Home Madhy Pradesh अब प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर दान में घोटाला! निजी अकाउंट में चढ़ावे का...

अब प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर दान में घोटाला! निजी अकाउंट में चढ़ावे का पैसा जाने का आरोप; जांच शुरू

0

प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के चंदा में घोटाले का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि प्राइवेट समिति श्रद्धालुओं से नकद दान, चढ़ावा और सोने-चांदी के आभूषण ले रही थी।
अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी का मामला सामने आने के बाद देश भर के बड़े मंदिरों में सुरक्षा, पारदर्शिता और दान प्रबंधन को लेकर एक गंभीर बहस छिड़ गई है। राम मंदिर में चंदा चोरी का खुलासा होने के बाद देश के कई अन्य प्रसिद्ध मंदिरों से भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। अब मध्य प्रदेश के मशहूर मां बगलामुखी मंदिर में चंदा घोटाले की बात सामने आई है।
आगर-मालवा जिले के नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में दान, चढ़ावे और सोने-चांदी के आभूषणों में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। श्रद्धालुओं से आने वाले दान में गंभीर अनियमितताओं की शिकायतों को देखते हुए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रीति यादव ने मामले की गहराई से जांच के लिए तीन सदस्यीय दल का गठन किया है और उसे 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

क्या हैं गंभीर आरोप?
दरअसल, कलेक्टर प्रीति यादव ने पिछले दिनों खुद मंदिर का औचक निरीक्षण किया था, जहां उन्हें दान-पुण्य में हेराफेरी की शिकायतें मिली थीं। आरोपों के अनुसार, मंदिर की आधिकारिक सरकारी प्रबंधन समिति के होते हुए भी, वहां एक गैर-शासकीय और अपंजीकृत समिति समानांतर रूप से चल रही थी। यह प्राइवेट समिति श्रद्धालुओं से नकद दान, चढ़ावा और सोने-चांदी के आभूषण ले रही थी। इस दान के पैसे को सरकारी खातों में जमा करने के बजाय निजी बैंक खातों के जरिए ट्रांसफर किया जा रहा था, जिसका कोई सही लेखा-जोखा नहीं है। यहां तक कि मंदिर के गर्भगृह के सौंदर्यीकरण के काम में भी इसी प्राइवेट समिति के माध्यम से पैसे का लेन-देन किया गया, जिसकी अब जांच होगी।

शिकायत के मुताबिक, मंदिर की देखरेख के लिए जो असली सरकारी कमेटी बनी हुई है, उसे साइडलाइन कर दिया गया था। उसकी जगह एक दूसरी कमेटी खुद ही भक्तों से मिलने वाला सोना, चांदी और नगद चंदा इकट्ठा कर रही थी। आरोप है कि इस दान के पैसे और सोने-चांदी के हिसाब-किताब में बड़ा घोटाला हुआ है।
जांच के लिए बनी 3 सदस्यीय टीम
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने 7 जुलाई 2026 को आदेश जारी कर तीन अधिकारियों की एक संयुक्त जांच टीम बनाई है:

अध्यक्ष: बी.एस. सोलंकी (सीईओ, जिला पंचायत, आगर-मालवा)
सदस्य: मनीष सोलंकी (जिला कोषालय अधिकारी, आगर-मालवा)
सदस्य: मिनी अग्रवाल (मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नलखेड़ा)

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version