सुपौल/बिहार।
जिले के ग्राम चन्दल मरीचा, पोस्ट–बकौर, थाना–सुखपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ स्थानीय युवक मनोज चांदव यादव (मो. 7319902627) ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि धर्म और आस्था के नाम पर भ्रामक गतिविधियाँ चल रही हैं, जिनमें कई निर्दोष लोग ठगे जा रहे हैं।
मनोज के मुताबिक, उन्होंने ई. एस. क्रेच/एसोसिएशन नाम से चल रहे एक संगठन में गंगा जी के नाम पर दान और दस्तावेज जमा किए थे, पर उन्हें बदले में सिर्फ धोखे का सामना करना पड़ा।
मनोज का कहना है कि—
“हमने मिन्नत तुल्लाह रहमानी मी गंगा जी नाम से पंजीकरण कराया था। लेकिन इसके बाद हमें किसी प्रकार का जवाब नहीं मिला। तेजस्वी भेगा नाम के व्यक्ति पर हमसे गलत तरीके से धर्म के नाम पर कमाई करने का आरोप है।”
सूत्रों के अनुसार, पीड़ित ने कई बार संगठन व संबंधित लोगों से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन आज तक कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
मनोज ने यह भी दावा किया कि वह तेजस्वी भेगा नामक व्यक्ति को संगठन से हटाने की माँग कर चुके हैं, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि धर्म के नाम पर लोगों की भावनाओं और आस्था का लाभ उठाकर आर्थिक लाभ कमाया जा रहा है।
पीड़ित युवक का कहना है कि—
“हमारे दस्तावेज, हमारा नाम और हमारी आस्था का दुरुपयोग किया जा रहा है। हम न्याय चाहते हैं। दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।”
क्या है पूरा मामला?
मनोज ने धार्मिक कार्य से जुड़े एक संगठन में दस्तावेज व नाम दिया।
संगठन से कोई प्रतिक्रिया न आने पर धोखाधड़ी की आशंका जताई।
तेजस्वी भेगा नाम के व्यक्ति पर धर्म के नाम पर कमाई करने का आरोप लगाया।
पीड़ित ने प्रशासन और मीडिया से न्याय की अपील की है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
गाँव में चर्चा है कि यदि आरोप सही पाए गए तो यह मामला धर्म–आस्था के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े में बदल सकता है। ग्रामीणों ने भी पारदर्शी जांच की मांग की है।
पीड़ित ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग
मनोज चांदव यादव ने कहा है कि जब तक दोषियों के विरुद्ध सख्त जांच व कार्रवाई नहीं होती, वे आवाज उठाना जारी रखेंगे।
