सीकर/खंडेला।
राजस्थान के सीकर जिले के खंडेला गांव से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां रोज़गार की तलाश में 30 साल से दिल्ली में रह रहे गजानंद की पुश्तैनी संपत्ति पर कथित तौर पर दबंगों ने कब्जा कर लिया।
पीड़ित का आरोप है कि गांव लौटने पर उन्हें पता चला कि वार्ड नंबर आठ में स्थित उनका पुराना मकान, जो पहले से खंडहर की हालत में था, उसे तोड़कर कुछ लोगों ने जबरन कब्जा जमा लिया है।
गजानंद ने बताया कि वे वर्षों से दिल्ली में काम कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे।
इस दौरान गांव की जमीन और मकान की देखरेख नहीं हो पाई। इसी का फायदा उठाते हुए कुछ स्थानीय लोगों ने उनके हिस्से के मकान को पूरी तरह गिराकर उस पर कब्जा कर लिया।
पीड़ित का कहना है कि परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा जमीन को लेकर कोई सौदा किया गया है या नहीं, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है, लेकिन उनके हिस्से की संपत्ति पर अवैध कब्जा साफ तौर पर किया गया है।
सबसे गंभीर आरोप पुलिस पर लगाए गए हैं।
गजानंद का कहना है कि इस पूरे मामले में स्थानीय पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। उनका आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से ही कब्जा करवाया गया है।
हालांकि उन्होंने थाने में शिकायत दर्ज कराई और एसपी को भी लिखित रूप में अवगत कराया, लेकिन पिछले तीन महीनों से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
पीड़ित अब प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहे हैं।
उनका कहना है कि उनके पुश्तैनी मकान पर दोबारा कब्जा दिलाया जाए और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
गांव में इस घटना को लेकर लोगों में भी चर्चा है और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठ रहे हैं।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है और क्या गजानंद को उनका हक मिल पाता है या नहीं।


