Monday, March 16, 2026
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मानसिंक,कमजोर लड़की से गैर सामुदायिक युवक ने किया रेप का प्रयास।

अनूपशहर क्षेत्र के गांव के एक विकलांग लड़की के साथ गैर समुदाय के युवक द्वारा बलात्कार का प्रयास का मामला, पीड़ित के पिता ने बताया कि मंगलवार देर शाम उसकी लड़की खेत में पलक काटने गई थी तभी वह खेत में बनी उसके बोंगे में पिल्ले से खेलने लगी इसी दौरान गांव के के सामुदायिक लड़के ने गलत काम करने की नीयत से पीड़ित को खींचकर बोंगे में ले गया, आरोपी ने उसकी पुत्री की जबरदस्ती गर्दन पकड़ कर जान से करने का प्रयास किया जिसमें पीड़ित की चीख निकल गई पीड़ित की चीख को सुनकर उसकी दादी खेत में पालक और धनिया काट रही थी दादी ने देखा कि उसकी पोती की गर्दन के गैर ,समुदाय के लड़के ने पकड़ रखी थी, गांव के लोगों ने आरोपी को पड़कर पुलिस को सोपा, मौके पर पहुंची , पुलिस ने आरोपी को तमंचा सहित पकड़ा, पुलिस ने पीड़िता के पिता की तारीफ के आधार पर युवक के खिलाफ धारा 307 ,354 क ,354 ख 506 आईपीसी की धारा में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है,

अनूप शहर से गगन कुमार की रिपोर्ट

डीपीएस कॉलेज अनूपशहर में स्काउट गाइड का सिविल का शुभारंभ किया

प्रेस विज्ञप्ति
डीपीबीएस कॉलेज, अनूपशहर में आज दिनांक 18 मार्च 2024 से 6 दिवसीय स्काउट गाइड सिविल का शुभारंभ किया गया इसके उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. गिरीश कुमार सिंह ने, संचालन छात्राध्यापिका अंजली सिंह ने किया तथा मुख्य अतिथि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र अनूपशहर के चिकित्सका अधीक्षक डॉ. वाई. पी. सिंह रहे।
कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर तथा उनके सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर सर्वप्रथम जिला स्काउट प्रशिक्षण कमिश्नर ओ. पी. हंस ने स्काउट के वैश्विक तथा भारतीय परिचय पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि डॉ. वाई. पी. सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा एक ऐसा साधन है जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकता हैं। स्काउट के माध्यम से विभिन्न प्रकार के योग तथा शारीरिक अभ्यास सीखने पर बल देते हुए विद्यार्थियों के स्वस्थ रहने के लिए अनेक उपाय साझा किए। महाविद्यालय प्राचार्य प्रो. गिरीश कुमार सिंह ने स्काउट एवं गाइड शिविर की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों से कहा कि ऐसे शिविर हमें बहुत सारे कौशलों को विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं। इसलिए सभी प्रशिक्षु बड़े मनोयोग के साथ इस शिविर में प्रतिभाग कर अपने को कुशल बनाए। बीएड विभाग की विभागाध्यक्षा एवं रेंजर अधिकारी डॉ. सुनीता गौड़ ने आभार प्रकट करते हुए विद्यार्थियों को शिविर में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया तथा आए हुए अतिथियों, शिक्षकों, सहयोगी कर्मचारियों तथा विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर जिला स्काउट संगठन कमिश्नर पवन राठी, डॉ. के. सी. गौड़, डॉ. सुधा उपाध्याय, डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ शैलेंद्र कुमार सिंह, रोवर अधिकारी तरुण श्रीवास्तव, देवस्वरूप गौतम, गुरुदत्त शर्मा, पंकज प्रकाश आदि प्राध्यापक भी उपस्थित रहे।

IPL 2024 सीरीज, पार्ट-3:लीग आने से बढ़ी टी-20 की रफ्तार; 80% टेस्ट के रिजल्ट निकले, वनडे में लगीं 12 डबल सेंचुरी

वनडे क्रिकेट के शुरुआती 37 साल में 31 बार 350 से ज्यादा का स्कोर बना था। पिछले 17 साल में इससे 4.6 गुना ज्यादा 145 बार 350 प्लस का स्कोर बन चुका है। यह पॉसिबल हुआ क्योंकि 17 साल पहले 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की शुरुआत हो गई। इस लीग ने बल्लेबाजों का स्कोरिंग रेट तेजी से बढ़ाया।

IPL के बाद ही मेंस वनडे में पहली डबल सेंचुरी लगी, जिसका आंकड़ा अब 12 तक पहुंच चुका है। टी-20 टीमें 16 से बढ़कर 103 हो गईं। वहीं टेस्ट फॉर्मेट इंटरेस्टिंग हुआ, टीमें ड्रॉ की बजाय रिजल्ट पर फोकस करने लगीं, जिस कारण 80% मुकाबलों के नतीजे आ रहे हैं।

IPL 2024 सीरीज के पार्ट-3 में आज हम वनडे, टेस्ट और टी-20 फॉर्मेट पर IPL का इम्पैक्ट जानेंगे। इसे हम 4 पार्ट्स में देखेंगे, पहला मैचों की संख्या, दूसरा स्कोरिंग रेट, तीसरा बैटर्स और चौथा बॉलर्स पर इम्पैक्ट।

1. टी-20 फॉर्मेट पर IPL का प्रभाव

पार्ट-1: साल के मैच 33 से बढ़कर 280 हुए
17 फरवरी 2005 को टी-20 इंटरनेशनल की शुरुआत हुई, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया ने पहला मैच खेला। 2 साल बाद इस फॉर्मेट का वर्ल्ड कप खेला गया, जिसे महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत ने जीता। अगले ही साल भारत में क्रिकेट का पहला फ्रेंचाइजी टूर्नामेंट इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) शुरू हो गया। जिसने क्रिकेट की डेफिनेशन ही चेंज कर दी।

2010 तक 6 साल में टी-20 इंटरनेशनल खेलने वाले देश 17 थे। एक साल में औसतन 33 मैच होते थे और टीमें 6 साल में औसतन 12 ही मैच खेलती थीं। अगले 6 साल में सालान औसतन मैच बढ़कर 63 हुए और टीमों की संख्या 21 हो गई। लेकिन असली बदलाव 2017 से हुआ। तब से टी-20 खेलने वाली टीमें 5 गुना बढ़कर 103 हो चुकी हैं। साल के औसतन मैचों का आंकड़ा भी 280 तक पहुंच गया है।

नेपाल, मंगोलिया, जर्सी जैसे दुनिया के कई छोटे-छोटे देशों ने टी-20 फॉर्मेट से क्रिकेट खेलने की शुरुआत कर दी। क्रिकेट इस फॉर्मेट से ग्लोबल स्पोर्ट बनता जा रह है और अब 2028 के ओलिंपिक्स में भी शामिल हो गया। 2024 का टी-20 वर्ल्ड कप भी वेस्टइंडीज के साथ अमेरिका जैसे देश की मेजबानी में खेला जाएगा। जहां रग्बी, बास्केटबॉल और बेसबॉल जैसे खेलों का बोलबाला है।

पार्ट-2: 200+ रन के टारगेट आसानी से चेज हुए
IPL ने टी-20 क्रिकेट का स्कोरिंग रेट भी बढ़ाया। 2010 तक जहां 19 बार 200 प्लस का स्कोर बना और महज 2 बार 200 से ज्यादा का टारगेट चेज करने वाली टीमों को जीत मिली। पिछले 7 साल में 243 बार 200 प्लस का स्कोर बन चुका है। इतना ही नहीं 42 बार दूसरी पारी में 200 से ज्यादा रन बने, जिनमें से 59% मुकाबलों में टीम को जीत भी मिली।

एक समय 50 ओवर के क्रिकेट में 300 रन बनाना बड़ी बात थी, लेकिन अब तो 20 ओवर में ही 300 रन का आंकड़ा पार हो चुका है। 2023 के एशियन गेम्स में नेपाल ने मंगोलिया के खिलाफ 314 रन का स्कोर बनाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। इतना स्कोर वनडे और टेस्ट फॉर्मेट में भी मुश्किल से बनता है।

पार्ट-3: शुरुआती 12 साल में 19 सेंचुरी लगी, पिछले 7 साल में बन गईं 124
2005 से 2016 तक 12 साल में टी-20 फॉर्मेट में 19 इंटरनेशनल सेंचुरी लगीं। तब शतक बनाना भी बड़ी होती थी, लेकिन पिछले 7 साल में इस फॉर्मेट में 124 सेंचुरी लग चुकी हैं। ग्लेन मैक्सवेल और रोहित शर्मा के नाम तो 5-5 शतक हैं, वहीं ICC के नंबर-1 टी-20 बैटर भारत के सूर्यकुमार यादव तो पिछले 3 ही साल में 4 सेंचुरी लगा चुके हैं।

IPL के पहले ही मैच में कोलकाता के लिए ब्रेंडन मैक्कुलम ने 158 रन की पारी खेली थी। जिसने फटाफट क्रिकेट में बड़ी पारी खेलने की नींव रखी। तब से टी-20 इंटरनेशनल में 3 बार 150 से ज्यादा और 17 बार 125 रन से ज्यादा के इंडिविजुअल स्कोर बन चुके हैं। ऑस्ट्रेलिया के ऐरन फिंच के नाम 172 रन की पारी खेलने का वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है।

पार्ट-4: गेंदबाजों को ज्यादा विकेट मिलने लगे
टी-20 क्रिकेट में गेंदबाजों का इकोनॉमी रेट 7 से साढ़े 7 के बीच बना हुआ है। लेकिन हर 6 साल के अंतर में बॉलर्स के औसत विकेट का आंकड़ा बढ़ गया। 2010 तक एक बॉलर को औसतन 4 विकेट मिले थे। वहीं पिछले 7 साल में एक खिलाड़ी के औसत विकेट का आंकड़ा 7 तक पहुंच गया। जिनमें स्पिन और पेस बॉलर के नाम औसतन 9-9 विकेट मिले हैं।

सोना पहली बार 66 हजार के करीब:इस साल 70 हजार तक जा सकता है, चांदी 73,859 रुपए किलो हुई

सोना आज यानी बुधवार (20 मार्च) ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन के मुताबिक, 10 ग्राम सोना 206 रुपए बढ़कर 65,795 रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसी महीने 11 मार्च को सोने ने 65,646 रुपए प्रति 10 ग्राम का ऑल टाइम हाई बनाया था।

वहीं, आज चांदी में भी मामूली तेजी है। ये 15 रुपए महंगी होकर 73,859 रुपए प्रति किलो ग्राम पर बंद हुई। इससे पहले बीते दिन चांदी का भाव 73,844 रुपए था। चांदी ने बीते साल यानी 2023 में 4 दिसंबर को 77,073 का ऑल टाइम हाई बनाया था।

सोने में तेजी के 3 प्रमुख कारण:

  1. 2024 में दुनियाभर में मंदी की आशंका
  2. शादी के सीजन से सोने की डिमांड बढ़ी
  3. दुनियाभर के केंद्रीय बैंक सोना खरीद रहे

मार्च में अब तक 3 हजार से ज्यादा महंगा हुआ सोना
मार्च में अब तक सोने-चांदी के दामों में शानदार तेजी देखने को मिली है। महीने की शुरुआत यानी 1 मार्च को सोना 62,592 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो 20 मार्च को 65,795 रुपए पर पहुंच गया है। यानी 20 दिनों में ही इसकी कीमत में 3,203 रुपए प्रति 10 ग्राम महंगा हो चुका है। वहीं चांदी भी 69,977​ रुपए प्रति किलोग्राम से बढ़कर ​​​​​​73,859 रुपए पर पहुंच गई थी।

2023 में सोना 8 हजार रुपए से ज्यादा महंगा हुआ था
साल 2023 की शुरुआत में सोना 54,867 रुपए प्रति ग्राम पर था जो 31 दिसंबर को 63,246 रुपए प्रति ग्राम पर पहुंच गया था। यानी साल 2023 में इसकी कीमत में 8,379 रुपए (16%) की तेजी आई। वहीं चांदी भी 68,092 रुपए से बढ़कर 73,395 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।

70 हजार तक जा सकता है सोना
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, आने वाले दिनों में सोने में तेजी जारी रह सकती है। इसके चलते इस साल के आखिर तक सोना 70 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है। वहीं चांदी भी 75 हजार प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।

सोना खरीदते समय इन 4 बातों का रखें ध्यान

1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। नए नियम के तहत एक अप्रैल से छह डिजिट वाले अल्फान्यूमेरिक हॉलमार्किंग के बिना सोना नहीं बिकेगा। जैसे आधार कार्ड पर 12 अंकों का कोड होता है, उसी तरह से सोने पर 6 अंकों का हॉलमार्क कोड होगा। इसे हॉलमार्क यूनीक आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी HUID कहते हैं।

ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग के जरिए ये पता करना संभव हो गया है कि कोई सोना कितने कैरेट का है।

2. कीमत क्रॉस चेक करें
सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।

24 कैरेट सोने को सबसे शुद्ध सोना माना गया है, लेकिन इसकी ज्वेलरी नहीं बनती, क्‍योंकि वो बेहद मुलायम होता है। आमतौर पर ज्वेलरी के लिए 22 कैरेट या इससे कम कैरेट सोने का इस्तेमाल किया जाता है।

कैरेट के हिसाब से ऐसे चेक करें कीमत: मान लीजिए 24 कैरेट सोने का दाम 60 हजार रुपए प्रति 10 ग्राम है। यानी एक ग्राम सोने की कीमत हुई 6000 रुपए। ऐसे में 1 कैरेट शुद्धता वाले 1 ग्राम सोने की कीमत हुई 6000/24 यानी 250 रुपए।

अब मान लीजिए आपकी ज्वेलरी 18 कैरेट शुद्ध सोने से बनी है तो 18×250 यानी इसकी कीमत 4,500 रुपए प्रति ग्राम हुई। अब आपकी ज्वेलरी जितने भी ग्राम की है उसमें 4,500 रुपए का गुणा करके सोने की सही कीमत निकाली जा सकती है।

3. कैश पेमेंट न करें, बिल लें
सोना खरीदते वक्त कैश पेमेंट बड़ी गलती साबित हो सकती है। UPI (जैसे भीम ऐप) और डिजिटल बैंकिंग के जरिए पेमेंट करना अच्छा रहता है। आप चाहें तो डेबिट या क्रेडिट कार्ड के माध्यम से भी पेमेंट कर सकते हैं। इसके बाद बिल लेना न भूलें। यदि ऑनलाइन ऑर्डर किया है तो पैकेजिंग जरूर चेक करें।

4. रीसेलिंग पॉलिसी जान लें
कई लोग सोने को निवेश की तरह देखते हैं। ऐसे में जरूरी है कि आपको सोने की रीसेल वैल्यू के बारे में पूरी जानकारी हो। साथ ही संबंधित ज्वेलर की बायबैक पॉलिसी पर भी स्टोर कर्मचारियों से बातचीत कर लें।

21 राज्यों की 102 लोकसभा सीटों पर नामांकन शुरू:इसमें तमिलनाडु की 39, राजस्थान की 12 और मध्य प्रदेश की 6 सीटें शामिल

देश के 21 राज्यों की 102 लोकसभा सीटों के लिए आज (20 मार्च) से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसके लिए चुनाव आयोग ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे।

इन 102 सीटों में तमिलनाडु की 39, राजस्थान की 12 और मध्य प्रदेश की 6 सीटें शामिल हैं। चुनाव आयोग ने 16 मार्च को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था।

चुनाव आयोग की नोटिफिकेशन के मुताबिक, नॉमिनेशन फाइल करने की आखिरी तारीख 27 मार्च है। वहीं, नॉमिनेशन पेपर्स की स्क्रूटनी 28 मार्च को होगी। नामांकन वापस लेने की आखिरी डेट 20 मार्च निर्धारित की गई है।

बिहार में त्योहार के चलते शेड्यूल में बदलाव किया गया है। यहां नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 28 मार्च निर्धारित की गई है। स्क्रूटनी 30 मार्च को होगी। बिहार के कैंडिडेट अपना नाम 2 अप्रैल तक वापस ले सकेंगे।

मध्य प्रदेश की इन 6 सीटों पर पहले चरण में चुनाव
मध्य प्रदेश की सीधी, शहडोल, जबलपुर, मंडला, बालाघाट और छिंदवाड़ा में 19 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। इन सीटों पर नामांकन प्रक्रिया 20 मार्च से शुरू हो रही है। भाजपा ने अपने कैंडिडेट घोषित कर दिए हैं, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ सीधी, मंडला और छिंदवाड़ा के लिए अपने कैंडिडेट तय किए हैं।

सीधी और मंडला पर टिकट की स्थिति साफ हो गई है। सीधी लोकसभा सीट में भाजपा ने डॉ राजेश मिश्रा को, तो कांग्रेस ने पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल को मैदान में उतारा है। मंडला लोकसभा सीट पर भाजपा ने फग्गन सिंह कुलस्ते, तो कांग्रेस ने ओमकार सिंह मरकाम को मौका दिया है। इसके अलावा छिंदवाड़ा में नकुलनाथ और बंटी साहू का मुकाबला होना है। वहीं, बालाघाट, शहडोल और जबलपुर में कांग्रेस के प्रत्याशियों का ऐलान होना बाकी है। BJP ने शहडोल में हिमाद्री सिंह, बालाघाट में भारती पारधी और जबलपुर में आशीष दुबे को टिकट दिया है।

उत्तर प्रदेश की 8 सीटों पर नामांकन
UP की 8 लोकसभा सीट सहारनपुर, कैराना, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, नगीना, मुरादाबाद, रामपुर, पीलीभीत में वोटिंग होनी है। इसके लिए बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। शुरुआत में निर्दलीय नामांकन कर सकते हैं। कुछ सीटों पर पार्टियों ने अभी प्रत्याशी भी घोषित नहीं किए हैं।

राजस्थान की इन 12 सीटों पर नॉमिनेशन भरे जाएंगे
राजस्थान की श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर, झुंझनू, सीकर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, अलवर, भरतपुर, दौसा, करौली-धौलपुर में नामांकन प्रोसेस शुरू हो रही है। श्रीगंगानगर, जयपुर, जयपुर ग्रामीण, दौसा, करौली-धौलपुर में भाजपा-कांग्रेस, नागौर में कांग्रेस, झुंझुनूं में भाजपा, सीकर में कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित नहीं किए हैं।

बिहार में पहले फेज में 4 लोकसभा सीटों पर चुनाव
इसमें औरंगाबाद, गया, नवादा और जमुई शामिल हैं। इन सीटों पर बुधवार से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है, लेकिन एनडीए और I.N.D.I. गठबंधन ने अब तक अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा नहीं की है।

मध्यप्रदेश की 6 लोकसभा सीट छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, सीधी, शहडोल और बालाघाट ​​​​के लिए नामांकन प्रक्रिया आज से शुरू हो जाएगी। यहां सबसे पहले जिला निर्वाचन और रिटर्निंग अधिकारी चुनाव नामांकन की अधिसूचना जारी करेंगे। इसके बाद नामांकन पत्र खरीदने और जमा करने का काम शुरू हो जाएगा। सीधी से बीजेपी उम्मीदवार डॉ. राजेश मिश्रा बुधवार को नामांकन भरेंगे।

लोकसभा चुनाव 2024 की तारीखों का शनिवार 16 मार्च को ऐलान हो गया। इसी के साथ आचार संहिता भी लागू हो गई। 543 सीटों के लिए चुनाव सात फेज में होगा। पहले फेज की वोटिंग 19 अप्रैल को और आखिरी फेज की वोटिंग 1 जून को होगी। 4 जून को नतीजे आएंगे। आचार संहिता से लेकर नतीजे तक इसमें 80 दिन लगेंगे।

पूजा यादव ( आस्था यादव) बनीं इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली, 12k से भी अधिक फॉलोअर!इंस्टाग्राम में पूजा यादव छूना चाहती हैं और ऊंचाइयां

बिहार: जिला औरंगाबाद की रहने वाली पूजा यादव उम्र 22
जो अपने इंस्टाग्राम वीडियो से देश के हजारों लोगों के दिलों पर राज करती हैं। पूजा यादव का इंस्टाग्राम पर अकाउंट आस्था यादव के नाम से है जिसके कोई भी रील आते ही हिट हो जाता है। वहीं पूजा यादव के फैन्स भी उनके इंस्टाग्राम रिल्स का बेसब्री से इंतजार करते हैं। इसके साथ पूजा सोशल मीडिया क्वीन भी कही जाती हैं, सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता देखते ही बनती है। वे अक्सर अपने नए पोस्ट फैन्स के साथ साझा करती हैं। ऐसे में पूजा यादव ने एक और खुशखबरी को अपने चाहने वालों के साथ शेयर किया है।

पूजा यादव के हुए 12 हजार फॉलोअर्स

 

दरअसल पूजा औरंगाबाद की पहली ऐसी युवती हैं, जिन्हें ज्यादा लोग फॉलो करते हैं। वहीं पूजा यादव ज्यादा फॉलोअर्स के साथ इंस्टाग्राम रील्स इंडस्ट्री की उभरती हुई सेलेब्रिटी बन गई हैं। पूजा 12 हजार फॉलोअर्स के साथ आती हैं, पूजा यादव ने बताया कि वह एक बहुत ही छोटे वह मध्यवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं वह इंस्टाग्राम पर एक नया इतिहास लिखना चाहती हैं और अपने ज्यादा से ज्यादा फॉलोअर्स बढ़ाना चाहती हैं इसके लिए पूजा ने अपने चाहने वालों को कहा है कि वह आस्था यादव के नाम से जो इंस्टाग्राम पर अकाउंट है उसे ज्यादा से ज्यादा लाइक करें सब्सक्राइब करें और पूजा ने एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम अकाउंट आस्था यादव अंडरस्कोर 34 पर शेयर किया है, जिसमें वे रील्स में चाहने वालों को मंत्र मुग्ध कर रही है

ई खबर मीडिया के माध्यम से फैन्स के लिए लिखा प्यार भरा नोट

पूजा यादव ने अपने फैन्स के लिए वीडियो के साथ एक प्यार भरा नोट भी लिखा है। वे लिखती हैं, 12000 फॉलोअर्स का प्यार! मैं खुश नहीं बेहद खुश हूँ। आपने पूजा को जितना प्यार दिया है, उसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। आप हो तो पूजा यादव है! आप सभी का धन्यवाद’ । इसके साथ ही उन्होंने लोगों को भी थैंक यू बोला है। पूजा अपने इन सभी वीडियो को ज्यादा से ज्यादा व्यूज आए इस इंतजार में हैं। वह सभी रील बड़ी मेहनत से बनती हैं पूजा यादव ने मीडिया के माध्यम से अपने चाहने वालों को यह संदेश भी दिया है कि लोग उनकी वीडियो और रील ज्यादा से ज्यादा लाइक शेयर और सब्सक्राइब करें।

 

                                                       

 

ई-खबर मीडिया हरियाणा ब्यूरो, देव शर्मा की रिपोर्ट

आगामी लोकसभा चुनाव के लिए मोहनलालगंज क्षेत्र की सरोजनी नगर विधानसभा के अंतर्गत फिर एक बार मोदी सरकार के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं ने लगाए जोर शोर से नारे और निकली भव्य रैली ।

केंद्र मंत्री कौशल किशोर जी के नेतृत्व में तेलीबाग से सैकड़ों की संख्या में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने निकाली रैली। और लगाए जय भाजपा तय भाजपा के नारे ।

 

 

 

बंथरा सिकंदरपुर के हनुमान मंदिर से जयदीप त्रिवेदी जी , अर्जुन चौधरी जी ,नागेंद्र मिश्रा जी महीप पांडेय जी ,एवं यश मिश्रा जी के नेतृत्व में भव्य स्वागत किया गया साथ में मानिए विधायक जी डॉ राजेश्वर सिंह जी , संकरी सिंह जी , राजेश सिंह चौहान जी , विवेक राजपूत जी रमाशंकर त्रिपाठी जी आदि सैकड़ों साथी यात्रा में समिल्लित रहे । मानिए केंत्र मंत्री कौशल किशोर जी ने अपने फेसबुक हैंडल से किया सभी का आभार प्रकट किया । बंथरा क्षेत्र से संवादाता रजत पांडेय जी की रिपोर्ट ।

  ई खबर मीडिया रजत पांडेय जी की रिपोर्ट ।

ये सबूत बने एल्विश के गले की फांस: नोएडा पुलिस ने बड़ी खामोशी से बिछाया जाल, और फंसता चला गया ‘राव साहब’

बहुचर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव पुलिस की नोटिस पर रविवार को नोएडा आया था। उसे यह अहसास नहीं था कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। इस कारण वह केवल दो लोगों के साथ आया। पिछले बार की तरह इस बार उसके साथ वकीलों की फौज नहीं थी।

क्या था पूरा मामला जिसके कारण बहुचर्चित एल्विश यादव को किया गया गिरफ़्तार

 रेव पार्टी में सांपों के जहर सप्लाई करने के मामले में घिरे यूट्यूबर एल्विश यादव पर सांपों के साथ का वायरल वीडियो भारी पड़ गया। इसके साथ ही सपेरों से जुड़े कई लोगों के साथ ऑडियो व सपेरों से बरामद विष की एफएसएल रिपोर्ट एल्विश की गिरफ्तारी और जेल जाने का कारण बन गया। ऑडियो, वीडियो व एफएसएल रिपोर्ट जब पुलिस ने कोर्ट में रखा तब कोर्ट ने एल्विश को न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

बहुचर्चित यूट्यूबर एल्विश यादव पुलिस की नोटिस पर रविवार को नोएडा आया था। उसे यह अहसास नहीं था कि पुलिस उसे गिरफ्तार कर सकती है। इस कारण वह केवल दो लोगों के साथ आया। पिछले बार की तरह इस बार उसके साथ वकीलों की फौज नहीं थी। एल्विश रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे सेक्टर-73 स्थित फार्म हाउस पहुंचा। इसके बाद पुलिस की एक टीम उससे पूछताछ करने वहां गई। पुलिस की टीम उससे पूछताछ करने के लिए अपने साथ सेक्टर-29 पुलिस चौकी ले गई और वहां पूछताछ के बाद उसे हिरासत में ले लिया गया। जब पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और मेडिकल कराने जिला अस्पताल पहुंची तब भी उसके चेहरे पर कोई डर का भाव नहीं था। नोएडा पुलिस ने इस पूरे ऑपरेशन को अंजाम बहुत ही चुपचाप किया। पुलिस को यह आशंका थी कि अगर एल्विश की गिरफ्तारी जल्दी फैल गई तो उसके फॉलोवर्स आकर हंगामा कर सकते हैं। इस कारण पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे ऑपरेशन को गोपनीय रखा। जब पुलिस की टीम एल्विश यादव को लेकर सूरजपुर कोर्ट पहुंची और वहां अपना पक्ष रखा तो एल्विश के वकील का तर्क काम नहीं आया। पुलिस सभी साक्ष्यों, एफएसएल रिपोर्ट को कोर्ट के सामने रखकर अपील की थी कि एल्विश यादव का बाहर रहना वन्य जीव के लिए खतरनाक है। बाहर रहकर यह साक्ष्यों के साथ खिलवाड़ भी कर सकता है।

रविवार को जब पुलिस टीम सेक्टर-29 पुलिस चौकी पर पूछताछ कर रही थी तब सबसे पहला सवाल यही था कि आपका सांपों के विष, रेव पार्टी में विष सप्लाई करने और सपेरों के साथ क्या संबंध है। इस पर एल्विश यादव ने छूटते ही कहा कि मुझे इस बारे में कुछ नहीं बोलना है। इसके बाद इससे संबंधित कई सवाल पूछे गए लेकिन एल्विश की तरफ से एक ही जबाव मिला।

पुलिस ने 150 से अधिक सवाल पूछे

नोएडा पुलिस की टीम ने एल्विश यादव से 150 से अधिक सवाल पूछे। इसमें अधिकतर जबाव में कुछ नहीं बोला तो कुछ के जबाव हां या ना में दिया। पुलिस ने पीएफए केस से जुड़े चार सपेरों व उसके साथी राहुल यादव से संबंध में सवाल किए। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए सांपों के साथ कई वीडियो को लेकर भी

आचार संहिता से बड़े प्रोजेक्ट पर असर:भोपाल के GG फ्लाईओवर-सर्वधर्म ब्रिज का लोकार्पण चुनाव बाद; मेट्रो का कमर्शियल रन आगे बढ़ेगा

लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से भोपाल में इंफ्रास्ट्रक्चर के बड़े प्रोजेक्ट पर असर पड़ेगा। जो प्रोजेक्ट अंतिम दौर में हैं, उनका लोकार्पण चुनाव के बाद ही होगा। इनमें GG (गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक) फ्लाई ओवर, सर्वधर्म ब्रिज शामिल हैं। वहीं, मेट्रो का कमर्शियल रन भी एक-दो महीने आगे बढ़ सकता है। अब तक इसकी डेटलाइन मई-जून थी, लेकिन इस अवधि में वोटिंग-काउंटिंग होगी।

राजधानी में अभी बड़े प्रोजेक्ट- मेट्रो, कोलार सिक्सलेन, जीजी

चुनाव आयोग ने लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश समेत पूरे देश में आचार संहिता लागू हो गई है।

जो योजनाएं पहले से चल रही हैं, उन पर तो इसका असर नहीं होगा, लेकिन वायु सेवा अटक जाएगी।

लोकसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा होते ही पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। पहले से चल रही योजनाओं का काम तो चलता रहेगा, लेकिन जो नई योजनाएं घोषित हुई थीं, उनका काम अटक सकता है। खास तौर पर पीएम श्री धार्मिक हेली सेवा और पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा फिलहाल उड़ान नहीं भर सकेंगी। इसी तरह भोपाल के जीजी फ्लाईओवर का औपचारिक उद्घाटन भी अब लोकसभा चुनावों के नतीजे आने के बाद ही हो सकेगा।

आदर्श आचार संहिता लागू होते ही सरकारी कामकाज थम-सा जाता है। आचार संहिता का असर पीएम श्री पर्यटन वायु सेवा और पीएम श्री धार्मिक हेली सेवा पर सीधे-सीधे पड़ेगा। इसका शुभारंभ हो चुका है लेकिन नियमित सेवा शुरू होने के लिए इंतजार करना पड़ सकता है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि इन दोनों ही सेवाओं के संचालन के लिए निजी एजेंसी ने कई रुट को लेकर अनुमतियां नहीं ली हैं। इसके लिए विभाग ने एजेंसी को दो माह का वक्त दिया है। यदि तय समय में एजेंसी को अनुमति मिल भी जाती है तो निर्वाचन आयोग की अनुमति से ही यह सेवा शुरू हो सकेगी। ऐसे में माना जा रहा है कि फिलहाल लोकसभा चुनावों के नतीजों तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

जीजी फ्लाईआवर पर नहीं दौड़ पाएंगे वाहन 
भोपाल के जीजी फ्लाईओवर (गायत्री मंदिर से गणेश मंदिर तक) भी बनकर तैयार है। लोक निर्माण विभाग की योजना अप्रैल 2024 में इसका शुभारंभ करने की थी। इसका काम भी करीब-करीब पूरा हो गया है। अप्रैल के पहले हफ्ते में ट्रायल के लिए एक सप्ताह तक वाहनों के लिए फ्लाईओवर को खोला जाना है।  ऐसे में औपचारिक लोकार्पण में जरूर वक्त लग सकता है।

इन सुविधाओं के लिए भी करना होगा इंतजार
सरकार ने प्रदेश के सभी जिला अस्पताल में नि:शुल्क शव वाहन रखने का निर्णय लिया है। प्रशासकीय स्वीकृति विभाग से जारी हो गई है। इसके बाद भी योजना के लिए टेंडर जारी नहीं हुए हैं। ऐसे में सरकार के अस्पतालों में नि:शुल्क शव वाहन उपलब्ध होने में भी समय लगेगा।

आदर्श आचार संहिता में क्या होगा क्या नहीं?
आदर्श आचार संहिता निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न होने तक लागू रहेगी। चुनावों की तारीखों की घोषणा के साथ ही आचार संहिता प्रभावी हो चुकी है। वोटों की गिनती के बाद ही अब यह हटेगी। इस दौरान आचार संहिता का पालन अनिवार्य है। उल्लंघन करने पर राजनेता या राजनीतिक दल के खिलाफ निर्वाचन आयोग कार्रवाई कर सकता है।

ये काम नहीं हो सकेंगे-
– सार्वजनिक धन का उपयोग किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता को फायदा पहुंचाने वाले काम में नहीं किया जा सकेगा।
– सरकारी गाड़ी, सरकारी विमान या सरकारी बंगले का इस्तेमाल चुनाव प्रचार के लिए नहीं किया जाएगा।
– किसी तरह की सरकारी घोषणा, लोकार्पण और शिलान्यास नहीं होगा।
– किसी भी राजनीतिक दल, प्रत्याशी राजनेता या समर्थकों को रैली करने से पहहले अनुमति लेना होगी।
– चुनावी रैली में धर्म या जाति के नाम पर वोट नहीं मांग सकेंगे।
– अधिकारियों/कर्मचारियों के स्थानांतरण या तैनाती पर प्रतिबंध होगा। आवश्यक होने पर सरकार को आयोग से अनुमति लेना होगी।
– चुनाव के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सरकारी खर्चे पर पार्टी की उपलब्धियों के संबंध में विज्ञापन और सरकारी जन-संपर्क प्रतिबंध है।
– केंद्र में सत्ताधारी पार्टी/राज्य सरकार की उपब्धियों को प्रदर्शित करने वाले होर्डिंग या विज्ञापनों को सरकार खर्चे पर जारी नहीं रखा जाएगा।

लिंग्याज विद्यापीठ के स्कूल ऑफ ह्यूमेनिटीस एंड सोशल साइंसेस द्वारा आयोजित सेमिनार पर 120 से अधिक पंजीकरण

 

फरीदाबाद, 18 मार्च: लिंग्याज विद्यापीठ के स्कूल ऑफ ह्यूमेनिटीज एंड सोशल साइंसेस ने नेविगेटिंग चेंज: सोसाइटी, टेक्नोलॉजी एंड ह्यूमन वेलबीइंग विषय पर आईसीएसएसआर की प्रायोजित दो-दिवसीय बहुविषयक राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 120 पंजीकरण हुए।

विभागाध्यक्ष आनंद प्रकाश पाठक ने बताया कि इस अवसर पर प्रमुख अतिथि के रूप में प्रो. (डॉ.) नगेंद्र कुमार, आईआईटी रुड़की के इंग्लिश प्रोफेसर, प्रो. (डॉ.) दिव्यज्योति सिंह, जे.सी. बोस विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के अनुभागीय, साहित्य और भाषाओं के विभाग, और डॉ. अनुराग कुमार पांडेय, श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के भाषाओं और साहित्य के हेड, मुख्य अतिथि रहे।

सेमिनार में विभिन्न उप-विषयों पर चर्चाएँ हुईं और प्रतिभागियों ने अपने शोध विचार प्रस्तुत किए जो वर्तमान युग में डिजिटल साक्षरता और सामाजिक परिवर्तन की भूमिका, प्रौद्योगिकी के रूप में संचार और सामाजिक अंतरवार्ताओं को आकार देने में, भाषा उपयोग, अभिव्यक्ति और पहचान पर डिजिटल मीडिया के प्रभाव, और कैसे डिजिटल साक्षरता को समावेशीता और सामाजिक शक्ति के लिए बढ़ावा दिया जा सकता है के बारे में थे।

इस अवसर पर व्यापार, समाज, और नेतृत्व के प्रबंधन के विषयों पर भी चर्चाएँ हुईं और वैज्ञानिक प्रगतियों का उल्लेख हुआ जो समाजिक चुनौतियों का सामना करने में किसी भी भूमिका निभा सकते हैं और विभिन्न अन्तर्विज्ञानी दृष्टिकोणों को अपनाकर पर्यावरण समस्याओं का सामना करने और पर्यावरण स्थायित्व को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। इस कार्यक्रम के आयोजन में डॉ. जुड़िथ सिंह, डॉ. स्वाति शर्मा, मोनिका, अकांक्षा, स्नेहा और हर्षिता का सहयोग सराहनीय रहा।

 

 

 

 

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट