बक्सर (बिहार)। बक्सर जिले में एक गरीब परिवार पर एक के बाद एक मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है। पहले पत्नी की गंभीर बीमारी और महंगे इलाज ने परिवार को आर्थिक रूप से तोड़ दिया, वहीं इसी बीच पति और बेटे का सड़क हादसा हो जाने से परिवार पूरी तरह संकट में आ गया है। अब पीड़ित परिवार ने समाज और प्रशासन से आर्थिक सहायता की गुहार लगाई है।
जानकारी के अनुसार जिले के रहने वाले प्रदेशी चौधरी की पत्नी पालनी देवी की तबीयत अचानक खराब हो गई थी। शुरुआत में उनके पैर में गंभीर चोट लगने के बाद हालत बिगड़ती चली गई। इलाज के लिए पहले उन्हें दिनारा और फिर बक्सर के अस्पताल में दिखाया गया, लेकिन स्थिति गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे इलाज के लिए बनारस रेफर कर दिया।
बनारस में जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि पालनी देवी की आंत में छेद हो गया है और तुरंत ऑपरेशन करना पड़ेगा। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के लिए करीब 5 लाख रुपये का खर्च बताया और खून की भी जरूरत बताई। परिवार और रिश्तेदारों ने किसी तरह छह यूनिट खून की व्यवस्था की, लेकिन ऑपरेशन के बाद भी उनकी हालत में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। करीब तीन महीने बाद डॉक्टरों को दूसरा ऑपरेशन करना पड़ा, जिससे परिवार पर आर्थिक बोझ और बढ़ गया।
इसी बीच एक और बड़ा हादसा हो गया। इलाज के दौरान ही प्रदेशी चौधरी और उनके बेटे का सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो जाना परिवार के लिए नई मुसीबत बन गया। दोनों को पहले मालिया बाग स्थित नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें सासाराम रेफर कर दिया। सासाराम में भी स्थिति में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उन्हें बनारस भेज दिया।
बनारस में जांच के बाद डॉक्टरों ने बताया कि प्रदेशी चौधरी के सिर में गंभीर चोट लगी है और दिमाग पर असर पड़ा है। इलाज के लिए भारी रकम की जरूरत बताई गई। परिवार ने अब तक अपनी जमा-पूंजी और उधार लेकर इलाज कराने की कोशिश की, लेकिन लगातार इलाज और हादसों के कारण करीब 6 लाख रुपये से अधिक का खर्च हो चुका है और अब आगे इलाज के लिए पैसे जुटा पाना मुश्किल हो गया है।
परिवार के लोगों का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण अब इलाज कराना बेहद मुश्किल हो गया है। ऐसे में उन्होंने समाजसेवियों, प्रशासन और आम लोगों से मदद की अपील की है, ताकि परिवार के घायलों का इलाज जारी रह सके और उनकी जान बचाई जा सके।
