Home Media पत्नी भी, प्रेमिका भी! दो नावों की सवारी का आरोप, युवती ने...

पत्नी भी, प्रेमिका भी! दो नावों की सवारी का आरोप, युवती ने लगाया जिंदगी बर्बाद करने का आरोप

0

जौनपुर/विशेष संवाददाता जौनपुर जिले के मटिया ब्रह्मदेवा गाँव से प्रेम प्रसंग, कथित धोखाधड़ी और शोषण के आरोपों से जुड़ा एक मामला सामने आया है। युवती ने आरोप लगाया है कि जिस युवक पर उसने वर्षों तक भरोसा किया, वह पहले से शादीशुदा होने के बावजूद उससे प्रेम संबंध बनाए रखता रहा। इतना ही नहीं, विवाह होने के बाद भी उसने कथित रूप से प्रेमिका से दूरी नहीं बनाई और दोनों रिश्तों को साथ लेकर चलने का प्रयास करता रहा।

पीड़िता रोशनी पटेल ( 22 वर्ष) का आरोप है कि स्कूल के दिनों में उसकी पहचान सूर्यभान इंद्र कुमार गौतम उर्फ सूरज कुमार (30 वर्ष) से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई और बाद में यह संबंध प्रेम में बदल गया। युवती का कहना है कि युवक ने शादी का भरोसा देकर उसके साथ संबंध बनाए रखे, लेकिन बाद में पता चला कि वह किसी दूसरी युवती से विवाह कर चुका है और उसकी एक बेटी भी है।

युवती का आरोप है कि शादी के बाद भी सूरज ने उससे संपर्क बनाए रखा और स्पष्ट रूप से किसी एक रिश्ते को समाप्त नहीं किया। इसी वजह से क्षेत्र में चर्चा है कि युवक “दो नावों की सवारी” कर रहा था। पीड़िता का दावा है कि उसे लंबे समय तक वास्तविक स्थिति से अनजान रखा गया, जिसके कारण वह मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक रूप से प्रभावित हुई।

रोशनी का कहना है कि जब उसे युवक की शादी और पारिवारिक जीवन की जानकारी मिली तो उसने स्वयं को ठगा हुआ महसूस किया। उसका आरोप है कि प्रेम और विवाह के नाम पर उसके साथ छल किया गया तथा उसके भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ।

पीड़िता ने प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उसका कहना है कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि किसी अन्य युवती को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े।

#JaunpurNews #BrahmdevMatia #RoshniPatel #SurajKumar #LoveAffairCase #RelationshipControversy #BreakingNews #HindiNews #CrimeUpdate #WomenJustice #ViralNews #SocialIssue #PoliceInvestigation #LoveAndBetrayal #ExclusiveReport #TrendingNews #UPNews #JusticeDemand #YouthNews #LatestNews

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version