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अयोध्या में 11 वर्षीय बच्ची पर हमला, नाक काटने का आरोप; कार्रवाई में देरी से पीड़ित परिवार में आक्रोश

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अयोध्या। उत्तर प्रदेश के अयोध्या जिले के रुदौली कोतवाली क्षेत्र से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक 11 वर्षीय मासूम बच्ची पर कथित रूप से हमला कर उसकी नाक काटे जाने का आरोप लगाया गया है। घटना के बाद से पीड़ित परिवार दहशत में है और उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने से उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।

पीड़िता की मां ममता पत्नी अवधेश, निवासी ग्राम हलीमनगर, कोतवाली रुदौली, द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, 6 जून 2026 की शाम करीब 8 बजे उनकी 11 वर्षीय पुत्री घर के सामने स्थित तालाब के पास शौच के लिए गई थी। आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही कुछ लोगों ने बच्ची को घेर लिया और उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।

शिकायत के मुताबिक, बच्ची को पकड़कर रखा गया, जबकि दो महिलाओं ने कथित तौर पर धारदार हथियार से उसकी नाक के एक हिस्से पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्ची किसी तरह रोते-बिलखते घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस से शिकायत की।

पीड़ित पक्ष ने जिन लोगों पर आरोप लगाया है, उनमें काशीराम, दिलीप कुमार, रामतीरथ, राधा पत्नी काशीराम, पवन पुत्र दिलीप कुमार, मूर्ति पत्नी काशीराम तथा प्रियंका पुत्री काशीराम के नाम शामिल बताए गए हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के बाद से आरोपी पक्ष द्वारा लगातार धमकियां दी जा रही हैं और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

दस्तावेजों के अनुसार, मामले की जांच के लिए पुलिस द्वारा जांच अधिकारी नामित किया जा चुका है और प्रकरण की जांच जारी है। हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि कार्रवाई की गति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। मामले में पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार किया जा रहा है।

घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्र में भी आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषियों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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