बाराबंकी
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में लंबे समय से चले आ रहे एक जमीनी विवाद ने बुधवार को हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि जमीन की नापजोख के दौरान शुरू हुए विवाद में एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के पूरे परिवार पर लाठी-डंडों, ईंट-पत्थरों और धारदार हथियार से हमला कर दिया। इस हमले में महिलाओं सहित परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि हमलावर घर में घुसकर हत्या करने की नीयत से आए थे, लेकिन मोहल्ले के लोगों के हस्तक्षेप से उनकी जान बच सकी।
घटना थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के धरसानिया गांव की बताई जा रही है। पीड़ित मनीष पुत्र रामदुलारे द्वारा पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार, एक जुलाई को सुबह करीब साढ़े ग्यारह बजे गांव निवासी बंशीलाल और उसके साथ पांच से छह अन्य लोग, जो स्वयं को तहसील कर्मचारी बता रहे थे, उनके प्लॉट की नापजोख कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान प्लॉट पर लगे पिलर तोड़े जाने लगे।
प्रार्थना पत्र के अनुसार, जब मनीष की मां राजरानी मौके पर पहुंचीं और इसका विरोध किया तो बंशीलाल की पत्नी राजकुमारी, उनके बेटे जयसिंह, अमरसिंह, मानसिंह, पुत्री शीतल, परिवार की एक महिला और भगौती के पुत्र अजेन्द्र प्रताप सहित अन्य लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया। आरोप है कि लाठी-डंडों से की गई मारपीट में राजरानी के सिर पर गंभीर चोट आई और उनका सिर फट गया।
मां की चीख-पुकार सुनकर जब मनीष के पिता रामदुलारे, बहन सुधा, भाई आर्यन, साजन और अन्य परिजन बचाने पहुंचे तो हमलावरों ने उन पर भी हमला बोल दिया। आरोप है कि पूरे परिवार को बेरहमी से पीटा गया, जिससे सभी लोग लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।
घटना के दौरान आसपास के लोगों ने हस्तक्षेप कर किसी तरह घायल परिवार को बचाया। लेकिन पीड़ित पक्ष का आरोप है कि जब वे मोहल्ले वालों की मदद से अपने घर की ओर जाने लगे तो आरोपित अपने घरों की छतों पर चढ़ गए और वहां से ईंट और पत्थरों की बारिश शुरू कर दी। इससे पहले से घायल परिवार के सदस्यों को और गंभीर चोटें आईं।
प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमले के दौरान बंशीलाल के बेटे हाथ में धारदार बांका लेकर घर के भीतर घुस आए और मनीष की हत्या करने का प्रयास किया। हालांकि मोहल्ले के लोगों के एकत्र होने पर वे अपने मंसूबों में सफल नहीं हो सके।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि घटना की सूचना दोपहर करीब बारह बजकर बीस मिनट पर डायल 112 और 108 एम्बुलेंस सेवा को दी गई, लेकिन काफी देर तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही एम्बुलेंस। इसके बाद परिजन अपनी निजी स्कूटी से सभी घायलों को पहले एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
घायलों में परिवार के कई सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं और सभी का उपचार चल रहा है। पीड़ित मनीष ने कोतवाली नगर पुलिस को लिखित शिकायत देकर बंशीलाल, उसके परिवार के सदस्यों और अन्य आरोपितों के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, घर में घुसकर हमला करने, जान से मारने की धमकी देने तथा अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
