Sunday, July 12, 2026
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अक्टूबर में 6 बदलाव, कॉमर्शियल सिलेंडर 48 रुपए महंगा:पैन कार्ड और सुकन्या समृद्धि योजना के नियम बदले; फ्लाइट टिकट सस्ती हो सकती है

आज यानी 1 अक्टूबर 2024 से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 48 रुपए महंगा हो गया है। दिल्ली में अब ये 1740 रुपए का मिलेगा। वहीं, PPF और सुकन्या अकाउंट से जुड़े नियमों में बदलाव हुआ है। पैन कार्ड बनवाने से जुड़े नियम भी बदले गए हैं।

इसके अलावा एविएशन फ्यूल के दाम घटने से हवाई सफर सस्ता हो सकता है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों को 6,099 रुपए प्रति किलोलीटर (1000 लीटर) तक घटा दिया है।

अक्टूबर महीने में होने वाले 6 बदलाव…

1. कॉमर्शियल गैस सिलेंडर महंगा: 48 रुपए दाम बढ़े, घरेलू सिलेंडर की कीमतों में बदलाव नहीं आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल सिलेंडर 48.50 रुपए तक महंगा हो गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 48.50 रुपए बढ़कर ₹1740 हो गईं। पहले ये ₹1691.50 में मिल रहा था। कोलकाता में यह 48 रुपए बढ़कर ₹1850.50 में मिल रहा है, पहले इसके दाम ₹1802.50 थे।

मुंबई में सिलेंडर 1644 रुपए से 48.50 रुपए बढ़कर 1692.50 रुपए का हो गया है। चेन्नई में सिलेंडर 1903 रुपए का मिल रहा है। हालांकि, 14.2 KG वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। दिल्ली में यह ₹803 और मुंबई में ₹802.50 का मिल रहा है।
2. ATF 4,567.76 रुपए तक सस्ता: हवाई सफर सस्ता हो सकता है ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने महानगरों में एयर ट्रैफिक फ्यूल (ATF) की कीमतों को घटाया है। इससे हवाई सफर सस्ता हो सकता है। इंडियन ऑयल की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली में ATF 5883 रुपए सस्ता होकर 87,597.22 रुपए प्रति किलोलीटर (1000 लीटर) हो गया है। वहीं, कोलकाता में ATF 5,687.64 रुपए सस्ता होकर 90,610.80 रुपए प्रति किलोलीटर हो गया है।

मुंबई में ATF 87,432.78 रुपए प्रति किलोलीटर मिल रहा था, ये अब 5,566.65 रुपए सस्ता होकर 81,866.13 में मिलेगा। चेन्नई में ATF के दाम 6,099.89 रुपए घटे हैं। ये अब 90,964.43 रुपए प्रति किलोलीटर में मिल रहा है।

3. PPF अकाउंट के नियमों में बदलाव: नाबालिगों को अलग ब्याज आज से PPF अकाउंट से जुड़े नियमों में बदलाव हो गया है। नए नियमों के अनुसार यदि कोई PPF खाता नाबालिग के नाम पर है तो 18 साल का होने तक पोस्ट ऑफिस सेविंग्स अकाउंट की ब्याज दर लागू होगी। खाताधारक के 18 साल का होने के बाद ही खाते पर PPF की मौजूदा ब्याज दर लागू होगी। खाते के मैच्योरिटी पीरियड का कैलकुलेशन उसी तारीख से किया जाएगा।

वहीं, अगर किसी के पास एक से ज्यादा PPF खाते हैं तो एक बेसिक मेन खाते पर ब्याज दर का पेमेंट होगा। अगर मेन खाते में तय निवेश सीमा (1.5 लाख) से कम अमाउंट है तो दूसरे खाते की राशि पहले में मर्ज कर दी जाएगी। इस मर्जर के बाद आपको कुल रकम पर PPF की ब्याज दर के अनुसार ब्याज दिया जाएगा। हालांकि, दोनों अकाउंट की कुल रकम मिलाकर 1.5 लाख रुपए से ज्यादा नहीं होगा चाहिए।
4. सुकन्या समृद्धि योजना खाता सिर्फ कानूनी अभिभावक ही अकाउंट खोल सकेंगे केंद्र सरकार द्वारा खासतौर पर बेटियों के लिए संचालित सुकन्या समृद्धि योजना से जुड़ा एक बड़ा बदलाव किया गया है। इसके तहत अब से बेटियों के सिर्फ कानूनी अभिभावक ही उनके नाम पर ये अकाउंट खोल सकेंगे और चला सकेंगे।

अगर किसी लड़की का सुकन्या अकाउंट ऐसे व्यक्ति के द्वारा खोला गया है, जो उसके लीगल पेरेंट्स (कानूनी अभिभावक) नहीं है तो उसे ये खाता लीगल पेरेंट्स को ट्रांसफर करना होगा। ऐसा नहीं करने की स्थिति में उस अकाउंट को बंद किया जा सकता है।
5. पैन के लिए नियम बदले: आधार नामांकन आईडी का नहीं कर सकेंगे उपयोग अब से इनकम टैक्स भरने या पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार नंबर की जगह आधार नामांकन आईडी का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। इस बदलाव का उद्देश्य पैन नंबर के दुरुपयोग को रोकना है। इसके साथ ही इससे किसी व्यक्ति के एक से ज्यादा पैन कार्ड बनाने पर भी लगाम लगेगी।

6. ट्रांजैक्शन फीस घटी: स्लैब स्ट्रक्चर में NSE और BSE ने बदलाव किया NSE और BSE ने कैश और फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस ट्रेड के लिए लगने वाली ट्रांजैक्शन फीस में बदलाव किया है। NSE में कैश मार्केट के लिए अब ट्रांजैक्शन फीस 2.97 रुपए/लाख ट्रेडेड वैल्यू होगी। वहीं, इक्विटी फ्यूचर्स में ट्रांजैक्शन फीस 1.73 रुपए/लाख ट्रेडेड वैल्यू होगी।

जबकि, ऑप्शंस में 35.03 रुपए/लाख प्रीमियम वैल्यू होगी। करेंसी डेरिवेटिव्स सेगमेंट में NSE ने फ्यूचर्स के लिए ट्रांजैक्शन फीस 0.35 रुपए/लाख ट्रेडेट वैल्यू रखी है। करेंसी ऑप्शंस और इंटरेस्ट रेट ऑप्शंस में यह फीस 31.1 रुपए/लाख प्रीमियम वैल्यू होगी।
पेट्रोल-डीजल के दाम में बदलाव नहीं: दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए लीटर

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आज यानी 1 अक्टूबर को भी कोई बदलाव नहीं हुआ है। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल 94.72 रुपए लीटर है तो डीजल 87.62 रुपए लीटर के हिसाब से बिक रहा है। वहीं, मुंबई में पेट्रोल 103.44 रुपए और डीजल 89.97 रुपए प्रति लीटर मिल रहा है।

क्रेडिट कार्ड पर धड़ल्ले से लोन ले रहे लोग, बड़ी जरूरत के लिए पर्सनल लोन सबसे आगे

लोग अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए लोन लेते हैं। यह किसी भी प्रकार का लोन हो सकता है। इसमें होम लोन, पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, क्रेडिट कार्ड लोन आदि शामिल हैं
नई दिल्ली: घर और पर्सनल जरूरत को पूरा करने के लिए काफी भारतीय लोन लेते हैं। वहीं नए मकान के लिए भी काफी लोग भारी-भरकम लोन लेते हैं। इन दिनों क्रेडिट कार्ड से भी लोन लेने वालों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। CRIF के आंकड़ों के मुताबिक देश में सबसे ज्यादा लोन मकान के लिए लिया जाता है। इसके बाद लोग पर्सनल लोन लेते हैं। आंकड़ों के मुताबिक एक्टिव लोन के मामले में पर्सनल लोन लेने वालों की संख्या ज्यादा है।
छोटी चीजों के लिए ‘बड़ा’ लोन
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय छोटी चीजों के लिए ‘बड़ा’ ले रहे हैं। इनमें मोबाइल, लैपटॉप, टीवी, होम एप्लाइंस आदि शामिल हैं। इन्हें खरीदने के लिए क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल काफी किया जा रहा है। इस वजह से क्रेडिट कार्ड से लोन लेने वालों की संख्या में भी तेजी आ रही है। बता दें कि क्रेडिट कार्ड से लोन की रकम न चुका पाने पर भारी ब्याज देना होता है। ऐसे में यह छोटा दिखने वाला यह लोन बड़ा बन सकता है।
यही नहीं, ये चीजें सेलर की ओर से लोन पर भी मिल जाती हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार के क्रेडिट कार्ड की जरूरत नहीं होती। ऐसे कस्टमर की संख्या भी काफी बढ़ रही है जो मोबाइल, होम एप्लाइंस जैसे टीवी, फ्रिज आदि के लिए कंज्यूमर ड्यूरेबल लोन ले रहे हैं।
होम लोन की वैल्यू सबसे ज्यादा
लार्ज वैल्यू के हिसाब से होम लोन लेने वालों की संख्या सबसे ज्यादा है। यह कुल आउटस्टैंडिग वैल्यू का करीब 40 फीसदी है। वहीं 4 फीसदी एक्टिव लोन है। एक्टिव लोन के मामले में पर्सनल लोन सबसे आगे है। आउटस्टैंडिग वैल्यू में पर्सनल लोन की हिस्सेदारी 14.9 फीसदी है, लेकिन एक्टिव लोन वॉल्यूम का 22.7 फीसदी है।

गोल्ड लोन पर भी हिस्सेदारी बढ़ी
लोन लेने के मामले में गोल्ड लोन भी पीछे नहीं है। कुल लोन में गोल्ड लोन की वैल्यू 10.6 फीसदी है। वहीं इसका एक्टिव लोन वॉल्यूम 14.2 फीसदी है। पिछले कुछ समय में गोल्ड लोन लेने वालों की संख्या में काफ देती आई है। साथ ही गोल्ड लोन सेक्टर भी तेजी से बढ़ रहा है। इस लोन का तेजी से बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है कि इसके लिए किसी भी सिबिल स्कोर आदि की जरूरत नहीं पड़ती। गोल्ड लोन बहुत आसानी से मिल जाता है।

मोहन यादव पूरा करेंगे शिवराज सिंह चौहान का सबसे बड़ा सियासी वादा? सिंधिया भी लगा रहे हैं जोर, जानें कौन सी थी घोषणा

मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षकों को लेकर एक बार फिर से सियासत तेज हो गई है। राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री के बाद अतिथि शिक्षकों ने दो केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की है। पहले ज्योतिरादित्य
भोपाल: पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान केंद्र की राजनीति शामिल हो गए हैं, लेकिन आज भी मध्य प्रदेश की जनता को शिवराज सिंह चौहान से आस है। दरअसल, रविवार को एक ऐसी ही घटना घटी। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान सीहोर जिले के भेरुंदा पहुंचे थे। इस दौरान अतिथि शिक्षकों ने शिवराज सिंह के काफिले को रोक दिया और उनसे मुलाकात की। अतिथि शिक्षकों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर कहा कि- ‘मामा’ आपसे ही उम्मीद है। शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों की बातें सुनकर कहा कि मैं अपनी पूरी ताकत लगाऊंगा और बात करूंगा।
अतिथि शिक्षकों ने कहा- वादा पूरा करें
अतिथि शिक्षकों ने शिवराज सिंह चौहान से कहा कि वह अपना वादा पूरा करें। एक अतिथि शिक्षक ने कहा कि वह नियमितीकरण पर हां या ना में जवाब दें। एक अतिथि शिक्षक ने कहा कि एमपी के शिक्षा मंत्री का बयान सुना तो उनका मनोबल टूट गया है अब आप पर ही भरोसा है। शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिया कि वह इस मुद्दे पर जल्द ही बात करेंगे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ।
भोपाल पहुंचते ही एक्टिव हुए शिवराज सिंह
इस पूरे घटनाक्रम के बाद शिवराज सिंह चौहान सोमवार को एक्टिव दिखाई दिए। शिवराज सिंह चौहान सुबह सीएम मोहन यादव से मिलने उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान सीएम मोहन यादव और कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। किन-किन मुद्दों पर दोनों नेताओं ने चर्चा की इसकी जानकारी तो ऑफिशियल नहीं की गई लेकिन सूत्रों का कहना है कि शिवराज सिंह चौहान ने सीएम से अतिथि शिक्षकों को लेकर बात की है। बताया जा रहा है कि इस मुद्दे पर सीएम मोहन यादव ने उचित फैसला लेने का भरोसा दिया है।
ग्वालियर में सिंधिया से भी मुलाकात
अतिथि शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया से भी मुलाकात कर चुका है। अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का मांग को लेकर प्रतिनिधि मंडल ने ज्योतिरादित्य सिंधिया से गुहार लगाई थी। सिंधिया ने भी बात करने का भरोसा क्या थी शिवराज सिंह चौहान की घोषणा
दरअसल, शिवराज सिंह चौहान जब मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण का वादा किया था। 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनी लेकिन शिवराज सिंह चौहान मुख्यमंत्री नहीं बने। ऐसे में अब माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान की घोषणा को मोहन यादव पूरा कर सकते हैं। हालांकि इस संबंध में सीएम मोहन यादव ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।दिया था।
शिक्षा मंत्री के बयान के बाद सियासत तेज
दरअसल, मध्य प्रदेश के शिक्षा मंत्री ने अतिथि शिक्षकों के नियमितीकरण की मांग को लेकर दो टूक जवाब दिया था। प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा था अतिथि शिक्षकों का नाम क्या है ‘अतिथि’। आप हमारे मेहमान बनकर आओगे तो घर पर कब्जा करोगे क्या? इस बयान के बाद प्रदेश की सियासत तेज हो गई है।

 

बीजेपी के सदस्यता अभियान का पहला फेज पूरा, टॉप 20 राज्यों में पहले पर एमपी, समीक्षा करने जबलपुर पहुंचे वीडी शर्मा

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सदस्यता अभियान के पहले फेस में 1 करोड़ 6 लाख नए सदस्यों को जोड़ा। 1 अक्टूबर से दूसरे फेस में विभिन्न विधाओं के लोगों को पार्टी में शामिल करने का लक्ष्य रखा
जबलपुर: भारतीय जनता पार्टी के पहले फेस का सदस्यता अभियान पूरा हो गया है। 1 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक भाजपा सदस्यता अभियान का दूसरा फेस शुरू हो रहा है। इस अभियान की योजना और समीक्षा के लिए मध्यप्रदेश भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने जबलपुर में ग्रामीण और शहरी कार्यकर्ताओं की बैठक ली।
कार्यकर्ताओं ने की अथाह मेहनत

पत्रकारों से चर्चा करते हुए वीडी शर्मा ने कहा कि भाजपा सदस्यता अभियान महापर्व के पहले फेस में प्रदेश में 64871 बूथों पर 41 लाख कार्यकर्ताओं की फ़ौज और टोली ने अथक मेहनत की। प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख नए सदस्यों को भाजपा में जोड़ा गया। 1 अक्टूबर से सदस्यता अभियान के दूसरे फेस में अलग अलग विधाओं के लोगों को भाजपा में जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
एक करोड़ से अधिक युवा बने सदस्य

वीडी शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को 1 करोड़ युवाओं को जिनकी उम्र 18 से 19 वर्ष की है, उन्हें भाजपा में सदस्य बनाने का संकल्प लिया था। प्रधानमंत्री का विकसित भारत बनाने का संकल्प पूरा हुआ है। एक करोड़ से अधिक युवा नौजवानों को भाजपा में सदस्य बनाया गया है।

सदस्य बनाने में टॉप 20 राज्यों में एमपी पहले पर

तक़रीबन 64 प्रतिशत नौजवान प्रथम फेस में भाजपा के सदस्य बने हैं। वीडी शर्मा ने आगे कहा कि भाजपा के प्रथम फेस के सदस्यता अभियान में 20 टॉप राज्यों में मध्यप्रदेश जनसंख्या के आधार पर पहले स्थान पर है।

मिथुन चक्रवर्ती को दी बधाई

वीडी शर्मा ने फिल्म अभिनेता मिथुन को दादा साहब फाल्के अवार्ड के लिए बधाई दी है। कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए वीडी शर्मा ने कहा कि राहुल, प्रियंका और दिग्विजय सिंह देश विरोधी ताकतों के साथ खड़े होने वाले लोग हैं।

Panna Tiger Reserve पहले दिन ही हुआ हाउसफुल, एक महीने की एडवांस बुकिंग, जाने का प्लान है तो जान लें ये बात

पन्ना: जिले का टाइगर रिजर्व अपने प्राकृतिक सौंदर्य एवं बाघों के लिए देश-दुनिया में फेमस है। यहां का प्राकृतिक सौंदर्य सभी को सम्मोहित करता है। यहां से बहने वाली केन नदी टाइगर रिजर्व की जंगल की सुंदरता और बढ़ा देती है। वन प्राणियों को निहारने पहले दिन से ही टूरिस्ट पहुंचने लगे हैं।
फील्ड डायरेक्टर ने फीता काटकर किया शुभारंभ

आज सुबह फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने फीता काटकर इस पर्यटन सीजन का शुभारंभ किया और टूरिस्टों को बधाई दी है। इस दौरान बड़ी संख्या में टूरिस्ट और गाइड मौजूद रहे।
बता दें कि पन्ना टाइगर रिजर्व सहित मध्य प्रदेश की सभी टाइगर रिजर्व पर्यटन के लिए 1 अक्टूबर से खोल दिए गए हैं। अब प्रकृति प्रेमी वन प्राणियों के रहस्वास कोर एरिया का पर्यटन कर वन्य प्राणियों का दीदार कर सकेंगे। इसके लिए पन्ना टाइगर रिजर्व ने विशेष तैयारियां की हैं। जहां सुबह मंडला के मुख्य द्वार पर फील्ड डायरेक्टर अंजना सुचिता तिर्की ने टूरिस्ट का स्वागत करते हुए नए सीजन का शुभारंभ किया।
बड़ी संख्या में पहुंचे पर्यटक

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस बार का सीजन सर्वश्रेष्ठ रहेगा क्योंकि बाघों का कुनवा तेजी से बढा है। लोगों को टाइगर खूब देखने को मिलेंगे। टूरिस्ट इस पल का इंतजार किए बैठे थे, जैसे ही इस पर्यटन सीजन का शुभारंभ हुआ। बाघ देखने की उम्मीद में बड़ी संख्या में महिलाएं बच्चे निकल पड़े।

सात समंदर पार से भी आए पर्यटक

बाघों का दीदार करने सात समंदर पार से आए टूरिस्ट भी पहुंचे। इस दौरान विदेशी पर्यटकों ने कहा कि सुना है पन्ना बहुत सुंदर है। यहां टाइगर दिखते हैं, इसलिए हम यहां आए हैं। हम वाइल्डलाइफ का आनंद लेंगे।
बरसात के बाद प्राकृतिक सौंदर्य को निहारने वाले लोग भी आए, जो कई बार पन्ना टाइगर रिजर्व का भ्रमण कर चुके हैं। लोग अपने परिवार के साथ यहां पहुंचे और पन्ना टाइगर रिजर्व की प्रशंसा की
गाइड भी उत्साहित

पार्क में पर्यटकों को घूमाकर अपनी रोजी-रोटी का प्रबंध करने के साथ वन्य प्राणियों और जंगल की जानकारी दे टूरिस्ट को घुमाने वाले गाइड भी उत्साहित है। 3 महीने से पार्क बंद होने के कारण उनका काम बंद था। आज पुरुष और महिला गाइड पर्यटकों को लेकर भ्रमण करने गेट के अंदर गए। कहा हमें उम्मीद है यह सीजन बहुत अच्छा रहेगा।

एक महीने की एडवांस बुकिंग

पन्ना टाइगर रिजर्व में मंडला, हिनौता और अकोला तीन गेट हैं, जहां से टूरिस्ट भ्रमण के लिए प्रवेश करते हैं। सबसे ज्यादा भीड़ मंडला में रही। यहां एक महीने की एडवांस बुकिंग हो गई है और आज निर्धारित 35 जिप्सी फुल थीं। इस तरह पहले दिन से ही पन्ना टाइगर रिजर्व हाउसफुल हो गया है।

जेठानी बबीता के साथ नीतू कपूर का हुआ था बड़ा झगड़ा, इस बात पर बिगड़ गए थे रिश्ते, कई साल तक बातचीत रही बंद

भारत में देवरानी और जेठानी के बीच प्‍यार बहुत ही कम देखने को मिलता है। कहते हैं कि दो बहनें भी अगर एक घर में देवरानी और जेठानी बनकर आ जाती हैं तो दोनों के बीच खिटपिट चलती रहती है। कभी किसी बात को लेकर तो कभी किसी बात को लेकर देवरानी-जेठानी के बीच खराब रिश्‍ता ही देखा जाता है। बॉलीवुड भी इससे अछूता नहीं है। यहां पर भी रिश्‍तों में खटास देखने को मिलती है। खबरों की मानें तो देवरानी-जेठानी यानि नीतू और बबीता के रिश्ते शुरू से ही ठीक नहीं रहे हैं। दोनों के बीच सालों से बातचीत बंद है और झगड़ा इतना ज्‍यादा था कि नीतू सिंह करिश्मा की शादी में नहीं गई थीं। जी हां स्वर्गीय राज कपूर की पुत्रवधू, जिन्होंने 1966 में फिल्‍म ‘दस लाख’ में एक साथ काम किया था, दोनों के बीच रिश्‍ता बिल्‍कुल भी अच्‍छा नहीं था।
हालांकि यह माना जाता है कि उनके बीच नाराजगी का कारण कुछ आंतरिक पारिवारिक झगड़े हैं, किसी ने भी इस मामले के बारे में पब्लिक प्‍लेटफार्म पर कभी बात नहीं की है। इसीलिए किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं है कि वास्तव में दोनों के बीच किस बात को लेकर लड़ाई हुई। लेकिन कुछ ऐसी घटनाएं सामने आईं हैं जो उनके बीच की झगड़े का प्रमाण हैं।
जब 2010 में एक्‍ट्रेस नीतू कपूर ने अपनी मां राजी सिंह को खो दिया था, तो पूरा कपूर खानदान उनका सपोर्ट करने और अंतिम संस्कार के दौरान शामिल होने के लिए एक साथ आया था। लेकिन इन सब के बीच पूर्व एक्‍ट्रेस बबीता को कहीं भी नहीं देखा गया था। सिर्फ बबीता ही नहीं, बल्कि उनकी बेटियां करीना और करिश्मा कपूर अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुई थीं। लेकिन बबिता कपूर अपने देवरऋषि कपूर के अंतिम संस्कार में मौजूद थीं, जिनका 30 अप्रैल 2020 को मुंबई में ल्यूकेमिया के कारण निधन हो गया था।
इसके अलावा 2007 में, रणधीर कपूर की पत्नी बबीता और उनकी बेटियां नीतू कपूर की इकलौती बेटी की बिजनेस भरत साहनी के साथ शादी में शामिल नहीं हुई थीं। वह सारे फंक्‍शन से दूर रहीं और रणधीर कपूर को शादी में अकेले ही देखा गया। इससे पहले 2003 में नीतू भी अपनी भतीजी करिश्मा कपूर की बिजनेसमैन संजय कपूर के साथ शादी में शामिल नहीं हुई थीं। यहां पर भी ऋषि कपूर अकेले ही शादी में शामिल हुए थे।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 2012 में एक्‍टर सैफ अली खान के साथ करीना कपूर की शादी के बाद दोनों के बीच का झगड़ा खत्म हो गया था। जेठानी बबीता ने नीतू कपूर को शादी में पर्सनली आमंत्रित करके अपने बीच के झगड़े को खत्‍म करने की पहल की थी।
कपूर के करीबी सूत्र ने खुलासा किया, ”करीना की शादी में बबीता और नीतू रिश्तों को ठीक करने के अवसर के रूप में काम किया। बबीता पर्सनली शादी के निमंत्रण के साथ कृष्ण राज (नीतू और ऋषि कपूर के निवास) में नीतू से मिलने गई थीं। जो लोग झगड़े के बारे में जानते हैं, उन्हें एहसास होगा कि यह कितनी बड़ी बात है। ऐसा लगता है कि उन्होंने आखिरकार शांति बना ली है।”

वाइट-गोल्‍डन कलर का एक खूबसूरत सूट पहने नीतू अपनी भतीजी करीना कपूर के विवाह समारोह में शामिल हुई थीं और 62 वर्षीय एक्‍ट्रेस को यह कहते हुए सुना गया था कि “सैफ और करीना की शादी पूरे परिवार के लिए एक बहुत ही खुशी का मौका था। हम सभी इसे लेकर काफी उत्साहित हैं। यह एक खुशी का मौका है और हम सभी इसके लिए वहां रहेंगे।
उसी साल, दोनों करिश्मा के बेटे के दूसरे बर्थ डे का जश्न मनाने के लिए गोवा के लिए रवाना हुई थीं। दोनों महिलाओं के बॉन्‍ड को देखकर लोग शॉक हो गए थे। बबीता और नीतू के बॉन्ड को देखकर सभी और पूरा परिवार एक साथ बहुत खुश था।

SBI ‘अमृत-कलश’ स्कीम में 31 मार्च तक कर सकेंगे निवेश:इसमें सीनियर सिटिजन को 7.60% और अन्य को मिल रहा 7.10% सालाना ब्याज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अपनी स्पेशल फिक्स डिपॉजिट (FD) स्कीम अमृत कलश में निवेश करने की लास्ट डेट बढ़ा दी है। अब इसमें आप 31 मार्च 2025 तक निवेश कर सकेंगे। पहले इसकी लास्ट डेट 30 सितंबर 2024 थी। इस स्कीम में सीनियर सिटिजन को FD पर 7.60% और अन्य को 7.10% सालाना ब्याज मिल रहा है।

इस स्पेशल फिक्स डिपॉजिट स्कीम में 400 दिन के लिए निवेश करना होता है। ऐसे में अगर आप FD पर ज्यादा ब्याज चाहते हैं तो इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। हम आपको इसके बारे में बता रहे हैं।

ये एक स्पेशल टर्म डिपॉजिट

अमृत कलश एक स्पेशल रिटेल टर्म डिपॉजिट यानी FD है। इसमें सीनियर सिटिजन को 7.60% और आम नागरिकों को 7.10% के दर से इंटरेस्ट रेट मिलता है। इसमें अधिकतम 2 करोड़ रुपए की FD करा सकते हैं। अमृत कलश स्कीम के तहत आपको ब्याज का भुगतान प्रति महीना, प्रति तिमाही और हर छमाही किया जाता है। आप अपनी सुविधा के अनुसार FD ब्याज का पेमेंट तय कर सकते हैं।

ऑनलाइन या ऑफलाइन कर सकते हैं निवेश

इस स्कीम में निवेश करने के लिए आप बैंक के ब्रांच जाकर भी निवेश कर सकते है। वहीं नेटबैंकिंग और SBI YONO ऐप के जरिए भी इसमें निवेश किया जा सकता है। अमृत कलश पर आम FD की तरह ही लोन लेने की सुविधा भी मिलती है।

अमृत वृष्टि स्कीम में भी कर सकते हैं निवेश

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ‘अमृत वृष्टि’ नाम से एक दूसरी डिपॉजिट स्कीम भी चला रहा है। इस स्कीम के तहत 444 दिनों के लिए FD कराने पर 7.25% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। वहीं सीनियर सिटीजन को सालाना 7.75% के हिसाब से ब्याज दिया जा रहा है। इस योजना में 31 मार्च 2025 तक निवेश कर सकते हैं।

SBI ‘वीकेयर’ स्कीम में भी निवेश का मौका

SBI ने एक अन्य स्पेशल टर्म डिपॉजिट (FD) स्कीम ‘वीकेयर’ भी चला रहा है। SBI की इस स्कीम में सीनियर सिटीजन को 5 साल या उससे ज्यादा की अवधि के डिपॉजिट (FD) पर 50 बेसिस पॉइंट्स का एक्स्ट्रा ब्याज मिलेगा। सीनियर सिटिजन को 5 साल से कम के रिटेल टर्म डिपॉजिट पर आम पब्लिक के मुकाबले 0.50% ज्यादा ब्याज मिलता है।

ऐसे मे ‘वीकेयर डिपॉजिट’ स्कीम के तहत 5 साल या इससे ज्यादा की FD पर सामान्य नागरिकों की तुलना में 1% ज्यादा ब्याज मिलेगा। इस हिसाब से 5 साल या इससे ज्यादा समय के लिए FD कराने पर सीनियर सिटीजन को 7.50% ब्याज मिल रहा है।

लाडकी बहन योजना से लटकी सब्सिडी, बंद होने की कगार पर उद्योग, सरकार को विषकन्या बता नितिन गडकरी का निशाना

नागपुर : केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने उद्यमियों से कहा कि वे सरकारी सब्सिडी पर निर्भर न रहें। उन्होंने कहा कि सरकार के पास महिलाओं के लिए हाल ही में शुरू की गई कल्याणकारी लड़की बहन योजना जैसी अन्य प्रतिबद्धताएं भी हैं। नागपुर में विदर्भ आर्थिक विकास परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘आप जो भी सब्सिडी ले सकते हैं, उसका लाभ उठाएं, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि आपको यह कब मिलेगी।’
नितिन गडकरी ने कहा कि उनके बेटे ने 450 करोड़ रुपये की सब्सिडी मिलनी थी। उसने कहा कि हमने टैक्स की रकम जमा कर दी है। अब हमें यह कब मिलेगा?’ मैंने कहा कि भगवान से प्रार्थना करो, क्योंकि इसकी कोई गारंटी नहीं है।
‘उद्योग बंद होने की कगार पर’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि लड़की बहन योजना की शुरुआत के साथ, इस योजना के लिए भी सब्सिडी राशि आवंटित की जानी थी…इसलिए अन्य चीजें लटकी हुई हैं। नितिन गडकरी ने स्पष्ट किया कि लड़की बहन योजना पर उनकी टिप्पणी एमएसएमई उद्योगों को उनकी सब्सिडी नहीं मिलने के बारे में थी। उद्योग बंद होने के कगार पर है।
सरकार विषकन्या की तरह’
समारोह में उद्योगों से आत्मनिर्भर बनने का आग्रह करते हुए मंत्री ने कहा, ‘सरकार पर निर्भर मत रहिए। सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी हो, सरकार विषकन्या के समान होती है। अगर आप सरकार पर बहुत अधिक निर्भर रहेंगे, तो आप बर्बाद हो जाएंगे।
रोना रो रहे कारोबारी’
गडकरी ने बताया कि कपड़ा उद्योग के हितधारकों ने मुझसे संपर्क किया क्योंकि बिजली सब्सिडी के अभाव में उनकी इकाइयां बंद होने के कगार पर हैं। रोजाना लोग मुझसे विभिन्न सब्सिडी न मिलने का रोना रोते हुए संपर्क करते हैं।

मुफ्तखोरी के खिलाफ नितिन गडकरी
यह पहला मामला नहीं है जब गडकरी ने मुफ्तखोरी के खिलाफ परोक्ष आलोचना की है। हालांकि, इससे विपक्ष को महायुति सरकार पर निशाना साधने का मौका मिल गया है।

सुप्रिया सुले ने कसा तंज
एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने कहा कि गडकरी जैसे वरिष्ठ बीजेपी नेता ने राज्य की वित्तीय स्थिति के बारे में चिंता व्यक्त की है, जो दर्शाता है कि महाराष्ट्र में पार्टी के पदाधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। विपक्ष ने जब इसी मुद्दे को उठाया, तो उन्होंने उसकी अनदेखी की। कम से कम अपने वरिष्ठ की सलाह तो मानिए। जब वित्त मंत्रालय लड़की बहन जैसी योजनाओं पर अत्यधिक खर्च के खिलाफ चेतावनी दे रहा है, तो राज्य मंत्रिमंडल करदाताओं के पैसे को अनावश्यक रूप से बर्बाद कर रहा है।

संजय राउत ने साधा निशाना
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने कहा, ‘लड़की बहन योजना मूल रूप से शिंदे सरकार के लिए वोट खरीदने की योजना है। सत्तारूढ़ शासन राज्य में महिलाओं के लिए कोई चिंता नहीं दिखाता है। इस योजना के लिए धन को विभिन्न महत्वपूर्ण परियोजनाओं और पहलों से हटा दिया जा रहा है। लड़की बहन के फंड के वितरण में भी, तीनों गठबंधन सहयोगी श्रेय लेने की होड़ में हैं। उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हजारों लाभार्थियों को अपने नाम से एक पत्र भेजा है, लेकिन मुख्यमंत्री शब्द को छोड़ दिया है, जबकि योजना का नाम मुख्यमंत्री के नाम पर है।

5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीड़न: सांईश्री एकेडमी के बाहर अभिभावकों का जमकर प्रदर्शन, स्कूल किया सील:

80 फीट रोड स्थित सांईश्री एकेडमी स्कूल में 5 वर्षीय मासूम के साथ यौन उत्पीडन का मामला सामने आने के बाद सोमवार को स्कूल खुलते ही अभिभावकों का आक्रोश भड़क गया। आक्रोशित परिजन ने स्कूल संचालक राकेश देसाई, प्रिंसिपल श्वेता विंचुरकर सहित जिला और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही के कारण ये घटना घटी है। स्कूल के बाहर करीब 2 घंटे तक जाम के साथ अभिभावकों ने प्रदर्शन किया। आक्रोश को भांपते हुए मौके पर प्रशासन की और से अपर कलेक्टर डॉ. शालिनी श्रीवास्तव और एएसपी राकेश खाखा को भी पहुंचना पड़ा। अधिकारियों ने मौके पर सांईश्री एकेडमी स्कूल को सील कर दिया। प्रशासन ने सांईश्री स्कूल प्रबंधन के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया। वहीं हैरान कर देने वाली बात है की पूरे मामले में अब तक स्कूल की और राकेश देसाई या किसी का कोई बयान नहीं आया है। आपको बता दे मासूम बच्ची के साथ घटिया हरकत करने वाला चौकीदार का बेटा है एवम् आरोपी भी नाबालिग है।

रतलाम एसडीएम अनिल भान ने बताया: “आक्रोशित लोग स्कूल के स्टाफ और प्रबंधन के विरुद्ध भी कार्रवाई चाहते हैं. इस मामले में जिनकी भी लापरवाही और जिम्मेदारी सामने आएगी, उन पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” एडिशनल एसपी राकेश खाखा ने कहा “पुलिस ने पास्को एक्ट के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की. इसके अलावा जो भी तथ्य और प्रबंधन के लापरवाही सामने आएगी, उस पर भी कार्रवाई की जाएगी।”

एफआईआर के बाद परिजनों में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन ने घटना की निंदा तक नहीं की। ना ही स्कूल की और से कोई आधिकारिक बयान दिया गया। सोमवार को नाराज अभिभावक जब प्रबंधन से घटना सहित अपने बच्चों की सुरक्षा की मांग को लेकर चर्चा करने पहुंचे, तब प्रबंधन का बर्ताव गैर जिम्मेदाराना था। जिसके बाद अभिभावकों ने सड़क पर बैठ प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर रतलाम शहर एसडीएम अनिल भाना, सीएसपी अभिनव बारंगे, दीनदयाल नगर थाना प्रभारी रवीन्द्र दंडोतिया, औद्योगिक थाना प्रभारी वीडी जोशी, सब इंस्पेक्टर सत्येंद्र रघुवंशी सहित बड़ी संख्या में पुलिस का बल मौके पर पहुंचा।

ई खबर मीडिया के लिए लोकेंद्र तंवर की रिपोर्ट 

सेहतनामा- आलिया भट्ट को 6 घंटे तक यूरिन रोकनी पड़ी:पेशाब रोकने से बढ़ता यूटीआई, किडनी स्टोन्स का रिस्क, बता रहे यूरोलॉजिस्ट

बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के दूसरे सीजन में अपनी फिल्म ‘जिगरा’ के प्रमोशन के लिए आई थीं। वहां उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले पेरिस फैशन वीक में उन्हें 6 घंटे तक यूरिन रोककर रखनी पड़ी। असल में उन्होंने इस दौरान एक साड़ी पहनी थी, जो 23 फीट लंबी थी। इसे पहनकर वह वॉशरूम नहीं जा सकती थीं।

ऐसे में सवाल उठता है कि अगर कोई 6 घंटे तक यूरिन रोककर रखता है तो इसके क्या परिणाम हो सकते हैं? क्या इससे सेहत को कोई नुकसान हो सकता है?

आमतौर पर डॉक्टर्स लगभग हर तीन घंटे में एक बार यूरिन रिलीज करने की सलाह देते हैं, लेकिन कई बार ऐसी परिस्थितियां बन जाती हैं कि यूरिन रोककर रखना हमारी मजबूरी हो जाती है। नेताओं, एथलीट्स और कॉन्सर्ट में लाइव परफॉर्मेंस देने वाले एक्टर्स और सिंगर्स को अक्सर कई घंटों के लिए य़ूरिन रोककर रखना पड़ता है।

हमारे देश में यह एक गंभीर समस्या है। पुरुष तो राह चलते गाड़ी रोककर कहीं भी यूरिन पास कर लेते हैं, जबकि महिलाओं को कई बार अपने ही घर में यूरिन रोककर रखना पड़ता है। अगर घर पर मेहमान आए हैं और वॉशरूम का रास्ता उनके सामने से होकर जाता है तो महिलाएं संकोच के कारण कई घंटे तक वॉशरूम इस्तेमाल नहीं कर पाती हैं। यह संकोच उनका खुद का बनाया नहीं है, अगर वो इस बीच वॉशरूम चली जाएं तो निर्लज्जता का टैग मुफ्त में मिल जाएगा। यह बात सिर्फ गप्प नहीं है, मैंने खुद अपने घर में मम्मी और दीदी के बीच इस संकोच को देखा है। इसके कारण उन्हें यूटीआई इन्फेक्शन और किडनी स्टोन्स की समस्याएं भी हुईं।

इसलिए आज ‘सेहतनामा’ में आपको बताएंगे कि कोई कितनी देर तक यूरिन रोक सकता है। साथ ही जानेंगे कि-

क्या उम्र के साथ यूरिनरी ब्लैडर का आकार बदलता है?
ज्यादा देर तक यूरिन रोकने के क्या खतरे हैं?
क्या ज्यादा देर यूरिन रोकने से मौत हो सकती है?
स्वस्थ रहने के लिए कितनी देर में यूरिन पास करना जरूरी है

ज्यादातर लोग हर 24 घंटे में 6-7 बार यूरिन पास करते हैं। अगर कोई व्यक्ति दिन में 4 से 10 बार यूरिन पास कर रहा है और उसकी जिंदगी इससे प्रभावित नहीं हो रही है तो इसे हेल्दी माना जा सकता है। डॉक्टर एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति को लगभग हर 3 घंटे में एक बार यूरिन पास करने की सलाह देते हैं। यह फ्रीक्वेंसी उम्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है क्योंकि उम्र के हिसाब से यूरिनरी ब्लैडर का आकार भी बदलता है। यह इस पर भी निर्भर करता है कि कोई दिन भर में कितनी मात्रा में लिक्विड कंज्यूम कर रहा है।
इसका मतलब है कि एक स्वस्थ वयस्क व्यक्ति ब्लैडर में 300-400 मिलीलीटर लिक्विड स्टोर कर सकता है। जरूरत पड़ने पर इसका आकार बढ़ भी जाता है, लेकिन उसके कारण दर्द, असुविधा और इन्फेक्शन का सामना करना पड़ता है।

आमतौर पर जब हमारा ब्लैडर आधे से थोड़ा अधिक भर जाता है तो यह हमें यूरिन रिलीज करने के लिए इशारा करने लगता है। यह नेचुरल कॉल है। इसलिए हम जितनी बार ब्लैडर के इस इशारे को इग्नोर करते हैं, खुद को उतना ही समस्याओं के नजदीक ले जाते हैं।

ज्यादा देर तक यूरिन रोककर रखने से क्या समस्याएं हो सकती हैं

आमतौर पर अगर एक स्वस्थ व्यक्ति कभी-कभार कुछ घंटों के लिए यूरिन को रोक रहा है तो इससे कोई समस्या नहीं होती है।
अगर पहले से यूरिनरी ट्रैक्ट, ब्लैडर या किडनी में कोई शिकायत है तो समस्या बढ़ सकती है।
अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति अक्सर यूरिन रोककर रखता है तो उसे कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं।
दर्द और असहजता होती है

अगर कोई नियमित रूप से या अक्सर पेशाब करने की इच्छा को देर तक नजरअंदाज करता रहता है तो उसे यूरिनरी ब्लैडर या किडनी में दर्द हो सकता है। अजीब असहजता वाली स्थिति बन सकती है। यूरिन रिलीज करने में भी दर्द हो सकता है। इसके बाद भी कई बार मसल्स में सिकुड़न रह जाती है, जिससे पेल्विक एरिया में ऐंठन हो सकती है।

यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन हो सकता है

कई बार बहुत देर तक पेशाब रोककर रखने से बैक्टीरिया पनप सकते हैं। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट में इन्फेक्शन (UTI) हो सकता है।

यही कारण है कि डॉक्टर लंबे समय तक पेशाब रोकने से बचने की सलाह देते हैं क्योंकि इससे यूटीआई का खतरा बढ़ सकता है। उन लोगों को इसका खतरा और अधिक होता हैै, जिन्हें पहले कभी यूटीआई की समस्या हुई है।

अगर कोई पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य लिक्विड्स नहीं पी रहा है तो उसे भी यूटीआई विकसित होने की संभावना अधिक होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि लिक्विड्स के बिना पेशाब करने की इच्छा नहीं पैदा होगी। इससे यूरिनरी ट्रैक्ट में बैक्टीरिया फैल सकते हैं और संक्रमण हो सकता है।
यूरिनरी ब्लैडर में खिंचाव हो सकता है

अगर कोई शख्स नियमित रूप से कई दिन तक बार-बार पेशाब रोक रहा है तो यूरिनरी ब्लैडर में खिंचाव हो सकता है। इससे ब्लैडर की प्राकृतिक रूप से विस्तार करने और सिकुड़ने की क्षमता कमजोर हो जाएगी, जिसके चलते यूरिन रिलीज करने में समस्या होगी या कई बार यह असंभव भी हो सकता है।

अगर किसी व्यक्ति का ब्लैडर खिंचाव आने से बहुत फैल गया है तो उसे आराम देने के लिए कैथेटर यानी कृत्रिम पेशाब नली (यूरिन पाइप) की जरूरत हो सकती है।

पेल्विक मसल्स डैमेज हो सकती हैं

बार-बार पेशाब रोकने से पेल्विक क्षेत्र की मांसपेशियों को नुकसान हो सकता है। इनमें से कुछ मसल्स का काम है यूरिन को रोककर रखना। अगर यह डैमेज होती हैं तो यूरिन थोड़ी देर रोककर रख पाना मुश्किल हो जाएगा।

कीगल्स एक्सरसाइज करके पेल्विक फ्लोर की इन मसल्स को मजबूत किया जा सकता है।
इससे मसल्स को हुए इस नुकसान की मरम्मत करने में मदद मिल सकती है।
किडनी स्टोन हो सकते हैं

नियमित रूप से ज्यादा देर तक यूरिन को रोकने से उन लोगों को किडनी स्टोन्स हो सकते हैं, जिन्हें कभी स्टोन्स रहे हैं या जिनके यूरिन में मिनरल्स की मात्रा अधिक है। यूरिन में अक्सर यूरिक एसिड और कैल्शियम ऑक्जेलेट जैसे मिनरल्स होते हैं।

क्या ज्यादा देर तक यूरिन रोकने से मौत हो सकती है

आमतौर पर यूरिन रोकने से मृत्यु की आशंका न के बराबर होती है, लेकिन इससे कारण हुए इन्फेक्शन को नहीं रोका गया तो ये मौत का कारण बन सकते हैं।
अगर कोई बहुत लंबे समय तक पेशाब रोककर रखता है तो क्षमता पार होने पर शरीर खुद ही ब्लैडर से अपना कंट्रोल खत्म कर देता है। इससे न चाहते हुए भी यूरिन पास हो जाता है।
कुछ रेयर मामलों में ऐसा भी हो सकता है कि ज्यादा देर तक यूरिन रोककर रखने के कारण ब्लैडर पर दबाव बढ़े और यह फट जाए। ऐसी कंडीशन में तुरंत मेडिकल हेल्प की जरूरत होती है। यह घातक स्थिति होती है।
इसलिए समय पर पानी पीना जितना जरूरी है, यूरिन को भी समय पर रिलीज करना उतना ही जरूरी है।