Wednesday, March 4, 2026
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
HomeNationalअशोक विहार में दिनदहाड़े 22 लाख की चोरी! बरसी में गया था...

अशोक विहार में दिनदहाड़े 22 लाख की चोरी! बरसी में गया था परिवार, बच्चों को घुमा ले गई चाची… छोटे भाई पर लगा ‘अंदरूनी साजिश’ का गंभीर आरोप

दिल्ली/अशोक विहार | विशेष रिपोर्ट

राजधानी दिल्ली के अशोक विहार थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज चोरी का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता विपिन कुमार (उम्र 37 वर्ष) के घर 16 नवंबर 2025 की सुबह 10 से 12 बजे के बीच घर का ताला तोड़कर लगभग 20 से 22 लाख रुपए के नकद और जेवरात चोरी कर लिए गए। यह घटना उस समय हुई जब घर के बड़े सदस्य अपने रिश्तेदार की बरसी में शामिल होने के लिए बाहर गए हुए थे।

बरसी में गए थे पति-पत्नी, घर पर थे सिर्फ दो नाबालिग बच्चे

विपिन कुमार और उनकी पत्नी नीतू देवी 16 नवंबर की सुबह लगभग 8 बजे नीतू के पिता स्वर्गीय राजकुमार की बरसी में शामिल होने बागपत गए हुए थे। घर में सिर्फ दोनों बच्चे—

माही (12 वर्ष)

विहान (9 वर्ष)

मौजूद थे।

बच्चों को चाची ले गई और इसी बीच घर से गायब हो गए 22 लाख के जेवर–नगदी

विपिन का आरोप है कि जब घर पर सिर्फ बच्चे थे, तभी उनकी भाभी प्रीति (छोटे भाई प्रवीण की पत्नी) बच्चों को बहाना बनाकर अशोका गार्डन में घुमाने ले गई।

वे बताते हैं कि—
“प्रीति ने ही बच्चों से घर का ताला बाहर से लगवाया और चाबी ले ली। बच्चों को लेकर बाहर निकल गई। इसी दौरान मेरे छोटे भाई प्रवीण ने चालाकी से घर में चोरी कर ली।”

चोरी गए सामान में शामिल है—

₹2.5 लाख नकद

सोने की लॉन्ग चैन

पेंडेंट वाली चैन

कान की 4 जोड़ी टॉप्स/सुई-धागा ईयररिंग्स

6–7 सोने की अंगूठियां

डेढ़ किलो चांदी

अन्य कीमती जेवरात

कुल मिलाकर चोरी का अनुमान 20–22 लाख रुपए तक पहुँचता है।

जमीन विवाद और पुरानी रंजिश — छोटा भाई मुख्य आरोपी बताकर गंभीर आरोप

विपिन कुमार ने पुलिस को दिए आवेदन में साफ तौर पर कहा है कि उन्हें अपने छोटे भाई प्रवीण पर गहरी शंका है।

उन्होंने बताया:
“हमारे बीच पहले से जमीन को लेकर कई बार विवाद और झगड़ा हो चुका है। उसी रंजिश में मेरे बच्चों का फायदा उठाकर घर साफ कर दिया गया है।”

“मेरी बात कोई नहीं सुन रहा… पुलिस पर लापरवाही का आरोप”

विपिन कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी थाने में देने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि—
“कई बार आवेदन दिया, पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। मैं लगातार परेशान हूँ। मेरी मेहनत की सारी कमाई लूट ली गई। अब पुलिस की चुप्पी और ज्यादा पीड़ा दे रही है।”

“मीडिया ही अब आखिरी सहारा” — न्याय की मांग

विपिन कुमार चाहते हैं कि मीडिया के माध्यम से उनकी बात सामने आए, ताकि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तुरंत कार्रवाई करे और चोरी के पीछे की साजिश का खुलासा हो सके।

उनका कहना है—
“हमारी जिंदगी भर की जमा पूँजी चोरी हो गई। छोटे भाई ने ही धोखा दिया। अब न्याय के लिए मीडिया ही आखिरी उम्मीद है।”

अशोक विहार का यह मामला परिवारिक रंजिश, अंदरूनी साजिश और पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि पीड़ित को कब और कैसे न्याय मिलता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

Most Popular

Recent Comments