Monday, March 16, 2026
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पुलिस का दावा- सलमान की सुपारी दी गई थी:₹25 लाख में डील हुई, पाकिस्तान से AK-47 आनी थी, चार्जशीट में 5 आरोपियों के नाम

एक्टर सलमान खान के घर हुई फायरिंग की जांच कर रही नवी मुंबई पुलिस ने नया खुलासा किया है। पुलिस का कहना है कि लॉरेंस गैंग ने सलमान को मारने के लिए 25 लाख रुपए की सुपारी दी थी।

पुलिस ने अब इस मामले में गिरफ्तार किए गए लॉरेंस गैंग के 5 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

ये आरोपी सलमान पर हमला करने के लिए पाकिस्तान से एके-47 राइफल, एके-92 राइफल और एम-16 राइफल खरीदने की तैयारी कर रहे थे। इसके अलावा इन्होंने जिगाना पिस्तौल भी मंगवाने की कोशिश की, जिससे पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की गई थी।

सलमान खान इन दिनों टाइट सिक्योरिटी के बीच मुंबई के फिल्म सिटी में अपनी अगली फिल्म 'सिकंदर' की शूटिंग कर रहे हैं।
सलमान खान इन दिनों टाइट सिक्योरिटी के बीच मुंबई के फिल्म सिटी में अपनी अगली फिल्म ‘सिकंदर’ की शूटिंग कर रहे हैं।

24 अप्रैल को गिरफ्तार किए गए थे 4 आरोपी
14 अप्रैल को सलमान के घर गैलेक्सी अपार्टमेंट पर फायरिंग हुई थी। नवी मुंबई पुलिस ने 24 अप्रैल को लॉरेंस गैंग के चार लोगों को गिरफ्तार किया था, जो पनवेल में सलमान की कार पर अटैक करने की प्लानिंग कर रहे थे।

इन आरोपियों की पहचान धनंजय उर्फ अजय कश्यप, गौरव भाटिया उर्फ न्हाई, वासपी खान उर्फ ​​वसीम चिकना और जीशान खान उर्फ जावेद खान के तौर पर हुई थी। मामले में पांचवें आरोपी को पुलिस ने 3 जून को हरियाणा से पकड़ा था।

पुलिस ने इस मामले में लॉरेंस, उसके भाई अनमोल, गोल्डी बराड़ समेत कुल 18 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है।

पुलिस ने बीते 1 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले का खुलासा किया था।
पुलिस ने बीते 1 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके इस मामले का खुलासा किया था।

पुलिस ने लॉरेंस के सोशल मीडिया ग्रुप से जुड़कर निकाली थी जानकारी
इस मामले पर 1 जून को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए पनवेल जोन 2 के DCP विवेक पनसारे ने कहा था- सलमान खान की हत्या की प्लानिंग को लेकर हमें कुछ इन्फॉर्मेशन मिली था। काफी जानकारी निकालने के बाद हम लॉरेंस से जुड़े हुए सोशल मीडिया ग्रुप में एड हुए और ग्रुप में जुड़ने के बाद वहां से जानकारी इक्टठा करते गए।

फिर 24 अप्रैल को हमने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। बेंगलुरु से चिकना शूटर को गिरफ्तार किया। मामले में अभी भी 10-12 आरोपियों की तलाश जारी है।

इन्होंने एक्टर के फार्म हाउस और कई शूटिंग स्पॉट्स समेत गोरेगांव फिल्म सिटी की भी रेकी की थी। पुलिस को इनके मोबाइल से ऐसे कई विडियोज भी बरामद हुए हैं। कई फोन और सिमकार्ड भी बरामद किए गए हैं।

सरकार ने GST का डेटा रिलीज करना बंद किया:हर महीने की पहली तारीख को रिलीज होता था, जून में ₹1.74 लाख करोड़ जुटाए

केंद्र सरकार ने GST का डेटा रिलीज करना बंद कर दिया है। GST लागू होने के बाद सरकार हर महीने की पहली तारीख को इसका डेटा जारी करती थी। 74 महीने से ऐसा किया जा रहा था। केंद्र की ओर से मासिक डेटा जारी करना बंद करने का कोई कारण नहीं बताया गया है।

सरकार ने 1 जुलाई 2017 को देशभर में GST लागू किया था। इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों के 17 करों और 13 उपकरों को हटा दिया गया था। GST के 7 साल पूरे होने पर वित्त मंत्रालय ने पिछले सात वर्षों के दौरान हासिल की गई उपलब्धियों को लेकर पोस्ट किया।

जून महीने में सरकार ने GST से ₹1.74 लाख करोड़ जुटाए
सरकार ने जून महीने का GST कलेक्शन का डेटा जारी नहीं किया है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्टों में आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जून में GST संग्रह ₹1.74 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले वित्त वर्ष के जून की तुलना में लगभग 8% ज्यादा है।

पिछले साल जून में सरकार ने GST से 1.61 लाख करोड़ रुपए GST से जुटाए थे। वहीं अगर मई 2024 के कलेक्शन को देखें तो सरकार ने तब GST से 1.73 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। यानी, मई और जून का कलेक्शन लगभग बराबर रहा है।

सरकार ने 7 साल की उपलब्धियों में 3 बातें कहीं:

  • अनपैक्ड गेहूं, चावल, दही और लस्सी जैसे खाद्य पदार्थों पर GST लागू होने से पहले 2.5%-4% की दर से टैक्स लगता था। GST के बाद इस पर टैक्स शून्य हो गया। कॉस्मेटिक, कलाई घड़ियां, सेनेटरी, प्लास्टिक के बर्तन, दरवाजे और खिड़कियां, फर्नीचर और गद्दे जैसे घरेलू सामानों पर 18% GST लगता है। पहले इस पर 28% टैक्स लगता था।
  • मंत्रालय ने कहा कि मोबाइल फोन, 32 इंच तक के टीवी, रेफ्रिजरेटर, वाशिंग मशीन, बिजली के उपकरण (एयर कंडीशनर के अलावा), गीजर और पंखे पर GST के लागू होने से पहले 31.3% की दर से टैक्स लगता था। अब 18% की दर से टैक्स लगाया जाता है।
  • छोटे करदाताओं के लिए अनुपालन बोझ कम कर दिया गया है। GST परिषद ने वित्त वर्ष 2023-24 में ₹2 करोड़ तक के कुल वार्षिक कारोबार वाले टैक्सपेयर्स के लिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की आवश्यकता को खत्म करने की सिफारिश की है।

इकोनॉमी की हेल्थ दिखाता है GST कलेक्शन
GST कलेक्शन इकोनॉमी की ओवरऑल हेल्थ का एक संकेतक है। अप्रैल महीने के GST कलेक्शन के आंकड़ों पर KPMG के नेशनल हेड अभिषेक जैन ने कहा कि अब तक का हाईएस्ट GST कलेक्शन मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था को दर्शाता है।

2017 में लागू हुआ था GST
GST एक इनडायरेक्ट टैक्स है। इसे वैराइटी ऑफ प्रीवियस इनडायरेक्ट टैक्स (VAT), सर्विस टैक्स, परचेज टैक्स, एक्साइज ड्यूटी और कई इनडायरेक्ट टैक्स को रिप्लेस करने के लिए 2017 में लागू किया गया था। GST में 5, 12, 18 और 28% के चार स्लैब हैं।

सरकार ने मई 2024 में गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स, यानी GST से 1.73 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं। ये अब तक का किसी भी महीने जुटाया गया चौथा और वित्त वर्ष 2024-25 का दूसरा हाईएस्ट GST कलेक्शन है। इससे पहले सरकार ने अप्रैल 2024 में GST से सबसे ज्यादा 2.10 लाख करोड़ रुपए जुटाए थे। सालाना आधार पर ग्रॉस GST कलेक्शन में 10% की बढ़ोतरी हुई है।

बहुसंख्यक आबादी हो जाएगी अल्पसंख्यक; धर्मांतरण पर इलाहाबाद हाई कोर्ट की सख्त टिप्पणी

अलीगढ़/इलाहाबाद हाईकोर्ट की धर्मांतरण पर सबसे बड़ी खबर, जहां इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कहा कि गरीब लोगों का धर्मांतरण कराया जा रहा है, बहुसंख्यक आबादी, अल्पसंख्यक हो जाएंगे, संविधान धर्म परिवर्तन की अनुमति नहीं देता है, इलाहाबाद हाईकोर्ट की धर्मांतरण पर गम्भीर टिप्पणी आई है। धार्मिक सभाओं में धर्मांतरण पर तत्काल रोक लगाई जानी चाहिए।

ई खबर मीडिया के लिए अलीगढ़ से नितिन अरोड़ा की रिपोर्ट

भोजपुर में ट्रक दुर्घटना में दो लड़कों की मौत, पुलिस पर लापरवाही का आरोप

जिला भोजपुर : पिरौ थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना 05/06/2023 को घटी जब एक ट्रक वाहन ने पीछे से टक्कर मार दी, जिसमें दो लड़कों की जान चली गई। मृतकों में छोटू कुमार (उम्र 17 वर्ष) और श्यामदेव पासवान (उम्र 26 वर्ष) शामिल थे।

घटना के अनुसार, ट्रक की टक्कर से छोटू कुमार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि श्यामदेव पासवान ने अंतिम सांस लेने के दौरान समय पर अस्पताल न पहुंच पाने के कारण दम तोड़ दिया। मृतकों के परिवार के सदस्य, राजेंद्र पासवान ने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय पर श्यामदेव को अस्पताल पहुंचा देती, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने श्यामदेव को एंबुलेंस की बजाय टेंपो में अस्पताल भेजा, जिससे उन्हें समय पर चिकित्सा सहायता नहीं मिल सकी।

राजेंद्र पासवान ने यह भी दावा किया कि पुलिस ने नजदीकी अस्पताल के बजाय दूर के अस्पताल ले जाने का फैसला किया, जिसके कारण श्यामदेव पासवान की मौत हो गई।

राजेंद्र पासवान ने इस मामले में पुलिस से शिकायत दर्ज करवाई है और कार्रवाई की मांग की है, परंतु अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। दुर्घटना स्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो गई थी। राजेंद्र पासवान ने कुछ दिनों बाद सीसीटीवी फुटेज की जांच करवाई और फुटेज में दो नंबर दिखे जिन्हें उन्होंने साइबर पुलिस थाने में शिकायत के साथ दर्ज किया। हालांकि, साइबर पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है
राजेंद्र पासवान ने बताया कि घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे और फुटेज में ट्रक के दो नंबर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं – 9399 292917 और 9931 610841। इन नंबरों की सहायता से गुनहगार को पकड़ा जा सकता है, परंतु पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है।

राजेंद्र पासवान ने बताया कि पुलिस को इन नंबरों और सीसीटीवी फुटेज की जानकारी दी गई है, लेकिन इसके बावजूद भी पुलिस की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि पुलिस समय पर श्यामदेव पासवान को अस्पताल पहुंचा देती और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर तुरंत कार्रवाई करती, तो शायद श्यामदेव की जान बचाई जा सकती थी।

राजेंद्र पासवान और उनके परिवार ने न्याय की गुहार लगाई है और पुलिस से इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण गुनहगार अभी भी आज़ाद घूम रहे हैं और उनके परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है। पुलिस से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। परिवार के सदस्यों और स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से इस मामले में तत्परता दिखाने और दोषियों को पकड़ने की मांग की है।

मोहर्रम पीस कमेटी बबीना थाना झांसी उत्तर प्रदेश

आज दिनांक 30.06.2024 को बबीना थाने में पीस कमेटी मोहर्रम को लेकर चर्चा हुई जिसमें बबीना SO अरुण कुमार तिवारी SI सर्वेश सिंह SI कुलदीप पवार , पत्रकार मोहित साहू ,मनोज साहू ठेकेदार ,ललित साहू , बबीना जमा मस्जिद सदर साहब युसूफ राइन, शौकत पहलवान ,

पत्रकार शाहिद मंसूरी ,बंटी कुरैशी, इमरान कुरेशी ,फैजान कुरैशी ,पत्रकार हनीफ , हाजी सलीम लाइन , बबीना प्रधान दीनदयाल पहलवान, सोनू सिकरवार ,पत्रकार मनीष साहू आदि उपस्थित रहे

ई खबर मीडिया के लिए झांसी से मोहित साहू की रिपोर्ट

छत निर्माण में दबंगई: दीवार गिराने से परेशान पानमती ने लगाई न्याय की गुहार

उत्तरप्रदेश: गोरखपुर जिले के ग्राम बरपरवां बाबू, पोस्ट-ब्रम्हसरी, थाना-बेलघाट, तहसील-खजनी की निवासी पानमती पत्नी स्वर्गीय गिरजा, ने अपने छत निर्माण के प्रयासों में हो रही बाधाओं को लेकर न्याय की गुहार लगाई है। पानमती का आरोप है कि उनके पटिदार जैकी, रंजीत पुत्र राजेन्द्रराम, हेमलता पत्नी रंजीत और मनीषा पत्नी जैकी बार-बार उनकी दीवार को गिरा रहे हैं, जिससे उन्हें छत निर्माण में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पानमती का कहना है कि वह पिछले 100 वर्षों से अपने पैतृक भूमि, गाटा संख्या-234 (वर्तमान में गाटा संख्या-422) पर निवास कर रही हैं। उनका पुराना दो कमरा मकान पहले से तैयार है, जिस पर केवल छत लगाना बाकी है। पानमती के पटिदारों ने अपने हिस्से पर मकान बना लिया है, लेकिन पानमती को उनके हिस्से पर छत नहीं लगाने दे रहे हैं, जिससे बरसात के मौसम में उन्हें और उनके परिवार को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पानमती ने उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायत पत्र भेजे, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पानमती की पुत्री बबीता ने भी बताया कि उनके अपने हिस्से की जमीन पर मकान नहीं बनने दिया जा रहा है और दबंग किस्म के लोग बार-बार दीवार गिरा रहे हैं।

पुलिस अधीक्षक को दिया गया शिकायत पत्र

मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय गोरखनाथ मंदिर गोरखपुर में दिया शिकायत पत्र

उत्तरप्रदेश : गोरखपुर जनपद के बेलघाट थाना क्षेत्र की निवासी बबिता ने अपने माता पानमती के नाम पर दर्ज जमीन पर कब्जा और हिंसा के आरोप में शिकायत दर्ज कराई है।

बबिता ने बताया कि उनके गाँव के कुछ लोगों ने उनकी माता की जमीन पर लगे सिरीस के पेड़ों को काट डाला और जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया। जब पानमती और बबिता की बहन सुनीता ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उन्हें भद्दी गालियाँ देते हुए मारपीट की।

बबिता ने आरोप लगाया कि जब वे थाना-बेलघाट शिकायत दर्ज कराने गईं, तो दरोगा अभिषेक कुमार यादव और सिपाही बाल्मिकी ने उन्हें डाँटकर भगा दिया और उनकी शिकायत नहीं सुनी।

बबिता ने पुलिस अधीक्षक महोदय से निवेदन किया है कि उपरोक्त लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर न्याय दिलाया जाए।

मुख्यमंत्री को दिया गया शिकायत पत्र

पानमती ने मुख्यमंत्री महोदय को पत्र लिखकर अपनी पैतृक भूमि पर छत निर्माण में हो रही कठिनाइयों की जानकारी दी है।

पानमती ने बताया कि उनके पटिदारों ने मिलकर उनकी दीवार को गिरा दिया और छत लगाने से रोक दिया। उन्होंने यह भी बताया कि वे अपनी पुरानी जमीन पर मकान बना चुकी हैं, लेकिन छत लगाना बाकी है। बरसात के मौसम में उन्हें काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

पानमती ने मुख्यमंत्री महोदय से निवेदन किया है कि उन्हें छत निर्माण कार्य करवाने में सहयोग प्रदान किया जाए और उपरोक्त लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

प्रार्थिनी ने अपने पत्र में कहा है कि वे न्याय के लिए उच्च अधिकारियों से मदद की उम्मीद कर रही हैं। परंतु उच्च अधिकारी भी कार्यवाही के नाम पर लीपा पोती में लगे है।

मीडिया के माध्यम से पानमती ने सरकार से मदद की अपील की है। उन्होंने सरकार से छत निर्माण कार्य में सहयोग करने और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की कृपा करने का अनुरोध किया है। पानमती और उनके परिवार ने अपने लिए सुरक्षा और न्याय की मांग की है ताकि वे अपने घर की छत बिना किसी बाधा के बना सकें।

ई खबर मीडिया के लिए हरियाणा ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

नए कानून, पुराने रखवाले: क्या भ्रष्टाचार पर लगेगी लगाम?

मध्य प्रदेश जिला शहडोल 1 जुलाई से भारत में नए कानून लागू होने जा रहे हैं। लेकिन सवाल उठता है कि क्या ये नए कानून जनता को न्याय दिलाने में सक्षम होंगे? कानून बदल सकते हैं, लेकिन उन्हें लागू करने वाले अधिकारी वही पुराने और भ्रष्ट लोग ही रहेंगे। इन अधिकारियों के रहते, कानून का सही इस्तेमाल हो पाएगा या नहीं, यह एक बड़ी चिंता का विषय है। लोकसभा और राज्यसभा के सांसद भी इस पर नजर नहीं रखते कि कानून का सही इस्तेमाल हो रहा है या नहीं।

कानून रखवाले के.नुमाइन्दे नए कब आएंगे. आम जनता पब्लिक इन लोगों के पास. ही जाती है

25 साल पुरानी गोरखनाथ ड्राइवर की घटना:

शहडोल जिले के पेपरमिल ओपीएम अमलाई से एक ट्रक बनारस के लिए रवाना हुआ। ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक ने पेपर दूसरी जगह खाली करवा दिया और ड्राइवर गोरखनाथ को फंसाने की साजिश रची। पुलिस ने ड्राइवर को गिरफ्तार कर उसे प्रताड़ित किया, जिससे उसकी लॉकअप में मृत्यु हो गई। बाद में, उच्चतम न्यायालय ने दोषी अधिकारियों को सजा सुनाई।

श्रीराम हेल्थ केयर सेंटर की अनियमितताएँ:

शहडोल के श्रीराम हेल्थ केयर सेंटर में डायलिसिस के दौरान कई महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है। शिकायत के बावजूद, जिला प्रशासन ने झूठी रिपोर्ट बनाकर मामले को दबाने की कोशिश की।

नए कानूनों का प्रभाव:

नए कानूनों के लागू होने से जनता को न्याय मिलना मुश्किल है। भ्रष्ट अधिकारियों के रहते, न्याय प्रणाली में सुधार की उम्मीद करना कठिन है। पिछले अनुभवों से साबित होता है कि अधिकारियों का पक्षपातपूर्ण रवैया और भ्रष्टाचार आम जनता के लिए बड़ा संकट है।

दिल्ली बेबी केयर सेंटर हादसा: प्रशासन की तत्परता सराहनीय

नई दिल्ली बेबी केयर सेंटर हॉस्पिटल में आग लगने से 9 बच्चों की मृत्यु हो गई। दिल्ली पुलिस प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई करते हुए हॉस्पिटल के मालिक को गिरफ्तार किया। श्रीमान महोदय, मैं उन अधिकारियों को अपनी तरफ से इनाम स्वरूप एक राशि भेंट करना चाहता हूं।

राजेश कुमार विशनदासानी, शहडोल म.प्र.

शिकायत पत्र के अनुसार पूरा मामला:

लोकसभा संसद राज्यसभा संसद में जो नये कानून पास हुये है 01 जुलाई से भारत वर्ष में नये कानून लागू हो रहे है कानून तो नया आ जायेगा कानून के रखवाले तो नये नही रहेगें वे भ्रष्ट लोग ही रहेगें, कानून का सही इस्तेमाल हो रहा है कि दुरूपयोग हो रहा है न कोई लोकसभा का संसद और न राज्यसभा का संसद ये लोग तो नही देखते है कि कानून का सही इस्तेमाल हो रहा है कि दुरूपयोग हो रहा है, 25 साल पहले की घटना है पेपरमिल ओपीएम अमलाई जिला शहडोल उस पेपर मिल से पेपर का ट्रक लोड हुआ बनारस के लिये जहां पेपर खाली होना रहा ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक दूसरी जगह पेपर खाली करवा दिया जिस जगह पेपर खाली होना था वहां पेपर नही पहुंचा कई दिनो के बाद ट्रक ड्राइवर गोरखनाथ को पकडा गया ड्राइवर ने अपना बयान दिया कि जहां ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक ने बोला उसी स्थान पर मै खाली किया ट्रांसपोर्ट मालिक ने अपने ड्राइवर गोरखनाथ को पुलिस थाने शहडोल में बंद करवाकर पेपर बेचने की झूठी एफ.आई.आर. लिखवाया, थाना प्रभारी ने उस ड्राइवर को बहुत टार्चर किया थर्ड डिग्री का उपयोग किया लाकप के अंदर बहुत मारे पीटे फिर उस ड्राइवर की मृत्यु हो गई लॉकप के अंदर, फिर पूरा पुलिस थाना का स्टाफ थाना प्रभारी राजन टी.आई. और बाकी पुलिस स्टाफ शेर अली, शंखधर द्विवेदी यही पुलिस स्टाफ उस समय डियूटी पर रहे तभी ड्राइवर की मृत्यु हुई, पुलिस थाना स्टाफ ने ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक को बताया कि ड्राइवर की मृत्यु हो गई है फिर ट्रक ट्रांसपोर्ट मालिक बहुत पावरफुल रहा फिर वह बडे अधिकारियो से जाकर मिला उस समय पुलिस अधीक्षक बाई. के. एस. ठाकुर शहडोल के एस.पी. रहे जिलाध्यक्ष टी. धर्माराव रहे फिर उस ड्राइवर की डेड बॉडी मुख्य चिकित्सालय हास्पिटल में एडमिट करवाई गई उस डेड बॉडी का इलाज शुरू हो गया और मेडिसीन दवाई देना शुरू कर दी और बाटल लगाकर उसके बाडी में सलाइन चढाई गई शहडोल पुलिस प्रशासन ने यह साबित करना चाहती रही कि इनकी हास्पिटल में मृत्यु हुई है फिर उनके परिजनों को सूचना दी गई कि आपके पिता गोरखनाथ ड्राइवर की मृत्यु हो गई है, फिर ड्राइवर का बालक आया बालक ने पूछा कि हमारे पिता जी की कैसे मृत्यु हुई है पुलिस प्रशासन ने बताया कि पेपर बेचने के इल्जाम में इनको गिरफ्तार किया पुलिस लाकप में तुम्हारे पिता जी की तबियत खराब हो गई फिर स्वास्थ्य चिकित्सालय हास्पिटल में एडमिट करवाया वही दो दिन के बाद मृत्यु हो गई फिर बालक ने बोला कि हमारे पिता जी का पोस्ट मार्डम करवाया जाये पुलिस प्रशासन ने बोला कि हमने पोस्ट मार्डम पहले ही करवा लिये है उस बालक को पोस्ट मार्डम की रिपोर्ट भी दिखाये बालक ने बोला कि हमारे सामने दोबारा पोस्ट मार्डम होना चाहिये पुलिस प्रशासन ने बोला कि दोबारा पोस्ट मार्डम नही होगा फिर वह बालक शहडोल जिला प्रशासन अधिकारियों से जाकर मिला उस बालक के साथ कोई अधिकारी हमदर्दी नही दिखाया और उसके साथ कोई न्याय नही हुआ फिर बालक ने अपने पिता जी की डेड बॉडी लेने से इंकार कर दिया कुछ दिन के बाद उस डेड बॉडी को पुलिस प्रशासन ने अंतिम संस्कार कर दिया वह बालक ने शहडोल पुलिस प्रशासन के खिलाफ अपने पिता जी के न्याय हक के लिये लड़ाई लड़ना शुरू किया न्यायालय के शरण में गया फिर माननीय उच्च न्यायलय यू.पी. गया फिर माननीय उच्चतम न्यायालय तक गया वहां से उसको न्याय मिला फिर टी.आई. राजन सिंह, एस.आई. शंखधर द्विवेदी, कास्टेबिल शेर अली इन लोगो को माननीय उच्चतम न्यायलय ने दोषी करार दिया फिर इन तीनो लोगो को सजा सुनाई गई 2021 मई को, नया कानून लागू हो जायेगा तो जनता पब्लिक आम आदमी को न्याय थोडी मिलना है उनके साथ अन्याय ही होना है अधिकारी अफसर लोग आम जनता की बात नही सुनते है आरोपी की बात ज्यादा सुनते है और उनकी बात पर विश्वास करते है फरियादी सबूत भी पेश करेगा और गवाह भी पेश करेगा उनकी बात नही मानेगें और विश्वास नही करेगें, एक प्राइवेट हास्पिटल श्रीराम हेल्थ केयर सेन्टर शहडोल म०प्र० उस हास्पिटल में हमेशा मौते होती है कई डिलेवरी केश और डायलिसिस के कारण कई महिलाओ की मौते हो चुकी है उस हास्पिटल में, डायलिसिस गणेश कुशवाहा करता रहा उसके पास न कोई डिग्री रही और न कोई ज्ञान भी नही रहा डायलिसिस करने का फरियादी ने उस हास्पिटल के खिलाफ शिकायत किया जिला प्रशासन को फिर उसके बाद स्वास्थ्य चिकित्सालय शहडोल के डॉक्टर अधिकारी लोग उस श्रीराम हास्पिटल की जांच किये झूठी रिपोर्ट बनाये स्वास्थ्य चिकित्सालय सी.एम.ओ. एम.एस. सागर ने अपने स्टाफ, टेक्निशियन गोपीलाल की डिग्री लगाकर झूठी रिपोर्ट बनाकर जिलाध्यक्ष कलेक्टर और संभाग आयुक्त कमिश्नर को पेश किया शिकातयकर्ता फरियादी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन को जाकर आवेदन दिया कि स्वास्थ्य चिकित्सालय सी.एम.ओ. एम.एस. सागर ने झूठी रिपोर्ट बनाया है शिकायतकर्ता ने गोपीलाल की वीडियो भी दिखाया है अधिकारियों को कि गोपीलाल अपने मुंह से खुद चार बार बोल रहा है कि मै श्रीराम हेल्थ केयर सेन्टर हास्पिटल में 2021 फरवरी से काम करना शुरू किया हूं, फरियादी ने पुलिस प्रशासन को कई बार बोला कि हमारी मोबाइल कॉल डिटेल निकलवाइये मेरे नंबर की, कि मै गणेश कुशवाहा से बात करता रहा कि गोपीलाल से बात करता रहा उस समय पुलिस अधीक्षक अवधेश गोस्वामी एडिसनल एस.पी. मुकेश वैश्य जिलाध्यक्ष कलेक्टर सतेन्द्र सिंह रहे, शिकायतकर्ता ने कई बार आवेदन दिया और खुद जाकर मिलता रहा कि मै गोपीलाल को आज तक देखा नही और पहचानता भी नही हूं 2020 के पहले, जब नया कानून आ जायेगा अधिकारी अफसरों की एम.आर.पी. बढ जायेगी और बैंक बैलेंस भी बढता जायेगा, माननीय उच्च न्यायालय आदेश के बाद भी श्रीराम हेल्थ केयर सेन्टर हास्पिटल का प्रबंधक हत्यारा विजय द्विवेदी और गणेश कुशवाहा पैसे के दम पर आज भी आजाद घूम रहा है शहडोल संभाग का दुर्भाग्य है जो निर्दोष होते है उनको आरोपी बनाया जाता है जैसे गोरखनाथ ड्राइवर को चोरी के झूठे केश में फंसा दिया गोरखनाथ के परिवार को 25 साल बाद उच्चतम न्यायालय से न्याय मिला शहडोल जिला संभाग के भ्रष्ट अधिकारी लोग आम जनता पब्लिक के साथ न्याय नही करते है, अधिकारी लोग राजनीति

नया कानून आ जाएगा और लागू हो जाएगा कानून के रखवाले नुमाइन्दे ये,नये कब आयेगे आम जनता पब्लिक इन लोगों के पास ही जाती है

ई खबर मीडिया के लिए  ब्यूरो देव शर्मा की रिपोर्ट

OnePlus Ace 3 Pro लॉन्च, बड़ी बैटरी के साथ मिल रहा 100W चार्जिंग सपोर्ट, पावरफुल प्रोसेसर, शानदार फीचर्स

वनप्लस ने अपना नया स्मार्टफोन “OnePlus Ace 3 Pro” चीन में लॉन्च कर दिया है। डिवाइस कई नए अपडेट्स के साथ आती है। भारत में लॉन्च को लेकर कंपनी ने कोई भी घोषणा अब तक नहीं की है। इसके तीन कलर वेरिएन्ट उपलब्ध होंगे, जिसमें टाइटेनियम मिरर ब्लैक, ग्रीन फील्ड ब्लू और  व्हाइट केरेमिक (सुपरकार Porcelein Collector एडिशन) शामिल हैं।

इतनी है कीमत

व्हाइट केरेमिक मॉडल दो स्टोरेज वेरिएन्ट में आता है। 16जीबी+512जीबी की कीमत करीब 40,150 रुपए है। 24जीबी+1टीबी की कीमत करीब 52,780 रुपए है। 12जीबी+256जीबी मॉडल की कीमत करीब 36,710 रुपए, 16जीबी+256जीबी मॉडल की कीमत करीब 40,150 रुपए और 24जीबी+1टीबी मॉडल की कीमत 50,480 रुपए है।

प्रोसेसर, बैटरी और वजन

वनप्लस ऐस 3 प्रो के चाइनीज मॉडल को Snapdragon 8 Gen 3 से लैस किया गया है। 6100mAh की बैटरी के साथ 100W चार्जिंग सपोर्ट मिलता है। साथ में 9126mm2 कूलिंग VC यूनिट दिया गया है, जो डिवाइस गर्म होने से बचाता है। यह एंड्रॉयड 14 ColorOS 14.1 पर आधारित है। ग्लास बैक (टाइटेनियम मिरर ब्लैक) मॉडल का वजन 212 ग्राम, लेदर मॉडल (ग्रीन फील्ड ब्लू) का वजन 207 ग्राम और केरेमिक मॉडल का वजन करीब 225 ग्राम है।

फीचर्स

स्मार्टफोन 6.78 इंच BOE 8टी OLED डिस्प्ले और Curved एज, 1.5K रिजॉल्यूशन, 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस और 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। इसे मेटल मिडल फ्रेम से लैस किया गया है। IP65 रेटिंग पानी और डस्ट से फोन को प्रोटेक्ट करता है। अल्ट्रा थिन इन डिस्प्ले फिंगरप्रिन्ट सेंसर और डुअल स्पीकर्स दिए गए हैं। वाईफाई 7, ब्लूटूथ 5.4, NFC, डुअल फ्रीक्वेंसी जीपीएस, एक्स-एक्सिस लिनीयर मोटर और आईआर ब्लास्टर डिवाइस में मिलता है।

कैमरा 

कैमरा की बात करें तो वनप्लस ऐस 3 प्रो में 50 मेगापिक्सल Sony IMX890 मेन कैमरा OIS सपोर्ट के साथ मिलता है। इसके अलावा बैक में 8 मेगापिक्सल अल्ट्रा वाइड और 2 मेगापिक्सल मैक्रो कैमरा ओमनीविजन OV02B के साथ मिलता है। फ्रंट में 16 मेगापिक्सल सेल्फ़ी कैमरा दिया गया है।

Mamata Letter to PM Modi: ममता बनर्जी का पीएम मोदी के नाम पत्र, छात्रों के लिए कर दी ये बड़ी मांग

Mamata Banerjee Letter to PM बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी को पत्र लिख NEET के संबंध में बड़ी मांग की है। सीएम ने पीएम से नीट को खत्म करने और राज्य सरकारों द्वारा इस परीक्षा को आयोजित करने की पिछली प्रणाली को बहाल करने का आग्रह किया। ममता ने कहा कि नीट में जो भी गड़बड़ी हुई उसकी साफ और निष्पक्ष जांच की जरूरत है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पीएम मोदी को पत्र लिख एक बड़ी मांग की है। ममता ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ये पत्र लिखा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धर्मपुरी श्रीनिवास का दिल का दौरा पड़ने से निधन, 76 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

आंध्र प्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री धर्मपुरी श्रीनिवास लंबे समय से बीमार चल रहे थे। 76 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत हो गई। तेलंगाना के परिवहन और बीसी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने श्रीनिवास के निधन पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है।

आंध्र प्रदेश प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष और पूर्व मंत्री धर्मपुरी श्रीनिवास का निधन हो गया। उनके परिवार के मुताबिक, वह पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे और शनिवार सुबह 3 बजे दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया। उनकी उम्र 76 बताई जा रही है।

बता दें कि श्रीनिवास ने तत्कालीन आंध्र प्रदेश में मंत्री, सांसद और पीसीसी अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है। उनके दो बेटे हैं, उनके एक बेटे धर्मपुरी अरविंद वर्तमान में निजामाबाद के सांसद हैं। उनके बड़े बेटे संजय पहले निजामाबाद के मेयर रह चुके हैं।

कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने जताया शोक

वहीं तेलंगाना के परिवहन और बीसी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने श्रीनिवास के निधन पर शोक व्यक्त किया है। इस मौके पर मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने मंत्री और पीसीसी चीफ के रूप में उनकी सेवाओं को याद किया। उन्होंने पार्टी में उनके साथ रहे लंबे सफर को याद किया। उन्होंने परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और ईश्वर से प्रार्थना की कि इस कठिन समय में उनके परिजनों को और अधिक साहस प्रदान करें।

‘भगवान उनकी आत्मा को शांति दे’

तेलंगाना के पंचायत राज और ग्रामीण विकास (ग्रामीण जल आपूर्ति सहित), महिला और बाल कल्याण मंत्री, दंसारी अनसूया सीताक्का ने भी श्रीनिवास की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने भगवान से उनकी आत्मा को शांति देने के लिए प्रार्थना की।