Thursday, July 9, 2026
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दर्दनाक हादसा: 11,000 वोल्ट तार की चपेट में आई नैना चौरसिया

लखनऊ:  – लखनऊ जिले के ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले प्रेम नगर बड़ौदा हुसैन वादी, बालागंज में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। नैना चौरसिया, जो अपने पिता कमलेश चौरसिया की बेटी है, इस हादसे की शिकार हुई। 21 मई 2024 हादसे का समय लगभग 11:30 बजे का है जब नैना अपने घर पर थी।

पास ही रहने वाली शिफा जी की बहन की लड़की नैना को खेलने के लिए बुलाकर ले गई। इसी दौरान शिफा जी ने नैना को अपने कपड़े सूखाने के लिए छत पर भेजा। छत पर 11,000 वोल्ट की हाई टेंशन तारें लगी हुई थीं।कपड़े सुखाने के दौरान, नैना इन तारों के संपर्क में आ गई, जिससे उसे जबरदस्त करंट लगा। इतने उच्च वोल्टेज का करंट लगने से नैना की स्थिति गंभीर हो गई। तत्काल ही परिवार और पड़ोसियों ने नैना को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन उसकी हालत अत्यंत नाजुक बताई जा रही है।

नैना की दुर्घटना के बाद विवाद: पिता कमलेश चौरसिया की पैसों की मांग पर शिफा जी का इनकारलखनऊ, 21 मई 2024 – प्रेम नगर बड़ौदा हुसैन वादी, बालागंज में 11,000 वोल्ट तार की चपेट में आने से नैना चौरसिया की गंभीर हालत के बाद एक नया विवाद उभरकर सामने आया है।

नैना के पिता, कमलेश चौरसिया, ने शिफा जी और उनके परिवार से नैना के इलाज और मासिक खर्च के लिए पैसों की मांग की है।घटना के बाद नैना की चिकित्सा देखभाल और अन्य खर्चों के लिए कमलेश चौरसिया ने शिफा जी से सहायता की उम्मीद की।

कमलेश का कहना है कि नैना को खेलने के लिए बुलाने और फिर उसे कपड़े सुखाने के लिए छत पर भेजने की जिम्मेदारी शिफा जी की थी, इसलिए नैना की चिकित्सा और देखभाल के खर्च में उन्हें भी योगदान देना चाहिए।हालांकि, शिफा जी ने स्पष्ट रूप से इस मांग को ठुकरा दिया। शिफा जी का कहना है कि यह हादसा एक दुर्घटना थी और इसमें उनकी कोई गलती नहीं थी, इसलिए वे नैना के मासिक खर्च के लिए पैसे नहीं देंगी।इस विवाद ने स्थानीय लोगों में चर्चा का विषय बना दिया है। कुछ लोग कमलेश चौरसिया के पक्ष में हैं

ई खबर मीडिया के लिए मोहम्मद अख्तर की रिपोर्ट

आवास योजना के तहत मदद की गुहार: रामपुर के करताल श्रीवास्तव का संघर्ष

उत्तर प्रदेश : जिला रामपुर बिलासपुर थाना क्षेत्र के डिब्दीबा सुभाष नगर गांव के निवासी करताल श्रीवास्तव एक छोटे से घर में रहते हैं, जिसका आकार 24 बाई 24 फीट है। उनके घर की दीवारें बहुत कमजोर हैं, और बारिश के मौसम में पानी घर के अंदर आ जाता है। घर में शौचालय की सुविधा भी नहीं है, जिससे परिवार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

श्रीवास्तव का मकान कच्चा है और तीन सेट की छत लगी हुई है, जो अब बहुत खराब हो चुकी है और जिससे पानी टपकता है। करताल श्रीवास्तव ने 2023 में आवास योजना के लिए आवेदन किया था। आवास योजना के अधिकारी घर पर आए थे और उन्होंने उनके आवेदन को स्वीकृति दी है। इसके बावजूद, श्रीवास्तव को अभी भी अपने मकान की मरम्मत के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

करताल श्रीवास्तव बैटरी वाला ऑटो किराए पर चलाते हैं और प्रतिदिन 250 रुपए किराया मालिक को देना पड़ता है। उनके परिवार में छह सदस्य हैं, और श्रीवास्तव अकेले ही कमाने वाले हैं। आर्थिक तंगी के कारण वह अपने घर की मरम्मत करवाने में असमर्थ हैं।

करताल श्रीवास्तव ने सरकार से आवास योजना के तहत मदद की गुहार लगाई है ताकि उनका मकान पक्का बन सके और उनके परिवार को सुरक्षित और स्वस्थ जीवन मिल सके।

गाजियाबाद: प्रेमीका को प्रेमी धोखा देकर फरार

गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश – जिला गाजियाबाद के थाना महाराजपुर क्षेत्र के लिंक रोड पर स्थित साहिबाबाद इंडस्ट्रीज एरिया की निवासी पीड़ित पूजा की कहानी एक धोखाधड़ी और विश्वासघात की मार्मिक गाथा है।

पूजा पहले अपने पति अशोक के साथ पीलीभीत में रहती थीं। अशोक की मृत्यु के चार-पांच महीने बाद, पूजा की मुलाकात अमित से हुई। अमित आजमगढ़ जिले के करोटी गांव का रहने वाला था। धीरे-धीरे उनका रिश्ता गहरा होता गया और अमित ने पूजा से शादी का वादा किया।

कुछ समय बाद जब पूजा ने अमित से शादी की बात की तो अमित अचानक गायब हो गया। पूजा ने बताया कि जिस नंबर से वह अमित से संपर्क करती थीं, वह नंबर भी बंद हो गया। पूजा का आरोप है कि अमित ने उनका उपयोग केवल अपनी जरूरत और हवस को पूरा करने के लिए किया और जब उसका काम पूरा हो गया तो वह बिना बताए फरार हो गया।

पूजा ने इस मामले में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है, परंतु पुलिस की तरफ से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूजा का कहना है कि अमित ने उन्हें अपनी पत्नी की तरह रखा और फिर धोखा दिया। वह चाहती हैं कि अमित उनसे शादी करें अन्यथा वह कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगी।

पूजा का यह मामला हमें यह सिखाता है कि किसी पर अंधविश्वास करने से पहले सतर्क रहना चाहिए और ऐसे लोगों से बचना चाहिए जो हमारे विश्वास का गलत फायदा उठाते हैं।

बाबा रामदेव मूर्ति स्थापना में नगर में निकाली ऐतिहासिक कलश यात्रा

देवास :  पीपलरावां कंजर डेरा स्थित रामदेवजी मंदिर के प्राणप्रतिष्ठा कार्यक्रम के चौथे दिन पूर्णाहुति के बाद भगवान की प्रतिमा को रथ में सजाकर शोभायात्रा निकाली। बैंड व डीजे पर निकली यात्रा में सबसे आगे घोड़ी पर बैठे यज्ञाचार्य रमेशचंद्र नागर के साथ सपत्निक पांचो यजमान व इसके पीछे पांच सौ से अधिक महिलाएं सिर पर कलश धारण कर चल रही थी। अभी तक कलश यात्रा का सर्वप्रथम ऐतिहासिक जुलूस निकल गया । तोड़ापुरा पर कुशवाह समाज, बुधवारिया में राठौर समाज, मिठीकुंडी पर सत्यनारायण नाहर, अयोध्या बस्ती श्री कृष्णा चौक पर  पूजा अर्चना की गई जहां पर नारियल अगरबत्ती पुष्प माला से कलश यात्रा का स्वागत किया गया । बस स्टैंड पर सोनू भावसार, श्री राम मार्केट में सामाजिक समरसता मंच व सांसद प्रतिनिधि हिमांशु खत्री, बेरछा फाटा पर मानवसेवा समिति ने यात्रा का स्वागत किया। इतवारिया बाजार में राकेश राठौर ने चाय का वितरण किया। कलश यात्रा में सबसे अधिक कंजर समाज की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया संचालन भारत सिंह सिसोदिया, व सुनील कुमरावत ने किया। टीआई कमलसिंह गेहलोत ने स्टाफ के साथ यातायात व यात्रा की व्यवस्था देखी।

ई खबर मीडिया के लिए विष्णु शिंदे की रिपोर्ट

गरीब परिवार के सामु निषाद ने सोशल मीडिया पर रचा इतिहास, बढ़ते फॉलोअर्स से बंधी उम्मीदें

उत्तरप्रदेश : महाराजगंज जिले के पकड़ी गांव के रहने वाले 18 वर्षीय सामु निषाद ने अपने संघर्ष और मेहनत से सोशल मीडिया पर एक अनूठी पहचान बनाई है। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले सामु ने यूट्यूब पर अपना अकाउंट @Shyamu_Nishad शुरू किया है, जहां उनके 73 सब्सक्राइबर और 677 वीडियो हैं। उनके वीडियोस को अब तक 28,138 टोटल व्यूज मिल चुके हैं।

सामु निषाद के पिता, झिनक निषाद, और उनका परिवार गरीबी में जी रहा है। इस कठिनाई भरे जीवन से उबरने के लिए सामु ने सोशल मीडिया को अपना माध्यम बनाया है। उनका सपना है कि उनकी रिल्स को अधिक से अधिक लोग देखें और सब्सक्राइबर बढ़ें, ताकि वे अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकें और अपने राज्य, गाँव, तहसील और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।

सामु निषाद ने अपने फैन्स से यूट्यूब चैनल को अधिक से अधिक लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने की अपील की है। उन्होंने अपने चाहने वालों के लिए एक वीडियो के साथ प्यार भरा नोट भी शेयर किया है जिसमें लिखा है, “73 फॉलोअर्स का प्यार! मैं बेहद खुश हूँ। आपने सामु को जितना प्यार दिया है, उसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। आप हो तो सामु है! आप सभी का धन्यवाद।”

सामु ने मीडिया के माध्यम से संदेश दिया है कि वे उनकी वीडियो और रील्स को अधिक से अधिक लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें, ताकि वे सोशल मीडिया पर एक नया मुकाम हासिल कर सकें और अपने परिवार के जीवन में सुधार ला सकें।

पलासी, अररिया में पत्रकार और उनकी पत्नी पर हमला, कीमती सामान लूटा गया

अररिया,(बिहार) : पलासी थाना – दिनांक 3 जुलाई 2024, शाम करीब 6:00 बजे, एक पत्रकार अखतर और उनकी पत्नी पर दिनदहाड़े हमला हुआ। यह घटना तब हुई जब वे दोनों डेगा चौक की ओर जा रहे थे। पुल के पास पहले से घात लगाए बैठे हमलावरों ने, जिनमें नंबर एक आफाक (उम्र 50 वर्ष), नासिर आलम (उम्र 36 वर्ष), इलियास (पिता स्वर्गीय समीदुर रहमान), तोरेत (पिता आफाक), अब्दुल (उम्र 27 वर्ष), धो बनिया, पंचायत सिमरिया, थाना जाकिहाट, जिला अररिया के निवासी शामिल थे, ने हमला किया।

New Doc 07-06-2024 15.07

हमलावरों ने अखतर की गाड़ी को रोककर उनकी पत्नी को खींच कर गिरा दिया और उसके कपड़े फाड़कर नग्न कर दिया। आफाक और नासिर ने अखतर की पत्नी के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और जान से मारने की कोशिश की। पत्रकार अखतर का निकॉन कंपनी का कैमरा (मूल्य करीब 95,990 रुपये) और माइक (मूल्य करीब 2,200 रुपये) भी छीन लिया गया। इसके साथ ही काले बैग में रखे 40,000 रुपये भी लूट लिए गए।

हमलावरों में से एक, चुनना (24 वर्ष, पिता आफाक) ने अखतर की पत्नी के सोने की बाली (वजन आठ आना, मूल्य करीब 37,000 रुपये) और ईनायत (पिता इलियास) ने चांदी की पायल (वजन 15 भर, मूल्य करीब 12,000 रुपये) भी छीन ली। इन सभी ने मिलकर अखतर और उनकी पत्नी को बुरी तरह पीटा और गाली-गलौज भी की।

घटना के विरोध और हल्ला करने पर सभी हमलावर भाग गए, लेकिन धमकी देते हुए बोले कि उनका पहुंच बड़े-बड़े लोगों तक है।

दिनांक 7 जुलाई 2024 को दोपहर करीब 1 बजे, जब अखतर यमुना नदी के पास अपने खेत देखने गए, तो आफाक, नासिर और इलियास ने फिर से उन्हें गाली-गलौज की और विरोध करने पर लोहे की रॉड से मारकर उनके दाहिने पैर की अंगुली तोड़ दी। इस मामले में अखतर ने पलासी थाना में लिखित आवेदन देकर थाना प्रभारी को सूचित किया है।

ई खबर मीडिया के लिए मोहम्मद अख्तर की रिपोर्ट

गैस वितरक उपभोक्ताओं का शोषण करते हैं; वितरक के खिलाफ कार्रवाई हो- ‘आप’ शिरूर जी-पुणे का तहसीलदार को निवेदन!

एलपीजी गैस वितरक ग्राहकों का शोषण कर रहे हैं, इसलिए आप शिरूर ने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में वितरकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एक निवेदन दिया है। शहरों और ग्रामीण इलाकों में यही तस्वीर है.
शिरूर शहर में एस. डी. दुगड़ एचपी गैस सप्लाईर द्वारा शहरी और ग्रामीण ग्राहकों को धोखा दिया जा रहा है और शोषण कीया जा रहा है, गैस रिफिल बुक करने के बाद भी, ग्राहक को रिफंड (गैस टैंक) नहीं मिला है, फिर भी संबंधित ग्राहक को एक संदेश मिलता है। (गैस पहुंचा दी गई है।) को काले बाजार में बेचकर अधिक मुनाफा कमा रहे हैं। ऐसी शिकायतें नागरिकों से आ रही हैं।
शिरूर शहर और ग्रामीण इलाकों में वाहनों के लिए आवश्यक एल.पी.जी गॅस उसी काले बाजार से प्राप्त गैस टैंकों से भरी जाती है। नागरिकों का कहना है कि ये गैस टैंक काले बाजार में कई व्यापारियों को बेचे जाते हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में एचपी गैस आपूर्ति धारक द्वारा गैस टंकी की आपूर्ति की जाती है, लेकिन ग्राहकों को समय पर गैस नहीं मिल रही है, कुछ ग्राहकों को गैस कनेक्शन लेने के बाद से आधिकारिक गैस रसीद भी नहीं मिली है।
ग्रामीण क्षेत्रों में, ऐसी कई शिकायतें हैं कि एचपी गैस आपूर्तिकर्ता एचपी गैस आपूर्ति धारक के साथ अनुबंध करने के बाद इन ई-सेवा केंद्रों के साथ उचित समन्वय नहीं बनाए रख रहे हैं।
ऐसे मनमाने ढंग से संचालित एस.डी. दुगड़ जैसे गैस वितरकों के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए और आम नागरिकों को उचित राहत देनी चाहिए..!!
अन्यथा, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से अपने दरवाजेसामने आंदोलन करणें की इजाजत देणें की अपील निवेदनाद्वारा तहसीलदार जी को की हैं.!
निवेदन देते समय आम आदमी पार्टी जिला प्रवक्ता,आप अध्यक्ष-अनिल डांगे,ई-सेवा केंद्र चालक-आबासाहेब थोरात,आप जिला समनव्यक-नितिन पवार उपस्थित थे.

ई खबर मीडिया के लिए पुणे महाराष्ट्र ब्यूरो अनिल डांगे रिपोर्ट

बिहार के अररिया जिले में ट्रेन हादसे में एक गरीब मजदूर की मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

अररिया (बिहार) : मोहम्मद अख्तर मोहम्मद साजिद, पिता जमीरउद्दीन, जो अररिया जिले के जोकीहाट थाना अंतर्गत काकन पंचायत के सिकटिया गांव के निवासी थे, की 1 तारीख को बेंगलुरु जाने के क्रम में ट्रेन हादसे में मौत हो गई। यह दुखद हादसा मैहर स्टेशन, मैहर थाना, मध्य प्रदेश में हुआ। साजिद की मृत्यु इतनी भीषण थी कि उनके शरीर के टुकड़े तक पहचानने लायक नहीं रहे।

4 जुलाई, 2024 को साजिद के गाँव में उनकी मिट्टी दी गई। उनके परिवार में दो पुत्र, एक पुत्री और उनकी पत्नी बरजीश हैं। परिवार का एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति साजिद ही थे, और उनकी मृत्यु के बाद उनके छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी के सामने जीवनयापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।

सरकार से मुआवजे और सहायता की अपील

साजिद की पत्नी बरजीश और उनके बच्चों के पास अब कोई सहारा नहीं है। ऐसे में गाँव के लोग और परिवार बिहार सरकार से अनुरोध करते हैं कि:

  1. मुआवजा दिया जाए:  साजिद की मौत के कारण उनके परिवार को मुआवजा मिलना चाहिए ताकि उनका जीवनयापन सुचारू रूप से हो सके।
  2. बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च:  बिहार सरकार से अनुरोध है कि साजिद के बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का खर्च उठाया जाए, जिससे वे एक उज्जवल भविष्य की ओर बढ़ सकें।
  3. स्थानीय रोजगार के अवसर:  ऐसे रोजगार के अवसर बिहार में खोले जाएं जिससे लोग बाहर जाने से बचें और ट्रेन या रोड हादसे का शिकार न हों।

मोहम्मद साजिद की मृत्यु उनके परिवार और गाँव के लोगों के लिए एक बहुत बड़ी क्षति है। बिहार सरकार से निवेदन है कि इस गरीब परिवार को सहायता प्रदान की जाए ताकि वे इस कठिन समय में संभल सकें और बच्चों का भविष्य सुरक्षित हो सके।

हम बिहार सरकार से अपील करते हैं कि इस दुखद हादसे को ध्यान में रखते हुए उचित मुआवजा और सहायता प्रदान करें।

 ई खबर मीडिया के लिए मोहम्मद अख्तर की रिपोर्ट

समस्तीपुर: जमीन विवाद में सिविल कोर्ट के आदेश के बावजूद घर बनाने में रोकथाम

समस्तीपुर : मधुरापुर गाँव के निवासी सत्रोहन साहनी ने बताया कि उनके पिता शंकर साहनी को सिविल कोर्ट से जमीन पर डिग्री मिल चुकी है, फिर भी दबंग लोग उन्हें घर बनाने से रोक रहे हैं। बिना किसी नोटिस के उन्हें घर बनाने से रोका जा रहा है। सत्रोहन साहनी के अनुसार, एसडीओ साहब ने बताया कि जमीन पर कोई केस नहीं है, फिर भी पिछले एक साल से आवेदन करने के बावजूद न्याय नहीं मिल रहा है।

बिना नोटिस के धारा 144, न्यायालय आदेश की अवहेलना

सत्रोहन साहनी ने कहा कि बिना नोटिस के 18-3-2023 को धारा 144 लगाना और न्यायालय द्वारा दिए गए आदेशों की अवहेलना करना संवेदनशील विषय है। अधिकारियों और कर्मचारियों को यह अधिकार किसने दिया कि वे न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करें? धारा 144, 6 महीने तक ही रहती है 6 महीने से अधिक रखने का अधिकार उन्हें किसने दिया। उन्होंने बताया कि नोटिसों का अब तक कोई जवाब नहीं दिया गया है।

मुख्यमंत्री से इंसाफ की गुहार

सत्रोहन साहनी ने मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री बिहार से अपील की है कि इस मामले में हस्तक्षेप कर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए और उनके नुकसान की भरपाई की जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि थाना द्वारा बिना किसी नोटिस के एक लाख का सामान बर्बाद कर दिया गया और उनके परिवार को घर बनाने से रोक दिया गया।

प्रशासन की मिलीभगत से परेशान

सत्रोहन साहनी ने जानकारी दी कि उनके दादा के नाम की जमीन को उनकी दादी ने चाचा के नाम कर दी थी। इस पर कोर्ट में केस किया गया और कोर्ट ने शंकर साहनी के पक्ष में फैसला सुनाया। बावजूद इसके, प्रशासन की मिलीभगत से उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि थाना प्रभारी, मिथिलेश पासवान चौकीदार और शिवाजी नगर के सीओ साहिबा की मिलीभगत से धारा 144 लगाकर उनके घर बनाने पर रोक लगाई गई है। सत्रोहन ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन ने उनके घर का सामान भी बर्बाद किया है और इसका मुआवजा मांगा है।

सत्रोहन साहनी ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि उनके घर को बनने दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

पीड़ित नाम :  सत्रोहन साहनी
पिता : शंकर साहनी
ग्राम : मधुरापुर, थाना हथौड़ी
जिला : समस्तीपुर

ई खबर मीडिया के लिए ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

 

BIMSTEC के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन में बोले एस जयशंकर- यह नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और सागर विजन का प्रतिनिधित्व

BIMSTEC Foreign Ministers Retreat भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित BIMSTEC के विदेश मंत्रियों के सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत के लिए BIMSTEC नेबरहुड फर्स्ट एक्ट ईस्ट पॉलिसी और सागर विजन का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही उन्होंने इसकी महत्ता बताते हुए कई अन्य अहम बातें कहीं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बे ऑफ बंगाल इनिशिएटिव ऑन मल्टी-सेक्ट्रल टेक्निकल एंड इकोनॉमिक कोऑपरेशन, BIMSTEC के साथ भारत के रणनीतिक महत्व को स्पष्ट किया। उन्होंने नेबरहुड फर्स्ट, एक्ट ईस्ट पॉलिसी और सागर विजन जैसे देश के व्यापक वैश्विक राजनीतिक संदर्भ में इसके महत्व पर प्रकाश डाला।

गुरुवार को नई दिल्ली में बिम्सटेक विदेश मंत्रियों के रिट्रीट को संबोधित करते हुए एस जयशंकर ने कहा, ‘भारत के लिए बिम्सटेक उसके ‘नेबरहुड फर्स्ट’ दृष्टिकोण, ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और ‘सागर’ दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व करता है। इनमें से प्रत्येक प्रयास बंगाल की खाड़ी पर विशेष ध्यान देने के साथ किया जा रहा है, जहां सहयोगात्मक क्षमता है।’

पिछले प्रयास से हुआ फायदा: एस जयशंकर

विदेश मंत्री ने ने आगे कहा, ‘हमारी चुनौती इसे बेहतरी के लिए बदलना और इसे तेजी से करना है। रिट्रीट के माध्यम से स्पष्टता और फलदायी रूप से विचारों का आदान-प्रदान करना है। बैंकॉक में इस तरह के पिछले प्रयास से हम सभी को फायदा हुआ।’

पिछले प्रयास से हुआ फायदा: एस जयशंकर

विदेश मंत्री ने ने आगे कहा, ‘हमारी चुनौती इसे बेहतरी के लिए बदलना और इसे तेजी से करना है। रिट्रीट के माध्यम से स्पष्टता और फलदायी रूप से विचारों का आदान-प्रदान करना है। बैंकॉक में इस तरह के पिछले प्रयास से हम सभी को फायदा हुआ।’एस जयशंकर ने शिखर सम्मेलन के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “इसका अब विशेष महत्व है, क्योंकि यह वर्ष के अंत में होने वाले शिखर सम्मेलन के लिए मजबूत परिणाम तैयार करने का काम करता है। हमारा संदेश स्पष्ट होना चाहिए – कि हम सभी नई ऊर्जा, नए संसाधन और बंगाल की खाड़ी के देशों के बीच सहयोग में एक नई प्रतिबद्धता का संचार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”बिम्सटेक के हालिया घटनाक्रम पर प्रकाश डालते हुए जयशंकर ने कहा, “बिम्सटेक चार्टर शुरुआत के लिए इस साल 20 मई से लागू हो गया है। वैश्विक और क्षेत्रीय विकास ने यह भी जरूरी बना दिया है कि हम आपस में और अधिक समाधान खोजें।”