उत्तरप्रदेश : महाराजगंज जिले के पकड़ी गांव के रहने वाले 18 वर्षीय सामु निषाद ने अपने संघर्ष और मेहनत से सोशल मीडिया पर एक अनूठी पहचान बनाई है। गरीब परिवार से ताल्लुक रखने वाले सामु ने यूट्यूब पर अपना अकाउंट @Shyamu_Nishad शुरू किया है, जहां उनके 73 सब्सक्राइबर और 677 वीडियो हैं। उनके वीडियोस को अब तक 28,138 टोटल व्यूज मिल चुके हैं।
सामु निषाद के पिता, झिनक निषाद, और उनका परिवार गरीबी में जी रहा है। इस कठिनाई भरे जीवन से उबरने के लिए सामु ने सोशल मीडिया को अपना माध्यम बनाया है। उनका सपना है कि उनकी रिल्स को अधिक से अधिक लोग देखें और सब्सक्राइबर बढ़ें, ताकि वे अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा सकें और अपने राज्य, गाँव, तहसील और क्षेत्र का नाम रोशन कर सकें।
सामु निषाद ने अपने फैन्स से यूट्यूब चैनल को अधिक से अधिक लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करने की अपील की है। उन्होंने अपने चाहने वालों के लिए एक वीडियो के साथ प्यार भरा नोट भी शेयर किया है जिसमें लिखा है, “73 फॉलोअर्स का प्यार! मैं बेहद खुश हूँ। आपने सामु को जितना प्यार दिया है, उसकी किसी से तुलना नहीं की जा सकती। आप हो तो सामु है! आप सभी का धन्यवाद।”
सामु ने मीडिया के माध्यम से संदेश दिया है कि वे उनकी वीडियो और रील्स को अधिक से अधिक लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करें, ताकि वे सोशल मीडिया पर एक नया मुकाम हासिल कर सकें और अपने परिवार के जीवन में सुधार ला सकें।





4 जुलाई, 2024 को साजिद के गाँव में उनकी मिट्टी दी गई। उनके परिवार में दो पुत्र, एक पुत्री और उनकी पत्नी बरजीश हैं। परिवार का एकमात्र कमाने वाला व्यक्ति साजिद ही थे, और उनकी मृत्यु के बाद उनके छोटे-छोटे बच्चों और पत्नी के सामने जीवनयापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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सत्रोहन साहनी ने जानकारी दी कि उनके दादा के नाम की जमीन को उनकी दादी ने चाचा के नाम कर दी थी। इस पर कोर्ट में केस किया गया और कोर्ट ने शंकर साहनी के पक्ष में फैसला सुनाया। बावजूद इसके, प्रशासन की मिलीभगत से उनके परिवार को परेशान किया जा रहा है।
सत्रोहन साहनी ने मीडिया के माध्यम से सरकार से अपील की है कि उनके घर को बनने दिया जाए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।


