Saturday, July 11, 2026
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भारत ने PM शहबाज के भाषण को पाखंड बताया:UN में कहा- पाकिस्तान ने बांग्लादेश में नरसंहार किया, अब इंटॉलरेंस की बात कर रहा

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भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में (UNGA) में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के आरोपों का जवाब दिया है। भारतीय राजनयिक भाविका मंगलनंदन ने राइट ऑफ रिप्लाई के तहत पाकिस्तानी PM के भाषण को ‘पाखंड’ बताया।

भारतीय राजनयिक ने कहा

राजनयिक भाविका ने कहा कि लंबे समय से दुनिया जानती है कि पाकिस्तान ने सीमा पार आतंकवाद का इस्तेमाल अपने पड़ोसियों के खिलाफ किया है। उन्होंने हमारी संसद, हमारी आर्थिक राजधानी मुंबई, हमारे बाजार और तीर्थयात्रा के रास्तों पर हमले किए हैं। ये लिस्ट बहुत लंबी है।

भारतीय राजनयिक ने 1971 के नरसंहार की याद दिलाई राजनयिक भाविका ने कहा कि पाकिस्तान जैसे देश के लिए कहीं भी हिंसा के बारे में बात करना सबसे बड़ा पाखंड है। हैरानी वाली बात है कि जिस देश का इतिहास चुनावों में गड़बड़ी वाला है वह एक लोकतंत्र में राजनीतिक विकल्प की बात करता है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि पाकिस्तान ने बांग्लादेश में 1971 में नरसंहार किया और अभी भी अपने अल्पसंख्यकों पर अत्याचार करता है। अब उनके नेता असहिष्णुता और फोबिया की बात कर रहे हैं।

भारतीय राजनयिक ने ये भी कहा कि पाकिस्तान की नजर हमारी जमीन पर है। उसने लगातार आतंकवाद का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर में चुनावों में किया है।

शहबाज शरीफ का पुराना कश्मीर राग इससे पहले पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ ने UNGA में कश्मीर का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कश्मीर की तुलना फिलिस्तीन से की थी। अपने 20 मिनट के भाषण में शरीफ ने आर्टिकल 370 और बुरहान वानी का भी जिक्र किया था।

शरीफ ने कहा था कि भारत अपनी सैन्य ताकत लगातार बढ़ा रहा है। वह इसका इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ कर सकता है। पाकिस्तानी PM ने भारत को चेतावनी देते हुए कहा कि पाकिस्तान, LoC पर किसी भी हमले का जवाब देगा।

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सेशन को संबोधित किया।
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सेशन को संबोधित किया।

पाकिस्तानी PM बोले- भारत आर्टिकल 370 वापस ले PM शरीफ ने कहा कि कश्मीर में शांति कायम करने के लिए भारत को आर्टिकल 370 का फैसला वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि फिलिस्तीन के लोगों की तरह कश्मीर के लोगों ने भी अपनी आजादी लिए एक सदी तक संघर्ष किया।

शरीफ ने कहा, ‘भारतीय उत्पीड़न के बावजूद कश्मीर के लोग बुरहान वानी की विचारधारा को बरकरार रखते हैं और लगातार लड़ रहे हैं। इस लड़ाई में हम उनके साथ हैं।’

पाकिस्तानी PM ने दुनिया में बढ़ते इस्लामोफोबिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कुरान का अपमान बढ़ गया है। मस्जिदों पर हमले हो रहे हैं। यह एक चिंता का विषय है और हमें इसका मिलकर मुकाबला करना चाहिए।

शरीफ ने ये भी कहा कि इस्लामोफोबिया की सबसे भयावह स्थिति भारत में है। भारत में हिंदू वर्चस्ववादी एजेंडा हावी है। इसका मकसद 20 करोड़ भारतीय मुसलमानों को कमजोर करना और भारत की इस्लामी विरासत को मिटाना है।

बेंगलुरु कोर्ट का निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR का आदेश:वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप

बेंगलुरु की एक स्पेशल कोर्ट ने 27 सितंबर को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। वित्त मंत्री पर इलेक्टोरल बॉन्ड्स के जरिए जबरन वसूली का आरोप लगाया गया है।

जनाधिकार संघर्ष परिषद (JSP) के आदर्श अय्यर ने बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कर केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बेंगलुरु के तिलक नगर पुलिस स्टेशन को FIR दर्ज करने का आदेश दिया। अगली सुनवाई 10 अक्टूबर काे होगी।

अप्रैल 2024 में की थी शिकायत जनाधिकार संघर्ष परिषद ने अप्रैल में 42वीं एसीएमएम कोर्ट में दायर याचिका में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, ED अधिकारियों, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं, तत्कालीन भाजपा कर्नाटक अध्यक्ष नलिन कुमार कटील, बीवाई विजयेंद्र के खिलाफ शिकायत की थी। इस पर शुक्रवार को सुनवाई हुई।

शिकायत में कहा गया है कि अप्रैल 2019 से अगस्त 2022 तक व्यवसायी अनिल अग्रवाल की फर्म से लगभग 230 करोड़ रुपए और अरबिंदो फार्मेसी से 49 करोड़ रुपए चुनावी बॉन्ड के जरिए वसूले गए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- स्कीम असंवैधानिक 15 फरवरी 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने राजनीतिक फंडिंग के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- यह स्कीम असंवैधानिक है। बॉन्ड की गोपनीयता बनाए रखना असंवैधानिक है। यह स्कीम सूचना के अधिकार का उल्लंघन है। कोर्ट ने SBI और चुनाव आयोग को आदेश दिया था कि वह इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा पूरा डेटा सार्वजनिक करे।

21 मार्च को डेटा सामने आया। इसमें पता चला था कि 2018 से 2023 तक देश की 771 कंपनियों ने 11,484 करोड़ के बॉन्ड खरीदे थे। ट्रेडिंग कंपनियों ने सबसे ज्यादा 2955 करोड़ रुपए सियासी दलों को दिए।

डेटा सार्वजनिक हाेने के बाद जुलाई 2024 में भी कॉरपोरेट्स और राजनीतिक दलों के बीच लेन-देन की जांच SIT से करवाने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी।

वित्त मंत्री ने लोकसभा चुनाव से पहले कहा था- स्कीम वापस लाएंगे लोकसभा चुनाव से पहले वित्त मंत्री ने बॉन्ड स्कीम को दोबारा लाने का संकेत दिया था। निर्मला सीतारमण ने हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि अगर हम सत्ता में आए तो इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को फिर से वापस लाएंगे। इसके लिए पहले बड़े स्तर पर सुझाव लिए जाएंगे। हालांकि, कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने उनके इस बयान पर कहा था – अब BJP लोगों को और कितना लूटना चाहती है।

इलेक्टोरल बॉन्ड की शुरुआत 2017 के बजट में उस वक्त के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने चुनावी या इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम को पेश किया था। 2 जनवरी 2018 को केंद्र सरकार ने इसे नोटिफाई किया। ये एक तरह का प्रोमिसरी नोट होता है। जिसे बैंक नोट भी कहते हैं। इसे कोई भी भारतीय नागरिक या कंपनी खरीद सकती है।

अगर आप इसे खरीदना चाहते हैं तो आपको ये स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की चुनी हुई ब्रांच में मिल जाएगा। इसे खरीदने वाला इस बॉन्ड को अपनी पसंद की पार्टी को डोनेट कर सकता है। बस वो पार्टी इसके लिए एलिजिबल होनी चाहिए।

क्या है पूरा मामला इस योजना को 2017 में ही चुनौती दी गई थी, लेकिन सुनवाई 2019 में शुरू हुई। 12 अप्रैल 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने सभी पॉलिटिकल पार्टियों को निर्देश दिया कि वे 30 मई, 2019 तक में एक लिफाफे में चुनावी बॉन्ड से जुड़ी सभी जानकारी चुनाव आयोग को दें। हालांकि, कोर्ट ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई।

बाद में दिसंबर, 2019 में याचिकाकर्ता एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने इस योजना पर रोक लगाने के लिए एक आवेदन दिया। इसमें मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से बताया गया कि किस तरह चुनावी बॉन्ड योजना पर चुनाव आयोग और रिजर्व बैंक की चिंताओं को केंद्र सरकार ने दरकिनार किया था।

इस पर विवाद क्यों 2017 में अरुण जेटली ने इसे पेश करते वक्त दावा किया था कि इससे राजनीतिक पार्टियों को मिलने वाली फंडिंग और चुनाव व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। ब्लैक मनी पर अंकुश लगेगा। दूसरी ओर इसका विरोध करने वालों का कहना है कि इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने वाले की पहचान जाहिर नहीं की जाती है, इससे ये चुनावों में काले धन के इस्तेमाल का जरिया बन सकते हैं।

कुछ लोगों का आरोप है कि इस स्कीम को बड़े कॉर्पोरेट घरानों को ध्यान में रखकर लाया गया है। इससे ये घराने बिना पहचान उजागर हुए जितनी मर्जी उतना चंदा राजनीतिक पार्टियों को दे सकते हैं।

भोपाल में डेंगू का प्रकोप, कोलार की हालत खराब:स्कूल, पैथ लैब, अस्पतालों और आपूर्ति बाजार में भी मिला लार्वा, जुर्माना लगाया; 324 पॉजिटिव

भोपाल में डेंगू का प्रकोप, कोलार की हालत खराब:स्कूल, पैथ लैब, अस्पतालों और आपूर्ति बाजार में भी मिला लार्वा, जुर्माना लगाया; 324 पॉजिटिव इस साल ज्यादा खतरा डेंगू एक चक्रीय पैटर्न पर काम करता है। विशेषज्ञ इस साल ज्यादा खतरे की आशंका जता रहे हैं। राजधानी में साल 2019 में 1,893 मामले डेंगू के दर्ज किए गए थे।

एमपी के भोपाल शहर में डेंगू के 10 नए मामले सामने आए हैं। डेंगू के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि निवासियों के बीच चिंता का विषय बन गई है। अनुमान है कि इस साल मामले 300 के पार भी जा सकते हैं। एमपी हाईकोर्ट ने भोपाल और जबलपुर के नगर निगमों को नोटिस जारी कर डेंगू के मामलों की रिपोर्ट मांगी है।

जिला अधिकारी की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस चिंताजनक स्थिति को लेकर जब नवनियुक्त जिला मलेरिया अधिकारी यानि डीएमओ डॉ अर्चना मिश्रा ने अभी तक बढ़ते वेक्टर संक्रमण से निपटने के लिए कोई योजना नहीं दी है। भोपाल में इस साल डेंगू के मामलों की संख्या पिछले साल के रिकॉर्ड को पार कर गई है।

असफल रही संपर्क

सितंबर के तीसरे सप्ताह तक 70 मामले थे। पिछले दो हफ्तों से कोशिशों के बावजूद डॉक्टर मिश्रा से संपर्क करने की कोशिशें असफल रही हैं। भोपाल के सीएमएचओ डॉ प्रभाकर तिवारी को जब पिछले हफ्ते स्थिति के बारे में बताया गया तो उन्होंने कहा कि कोविड-19 जैसी दैनिक रिपोर्ट सार्वजनिक डोमेन में जारी की जाएगी। पर पांच दिन बाद भी इस तरह के अपडेट अभी तक नहीं दिए गए हैं।

बीएमसी का दावा

वहीं भोपाल नगर निगम यानि बीएमसी ने दावा किया है कि वह वेक्टर जनित बीमारी के प्रसार को नियंत्रित करने के लिए कदम उठा रहा है। स्थानीय अस्पताल मरीजों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए हाई अलर्ट पर हैं। बीएमसी लोगों से मच्छर भगाने वाली दवाओं का उपयोग करने और स्थिर पानी से बचने सहित आवश्यक सावधानी बरतने का आग्रह कर रही है।

दुबेस्ता वस तोड़े अतिक्रमण नायब तहसीलदार पर लगाए आरोप ।

देवास पीपलरावा । गत दिवस ग्राम लकुमडी में शीतला माता मंदिर प्रांगण में शासकीय भूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाने के लिए शिकायत दर्ज कराई थी इस पर कलेक्टर देवास के आदेश अनुसार सोनकच्छ नायब तहसीलदार मौजा पटवारी ग्राम की रिपोर्ट बुलवाई गई लकुंमडी को मौके पर भेज कर मौके की रिपोर्ट जिसमें पटवारी द्वारा स्थल पंचनामा मय प्रतिवेदन के प्रस्तुत किया शासकीय भूमि सर्वेनंबरौ 648 रकबा 052 हेक्टेयर मध्य गोवा में सर्वे न0 0. 015 हैकटेयर 153 , 35 वर्ग मीटर पर मकान बनाकर ग्राम लकुमडी के संदीप उर्फ लखन पिता देवी सिंह राजपूत एवं गणपत सिंह पिता ओंकार सिंह राजपूत निवासी लकुमडी के द्वारा 002 हैकटेयर 25 वर्ग मीटर पर अतिक्रमण की रिपोर्ट प्रस्तुत की, उक्त रिपोर्ट पर से नायब तहसीलदार सोनकच्छ के कार्यालय में उपस्थित हुए लेकिन संदीप उर्फ लाखनसिंह द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया, नायब तहसीलदार सोनकच्छ द्वारा उक्त मकान पर स्थगन आदेश जारी किया गया तथा दोनों को 1,1000 रुपए अर्थदंड लगा कर दिनांक 30/8/ 2024 को आदेश पारित किया ।

उक्त आदेश के पालन में आज दिनांक 26/9/24 को राजस्व निरीक्षक एवं मौजा पटवारी मय पुलिस बल के सहित मौके पर उपस्थित हुए जहां पर गरीब बी पी एल रेखा के पात्र व्यक्ति गणपत पिता ओंकार सिंह का मकान तोड़कर जमीन दोज कर दिया लेकिन सामने वाले संदीप उर्फ लाखन पिता देवी सिंह द्वारा जो अतिक्रमण किया है को नहीं हटाते, कहां गया कि ऊपर से राजनीतिक दबाव आ गया है इसलिए संदीप का मकान नहीं तोड़ा जा सकता है यह कहकर पुलिस बल व राजस्व निरीक्षक का दल वहां से चले गए, उक्त व्यक्ति गणपत सिंह मदद की गुहार लगाता रहा पर उसकी बात को कोई सुनने वाला नहीं, गणपत सिंह आज मीडिया के माध्यम से अपनी बातश्री मांन जिलाधीश महोदय देवास और कमिश्नर महोदय एवं प्रदेश के मुख्यमंत्री महोदय को अवगत कराने हेतु आवेदन पत्र को प्रस्तुत किया गया है।
एचडी गणपत सिंह ।
इस प्रकार का लिखित आवेदन प्रेस जागरण को दिया गया है ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

शासकीय महाविद्यालय मैं शतरंज प्रतियोगिता की आयोजित ।

देवास पीपलरावा । गत दिवस महाविद्यालय पीपलरावा द्वारा जिला स्तरीय शतरंज महिला पुरुष प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें देवास जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय के विद्यार्थीओ ने भाग लिया कार्यक्रम का शुभारंभ प्रभारी प्राचार्य डॉ दीपक शर्मा द्वारा शुभकामनाएं दी गई एवं बच्चों को खेल भावना से खेलने हेतु प्रेरित किया गया संत सिंगाजी महाविद्यालय के छात्र गुंजन शर्मा पुरुष वर्ग में प्रथम रहे, एवं महिला वर्ग में कुमारी प्रीति दीक्षित प्रथम रही निर्णायक के रूप में पवन यादव उपस्थित रहे एवं चयन समिति में डॉ अरुण कुशवंशी, डॉ विजय सिंह रावत एवं प्रोफेसर अमित चौहान उपस्थित रहे ! प्रतियोगिता आयोजन सचिव क्रीडा अधिकारी डॉक्टर प्रमोद वर्मा रहे ! अंत में महाविद्यालय परिवार के सभी सदस्यों ने छात्र-छात्राओं को आगामी संभाग स्तरीय प्रतियोगिता हेतु बधाई एवं शुभकामनाएं दी ।

ई खबर मीडिया के लिए देवास  से विष्णु शिंदे  की रिपोर्ट 

 

भू माफियाओं का आतंक: दतौली मुगल के मुन्तजिर और उनके बेटे को जान से मारने की धमकी, पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप

उत्तर प्रदेश के जिला सहारनपुर थाना फतेहपुर ब्लॉक मुजफ्फराबाद पोस्ट ऑफिस बेड़ा संदलसिंह ग्राम दतौली मुगल के मुन्तजिर और उनके परिवार पर भू माफियाओं का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। मुन्तजिर का इकलौता बेटा सनवर इन माफियाओं के निशाने पर है, जिन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि जब मुन्तजिर थाने में शिकायत दर्ज कराने जाते हैं, तो उल्टा पुलिस उन्हें ही जेल भेजने की धमकी देती है। इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है और प्रशासन की लापरवाही की वजह से भ्रष्टाचार का बोलबाला हो रहा है।

मुन्तजिर ने खुलासा किया कि इस साजिश के पीछे किसी समाचार सेवा के पत्रकार लियाकत पुनडिर का हाथ है। लियाकत पुनडिर, जो खुद को एक सम्मानित पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करते हैं, ने मुन्तजिर और गांव के अन्य लोगों से जबरन पैसों की मांग की है। मुन्तजिर ने समाचार सेवा के मालिक से शिकायत की, परन्तु अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लियाकत पुनडिर के प्रभाव और पुलिस प्रशासन की मिलीभगत के कारण मुन्तजिर और उनके परिवार को न्याय मिलना मुश्किल हो गया है।

हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि मुन्तजिर की खसरा नंबर 310 की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया है। मुन्तजिर का कहना है कि लियाकत पुनडिर, सहादत एडवोकेट और इंतजार एडवोकेट ने मिलकर गांव के लोगों को परेशान कर रखा है। गांव के हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि कोई भी इन दबंगों के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं कर पा रहा है।

गांव में डर और खौफ का आलम है, और पुलिस प्रशासन जो जनता की सुरक्षा का वचन देता है, वो इन दबंगों के सामने पूरी तरह से नतमस्तक दिखाई देता है। मुन्तजिर और उनका परिवार प्रशासन से लगातार न्याय की गुहार लगा रहा है, पर उनकी हर अपील को नजरअंदाज कर दिया गया है। मुन्तजिर का यह भी कहना है कि अगर जल्द ही इन माफियाओं और भ्रष्ट अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो उनके परिवार की जान को गंभीर खतरा है।

आखिर कब मिलेगी न्याय की किरण?
मुन्तजिर और उनके परिवार ने प्रशासन से जल्द से जल्द इन दबंगों और भू माफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की है, ताकि गांव के लोग राहत की सांस ले सकें। परंतु सवाल यह है कि क्या प्रशासन इन भ्रष्ट पत्रकारों और दबंगों के प्रभाव से बाहर निकलकर मुन्तजिर और उनके परिवार को न्याय दिलाएगा? या फिर यह आतंक यूं ही जारी रहेगा? इसका जवाब पूरे गांव को बेसब्री से इंतजार है।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

 

हवामान विभाग ने 26 और 27 सप्तेंबर के खिलाब ज्यादा से ज्यादा बारिश की अदावत की है ।

महेसाना सिटी मे फुल बारिश और ज्यादा पवन के खिलाफ अनेक नुक्सान हुआ है जेसेकी आप देख रहे ही ज्यादा बारिश में और ज्यादा पवन के खिलाफ एक पेड़ नीचे गिरता हुआ दिखाई दे रहा है।

 

देवरिया: विवाहिता पर पति और ससुरालवालों का उत्पीड़न, धमकी और मारपीट का आरोप

देवरिया जिले की संजना देवी, जो भटनी बाजार की निवासी हैं, ने अपने पति और ससुरालवालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संजना की शादी थाना भटनी के मायापुर ईमीलिया क्षेत्र में हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही उनके साथ मारपीट और धमकी देने की घटनाएं होने लगीं।

संजना ने बताया कि उनका पति, सुनील चौहान, शादी के बाद उन्हें सूरत में जो सचिन स्थान पर ले गया और वहाँ मारपीट शुरू कर दी। एक बार तो संजना गर्भवती थीं और उस दौरान भी उनके पति और ससुरालवालों ने उन पर अत्याचार किया। संजना ने अपनी मां से शिकायत की, जिसके बाद मामला थाना गोपालगंज में दर्ज कराया गया। केस चार साल तक चला, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

संजना के अनुसार, उनके पति ने उन्हें तीन साल पहले मायके छोड़ दिया था और उनकी खुराकी का भुगतान भी सही से नहीं किया। जब वह सूरत के स्थान सचिन वापस गईं, तो उनके पति ने एक अन्य महिला और पुरुष को लेकर उन पर फिर से हमला किया। उनके पति और ससुरालवालों द्वारा लगातार उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है।

1 जुलाई 2024 को संजना एक बार फिर अपने ससुराल गईं, जहां उनकी देवर देवरानी ने उन्हें खाने में कुछ संदिग्ध वस्तु मिलाकर खिलाने की कोशिश की। इस घटना के बाद घर में विवाद हो गया और संजना की मां को भी चोट पहुंचाई गई। संजना की चाची और दादी ने उन्हें और उनकी मां को गालियाँ दीं और उनके कपड़े तक उतारने की धमकी दी, यह कहते हुए कि वह उन्हें पूरे गांव में घुमाएंगी संजना ने अब प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनके पति और ससुरालवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।

संजना ने मीडिया के माध्यम से लगाई पुलिस और सरकार से मदद की गुहार

देवरियाः भटनी बाजार की निवासी संजना देवी, जो अपने पति और ससुरालवालों द्वारा लगातार उत्पीड़न और मारपीट का शिकार हो रही हैं, ने अब मीडिया के माध्यम से पुलिस और सरकार से मदद की गुहार लगाई है। संजना ने बताया कि उनकी शादी देवरिया जिले के थाना लटनी के मायापुर ईमीलिया क्षेत्र में हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही उनके साथ दुर्व्यवहार और अत्याचार शुरू हो गया।

संजना ने कहा कि उनके पति सुनील चौहान उन्हें सचिन ले जाकर मारपीट करते थे और जान से मारने की धमकी देते थे। संजना ने गोपालगंज थाने में केस भी दर्ज कराया था, जो चार साल तक चला, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

संजना का आरोप है कि उनके पति ने उन्हें मायके में छोड़ दिया और खुराकी का भुगतान भी बंद कर दिया। जब वह वापस ससुराल गईं, तो उन्हें एक अन्य महिला और पुरुष के साथ मारपीट कर घर से निकाल दिया गया। ससुरालवालों द्वारा उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है, और उनकी चाची और दादी ने उन्हें अपमानित करने की धमकी तक दी।

अब संजना ने पुलिस और सरकार से न्याय की मांग की है और अपने पति और ससुरालवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की अपील की है।

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

आमिर खान ने फिल्म के लिए सीखी तैराकी:पानी के अंदर घायल हो गए थे अक्षय; अंडरवाटर शूट आसान नहीं, रेस्क्यू डाइवर्स का रहना जरूरी

जमीन की तुलना में पानी में शूट करने में पैसा, समय और सामर्थ्य तीन गुना ज्यादा खर्च होता है। पानी के अंदर शूट करने के लिए खास तकनीक की जरूरत होती है। यहां डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी (DOP) की अहमियत काफी बढ़ जाती है। पानी के अंदर शूट कैसे करना है, यह इन पर ही डिपेंड होता है।

इसके अलावा एक्टर्स को भी खास तरह की तैयारियां करनी पड़ती हैं। उन्हें पहले स्विमिंग सिखाई जाती है। डाइट पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

अंडरवाटर शूट करने से पहले सेफ्टी का खास ख्याल रखा जाता है। सेट पर रेस्क्यू डाइवर्स मौजूद रहते हैं, ताकि अगर कोई डूबे, तो उसे बचाया जा सके।

कई हॉलीवुड और बॉलीवुड फिल्में अंडरवाटर शूट हुई हैं। इन फिल्मों की मेकिंग कैसे होती है और चुनौतियां क्या आती हैं, रील टु रियल के नए एपिसोड में इस पर बात करेंगे। इसके लिए हमने स्टंट आर्टिस्ट सनोबर पार्डीवाला, अंडरवाटर सिनेमैटोग्राफर प्रिया सेठ और एक्ट्रेस मधुरिमा तुली से बात की।

जिनके फेफड़े मजबूत नहीं होते, उन्हें अंडरवाटर शूटिंग में होती है दिक्कत रियल लोकेशन पर शूट के दौरान 4 से 5 लोग ही पानी के अंदर जा पाते हैं। इसमें दो कैमरामैन, एक रेस्क्यू डाइवर और आर्टिस्ट होते हैं। जिन एक्टर्स के फेफड़े मजबूत नहीं होते, उन्हें अंडरवाटर शूटिंग करने में दिक्कत हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि जमीन की तुलना में पानी में शूटिंग करने से थकान जल्दी होती है। साथ ही एक्टर्स को तैराकी आनी बहुत जरूरी है। बिना इसके वे अंडरवाटर शूट कर ही नहीं सकते।

पानी के अंदर कैमरा हैंडलिंग सबसे चुनौतियों वाला काम कैमरे के अंदर पानी न जाए, इसके लिए उसे एक खास तरह के ग्लास से कवर किया जाता है। यह एक वाटर प्रूफ ग्लास होता है। यहां पर सिनेमैटोग्राफर का रोल बहुत बढ़ जाता है।

सिनेमैटोग्राफर प्रिया सेठ ने कहा, ‘जमीन पर तो हम आसानी से कैमरा हैंडल कर लेते हैं, लेकिन उसे पानी में लेकर शूट करना काफी चुनौतियों वाला काम है। एक अंडरवाटर सिनेमैटोग्राफर को फिजिक्स की नॉलेज होनी बहुत जरूरी है। पानी के अंदर कैमरे का वजन कितना होगा। कैसे मूव किया जाएगा। एक्टर्स को कैसे गाइड करना है, ये सारी बातें एक सिनेमैटोग्राफर को पता होनी चाहिए। इसके अलावा एक्टर्स को भी अपनी जॉब समझनी चाहिए। कई बार उनकी तैयारी पूरी नहीं होती, जिसकी वजह से पूरा शूट खराब हो जाता है।’

अंडरवाटर शूट के लिए भी बुलाए जाते हैं स्टंट आर्टिस्ट फाइट या खतरनाक एक्शन सीक्वेंस के लिए अक्सर एक्टर्स के बॉडी डबल को बुलाया जाता है, ठीक वैसे ही पानी के अंदर शूटिंग के लिए भी कभी-कभार स्टंट आर्टिस्ट को बुलाया जाता है। ये स्टंट आर्टिस्ट बेहतरीन तैराक होते हैं, जो गहरे से गहरे पानी में भी एक्शन सीक्वेंस फिल्माते हैं।

तैराकी न आने की वजह से दो स्टंट आर्टिस्ट की मौत हो गई थी स्टंट आर्टिस्ट सनोबर ने कहा, ‘अंडरवाटर स्टंट करते वक्त दिमाग शांत होना चाहिए और सांसों पर कंट्रोल होना चाहिए। अंडरवाटर सीक्वेंस उसी स्टंट आर्टिस्ट से कराना चाहिए जो एक सर्टिफाइड स्विमर हो। ऐसा न होने से बहुत बड़ा खतरा भी हो सकता है।’

सनोबर ने कहा कि एक बार साउथ फिल्म की शूटिंग के दौरान दो स्टंट आर्टिस्ट की मौत हो गई थी। दरअसल, उन दोनों को हेलिकॉप्टर से तालाब में छलांग लगानी थी। वे नीचे कूद तो गए, लेकिन उन्हें सही से तैरना नहीं आता था। दुर्भाग्यवश दोनों की मौत हो गई।

समुद्र में शूट करना आसान नहीं, इसलिए ज्यादातर सेट स्टूडियो में बनाए जाते हैं समुद्र में जाकर शूट करना आसान नहीं होता। हर वक्त चक्रवात और तूफान का डर बना रहता है। साथ ही पानी के अंदर खतरनाक मछलियों और एक्टर्स की सेफ्टी का मसला भी रहता है। इसके अलावा पानी के अंदर शूट करने में कैमरा हैंडलिंग सहित कई दिक्कतें भी आती हैं।

इसी वजह से जो फिल्में पूरी तरह वाटर सेंट्रिक होती हैं, उनके मेकर्स स्टूडियोज में शूट करना ज्यादा बेहतर समझते हैं।

स्टूडियो के अंदर आर्टिफिशियल तूफान और चक्रवात भी दिखाए जा सकते हैं बेल्जियम में एक अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो है। इसके अंदर जो पूल है, वो 10 मीटर गहरा है। यहां बिजली की मदद से एक मीटर तक ऊंची लहरें उठाई जा सकती हैं। यहां आर्टिफिशियल बारिश भी कराई जा सकती है। पूल के पानी को गर्म रखने के लिए सोलर पैनल और हीट पंप का इस्तेमाल किया जाता है।

यहां स्पेशल इफेक्ट्स के जरिए तूफान और चक्रवात के सीन भी दिखा सकते हैं। इसके अलावा पानी के कलर को भी बदला जा सकता है। इसे तैयार करने वाले शख्स विम मिशिल्स खुद एक गोताखोर और सिनेमैटोग्राफर हैं।

यह कोई समुद्र नहीं बल्कि बेल्जियम में स्थित एक अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो है।
यह कोई समुद्र नहीं बल्कि बेल्जियम में स्थित एक अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो है।

 

अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो बनाने की जरूरत क्यों? अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो बनाने के पीछे भी एक खास वजह है। दरअसल विम मिशिल्स अपने क्रू मेंबर के साथ कई-कई दिन समुद्र के पास जाकर लहरें उठने का इंतजार करते थे। इससे फिल्म की शूटिंग में काफी देरी हो जाती थी। ऊपर से एक्टर्स के लिए एक्चुअल लोकेशन पर शूट करना खतरनाक भी हो जाता था, इन्हीं बातों को सोचकर उन्होंने अंडरवाटर फिल्म स्टूडियो का निर्माण किया।

जब अंडरवाटर शूट करते वक्त घायल हुए अक्षय कुमार, डर था मछलियां निगल जाएंगी 2009 में आई हिंदी फिल्म ब्लू पूरी तरह से वाटर सेंट्रिक फिल्म थी। फिल्म की अधिकतर शूटिंग अंडरवाटर हुई थी। इस फिल्म के लीड एक्टर अक्षय कुमार एक सीन के दौरान घायल भी हो गए थे।

 

भारत-बांग्लादेश दूसरे टेस्ट का पहला दिन:आकाश दीप ने जाकिर के बाद शादमान को पवेलियन भेजा, BAN 37/2

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भारत और बांग्लादेश के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला जा रहा है। टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी है। शुक्रवार को पहला दिन है और पहला सेशन जारी है।

बांग्लादेश ने पहली पारी में 37 रन पर 2 विकेट गंवा दिए हैं। मोमिनुल हक और कप्तान नजमुल हसन शांतो क्रीज पर हैं।

शादमान इस्लाम 24 और जाकिर हसन शून्य पर आउट हुए। दोनों को आकाश दीप ने पवेलियन भेजा।उन्होंने शादमान को LBW किया, जबकि जाकिर को यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराया। मैदान गीला होने की वजह से टॉस होने में देरी हुई, क्योंकि कानपुर में गुरुवार रात को बारिश हुई है।

दोनों टीमों की प्लेइंग-11

भारत : रोहित शर्मा (कप्तान), यशस्वी जायसवाल, शुभमन गिल, विराट कोहली, केएल राहुल, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, रविचंद्रन अश्विन, कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह।

बांग्लादेश : नजमुल हसन शांतो (कप्तान), शादमान इस्लाम, जाकिर हसन, मोमिनुल हक, मुश्फिकुर रहीम, शाकिब अल हसन, लिट्टन दास (विकेटकीपर), मेहदी हसन मिराज, तैजुल इस्लाम, हसन महमूद और खालिद अहमद।

LBW की अपील, अंपायर ने नकारा; DRS पर आउट

आकाश दीप ने भारत को दूसरा विकेट दिला दिया है। बांग्लादेश ने 29 रन पर दूसरा विकेट गंवाया। शादमान इस्लाम 24 रन बनाकर LBW आउट हुए। 13वें ओवर की पहली बॉल शादमान के पैड पर लगी। वे ऑफ स्टंप के बाहर से अंदर आती बॉल को लेग पर खेलना चाहते थे, लेकिन चूक गए।

फील्ड अंपायर के अपील नकारने पर रोहित शर्मा ने DRS लिया और रिप्ले देखने के बाद थर्ड अंपायर ने फैसला पलट दिया।

बांग्लादेश का पहला विकेट गिरा, जाकिर शून्य पर आउट

9वें ओवर में बांग्लादेश ने पहला विकेट गंवा दिया है। आकाश दीप ने पहले ही ओवर में विकेट दिलाया। उन्होंने जाकिर हसन को यशस्वी जायसवाल के हाथों कैच कराया। हसन गुड लेंथ की बॉल को रोकना चाहते थे, लेकिन स्विंग के कारण बॉल गली के पास जायसवाल के पास चली गई। जायसवाल ने शानदार कैच पकड़ा।

जायसवाल ने शानदार कैच पकड़ा।
टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, बांग्लादेश में 2 बदलाव

टीम इंडिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। कानपुर टेस्ट के लिए पिछले मैच की प्लेइंग इलेवन में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि बांग्लादेश की टीम 2 बदलाव के साथ उतरी है। टीम ने नाहिद और तस्कीन की जगह खालिद और तैजुल को मौका दिया है।

बांग्लादेश के लिए शांतो ने सबसे ज्यादा रन बनाए, हसन महमूद टॉप विकेटटेकर

बांग्लादेश की ओर से चेन्नई टेस्ट में कप्तान नजमुल हसन शांतो को छोड़ कर कोई भी अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल सका था। उन्होंने इस मैच की दूसरी पारी में अर्धशतक लगाया था। वे इश सीरीज में अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं।

टीम के तेज गेंदबाज हसन महमूद टॉप विकेट टेकर हैं। उन्होंने पिछले मैच में 5 विकेट लिए थे। उनके अलावा तस्कीन अहमद 4 विकेट के साथ दूसरे नंबर पर हैं।

हेड-टु-हेड में भारत आगे

भारत और बांग्लादेश के बीच अब तक 14 टेस्ट मैच खेले गए हैं। इसमें से 12 मैच भारत ने जीते और 2 मैच ड्रॉ रहा। दोनों टीमों के बीच आखिरी टेस्ट मुकाबला इसी सीरीज में खेला गया था, जब टीम इंडिया ने बांग्लादेश को चेन्नई में 280 रन से हरा दिया था।