्भल, उसके संपर्क में आया।
सोनम के अनुसार लगभग तीन वर्ष पहले अभय उसके कमरे पर आना जाना करने लगा। वह उसे दिलासा देता था कि उसकी जिंदगी फिर से पटरी पर आ जाएगी और वह उसकी तथा उसकी बेटी की जिम्मेदारी उठाएगा। धीरे धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। सोनम का आरोप है कि करीब छह माह पहले अभय ने शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए और उसके साथ रहने लगा। लोकलाज के कारण उसने यह बात किसी को नहीं बताई।
महिला का कहना है कि वह तीन माह की गर्भवती हो गई तो उसने अभय से शादी करने के लिए कहा। इस पर अभय ने उसे जबरन गर्भ गिराने की दवा खिला दी, जिससे उसकी जान पर बन आई। किसी तरह वह बच गई। तीन माह बाद जब उसने फिर शादी का दबाव बनाया तो अभय ने उसके साथ मारपीट की और यह कहकर भाग गया कि उसका पूजा नाम की युवती से प्रेम संबंध है और वही उससे शादी करेगा। उसने यह भी कहा कि उसके घर वाले एक शादीशुदा और एक बेटी की मां से विवाह के खिलाफ हैं।
सोनम का आरोप है कि जब उसने अभय के परिवार से संपर्क किया तो उसकी मां ने उसे जान से मरवाने की धमकी दी। वहीं पूजा नाम की युवती ने भी कथित तौर पर उसे धमकाते हुए कहा कि अगर उसने कोई कानूनी कार्रवाई की तो उसे खत्म कर दिया जाएगा और कोई केस भी नहीं बचेगा।
पीड़िता का कहना है कि उसने पूरे मामले की शिकायत अधिकारियों से की, जिसके बाद उसे बीटा 2 थाने बुलाया गया। वहां एसआई मनोज कुमार शर्मा ने अभय और उसके परिजनों को बुलाकर समझौता कराने की बात कही। सोनम का आरोप है कि थाने में पहले से अभय, उसके परिजन और रिश्तेदार मौजूद थे। जब उसने वकील बुलाने की बात कही तो एसआई ने वकील की जरूरत न होने की बात कही, जबकि दूसरी तरफ अभय पक्ष अपने साथ वकील लेकर आया था।
महिला का आरोप है कि पुलिस अधिकारी ने रिश्वत लेकर जबरन समझौता कराया और शादी कराकर उसे अभय के साथ भेज दिया। वह दावा करती है कि यह पूरी साजिश पहले से रची गई थी ताकि उसे प्रताड़ित कर घर से भगाया जा सके।
सोनम के अनुसार 16 दिसंबर 2025 को अभय को उसकी मां ने घर से भगा दिया और घर से निकलते ही अभय ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। इसके बाद उसने कोई संपर्क नहीं किया। महिला का आरोप है कि इसके बाद अभय की मां और अन्य परिजनों ने एक राय होकर उसके कमरे में घुसकर उसके गले की चुन्नी पकड़कर गला घोंटने की कोशिश की। इस दौरान उसके साथ मारपीट की गई और हाथ पैर पकड़ लिए गए ताकि उसे जान से मारा जा सके। उसकी नौ वर्षीय बेटी चिरागी के साथ भी मारपीट की गई।
सोनम का कहना है कि वह किसी तरह अपनी और बेटी की जान बचाकर 4 फरवरी 2026 को वहां से निकलकर अपने घर पहुंची। उसका आरोप है कि आरोपियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन उसने समझदारी से खुद को सुरक्षित कर लिया।
पीड़िता ने अभय यादव, उसकी मां और पूजा के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामला गंभीर आरोपों से जुड़ा होने के कारण क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है और तथ्यों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


